Amravati News 3 June 2020

गेटलाईफ अस्पताल की तीन नर्स पॉजिटिव: अमरावती – अब तक २५६

अब रूख्मिनीनगर और वडरपुरा में भी पहुंचा कोरोना

कोरोना की बडनेरा में फिर एन्ट्री

आयसीयू में थी तीनों की ड्यूटी, इर्विन के ‘उस‘ मरीज के संपर्क में आयी थी तीनों

बेनोडा की ३५ वर्षीय, यशोदा नगर की २३ वर्षीय व रूख्मिनी नगर की २२ वर्षीय महिला संक्रमण का शिकार

वडरपुरा में २५ वर्षीय होमगार्ड जवान कोरोना संक्रमित, खोलापुरी गेट थाने में थी ड्यूटी

मसानगंज में ४१ वर्षीय महिला की रिपोर्ट पॉजीटिव, एक ही परिवार में संक्रमितों की संख्या हुई ६

बडनेरा में भी मिले दो कोरोना संक्रमित मरीज

अलीमनगर में ६० वर्षीय पुरूष की रिपोर्ट पॉजीटिव

अमरावती-शहर में इन दिनों कोरोना वायरस के संक्रमण का दायरा लगातार बढता जा रहा है और रोजाना नये-नये इलाकों से कोरोना संक्रमित मरीज पाये जा रहे है. साथ ही अब निजीअस्पतालों में कार्यरत मेडिकल स्टाफ भी इस संक्रमण का शिकार हो रहे है.

हबीबनगर के कोरोना संक्रमित की हुई मौत,अब मृतक संख्या का आंकडा हुआ १६

समाचार लिखे जाने तक मिली जानकारी के मुताबिक मंगलवार की देर रात कोविड अस्पताल में इलाज करा रहे हबीबनगर निवासी ५४ वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गयी.

५ जून से खुलेंगी शहर में दुकाने

प्रतिनिधि/दि.३ अमरावती-स्थानीय मनपा प्रशासन द्वारा अनलॉक-१ के दूसरे चरण के तहत आगामी ५ जून से शहर के प्रमुख व्यापारिक क्षेत्रों में दूकानों को खोलने की अनुमति दिये जाने का निर्णय लिया गया है, जिसके लिये शहर के सभी व्यापारिक क्षेत्रों को पी-१ व पी-२ की कैटेगिरी में सम-विषम संख्या के आधार पर बांटा गया है और इन व्यापारिक क्षेत्रों में सडक के दोनों ओर रहनेवाली दुकानों को अलगअलग दिन खोले जाने की अनुमति देना तय किया गया है. इस आशय की जानकारी मनपा आयुक्त प्रशांत रोडे व्दारा दी गयी है.

इन बाजारों पर अभी फैसला नहीं

तखतमल ईस्टेट, सराफा लाईन, ईतवारा, सक्करसाथ इन परिसर की दूकानों के साथ चित्रा चौक से नागपुरी गेट पुलिस स्टेशन चौक की ओर जानेवाले रास्ते के दोनोें ओर रहनेवाले होलसेल किराणा मार्केट एवं अन्य आस्थापनाओें को खोलने हेतु स्वतंत्र तौर पर आदेश निकाला जायेगा. अत: अगले आदेश तक इन सभी दुकानों को बंद ही रखे जाने के निर्देश दिये गये है.

तखतमल, सराफा, इतवारा, सक्करसाथ के व्यापारियों में जबर्दस्त असंतोष

प्रतिनिधि/दि.३ अमरावती – स्थानीय प्रशासन द्वारा अनलॉक-१ के दूसरे चरण के तहत शुक्रवार ५ जून से कंटेनमेंट व बफर झोन को छोडकर सभी प्रमुख व्यापारिक क्षेत्रों की दूकानों को खोलने की अनुमति दी जा रहीं है. qकतु बेहद आश्चर्यजनक ढंग से तखतमल ईस्टेट, सराफा लाईन, ईतवारा बाजार व सक्कर साथ सहित चित्रा चौक से नागपुरी गेट चौक तक के इलाकों में रहनेवाले व्यापारिकप्रतिष्ठानों को खोलने की अनुमति नहीं दी जा रही. जिसके चलते इन सभी व्यापारिक क्षेत्रों के व्यवसायियों में मनपा प्रशासन के फैसले को लेकर जबर्दस्त असंतोष व्याप्त है तथा कई व्यापारियों ने प्रशासन के फैसले को बेहद पक्षपातपूर्ण बताया है. बता दें कि, ५ जून से शहर के सभी व्यापारिक इलाकों को सम व विषम संख्या के आधार पर खोलने देने की अनुमति देते समय प्रशासन ने सघन बस्तीवाले इलाकों की वजहों को सामने कर तखतमल इस्टेट, सराफा लाईन, इतवारा, सक्करसाथ तथा चित्रा चौक से नागपुरी गेट पुलिस स्टेशन की ओर जानेवाले रास्ते के दोनों ओर स्थित दूकानों को खोलने की अनुमति देने से इन्कार किया है. ऐसे में सबसे बडा सवाल यह है कि, जब प्रशासन ने तमाम रिहायशी बस्तियों में रहनेवाले अन्य सभी व्यापारिक क्षेत्रों को खोलने की अनुमति दी है, तो केवल उपरोक्त इलाकों को ही इस अनुमति से अलग ्नयों रखा गया है,

नागपुरी गेट के एपीआई व रायटर रिश्वतखोरी में गिरफ्तार

 अमरावती- किसी अपराध से एक आरोपी का नाम हटाने के लिए नागपुरी गेट पुलिस थाने में कार्यरत एपीआई व उसके रायटर ने १० हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी. समझौता कर ५ हजार रुपए की रिश्वत स्विकार करते हुए दोनों को एन्टीकरप्शन ब्यूरो की टीम ने रंगेहाथों धरदबोचा. यह घटना आज सुबह ११ बजे नागपुरी गेट पुलिस थाने के सामने घटी. असिस्टंट पुलिस इंस्पेक्टर राहुल जाधव व रायटर वैभव अशोक डोईफोडे यह रिश्वतखोरी के अपराध में गिरफ्तार किए गए दोनोंपुलिस कर्मचारियों का नाम है. एन्टीकरप्शन ब्यूरो से मिली जानकारी के अनुसार दफा ३२६ के तहत नागपुरी गेट पुलिस थाने में ५आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज किया जा रहा था. इसमें से एक आरोपी का नाम हटाने के लिए एपीआई राहुल जाधव व रायटर वैभव डायपुरे ने १० हजार रुपए की रिश्वत मांगी तब उन्होंनेएन्टीकरप्शन ब्यूरो विभाग को इसकी शिकायत दी. एसीबी के अनुसार शिकायतकर्ता ने एपीआई जाधव के साथ ५ हजार रुपए में समझौता किया. इसके आधार पर तय प्लान के अनुसार एसीबी की टीम ने नागपुरी गेट पुलिस थाना परिसर में जाल बिछाया.

मंडी में भीगा अनाज

अमरावती-स्थानीय कृषि उपज बाजार मंडी में रोजाना दूर दराज के किसान अपनी फसल बिक्री के लिए ला रहे है. मंडी में अनाज की बोरियां अलग-अलग भरी हुई है. मंगलवार की देर शाम में हुई बारिश की वजह से मंडी में रखे अनाज के बोरे भीग गए. मंडी मे अनाज को सुरक्षित रखने के लिए जगह नहीं होने से यह अनाज भीग गया. जिससे किसानों को नुकसान हुआ है. वहीं मंडी परिसर में भी जल भराव की स्थिती देखने को मिली.

कोविड अस्पताल के २५ मरीज पीडीएमसी में शिफ्ट

अमरावती-शहर में इन दिनों कोरोना संक्रमित मरीजों की लगातार बढती संख्या को ध्यान में रखते हुए पीडीएमसी अस्पताल में तैयार किये गये कोविड वॉर्ड को शुरू कर दिया गया है. जहां पर बुधवार को कोविड अस्पताल में भरती २५ मरीजों को शिफ्ट किया गया, ताकि कोविड अस्पताल में नये मरीजों के लिए बेड उपलब्ध हो. इसके साथ ही वलगांव रोड स्थित डॉ. सोहेल बारी द्वारा संचालित बेस्ट हॉस्पिटल को शहर के पहले निजी कोविड अस्पताल के तौर पर मान्यता प्रदान की गई है. हालांकि यहां पर भरती होनेवाले मरीजों को खुद अपने इलाज का खर्च अदा करना होगा, तथा अस्पताल द्वारा ली जानेवाली बिल की राशि पर प्रशासन का कोई नियंत्रण नहीं होगा. इसके अलावा कैम्प परिसर स्थित दयासागर अस्पताल में भी कोविड अस्पताल शुरू करने पर प्रशासन द्वारा विचार किया जा रहा है. इस आशय की जानकारी जिलाधीश शैलेश नवाल ने बुधवार को अपनी नियमित प्रेस ब्रीफिंग के दौरान दी.

जिलाधीश नवाल ने बताया कि, शहर सहित जिले में कोरोना संक्रमित मरीजों की लगातार बढती संख्या को ध्यान में रखते हुए यहां पर कोविड अस्पतालों की संख्या को बढाना बेहद जरूरी है. जिसके चलते जिला प्रशासन एवं स्वास्थ विभाग द्वारा लगातार प्रयास किये जा रहे है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि, बेस्ट हॉस्पिटल में शुरू किये जानेवाले कोविड अस्पताल को आयएमए की ओर से अनुमति दी गई है. जहां पर भरती होकर इलाज करनेवाले मरीजों को अपने उपचार का खर्च खुद ही वहन करना होगा. इसके अलावा जिलाधीश नवाल ने यह भी कहा कि, बीती रात कोविड अस्पताल में हबीबनगर निवासी ५४ वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गयी है.

जलाराम नगर व शिक्षक कालोनी में कंटेनमेंट झोन घोषित

प्रतिनिधि/दि.३ अमरावती-गत रोज स्थानीय जलाराम नगर परिसर सहित गडगडेश्वर मंदिर के पास स्थित शिक्षक कालोनी में कोरोना के एक- एक मरीज पाये जाने के चलते मनपा प्रशासन ने इन दोनोें इलाकोें में कंटेनमेंट झोन घोषित किया है तथा कंटेनमेेंट झोन घोषित इलाकों में बाहरी लोगों की आवाजाही को प्रतिबंधित करने के साथ ही इन दोनों इलाकोें में रहनेवाले लोगोें को घरों से बाहर निकलने से मना किया गया है. इस संदर्भ में मनपा प्रशासन द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि, जलारामनगर परिसर की गली नंबर १ में उंबरकर के घर से अमोल राउत के घर तक, अमोल राउत के घर से गजूभाउ मुदगल के घर तक, गजूभाउ मुदगल के घर से नाले तकऔर नाले से उंबरकर के घर तक कंटेनमेंट झोन घोषित किया गया है. वहीं गडगडेश्वर परिसर की शिक्षक कालोनी में सुरेश मोरे के घर से गुल्हाने के खुले भूखंड तक, गुल्हाने के खुले भूखंड से पंकज जोल्हे के घर तक, पंकज जोल्हे के घर से कांताबाई डवरे के घर तक और कांताबाई डवरे के घर से सुरेश मोरे के घर तक कंटेनमेंट झोन घोषित किया गया है. इन दोनोें कंटेनमेंट झोन में सरकारी व अर्धसरकारी विभागों के अत्यावश्यक सेवाओें में कार्यरत अधिकारी व कर्मचारी, आवश्यक व तत्काल स्वास्थ सेवा, अंतिम यात्रा, स्वास्थ सेवा से संबंधित निजी डॉक्टर, नर्स व पैथालॉजीस्ट तथा पुलिस विभाग से पासधारक जीवनावश्यक वस्तुओं की आपूर्ति करनेवाले व्यक्ति आदि के लिए उपरोक्त आदेश लागू नहीं रहेंगे.

फिर गुलजार हुई कपडे की सबसे बडी मंडी

प्रतिनिधि/दि.३ अमरावती-समीपस्थ नागपुर हाईवे पर स्थित विदर्भ क्षेत्र की सबसे बडी होलसेल व रिटेल कपडा मंडीकहे जाते बिजीलैण्ड, सिटीलैण्ड व ड्रीम्जलैण्ड इन तीनों व्यापारिक संकुलों में बुधवार ३ जून से एक बार फिर चहल-पहल और रौनक दिखाई दी. साथ ही बुधवार से यहां होलसेल दूकानोें के साथ ही रिटेल कपडा प्रतिष्ठानों में भी कामकाज शुरू हुआ. बता दें कि, विगत २२ मार्च को जनता कफ्र्यू रहने एवं २३ मार्च से लॉकडाउन जारी होने के बाद से ही इन तीनों व्यापारिक संकुलों में सभी व्यापारिक प्रतिष्ठान पूरी तरह से बंद थे और करीब दो माह बाद २६ मई से जिलाप्रशासन ने इन तीनों व्यापारिक संकूलों में होलसेल प्रतिष्ठानों को ही खोले जाने की अनुमति दी थी.

वहीं अब लॉकडाउन की शर्तों को शिथिल करते हुए अनलॉक-१ के तहत इन व्यापारिक संकुलों के रिटेल प्रतिष्ठानों को खोले जाने की अनुमति प्रशासन द्वारा दी गई है. जिसके चलते बुधवार ३ जून से इन तीनों व्यापारिक संकुलों के सभी प्रतिष्ठान खुले और यहां पर सुबह ९ से शाम ५ बजे तक कामकाज चला. लंबे अरसे बाद अपने व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर दूकान खोलने पहुंचे रिटेल दुकानदारों के चेहरों पर खुशी दिखाई दे रही थी और सभी ने पहले दिन अपनी दुकानों में साफसफाई करने के साथ ही माल को व्यवस्थित ढंग सेलगाने का काम शुरू किया. हालांकि अब भी इन तीनों व्यापारिक संकुलों में पहले की तरह ग्राहकी दिखाई नहीं दे रही और यहां पर ग्रामीण इलाकों के छोटे-मोटे रिटेलर ही माल खरीदने के लिए पहुंच रहे है. वहीं बडे रिटेलरों द्वारा होलसेल व्यवसायियों से फोन पर संपर्क कर अपनी ऑर्डर लिखवाई जा रही है और ऑनलाईन खरीदी करते हुए पेमेंट भी ऑनलाईन ढंग से किया जा रहा है.

ग्राहकी का पुराना दौर आने में वक्त लगेगा

इस संदर्भ में जानकारी हेतु संपर्क किये जाने पर बिजीलैन्ड व्यापारी संघ के अध्यक्ष विजय भूतडा ने बताया कि, इस समय होजियरी में ग्राहकी ठीकठाक है और साडी विभाग में ५ से १० फीसदी ग्राहकी है. qकतु सलवार-सूट और ड्रेसमटेरियल के सेगमेंट में फिलहाल कोई ग्राहकी नहीं है.

नागपुरी गेट पुलिस थाना बैरिकेट्स से घेरा

अमरावती- नागपुरी गेट पुलिस थाना क्षेत्र परिसर का कंटेनमेंट जोन कल हटा दिया गया. जिसकी वजह से कोरोना प्रभावित क्षेत्र के लोगों का भी पुलिस थाने के सामने से बडी संख्या में आवागमन शुरु हो गया है. जिसे देखते हुए सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस थाने के इर्दगिर्द ५ फीट की जगह छोडकर पूरे पुलिस थाने को बैरिकेट्स से घरकर आम लोगों के प्रवेश पर बंदी लगाई है.

और १२ मरीजों को मिला कोविड अस्पताल से डिस्चार्ज

प्रतिनिधि/दि.३ अमरावती-कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद क ा े िव ड अस्पताल में भरती कराये गये मरीजों में से १२ मरीजों को गत रोज अस्पताल से डिस्चार्ज देकर घर रवाना किया गया. इन मरीजोंमें हबीबनगर के ८ लोगों सहित अलहिलाल कालोनी, शिवनगर, म स ा न ग ं ज एवं फ्रेजरपुरा परिसर के १- १ व्यक्ति का समावेश रहा. इसके साथ ही कोविड अस्पताल से िड स् च ा र्ज ह ा े न े व ा ल े मरीजों की संख्या१४६ हो गयी है. वहीं इस समय कुल ९२ कोरोना संक्रमित मरीजों पर इलाज जारी है. जिसमें से ८९ मरीज यहां के कोविड अस्पताल में भरती है. वहीं तीन मरीजों को नागपुर के जीएमसी में रेफर किया गया था.

चिकित्सकों से कोरोना फैलने की संभावना

प्रतिनिधि/दि.३ अमरावती. जिले के तिवास क्षेत्र में आने वाले मोझरी का कोविड केयर अस्पताल जिला प्रशासन ने कब्जे में लिया है. यहां पर श्री गुरुदेव आयुर्वेद अस्पताल में कार्यरत आयुर्वेदीक डॉक्टर रेड जोन वाले अमरावती शहर से नियमित आवागमन कर रहे है. जिसके चलते मोझरी परिसर में कोरोना का संक्रमण फैलने की संभावना बढ गई है. इसलिए इन चिकित्सकों पर कार्रवाई करने की मांग गुरुदेव नगर के भीमराव चव्हाण ने जिलाधिकारी शैलेश नवाल से की है. यहां बता दे कि जिला प्रशासन ने श्रीगुरुदेव आयुर्वेदीक अस्पताल कोविड केयर को अपने कब्जे में लिया है. बावजूद इसके यह अस्पताल अखिल भारतीय श्री गुरुदेव सेवा मंडल की ओर से संचालित किया जा रहा है. यहां पर कार्यरत १५ से २० आयुर्वेदिक डॉक्टर जिला प्रशासन द्वारा घोषित किए गए रेड जोन परिसर से आते है. इसलिए क्षेत्र में कोरोना का संक्रमण बढने की संभावना है इसी वजह से गुदेव नगर के भीमराव चव्हाण ने जिलाधिकारी को सूचित कर रेड जोन से आने वाले डॉक्टरों पर कार्रवाई करने की मांग की है.

छोटी-छोटी बातों का निपटारा करने नहीं बैठी अदालत, प्रशासन से गुहार लगाओ

प्रतिनिधि/दि.३ अमरावती-कोरोना वायरस के संक्रमण की वजह से उपजे हालात में प्रशासन द्वारा पूरी तरह से योग्य और प्रभावी ढंग से काम किया जा रहा है. qकतु बावजूद इसके प्रशासनिक कामकाज में मीन-मेख निकालते हुए कई जनहित याचिका हाईकोर्ट के समक्ष दायर की गई है. वहीं जब प्रशासन कोरोना वायरस के संक्रमण से जूझ रहा था, तब सर्वसामान्य जनता अपने-अपने घरों में थी, और यदि कुछ स्वयंसेवी संस्थाओं को अपवादात्मक तौर पर छोड दिया जाये तो शेष सभीमें प्रशासन के कामों में दोष निकालने की बजाय हरेक ने यह सोचना चाहिए कि उन्होंने कोरोना के संकटकाल के दौरान हालात को संभालने के लिए ्नया योगदान दिया, इस आशय का सवालिया निशान मुंबई उच्च न्यायालय की नागपुर खंडपीठ में अमरावती को लेकर दायर एक जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान उठाया. साथ ही याचिकाकर्ताओं से यह भी कहा कि, अदालतें ऐसे छोटे-मोटे मामलों का निपटारा करने नहीं बैठी है और ऐसी बातों के लिए प्रशासन के पास ही गूहार लगायी जानी चाहिये.

बता दें कि, अमरावती में कोविड अस्पताल शुरू करने को लेकर हो रहीं देरी सहित यहां पर प्रशासन द्वारा सही ढंग से काम नहीं किये जाने का आरोप लगाते हुए एक जनहितयाचिका नागपुर खंडपीठ में दायर की गई थी. जिसमें अमरावती के जिलाधीश, जिला शल्य चिकित्सक, मनपा आयुक्त व पुलिस आयुक्त सहित ९ वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को प्रतिवादी बनाया गया था. इन सभी अधिकारियों ने हाईकोर्ट के समक्ष हलफनामे पेश करते हुए अपना पक्ष स्पष्ट किया. साथ ही इस दौरान अमरावती के विद्यापीठ में कोविड टेस्ट लैब भी शुरू हो गयी. इसके बाद गत रोज हुई सुनवाई के दौरान जब याचिकाओं को उद्देश पूर्ण होने के बावजूद भी याचिकाकर्ता के वकील ने प्रशासन की कमियां गिनाने का प्रयास किया तो न्या. सुनील शुक्रे व न्या. अनिल किलोर की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता के वकील एड. पंकज नवलानी से कहा कि, प्रशासन पर उंगली उठानेवाले लोगों में कितने लोगोें ने सडकों पर उतरकर भूखे एवं जरूरतमंद लोगोें को अन्नदान किया और कितने लोगोें ने अपनी मर्सिडीज बेंच कार में बिठाकर स्थलांतरण करनेवाले लोगों को उनके घरों तक पहुंचाया.

इस समय अदालत ने यह भी कहा कि, अमूमन समाजसेवा के कार्यों में खुद को सबसे आगे दिखानेवाले विभिन्न सामाजिक संगठनों एवं ्नलबों के लोगों में से कितने लोगोें ने इस कोरोना संकटकाल के दौरान प्रशासन के साथ ही मुसिबत में फंसे लोगोें की मदद की. इसके साथ ही अदालत ने यह भी स्वीकार किया कि, जिस समय कोरोना का संकट शुरू हुआ था, उस वक्त प्रशासन भी पूरी तरह से तैयार नहीें था. qकतु अब प्रशासन के पास तमाम साधन उपलब्ध है. जिनके दम पर प्रशासन बेहतरीन कार्य कर रहा है. qकतु बावजूद इसके जनहित याचिकाएं दायर करते हुए अदालत और प्रशासन के बीच विरोधाभासवाली स्थिति पैदा की जा रही थी.

Amravati News 2 June 2020

शहर में आज एकसाथ १९ लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव

अमरावती- अमरावती शहर में मंगलवार २ जून को एकसाथ १९ लोगों की कोरोना टेस्ट रिपोर्ट पॉजीटिव आयी है. इसके साथ ही अमरावती में कोरोना संक्रमित मरीजों की कुल संख्या बढकर २४९ पर जा पहुंची है. इसमें भी यह विशेष उल्लेखनीय है कि, इन १९ मरीजों में से सर्वाधिक ८ मरीज अकेले फ्रेजरपुरा परिसर से ही पाये गये है. जिसमें इससे पहले जिस परिवार से कोरोना के ७ संक्रमित मरीज निकले थे, उसी परिवार से पिता-पुत्र सहित एक अन्य व्यक्ति की रिपोर्ट पॉजीटिव आयी है. इसके अलावा ६ अन्य लोगों में मां व बच्चे की दो जोडियों सहित क्षेत्र के एक सामाजिक कार्यकर्ता का समावेश है. वहीं विगत कुछ दिनों से अमरावती शहर के नये- नये रिहायशी इलाकों में कोरोना संक्रमित मरीज मिलने शुरू हो गये है.

इसी कडी में अब जलाराम नगर, यशोदा नगर व सातूर्णा जैसे इलाकों से एक-एक को कोरोना संक्रमित पाया गया है, जिनमें दो महिलाओं सहित एक पुरूष का समावेश है. इसके अलावा कोरोना के लिहाज से हॉटस्पॉट बन चुके मसानगंज तथा चेतनदास बगीचा (रतनगंज) जैसे इलाकों से भी लगातार कोरोना संक्रमित मरीजों के मिलने का सिलसिला जारी है. इसके साथ ही बुधवारा, रामनगर एवं औरंगपुरा परिसर में इससे पहले कोरोना संक्रमित पाये गये मरीजों के संपर्क में आने के चलते उनके एक-एक परिजनों में भी कोरोना संक्रमण पाया गया है. शहर में मंगलवार की सुबह कोरोना के ८ नये संक्रमित मरीज पाये गये थे. वहीं दोपहर को आयी रिपोर्ट में एक साथ १० लोगों को कोरोना पॉजीटिव पाया गया है. जिसके चलते अब अमरावती में कोरोना संक्रमित मरीजोें की संख्या २४९ हो गयी है.

इस संदर्भ में स्वास्थ प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक फ्रेजरपुरा परिसर में रहनेवाले एक परिवार में इससे पहले ७ कोरोना पॉजीटिव मरीज पाये गये थे. वहीं अब इसी परिवार से वास्ता रखनेवाले एवं अगल-बगल में घर रहनेवाले पिता-पुत्र सहित एक अन्य ४५ वर्षीय व्यक्ति की कोरोना टेस्ट रिपोर्ट पॉजीटिव आयी है. यह ४५ वर्षीय व्यक्ति पैरालिसीस की बीमारी से भी पीडित बताया जाता है. साथ ही इसी परिवार से वास्ता रखनेवाले एक ३६ वर्षीय व्यक्ति सहित १० वर्षीय बच्ची की कोरोना टेस्ट रिपोर्ट पॉजीटिव आयी है. पता चला है कि,यह दोनों ही लोग रिश्ते में पितापुत्री है. वहीं दूसरी ओर इस परिवार के घर के सामने रहनेवाले एक अन्य परिवार की २५ वर्षीय महिला सहित उसका पांच वर्षीय बेटा भी कोरोना पॉजीटिव पायी गयी है. इसके अलावा इस परिसर में नगीना मस्जिद के पास रहनेवाली एक महिला इससे पहले कोरोना पॉजीटीव पायी गयी थी. आज उसके ३२ वर्षीय ऑटोचालक पति सहित दो वर्षीय बेटे की रिपोर्ट भी पॉजीटिव आयी है. इसके साथ ही फ्रेजरपुरा परिसर में रहनेवाले एक ५७ वर्षीय व्यक्ति की भी कोरोना टेस्ट रिपोर्ट पॉजीटिव आयी है. यह व्यक्ति एक राजनीतिक दल का पदाधिकारी रहने के साथ ही क्षेत्र का ख्यातनाम सामाजिक कार्यकर्ता भी है.

भतीजे के बाद चाची की रिपोर्ट आयी पॉजीटिव-

वहीं दूसरी ओर सातूर्णा परिसर में रहनेवाली ३० वर्षीय महिला की कोरोना टेस्ट रिपोर्ट पॉजीटिव आयी है. बता दें कि, विगत दिनों अंबागेट (तकिया) परिसर में रहनेवाले एक युवक को कोरोना संक्रमित पाया गया था. यह युवक शहर के एक फोरविलर शोरूम में काम किया करता है. पता चला है कि, सातूर्णा परिसर मेंकोरोना संक्रमित पायी गयी महिला अंबागेट परिसर में कोरोना संक्रमित पाये गये युवक की रिश्ते में चाची लगती है और विगत सप्ताह यह युवक करीब तीन दिनों तक अपनी चाची के यहां रूका था. वहीं दूसरी ओर जलाराम नगर की गली नंबर १ में रहनेवाला ३७ वर्षीय व्यक्ति भी कोरोना संक्रमित पाया गया है. जानकारी के मुताबिक यह व्यक्ति श्रीराम फायनान्स कंपनी के कैश काउंटर पर बतौर अकाउंटंट काम करता है.

रामनगर में बैंक कर्मी की बहु कोरोना संक्रमित-

बता दें कि, विगत दिनों प्रशांत नगर से सटे रामनगर परिसर में रहनेवाले सेवानिवृत्त बैंक कर्मचारी को कोरोना पॉजीटिव पाया गया था. जिसके बाद उनके परिवार के कुछ लोगों के थ्रोट स्वैब सैम्पल जांच हेतु भिजवाये गये थे. जिसमें से आज इस व्यक्ति की ३७ वर्षीय बहु की कोरोना टेस्ट रिपोर्ट पॉजीटिव आयी है.

औरंगपूरा के कोरोना संक्रमित होमगार्ड की बच्ची संक्रमण की चपेट में-

ज्ञात रहे कि, दो-तीन दिन पूर्व अंबागेट परिसर के औरंगपुरा स्थित नागबाबा मंदिर के पास रहनेवाले होमगार्ड को कोरोना पॉजीटिव पाया गया था. जिसके बाद मंगलवार को उसकी चार माह की दूधमुंही बच्ची में भी कोरोना का संक्रमण पाया गया है. इस बच्ची की रिपोर्ट पॉजीटिव आने के चलते अब उसे भी कोविड वॉर्ड में भरती कराया गया है.

बुधवारा परिसर में मिला एक कोरोना सकं्रमित-

बुधवारा परिसर के पंचशिल विद्यालय के पास रहनेवाले २३ वर्षीय युवक की कोरोना टेस्ट रिपोर्ट मंगलवार को पॉजीटिव आयी है. बता दें कि, इस व्यक्ति का पार्वतीनगर परिसर में काफी आना-जाना था और यह व्यक्ति इससे पहले पार्वतीनगर परिसर में कोरोना पॉजीटिव पाये गये व्यक्ति का रिश्तेदार रहने के साथ ही उसके संपर्क में आया था. जिसके चलते अब वह भी कोरोना वायरस के संक्रमण का शिकार हो गया है.

चेतनदास बगीचा में एक ही परिवार के दो निकले पॉजीटिव-

उधर चेतनदास बगीचा के एक ही परिवार से वास्ता रखनेवाले ५० वर्षीय पुरूष व ७२ वर्षीय महिला की कोरोना टेस्ट रिपोर्ट पॉजीटिव आयी है. इस परिवार में इससे पहले भी तीन लोग कोरोना संक्रमित पाये गये थे. जिसके चलते अब इस परिवार में कोरोना संक्रमितों का आंकडा बढकर पांच हो गया है.

रतनगंज की ५० वर्षीय महिला की रिपोर्ट पॉजीटिव, पति पहले ही पाया गया था संक्रमित-

वहीं रतनगंज परिसर में रहनेवाली एक ५० वर्षीय महिला की रिपोर्ट भी पॉजीटिव आयी है. पता चला है कि, इस महिला का पति इससे पहले ही कोरोना संक्रमित होकर कोविड अस्पताल में भरती है. साथ ही अब उस व्यक्ति की पत्नी भी कोरोना संक्रमित हो गयी है.

मसानगंज में ४२ वर्षीय पुरूष संक्रमित, परिवार में ४ पहले ही पॉजीटिव मिले थे-

उधर कोरोना के लिहाज से हॉटस्पॉट बन चुके मसानगंज परिसर में एक ४२ वर्षीय व्यक्ति की कोरोना टेस्ट रिपोर्ट पॉजीटिव आयी है. इस व्यक्ति के परिवार में इससे पहले भी चार लोग कोरोना संक्रमित पाये जा चुके है और अब इस व्यक्ति के रूप में एक ही परिवार में कोरोना का पांचवा मरीज निकला है.

छायानगर की ५० वर्षीय महिला भी संक्रमित –

शहर के पश्चिमी क्षेत्र में स्थित छायानगर परिसर में रहनेवाली ५० वर्षीय महिला की कोरोना टेस्ट रिपोर्ट पॉजीटिव आयी है. जानकारी के मुताबिक विगत २८ मई को इस महिला के पति की होम डेथ हुई थी. इस महिला का पति ब्लड प्रेशर सहित हृदयरोग संबंधित बीमारियोें से पीडित था और विगत दिनों ही उसकी एंजीओग्राफी भी हुई थी. इस महिला के पति की मौत के बाद उसके परिजनों के थ्रोट स्वैब सैम्पल लिये गये थे. जिसमें इस महिला की रिपोर्ट मंगलवार की शाम पॉजीटिव आयी.

यशोदानगर में पहली बार कोरोना की दस्तक-

वहीं दूसरी ओर अब तक कोरोना के संक्रमण से अछूते चल रहे यशोदानगर परिसर में मंगलवार को एक ३५ वर्षीय महिला की कोरोना टेस्ट रिपोर्ट पॉजीटिव आयी है. इसके साथ ही यशोदानगर परिसर में भी अब कोरोना वायरस के संक्रमण ने अपनी दस्तक दे दी है.

आज व कल विदर्भ के अधिकांश जगह होगी बारिश

प्रतिनिधि/२ अमरावती- इस समय मानसून केरल पहुंचकर स्थिर हो चुका है. आज और कल विदर्भ के अधिकांश जगहों पर होगी बारिश जिससे आगामी तीन दिन में २से ३ डिग्री सेल्सियस तापमान कम होने की संभावना है फिर भी मानसून के मुंबई पहुंचने के बाद ही बारिश की स्थिति कब और कैसी होगी यह तय हो पायेगा. आज की स्थिति को देखते हुए ७५ से १०० मी.मी.बारिश होने के बगैर बुआई न करें. विदर्भ में बुआई २० या २५ जून के आसपास करना लाभदायी रहेगी, ऐसा अनुमान मौसम विभाग तज्ञप्रा.अनिल बंड ने व्यक्त किया है.

चक्रावाती बादल तैयार होनेने की संभावना-

दक्षिण मध्य अरबी समुद्र में केरल किनारपट्टी पर डिप्रेशन है. आज शाम को वह डीप डिप्रेशन में परिवर्तित होने की संभावना है. इसके आगे २४ घंटे में इसकी तीव्रता बढकर चक्रावाती बादल तैयार होने की संभावना है. चक्रावाती बादल शुरुआत में उत्तर दिशा से उसके बाद दिशा बदलकर महाराष्ट्र की ओर बढने की संभावना है, जिससे उसकी तीव्रता और अधिक बढेगी.

कृषि केंद्रों से खाद और बीज के स्टॉक की जानकारी ले प्रशासन

प्रतिनिधि/दि.२ अमरावती-इस समय बारिश का मौसम शुरू होने में ही है. इसके साथ ही खरीफ फसलों की बुआई का काम शुरू हो जायेगा. ऐसे में यह बेहद जरूरी है कि,बीजों की संभावित कालाबाजारी को रोकने हेतु जिला प्रशासन एवं जिला कृषि विभाग द्वाराजिले के सभी कृषि सेवा केंद्रों में इस समय बिक्री हेतु उपलब्ध विभिन्न प्रकार के बीजों एवं खाद के स्टॉक की जानकारी मंगायी जाये, ताकि प्रशासन को इस बात की पूरी जानकारी रहे कि, किस तहसील के किस कृषि सेवा केंद्र में किस वस्तू का कितना स्टॉक है और क्षेत्र की आवश्यकता को देखते हुए कितने स्टॉक की जरूरत पडेगी, इस आशय का सुझाव पूर्व पालकमंत्री व विधायक प्रवीण पोटे ने स्थानीय जिला प्रशासन को दिया है. इस संदर्भ में दैनिक अमरावती मंडल के साथ विशेष तौर पर बातचीत करते हुए पूर्व पालकमंत्री पोटे ने कहा कि, इस समय कृषि सेवा केंद्रों में महिको व महाबीज सहित अन्य कंपनियों के सोयाबीन बीज का जितना भी पुराना स्टॉक है, उन सभी बीजोें का जर्मिनेशन यानी उगम शक्ति बेहद कम है.

ऐसे में यदि यह बीज किसानों को बेचे जाते है तो उनकी प्रति एकड उत्पादकता पर निश्चित रूप से विपरित असर पडेगा और उन्हें कम आय होगी. ऐसे में यह जरूरी है कि, किसानों तक सही और उच्च गुणवत्तावाले बीज एवं खाद ही पहुंचे, ताकि किसानोें की सालभर की मेहनत व्यर्थ न हो. ऐसे में प्रशासन ने कृषि सेवा केंद्रों के जरिये बेचे जानेवाले हर एक बीज के पैकेट की पडताल करनी चाहिये. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि, पहले बीज उत्पादक कंपनियों व वितरकों द्वारा किसानों को उनके खेतों तक बीज पहुंचाने की बात कही गयी थी. qकतु इसमें बडे पैमाने पर किसानों के माथे हलके दर्जे का माल मारे जाने की संभावना होती है. जिसके जरिये बीज उत्पादक कंपनियां व वितरक अधिक से अधिक मुनाफा कमाने की फिराक में रहते है.

ऐसे में जिले की पालकमंत्री एड. यशोमति ठाकुर सहित जिला प्रशासन को चाहिए कि, वे खरीफ का बुआयी सीझन शुरू होने से पहले ही बीजों के स्टॉक को लेकर आवश्यक जांच पडताल करे और स्टॉक की पूरी जानकारी मंगाये. साथ ही उन्होंने यह सलाह भी दी कि, आगामी खरीफ मौसम को देखते हुए जिला पालकमंत्री ने फसल कर्ज से संबंधित विषय को लेकर जिले के सभी बैंक शाखाओं की मीqटग भी बुलानी चाहिये, ताकि समय रहते सभी किसानों को फसल कर्ज का वितरण किया जा सके.

यह वक्त आलोचना करने का नहीं सुनीलभाऊ

प्रतिनिधि/दि.२ अमरावती-मौजूदा वक्त में जहां एक ओर सरकार एवं प्रशासन कोरोना जैसी महामारी से जूझ रहे है, वहीं दूसरी ओर विगत कुछ दिनों से अमरावती के पूर्व पालकमंत्री तथा राज्यमंत्री सहित qसचाई मंडल के उपाध्यक्ष रह चुके पूर्व विधायक डॉ. सुनील देशमुख लगातार सरकार एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि पर अपने आरोपों का निशाना साध रहे है. qकतु डॉ. सुनील देशमुख को यह समझना चाहिये कि, यह वक्त राजनीति व आरोप-प्रत्यारोप करने का नहीं है. इस समय हम लोगों को कोरोना की महामारी से बचाने के काम पर पूरा ध्यान दे रहे है तथा डॉ. सुनील देशमुख द्वारा लगाये जानेवाले सभी आरोपों पर कोरोना का संकटकाल निपट जाने के बाद जवाब दिया जायेगा. इस आशय का प्रतिपादन राकांपा के प्र द े श उपाध्यक्ष संजय खोडके ने किया है.

बता दें कि, पूर्व विधायक डॉ. सुनील देशमुख ने गत रोज ही राज्य के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार को संबोधित करते हुए मीडिया के जरिये एक पत्र जारी किया. जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि, डेप्युटी सीएम अजीत पवार राज्य में विकास को लेकर प्रादेशिक असंतुलन पैदा कर रहे है और विकास के लिहाज से पिछडे विदर्भ क्षेत्र की अनदेखी की जा रही हैं.

यहां यह विशेष उल्लेखनीय है कि, इससे पहले भी पूर्व विधायक डॉ. सुनील देशमुख ने कोरोना को लेकर किये जा रहे कामों के संदर्भ में सरकार एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि के कामकाज पर सवालिया निशान लगाये थे. इस मामले में अपनी प्रतिक्रिया देते हुए राकांपा उपाध्यक्ष संजय खोडके ने कहा कि, डॉ. सुनील देशमुख एक वरिष्ठ एवं अध्ययनशिल नेता है और उनसे यह उम्मीद नहीं कि, वे कोरोना जैसे संकटकाल का उपयोग राजनीति तथा आरोपप्रत् यारोप के लिए करे. उन्होंने (खोडके) इससे पहले भी कहा था कि, वे डॉ. देशमुख को कोरोना का संकटकाल निपट जाने के बाद ही हर मामले पर पूरा जवाब देंगे. उनका यह स्टैन्ड अब भी कायम है. साथ ही यदि जरूरत पडती है तो वे डॉ. सुनील देशमुख के साथ अमरावती जिले के सभी पत्रकारों और प्रमुख अभ्यासकों की उपस्थिति में भी चर्चा करने हेतु तैयार है.

इस विषय को लेकर संजय खोडके ने कहा कि, डॉ. सुनील देशमुख अपने नाम के साथ विकास को लेकर एक विशेषण लगाते है और बेहद आश्चर्य का विषय है कि, वे विकास से संबंधित मामले को लेकर ही सरकार का विरोध कर रहे है. जिससे यह साफ है कि, डॉ. सुनील देशमुख विगत विधानसभा चुनाव में हुई पराजय से विचलित हो गये है. अत: उन्होंने अपना खुद का खयाल रखने के साथ ही एक डॉक्टर होने के नाते कोरोना के संकटकाल के दौरान सरकार का साथ देना चाहिए.

विदर्भ में पौने दो हजार के पार हुई कोरोना संक्रमितों की संख्या

प्रतिनिधि/दि.२ अमरावती-इस समय समूचे विदर्भ क्षेत्र में कोरोना वायरस का संक्रमण बडी तेजी से फैल रहा है और कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या भी काफी रफ्तार से बढ रही है और सोमवार को ही ६७ नये मरीज पाये गये. जिसके चलते अब विदर्भ क्षेत्र में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढकर १ हजार ७७६ हो गयी है. वहीं दूसरी ओर सोमवार को अकोला में एक कोरोना संक्रमित मरीज की मौत हुई और यहां पर अन्य जिलों की तुलना में सर्वाधिक कोरोना संक्रमित मरीजपाये गये. बता दें कि, विदर्भ में अब तक कोरोना के चलते कुल ६८ मौते हुई है, जिसमें से १५ मौते अकेले अमरावती जिले में ही हुई थी. विगत दो दिनों के दौरान अमरावती जिले में कोरोना के १८ नये मरीज पाये गये. जिसके चलते यहां पर कोरोना संक्रमित मरीजों का आंकडा बढकर २३८ पर जा पहुंचा है. जिसमें से १२१ मरीजों को स्वास्थ में सुधार होने के चलते अस्पताल से डिस्चार्ज दे दिया गया.

वहीं बुलडाणा जिले में बीती रात कोरोना के ८ नये मरीज पाये गये. जिसके चलते बुलडाणा में कोरोना संक्रमितों की कुलसंख्या ६७ हो गयी है. इसमें से तीन मरीजों की मौत होने के साथ ही ३३ मरीजों को अस्पताल से डिस्चार्ज दे दिया गया है. वहीं यवतमाल जिले में गत रोज २ नये मरीज पाये गये. इसके साथ ही यहां पर कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या १३० हो गयी है. जिसमें से दो मरीजों की मौत हो जाने की जानकारी है. उधर गडचिरोली जिले में कोरोना का एक नया मरीज पाये जाने के बाद कोरोना संक्रमितों का आंकडा ३८ पर जा पहुंचा है. यहां पर अब तक कोरोना के चलते किसी की मौत नहीं हुई है. वहीं चंद्रपुर जिले के राजूरा में मुंबई से लौटे एक व्यक्ति को कोरोना पॉजीटिव पाया गया. जिसके चलते यहां कोरोना संक्रमितों की संख्या २३ हो गयी है.

अकोला व नागपुर बने हुए है हॉटस्पॉट –

इस समय कोरोना संक्रमण के लिहाज से अकोला व नागपुर जिलों की स्थिति को भयावह तथा qचतनीय कहा जा सकता है. सोमवार को नागपुर में १९ कोरोना पॉजीटिव पाये गये. जिसके चलते यहां पर कोरोना संक्रमितों की संख्या ५५९ हो गयी है. इसमें से १२ लोगों की मौत हो चुकी है और ३८६ मरीज ठीक होकर अपने घर लौट गये है. वहीं दूसरी ओर सोमवार को अकोला जिले में सर्वाधिक २४ मरीज पाये गये. जिसके चलते यहां पर कोरोना संक्रमित मरीजोें की संख्या बढकर ६०५ हो गयी है. जिसमें से ४४२ मरीजों को डिस्चार्ज मिल चुका है. वहीं सोमवार को अकोला जिले में एक कोरोना संक्रमित मरीज की मौत हुई. जिसके चलते कोरोना की वजह से मरनेवाले लोगों की संख्या बढकर ३४ हो गयी है.

खतरनाक साबित होने लगी है लॉकडाउन में ढिलाई

प्रतिनिधि/दि.२ अमरावती-अमरावती शहर सहित जिले में जब कोरोना का एक भी पॉजीटिव मरीज नहीं था, तब यहां बेहद कडाई के साथ लॉकडाउन लागु किया गया था, ताकि कोरोना का संक्रमण न फैले. लेकिन अब जब कोरोना के संक्रमित मरीजों की संख्या २५० के आसपास पहुंचने में है और आये दिन शहर के नये-नये इलाकों से कोरोना के नये मरीज पाये जा रहे है, तब ऐसी स्थिति में लॉकडाउन को अनलॉक किये जाने की तैयारी शुरू हो गयी है और काफी हद तक लॉकडाउन में ढील भी दी जा चुकी है. ऐसी स्थिति के चलते अमरावती में अब कोरोना के सामुदायिक संक्रमण यानी कम्युनिटी स्प्रेड कीसंभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता. बता दें कि, अमरावती शहर सहित जिले में २२ मार्च को जनता कफ्र्यू का पालन करने के साथ ही २३ मार्च से लॉकडाउन व कफ्र्यू घोषित कर दिया गया था. उस समय यहां पर कोरोना का एक भी पॉजीटिव मरीज नहीं था.

हालांकि उस समय बाहरी देशों सहित बाहरी राज्यों से अमरावती वापिस आये लोगोें के थ्रोट स्वैब सैम्पल की जांच का काम युध्दस्तर पर किया जा रहा था. qकतु कोरोना का पहला मरीज स्थानीय व्यक्ति के रूप में हाथीपुरा परिसर से ४ अप्रैल को मिला. इस व्यक्ति की कोविड अस्पताल में २ अप्रैल को ही मौत हो गयी थी तथा उसकी कोरोना टेस्ट रिपोर्ट दो दिन बाद आयी थी. इसके बाद इस व्यक्ति के परिवार के चार लोगोें की कोरोना टेस्ट रिपोर्ट पॉजीटिव आने के साथ ही शहर में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढनी शुरू हुई. qकतु २१ अप्रैल तक यह संख्या दहाई यानी दस से कम रही. इसके बाद २२ अप्रैल को होम डेथवाले मामलों सहित कुछ अन्य लोगों की कोरोना टेस्ट रिपोर्ट पॉजीटिव आयी और यह आंकडा एक झटके में २२-२५ पर जा पहुंचा. हालांकि इसके बाद भी कोरोना संक्रमितों के आंकडे को अपना शतक पुरा करने के लिए १६ मई तक का समय लगा. यह लॉकडाउन घोषित होने के बाद ४२ दिनों का समय लगा था. यह दिन लॉकडाउन के तीसरे चरण का भी अंतिम दिन था.

वहीं लॉकडाउन का चौथा चरण१७ मई से शुरू हुआ और १७ मई के बाद से कोरोना संक्रमित मरीजों के आंकडों को अपना दोहरा शतक पुरा करने में मात्र १३ दिनों का वक्त लगा. यहां यह विशेष उल्लेखनीय है कि, १७ मई के बाद शुरू हुए लॉकडाउन के चौथे चरण में कई तरह की छूट व रियायते दी गई थी. जिसके चलते शहर के प्रमुख व्यापारिक क्षेत्रों को छोडकर सभी रिहायशी इलाकों में दूकानों को खोलने की अनुमति दी गई थी. यानी जिस रफ्तार से लोगों ने अपने घरों से बाहर निकलना शुरू किया, उसी रफ्तार से कोरोना के संक्रमण ने अलग-अलग इलाकों में पांव पसारना शुरू कर दिया. यहीं वजह रही कि १७ मई के बाद रोजाना औसतन ७ से ८ कोरोना पॉजीटिव मरीज पाये जाने लगे. इसमें भी अधिकांश मरीज पुराने हॉटस्पॉटवाले इलाकों के अलावा शहर के अन्य रिहायशी क्षेत्रों से वास्ता रखते है. जिसके चलते अब शहर के लगभग हर एक कोने में कंटेनमेंट झोन बनाया जा चुका है.

ऐसे हालात में अब बुधवार ३ जून से तीन चरणों में लॉकडाउन को अनलॉक करने की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है. जिसके चलते अब कोरोना के संक्रमण की स्थिति को देखते हुए कहा जा सकता है कि, शहर में कोरोना के कम्युनिटी स्प्रेड का खतरा मंडरा रहा है. यहां यह कहना कतई अतिशयोक्ती नहीं होगा कि, अब चूंकि अमरावती शहर में कोरोना संक्रमितों की संख्या २४८ पर जा पहुंची है और शहर के अनेकोें रिहायशी क्षेत्रों से कोरोना संक्रमित मरीज मिलने शुरू हो गये है, तो हकीकत में ऐसे हालात के बीच लॉकडाउन लगाये जाने की सर्वाधिक जरूरत थी. qकतु जब एक भी मरीज नहीं था, तब लॉकडाउन लगाया गया था और जब लगातार कोरोना संक्रमित मरीज मिल रहे है, तब लॉकडाउन को अनलॉक किया जा रहा है. इसे अपने आप में बेहद विरोधाभासवाली स्थिति कहा जा सकता है.

शहर के पश्चिमी क्षेत्र में कई इलाके कंटेनमेंट झोन से बाहर

प्रतिनिधि/२ अमरावती-विगत दिनों कोरोना वायरस से प्रभावित अनेकोें मरीज पाये जाने के कारण नागपुरी गेट व खोलापुरी गेटपरिसर के कई रिहायशी क्षेत्रों को कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया था. परंतु इनमें से कुछ परिसर में पिछले २८ दिनों से एक भी नया कोरोना पॉजिटिव मरीज नहीं पाया गया. इसपर मनपा प्रशासन ने संबंधित क्षेत्र का कंटेनमेंट जोन हटाकर नई सुधारित सूची बनाते हुए फिलहाल प्रतिबंधित क्षेत्र रहने वाले परिसर की नई सूची जारी की है .

इन क्षेत्रों से हटा कंटेनमेंट जोन-

बता दें कि, निगमायुक्त के निर्देश पर १८ अप्रैल व २३ अप्रैल को कुछ क्षेत्र कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया था. जिसके अनुसार कमेला ग्राउंड, नालसाबपुरा, सराफा व बोहरा गली, तालाबपुरा, हाथीपुरा, नागपुरीगेट, पठानपुरा, गौसनगर, चारखंबा, पाटीपुरा, जाकीर कॉलोनी, आझाद कॉलोनी, मेहंदीया कॉलोनी, ताजनगर नं.१, ताजनगर नं.२, खरकाडीपुरा, खोलापुरी गेट, पटवीपुरा, भाजीबाजार, तारखेडा, छायानगर,….

इस क्षेत्र में कंटेनमेंट जोन कायम

खोलेलापुरुरी गेटेट व खरकाडीपुरुरा : उत्तर दिशा की ओर बुध्दविहार भातकुली रोड से मनपा वाचनालय खडकाडीपुरा तक, पूर्व दिशा में सार्वजनिक शौचालय से मनपा वाचनालय खरकाडीपुरा तक, दक्षिण दिशा में सार्वजनिक शौचालय से भातकुली रास्ते के अंबानाला पुल तक, पश्चिम दिशा में भातकुली रास्ते के अंबानाला पुल से बुध्दविहार भातकुली रोड तक.

– हनुमुमान नगर : उत्तर दिशा में बडे के घर से हनुमान नगर मुख्य रास्ते के इलेक्ट्रीक डीपी तक, पूर्व दिशा में अंबाडकर के घर से हनुमान नगर मुख्य रास्ते के इलेक्ट्रीक डीपी तक, दक्षिण दिशा में सरदार के घर से अंबाडकर के घर तक, दक्षिण दिशा में सरदार के घर से बडे के घर तक.

– मद्रासी बाबा दरगाह व हैदैदरपुरुरा : उत्तर दिशा में मदरासी बाबा दरगाह मैदान से भुरकापुर रास्ते की डीपी तक, पूर्व दिशा में सादीकभाई के घर से भुरकापुर रास्ते की डीपी तक, दक्षिण दिशा में सलीमभाई के घर से सादीकभाई के घर तक, पश्चिम दिशा की ओर सलीमभाई की घर से मदरासीबाबा दरगाह मैदान तक.

– आझाद कॉलॅलोनेनी : उत्तर दिशा में दलेलपुरी नाला पुल से रियाजभाई के घर तक, पूर्व दिशा में अजिजभाई के घर से रियाज भाई के घर तक, दक्षिण दिशा में फारुक ठेकेदार के घर से अजीजभाई के घर तक, पश्चिम दिशा में फारुक ठेकेदार से घर से दलेलपुरी नाले तक.

– ताजनगर न.ं.१ व २, पाटीपुरुरुरा : उत्तर दिशा में अलमारी कारखाने से पाटीपुरा मस्जिद तक, पूर्व दिशा में सुलतान पान सेंटर से पाटीपुरा मस्जिद तक, दक्षिण दिशा में ताजनगर…

नाश्ते की दुकान सील

प्रतिनिधि/दि.२ अमरावती. शहर में कोरोना का संक्रमण तेजी से फैलता जा रहा है. इस घडी में जिला प्रशासन कीओर से चरणबद्ध तरीके से दुकानों को खोलने की अनुमति दी गई है. बावजूद इसके अवैध रुप से दुकानों को खोला जा रहा है. जिससे मनपा प्रशासन की टीम ने कार्रवाई करना आरंभ किया है. जिला प्रशासन ने अभी तक नश्ता बिक्री और टी-स्टॉल को खोलने की अनुमति नहीं दी है. बावजूदइसके शहर में सुबह के समयटीस्ट ॉल और नाश्ता बिक्री की होटल अवैध तरीके से खोले जा रहे है. आज सुबह बाजार व लायसंस विभाग की ओर से कंवर नगर परिसर में कार्रवाई की गई. इस दौरान कंवरनगर परिसर के शिवशंकर टी-स्टाल को सील करने की कारवाई की गई.

‘उस‘ युवती की वर्धा में हुई मौत

प्रतिनिधि/दि.२ अमरावती- स म ी प स् थ धामणगांव रेल्वे के धनेवाडी आंबेडकर नगर परिसर में रहनेवाली २१ वर्षीय युवती की अंतत: वर्धा जिले के सावंगी स्थित आचार्य विनोबा भावे अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गयी. जिसके चलते धामणगांव रेल्वे तहसील में शोक के साथ ही हडकंप भी व्याप्त है. बता दें कि, यह युवती विगत करीब डेढ माह से मस्तिष्क ज्वर सहित अन्य बीमारियों से जूझ रही थी और विगत १५ मई को इस युवती के थ्रोट स्वैब सैम्पल की कोरोना टेस्ट रिपोर्ट पॉजीटिव आयी थी. जिसकी वजह से उसकी मां सहित दो अन्य बहनों के भी थ्रोट स्वैब सैम्पल लिये गये थे और वे तीनों भी कोरोना संक्रमित पायी गयीथी. जिसके चलते इन चारों को सावंगी के आचार्य विनोबा भावे अस्पताल में भरती कराया गया था. जहां से अगली रिपोर्ट निगेटीव आने पर चार दिन पूर्व ही इन चारों को डिस्चार्ज दिया जाना था. qकतु इस युवती सहित उसके एक बहन की हालात ठीक नहीं रहने के चलते परिवार के केवल दो लोगों को ही अस्पताल से छुट्टी दी गई.

वहीं विगत तीन दिनों के दौरान इस युवती की हालत लगातार बिगडती चली गयी और मंगलवार २ जून को तडके इस युवती ने अस्पताल में इलाज के दौरान अपनी अंतिम सांस ली. इस आशय की जानकारी वर्धा के जिला स्वास्थ अधिकारी डॉ. अजय डवले ने दी है. ज्ञात रहे कि, धामणगांव के धनेवाडी परिसर में अपने माता- पिता के साथ रहनेवाली तीन बहने विगत दो वर्षों से नागपुर में रह रही थी. जहां पर दो बडी बहने एक निजी कंपनी में नौकरी कर रही थी. वहीं कोरोना पॉजीटीव पायी गयी छोटी बहन वहीं पर एक होस्टल में रहकर इंजिनिअरींग की पढाई कर रही थी. विगत २२ मार्च के जनता कफ्र्यू व पश्चात २३ मार्च से लागू किये गये लॉकडाउन के चलते तीनों बहने विगत २४ मार्च को नागपुर वापिस चली आयी.

पाबंदी…???

अमरावती-कोरोना महामारी से निपटने के लिए प्रशासन की ओर से संचारबंदी लागू की है. इस दौर में सार्वजनिक स्थलोें पर थूकने पर पूरी तरह से पाबंदी लगाने के साथ ही दंडात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए है. लेकिन मंगलवार को मनपा परिसर में एक व्यक्ति को पानी का गरारा कर थूकते हुए पाया गया. उक्त व्यक्ति पर मनपा प्रशासन की ओर से कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई. जिससे पता चलता है कि मनपा प्रशासन भी जिला प्रशासन के आदेशोें को भुलाने का काम कर रही है.

होम डेथवाले मामलों में थ्रोट स्वैब लेना क्यों बंद किया?

प्रतिनिधि/दि.२ अमरावती-अमरावती में कोरोना संक्रमण के मामले को लेकर प्रशासन द्वारा किये जा रहे कामोें पर सवालियां निशान उठाने के साथ ही अमरावती कोविड टेस्ट लैब को शुरू करने में हो रही देरी को लेकर अपने समक्ष दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए मुंबई उच्च न्यायालय की नागपुर खंडपीठ ने इस बात को लेकर समाधान व्यक्त किया कि, अमरावती में प्रशासन द्वारा बेहद शानदार ढंग से काम किया गया है और कोरोना की महामारी को नियंत्रित करने में प्रशासन ने कोई कोरकसर नहीं छोडी. साथ ही अदालत ने याचिकाकर्ता की मांग को ध्यान में रखते हुए स्थानीय जिलाधीश कार्यालय से इस बात को लेकर सात दिनोें के अंदर जवाब पेश करने कहा कि, अमरावती में होम डेथवाले मामलोें में थ्रोट स्वैब सैम्पल लेना ्नयों बंद किया गया.

सफाई कामगारों का किया गया सत्कार

प्रतिनिधि/दि.२ अमरावती. कोरोना महामारी के चलते लॉकडाउन घोषित किया गया है. इस विपदा की घडी में भी सफाई कर्मचारी अपनी जान की परवाह न करते हुए साफ सफाई का कार्य कर रहे है. इन सफाई कामगारों का आज प्रभाग कं्र. ६ जाफरजिन प्लाट मोर बाग परिसर में पार्षद राजेश साहू पड्डा की उपस्थिति में सत्कार किया गया. वहीं पूर्व पालकमंत्री प्रवीण पोटे द्वारा उपलब्ध करायी गईकिराना अनाज किट का वितरण किया गया. इस अवसर पर नंदकिशोर कलंत्री, सुभाष राठी, गौतम चोपडा, संजय अग्रवाल, सुनिता राठी, सोमानी, चंचल कंलत्री, बबलू ठेकेदार, संतोष चावरे, स्वास्थ्य निरीक्षक विलास डेंडूले, मनपा अभियंता जयंत कालमेघ, सपरवाइजर संजय बोयत, शंकर गुप्ता उपस्थित थे.

Amravati News 1 June 2020

अमरावती में ३ जून से ‘मिशन बिगेन अगेन’

 मुंबई-कोरोना वायरस के संक्रमण के खतरे को देखते हुए विगत २३ मार्च को लागू किये गये लॉकडाउन के चार चरण ३१ मई को पुरे हुए और १ जून से लॉकडाउन का पांचवा चरण शुरू हुआ है. जिसकी कालावधी ३० जून तक तय की गयी है. qकतु इस पांचवे चरण के दौरान लॉकडाउन में कई तरह की छूट व रियायतें दी जा रहीं है और इस पहले ‘अनलॉक‘ के तहत ‘अनलॉकींग‘ की प्रक्रिया को राज्य सरकार द्वारा ‘मिशन बिगीन अगेन‘ का नाम दिया गया है. जिसके तहत आगामी ३, ५ व ८ जून को चरणबध्द ढंग से कई प्रतिबंधों को शिथिल किया जायेगा. साथ ही कई क्षेत्रों में आगामी ३० जून तक फिलहाल प्रतिबंधों को जारी रखा जा रहा है. जिनमें छूट देने के संदर्भ में आगामी एक माह के दौरान ही विचार -विमर्श किया जायेगा.

बता दें कि, केंद्र सरकार ने ‘अनलॉक- १‘ के तहत धार्मिक स्थलों सहित अब सभी बातों को शुरू करने की अनुमति दी है. qकतु राज्य सरकार ने स्थानीय हालातों के मद्देनजर कुछ प्रतिबंधों को कायम रखते हुएचरणबध्द ढंग से लॉकडाउन खोलने का निर्णय लिया है. जिसके तहत ३ जून से सभी लोगों को मॉर्निंग वॉक व इविqनग वॉक की अनुमति देते हुए उन्हें जॉगींग पार्क व उद्यानों में जाने की अनुमति दी जायेगी. साथही ऐसे स्थानों पर किसी भी तरह की ग्रुप एक्टिविटी को अनुमति नहीं होगी. वहीं ३ जून से प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन व पेस्ट कंट्रोल सहित गैरेज व वर्कशॉप में काम शुरू करने की अनुमति होगी. साथ ही ३ जून से सभी सरकारी कार्यालयों में १५ प्रतिशत कर्मचारियों के साथ काम शुरू करने को अनुमति दी जायेगी. वहीं दूसरी ओर आगामी ५ जून से मॉल एवं शॉqपग कॉम्प्ले्नस को छोडकर सभी शहरों में मुख्य बाजारपेठों व दूकानों को खोलने की भी अनुमति दी जायेगी.

हालांकि इसमें सम व विषम संख्या के आधार पर अल्टरनेट डे या अल्टरनेट शॉप के नियम का अवलंब किया जायेगा. वहीं कपडा प्रतिष्ठानों में ट्रायल रूम व चेंqजग रूम के इस्तेमाल की अनुमति नहीं दी जायेगी. इसके अलावा ८ जून से राज्य में सभी निजी कार्यालयों को भी खोलने की अनुमति दी जायेगी. हालांकि इन सभी कार्यालयों में १० प्रतिशत कर्मचारियों की उपस्थिति के साथ ही काम करना होगा. इसके अलावा इस दौरान ५० प्रतिशत यात्रियों को लेकर जिलांतर्गत बस सेवा शुरू करने को भी अनुमति दी जा रही है और अभी आंतरजिला बस यातायात को अनुमति नहीं दी गई है. वहीं टै्नसी, कैब व ऑटोरिक्षा सहित सभी चार पहियां वाहनों में चालक के अलावा दो यात्रियों तथा दुपहियां वाहनों पर केवल चालक को ही यात्रा करने की अनुमति रहेगी.

रेड झोन मे जारी रहेंगेंगे कई प्रतिबध

इसमें भी यह विशेष उल्लेखनीय है कि, राज्य सरकार द्वारा रेड झोन में शामिल किये गये मुंबई मनपा व मुंबई महानगर सहित राज्य के पुणे, सोलापुर, औरंगाबाद, मालेगांव, नासिक, धुलिया, जलगांव, अकोला व अमरावती इन मनपा क्षेत्रों को कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या के मद्देनजर रेड झोन में रखा गया है. इन सभी मनपा क्षेत्रों में कंटेनमेंट झोन घोषित किये गये इलाकों में लॉकडाउन को लेकन किसी तरह की कोई छूट नहीं दी जायेगी. साथ ही रेडझोन वाले शहरों के अन्य इलाकों में भी छूट का दायरा कुछ हद तक सीमित ही रहेगा.

राज्य सरकार के आदेश को जस का तस लागू किया कलेक्टर नवाल ने

बता देें कि, केंद्र सरकार द्वारा जारी आदेश को कुछ फेरबदल के साथ महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में लागू किया है. वहीं इस आदेश को लागू करने अथवा इसमें कुछ संशोधन करने के अधिकार जिला आपत्ति व्यवस्थापन प्राधिकरण का अध्यक्ष होने के नाते जिलाधिशों के पास दिया गया है. ऐसे में सभी की निगाहें इस बात की ओर लगी हुई थी कि, अमरावती में जिलाधीश कार्यालय द्वारा मिशन बिगेन अगेन को लेकर ्नया आदेश जारी किया जाता है. qकतु स्थानीय जिलाधीश शैलेश नवाल ने राज्य सरकार के आदेश को अमरावती जिले में जस का तस लागू किया है.

स्नातक अंितम वर्ष की परीक्षाएं नहीं होगी, विद्याथिर्यों को दिये जायेंगे औसत अंक

लॉकडाउन को अनलॉक करते हुए मिशन बिगेन अगेन करने के साथ ही राज्य सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि, विद्यापीठ एवं विद्यापीठ से संलग्नित महाविद्यालयों में पदवी पाठ्यक्रम के अंतिम वर्ष में पढनेवाले विद्यार्थियों को उनके इससे पहले हुए सेमीस्टर्स के परीक्षा परिणाम के आधार पर औसत अंक दिये जायेंगे, ताकि उनका शैक्षणिक नुकसान न हो. साथ ही जो विद्यार्थी अपना श्रेणी सुधार करना चाहेंगे, उन्हें हालात सामान्य हो जाने के बाद सितंबर व अक्तूबर माह में परीक्षा देने का अवसर दिया जायेगा. इस संदर्भ में जानकारी देते हुए राज्य के मुख्यमंत्री उध्दव ठाकरे ने कहा कि, विद्यापीठों की परीक्षाओं का मामला हल करने के साथ ही अब हम नये शैक्षणिक सत्र को किस तरह शुरू किया जाये, इसे लेकर भी विचार कर रहे है. ्नयोेंकि कई स्थानों पर शालाओें को कोरोेंटाईन सेंटर के तौर पर उपयोग में लाया गया है.

अत: ऐसी सभी स्कूलों की इमारतों में सैनिटाईजेशन का काम करना पडेगा. उन्होंने कहा कि, इससे पहले कई स्थानों पर शालाओं को खोलने के बाद दुबारा बंद करने की नौबत आ चुकी है. ऐसे में हम नहीं चाहते कि एक बार किसी सेवा अथवा सुविधा को खोलने के बाद उसे बंद करने की नौबत आये. ऐसे में हम स्कूलों को खोलने की बजाय शिक्षा देने का काम किस तरह शुरू हो सकता है, इसके लिए प्रयास कर रहे है. साथ ही ऑनलाईन शाला शुरू करने के लिए हम ई-लर्निंग के मार्ग का अवलंब करने जा रहे है. जिसके लिए मोबाईल कंपनियों से बातचीत कर मोबाईल डेटा, लैपटॉप व फोन के प्रयोग के संदर्भ में भी जानकारी ले रहे है.

अमरावती में ऐसा होगा मिशन बिगेन अगेन

पहला चरण (३ जून से)

साईकिलींग, जॉगींग, रqनग व वॉqकग पर कोई प्रतिबंध नहीं. बीच, सरकारी व निजी मैदान, पार्क व उद्यान आम लोगोें के लिए प्रात: ५ से शाम ७ बजे तक खोले जायेंगे. qकतु कही पर भी समूह बनाकर जमा होने की अनुमति नहीं होगी. साथ ही ६५ वर्ष से अधिक एवं १० वर्ष से कम आयुवाले लोगों सहित गर्भवति महिलाओं को घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं होगी. प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन, पेस्ट कंट्रोल, मेकॅनिक व टे्ननीशियन द्वारा सोशल डिस्टंqसग के नियमों का पालन कर अपने काम की शुरूआत की जा सकेगी. गैरेजों में काम शुरू हो सकेगा. अत्यावश्यक सेवाओं में आनेवाले सरकारी कार्यालयों के अलावा अन्य सभी सरकारी कार्यालयों में १५ प्रतिशत अथवा अधिकतम १५ कर्मचारियों के साथ काम शुरू किया जा सकेगा.

दूसरा चरण (५ जून से)

५ जून से मॉल्स् एवं शॉqपग कॉम्प्ले्नस को छोडकर अन्य सभी व्यापारिक क्षेत्रों व व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को खोलने की अनुमति दी जायेगी. जिसके लिये पी-१ व पी-२ यानी ऑडईवन का फाम्र्यूला लागू किया जायेगा. इसके तहत व्यापारिक क्षेत्रों से होकर गुजरनेवाले रास्तों के दोनों ओर रहनेवाले दुकानों को सम व विषम संख्या में विभाजीत कर अलग-अलग दिन खोलने की अनुमति दी जायेगी. साथ ही यह विशेष उल्लेखनीय है कि, सभी दूकानों को रोजाना सुबह ९ से शाम ५ बजे तक ही खोलने की अनुमति होगी. कपडों की दुकानों में ट्रायल रूम या चेंजिंग रूम के इस्तेमाल की अनुमति नहीं होगी, ्नयोेंकि इससे कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा फैल सकता है. साथ ही किसी भी कपडा दूकान में एक बार खरीदे गये कपडे के ए्नसचेंज या रिटर्न करने की अनुमति भी नहीं दी जायेगी. किसी भी दूकान अथवा व्यापारिक क्षेत्र में यदि सोशल डिस्टंqसग का उल्लंघन होता पाया जाता है तो उस व्यापारी क्षेत्र अथवा प्रतिष्ठान को तुरंत बंद करने का अधिकार संबंधित अधिकारियों के पास होगा.

तीसरा चरण (८ जून से)

सभी निजी कार्यालयों में दस प्रतिशत कर्मचारियों की उपस्थिति के साथ कामकाज शुरू करने की होगी अनुमति. अन्य कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम करना होगा. साथ ही जो कर्मचारी ऑफिस में आयेंगे, उनके सैनिटाईजेशन का विशेष तौर से ध्यान रखना होगा. सभी कार्यालयों में कामकाज शुरू होने के साथ ही कामकाज पर लौटनेवाले सभी कर्मचारियों को घरों से कार्यालयों के लिए निकलते समय सोशल डिस्टंqसग के नियमों की ओर विशेष तौर पर ध्यान देना होगा.

३० जून तक इन बातों पर जारी रहेगा प्रतिबंध

आगामी ३० जून तक स्कूल, महाविद्यालय, कोqचग ्नलास, सभी धार्मिक स्थल, अंतरराष्ट्रीय हवाई यातायात, मेट्रो, सिनेमा गृह, नाट्य गृह, स्वीqमग पूल, एंटरटेनमेंट पार्क, बार, सभागार, सलून स्पॉ, ब्यूटी पार्लर, शॉqपग मॉल, होटल, रेस्टॉरेंट, ऑडिटोरियम, मंगल कार्यालय व लॉन सहित अन्य हॉस्पिटीलीटी सेवाओं पर प्रतिबंध जारी रहेगा. यहां यह विशेष उल्लेखनीय है कि, केंद्र सरकार द्वारा इन सभी बातों को कुछ नियमों व शर्तों के अधिन रहकर खोले जाने की अनुमति दी गई है. qकतु राज्य सरकार ने सुरक्षा के कारणों को ध्यान में रखते हुए इन सभी को आगामी ३० जून तक बंद ही रखने का निर्णय लिया है.

रोजाना रात ९ से सुबह ५ बजे तक कायम रहेगा कफ्र्यू

यहां यह भी विशेष उल्लेखनीय है कि लॉकडाउन में शिथिलता दिये जाने के बावजूद समूचे राज्य में सीमित अवधि के लिए कफ्र्यू लागू रहेगा. जिसके तहत रोजाना रात ९ से प्रात: ५ बजे तक कफ्र्यू की स्थिति रहेगी. इस दौरान किसी को भी अपने घर से अत्यावश्यक काम के अलावा बाहर निकलने की अनुमति नहीं रहेगी.

मुख्य बाजारों के साथ ही होलसेल सब्जी मंडी को भी खोलने की अनुमति मिले

प्रतिनिधि/दि.१ अमरावती-एक लंबे अरसे बाद लॉकडाउन खुलने जा रहा है और स र क ा र द्वारा शहर के प्रमुख व्यापारिक क्षेत्रों की दूकानों को खोलने की अनुमति दी जा रही है.यह अपने आप में खुशी की बात है. ्नयोंकि इस दौरान पूरा आर्थिक चक्र ही बंद हो जाने की वजह से सर्वसामान्य जनता पूरी तरह से परेशान हो गयी थी. ऐसे में प्रशासन को चाहिए कि, जिस तरह से शहर के प्रमुख व्यापारिक क्षेत्रों को खोलने की अनुमति दी जा रहीं है, ठीक उसी तरह से एपीएमसी द्वारा संचालित होलसेल सब्जी व फल मंडी को भी खोलने की अनुमति दी जाये, ताकि सब्जी उत्पादक किसानों व होलसेल सब्जी विक्रेताओं की भी राहत मिले. इस आशय की मांग राकांपा के प्रदेश उपाध्यक्ष संजय खोडके ने की है.

लॉकडाउन के पांचवे चरण के दौरान राज्य सरकार एवं जिलाप्रशासन द्वारा अनलॉक-१ को लेकर लिये गये निर्णय के संदर्भ में अपनी प्रतिक्रिया देते हुए राकांपा के प्रदेश उपाध्यक्ष संजय खोडके ने कहा कि, ढाई माह के बाद आंशिक रूप से ही सही, पर लॉकडाउन खुलने जा रहा है. यह खुशी और राहतवाली बात है. जिसके लिए जिला प्रशासन के निर्देश पर मनपा प्रशासन द्वारा तमाम आवश्यक कदम भी उठाये जायेंगे, इसमें कोई संदेह नहीं. लॉकडाउन के दौरान स्थानीय प्रशासन द्वारा किये गये विभिन्न उपायों की प्रशंसा करते हुए संजय खोडके ने कहा कि, लॉकडाउन के चौथे चरण के दौरान शहर के प्रमुख व्यापारिक क्षेत्रों एवं कंटेनमेंट झोन को छोडकर शेषसभी इलाकों की दूकानों को प्रशासन द्वारा खोलने की अनुमति दी जा चुकी थी और केवल मालवीय चौक, जवाहर गेट, राजकमल चौक, जयस्तंभ चौक, चित्रा चौक, गांधी चौक, इतवारा बाजार व गांधी चौक जैसे प्रमुख व्यापारिक क्षेत्रों की दूकानों को खोलने का मामला अटका पडा था. जिसके लिए इन क्षेत्रों के दूकानदार खुद ही सम-विषम संख्या के आधार पर दूकानों को खोलने देने की अनुमति दिये जाने का सुझाव प्रशासन एवं सरकार को दे चुके थे और अब सरकार ने भी इसी तर्ज पर दुकानों व बाजार को खोलने का निर्णय लिया है.

संभवत: सभी व्यापारिक क्षेत्रोें को सम व विषम संख्या में विभाजीत व चिन्हीत करने के लिए ही अनलॉकींग की तारीख ५ जून तय की गई है, ताकि इस बीच प्रशासन को आवश्यक तैयारियों का वक्त मिले. राकांपा प्रदेश उपाध्यक्ष संजय खोडके के मुताबिक जिस तरह से प्रशासन द्वारा सभी प्रमुख व्यापारिक क्षेत्रों को खोलने की अनुमति दी जा रहीं है. उसी तरह से प्रशासन द्वारा अब शहर के होलसेल सब्जी बाजार को भी खोलने की अनुमति दी जानी चाहिये. इस समय संजय खोडके ने यह भी कहा कि, प्रशासन चाहे तो फुटकर सब्जी मंडी को इतवारा बाजार की बजाय शहर में ५-६ अलग-अलग स्थानों पर खोलने की अनुमति दे सकता है, लेकिन पुराना कॉटन मार्केट परिसर स्थित होलसेल सब्जी मंडी को उसी स्थान पर शुरू करने की अनुमति दी जानी चाहिए, ्नयोेंकि इन दिनों सब्जी उत्पादक किसानों को खेती-बाडी का काम करने के साथ ही शहर के रिहायशी क्षेत्रोें में साग-सब्जी ले जाकर बेचने की दाूेहरी जिम्मेदारी निभानी पड रही है. जिसके चलते उन्हें काफी मुश्किलों व दिक्कतों का सामना करना पड रहा है. वहीं होलसेल सब्जी व्यापारी भी इन दिनों खाली बैठे है. ऐसे में प्रशासन ने सर्वसमावेशक विचार करना चाहिये.

रिमांड व अतिमहत्वपूर्ण कामकाज के लिए न्यायालीन समय में बदलाव

प्रतिनिधि/ दि.१ अमरावती. अमरावती जिला न्यायालय मुख्यालयकार्यरत सत्र न्यायालय , दिवानी न्यायालय और फौजदारी न्यायालय के अलावा जिले के अन्य सभी न्यायालयों में कल २ जून से ७ जून तक रिमांड और अतिमहत्वपूर्ण न्यायालयीन कामकाज निपटाया जाएगा. यह कामकाज रोजाना दोपहर १२ से २ बजे तक चलाया जाएगा. वहीं न्यायालयीन व कार्यालयीन कामकाज के समय में कोई भी बदलाव नहीं किया गया है. आदेश जिला व सत्र न्यायाधीश उर्मीला जोशी फलके ने पारित किया है. इस नए आदेश के मुताबिक रिमांड व जरुरी कामकाज निपटाने जिला सत्र न्यायालय सहित तहसील स्तर के न्यायालयों में अलग अलग तिथियों पर कामहोगा. अचलपुर, अंजनगांव सुर्जी, भातकुली, चांदूरबाजार, चांदूर रेलवे, दर्यापुर, धामणगांव रेलवे, धारणी, मोर्शी, नांदगांव खंडेशर, तिवसा और वरुड के न्यायालयों में भी यह निर्देश भेजे जा चुके है. इसी तरह दिवानी मामले से जुडे अतित्यावश्यक मामलो का निपटारा भी अमरावती, अचलपुर, दर्यापुर न्यायालय में अलग-अलग तिथियों पर पूरा किया जाएगा. इस आदेश के तहत तहसील न्यायालय में भी अलग अलग तिथियों पर दोपहर १२ से २ बजे तक डिमांड व अतिमहत्वपूर्ण प्रकरणों को निपटाया जाएगा. उच्च न्यायालय के अगले आदेश मिलने तक यह आदेश बरकरार रहेगा.

तखतमल सहित भीडभाडवाले मार्केटों पर अभी निर्णय नहीं

प्रतिनिधि/दि.१ अमरावती-आगामी ३ जून से लेकर ८ जून तक शहर सहित जिले में कंटेनमेंट झोनवाले इलाकों को छोडकर शेष सभी क्षेत्रों में लॉकडाउन की शर्तों को शिथिल किया जायेगा. जिसके तहत ५ जून से शहर के सभी बाजारों एवंव्यापारिक प्रतिष्ठानों को खोलने की अनुमति दी जायेगी. जिसमें सम व विषम संख्या के आधार पर अलगअलग दिन अलग-अलग दूकाने खुलेंगी. qकतु इसमें तखतमल ईस्टेट जैसे भीडभाड एवं संकरी गलियोंवाले व्यापारिक क्षेत्रों को लेकर फिलहाल कोई निर्णय नहीं लिया गया है. जिसके बारे में आगामी एक- दो दिन के भीतर संबंधित व्यापारियों से चर्चा करते हुए योग्य फैसला लिया जायेगा. इस आशय की जानकारी जिलाधीश शैलेश नवाल ने दी है.

राज्य सरकार द्वारा लॉकडाउन के पांचवे चरण के दौरान अनलॉकींग को लेकर शुरू किये गये मिशन बिगेन अगेन के संदर्भ में जारी दिशानिर्देशों के बाद अपने कार्यालय में बुलायी गयीपत्रवार्ता में उपरोक्त जानकारी देने के साथ ही जिलाधीश नवाल ने कहा कि, अनलॉकींग को लेकर राज्य सरकार द्वारा जारी सभी आदेशों को पूरी तरह से अमरावती जिले में लागू किया जायेगा. जिसके लिये जिला प्रशासन की ओर से संबंधितों के नाम परिपत्रक जारी कर दिया गया है. वहीं कृषि उत्पन्न बाजार समिती द्वारा संचालित होलसेल सब्जी व फल मंडी सहित तखतमल ईस्टेट जैसे संकरी गलियोंवाले मार्केटों के संदर्भ में आगामी ५ जून के बाद निर्णय लिये जायेंगे. इस संदर्भ में संबंधित व्यापारिक क्षेत्रों के व्यापारियों की बैठक भी बुलायी जायेगी.

कोरोंटाईन सेंटर शुरू रहेंगे

इस समय जिलाधीश नवाल ने यह भी कहा कि, आनेवाले कुछ ही दिनों में बारिश का मौसम शुरू हो जायेगा और प्रतिवर्ष बारिश के मौसम दौरान मौसमी व वायरल बीमारियों का संक्रमण शुरू हो जाता है. साथ ही इस बार कोरोना के संक्रमण का भी खतरा है. ऐसे में इस वक्त जहां-जहां पर कोरोंटाईन सेंटर शुरू किये गये है, उन सभी को आगामी समय में भी शुरू ही रखा जायेगा. ताकि किसी भी तरह का संक्रमण फैलने पर मरीजों को वहां भरती कराया जा सके.

जनजागरूकता अभियान में लायी जायेगी तेजी

इस पत्रवार्ता में जिलाधीश नवाल ने यह भी कहा कि, इस समय अमरावती शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना का संकट पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है. ऐसे में लॉकडाउन खोलने के साथ ही लोगों को इस बीमारी के संदर्भ में सचेत व जागरूक करने के लिए बडे पैमाने पर जनजागरूकता अभियान चलाया जायेगा.

पीडीएमसी, गोडे संस्था व ढोले हॉस्पिटल में भी तमाम तैयारिया

विगत कुछ दिनों से अमरावती में लगातार बढ रही कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या को देखते हुए सुपर स्पेशालीटी अस्पताल के कोविड हॉस्पिटल सहित पीडीएमसी एवं डॉ. गोडे संस्था व डॉ. ढोले हॉस्पिटल में कोविड वॉर्ड तैयार रखे गये है. जहां पर कोविड हॉस्पिटल से डिस्चार्ज किये गये मरीजों को रखा जायेगा. ऐसी जानकारी भी इस पत्रवार्ता में जिलाधीश शैलेश नवाल द्वारा दी गई.

कफ्र्य ूका उल्लघंघन करनेवेवालों से वसूलूले १२ लाख रूपये

इस समय जिलाधीश शैलेश नवाल ने आगामी ३० जून तक लगातार लॉकडाउन संबंधी नियमों व कानूनों के बेहद कडाई के साथ लागू रहने की जानकारी देते हुए बताया कि, इससे पहले २३ मार्च से अब तक जारी लॉकडाउन के दौरान जमावबंदी व कफ्र्यू कानूनों का उल्लंघन करनेवाले लोगोें से लगभग १२ लाख रूपयों की जुर्माना राशि वसूल की गई है.

बुधवारा के मरीज का कने्नशन मसानगंज से

इस पत्रवार्ता में जिलाधीश शैलेश नवाल ने बताया कि, बुधवारा परिसर में कोरोना संक्रमित पाये गये मरीज का मसानगंज परिसर से संपर्क रहने की जानकारी सामने आयी है. उल्लेखनीय है कि, विगत कुछ दिनों से मसानगंज परिसर कोरोना के लिहाज से हॉटस्पॉट बना हुआ है और मसानगंज सहित आसपास बसे चेतनदास बगीचा, रतनगंज, शिवनगर जैसे इलाकों से लगातार कोरोना संक्रमित मरीज पाये जा रहे है.

मेयो के विशेषेषज्ञों की टीम पहुुंचची अमरावती

साथ ही इस समय यह जानकारी भी दी गई कि, नागपुर के इंदिरा गांधी मेमोरियल सरकारी मेडिकल कालेज व अस्पताल (मेयो) के विशेषज्ञों की एक टीम अमरावती पहुंच चूकी है. जो यहां पर कोविड अस्पताल सहित संगाबा अमरावती विवि में चलायी जा रही कोविड टेस्ट लैब का दौरा व मुआयना करेगी.

संक्रमितों के संपर्क में आये आठ लोगों की रिपोर्ट पॉजीटिव

प्रतिनिधि/दि.१ अमरावती-शहर के विभिन्न इलाकों में इससे पहले कोरोना संक्रमित पाये गये मरीजों के संपर्क में आनेवाले आठ लोगों के थ्रोट स्वैब सैम्पल की रिपोर्ट पॉजीटीवआयी है. जिनमें एक दस वर्षीय बालक सहित पांच पुरूषों व दो महिलाओं का समावेश है. इसमें पिता-पुत्र की दो जोडियां भी शामिल है. वहीं बुधवारा क्षेत्र में एक ही परिवार के तीन लोगों की कोरोनाटेस्ट रिपोर्ट पॉजीटीव आयी है. इसके साथ ही रविवार को भी ६ लोगों की कोरोना टेस्ट रिपोर्ट पॉजीटिव आयी थी. जिसके चलते अब अमरावती में कोरोना के कुल संक्रमित मरीजों की संख्या २२६ हो गयी है. जिसमें से ९१ एक्टिव पॉजीटिव मरीजों का कोविड अस्पताल में इलाज चल रहा है. वहीं इससे पहले इस अस्पताल से १२० कोरोना संक्रमित मरीजों को डिस्चार्ज दिया जा चुका है और अब तक १५ लोगों की कोरोना संक्रमण के चलते मौत हो गयी है. इस संदर्भ में सोमवार की सुबह स्थानीय प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक दशहरा मैदान निवासी दस वर्षीय बालक की रिपोटपॉजीटिव आयी है.

पता चला है कि, इससे पहले दशहरा मैदान के वसंतराव नाईक नगर निवासी जिस युवक की कोरोना रिपोर्ट पॉजीटिव आयी थी, अब उसका १० वर्षीय भांजा भी कोरोना पॉजीटिव पाया गया है. इस युवक के परिवार के ६ लोगों को उसकी रिपोर्ट पॉजीटिव आते ही कोरोंटाईन किया गया था, वहीं इस युवक के आसपडोस में रहनेवाले करीब ३५ लोगों के थ्रोट स्वैब सैम्पल जांच हेतु भिजवाये गये थे. जिनकी रिपोर्ट निगेटीव आयी है. इसके साथ ही बुधवारा परिसर के दहिसाथ रोड निवासी १८ वर्षीय पुरूष, ५२ वर्षीय पुरूष, ४२ वर्षीय महिला तथा ५४ वर्षीय महिला की कोरोना टेस्ट रिपोर्ट पॉजीटिव आयी है. इन चारों लोगोें में से ५२ वर्षीय पुरूष एवं १८ वर्षीय युवक रिश्ते में पिता-पुत्र है और उनके ही परिवार की ४२ वर्षीय महिला कोरोना पॉजीटिव पायी गयी है. इसके अलावा इस परिवार के ठीक बगलवाले घर में रहनेवाले परिवार की ५४ वर्षीय महिला की कोरोना टेस्ट रिपोर्ट पॉजीटिव आयी है. बता देें कि, दहीसाथ रोड निवासी एक पुलिस कर्मी को विगत दिनों कोरोना संक्रमित पाया गया था. पश्चात गत रोज उस पुलिस कर्मी के ५८ वर्षीय पिता की रिपोर्ट भी पॉजीटिव आयी थी और अब इस पुलिस कर्मी के घर के पास रहनेवाले दो परिवारों के चार लोग कोरोना पॉजीटिव पाये गये है. उधर चेतनदास बगीचा (मसानगंज) में रहनेवाले ६१ वर्षीय पुरूष व ३० वर्षीय पुरूष की कोरोना टेस्ट रिपोर्ट सोमवार की सुबह पॉजीटिव आयी है.

जानकारी मिली है कि, यह दोनोें ही रिश्ते में पिता-पुत्र है. बता दें कि, चेतनदास बगीचा परिसर में सात दिन पूर्व पहला कोरोना पॉजीटीव मरीज पाया गया था और अब इस परिसर में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढकर ८ हो गयी है. यहां एक ही गली में स्थित तीन घरों से यह आंठों कोरोना संक्रमित मरीज पाये गये है. जिसके चलते पूरे परिसर में जबर्दस्त qचता का माहौल व्याप्त है. इसके अलावा अचलपुर तहसील के काकडा गांव में इंदिरा नगर परिसर निवासी ३० वर्षीय युवक की कोरोना टेस्ट रिपोर्ट सोमवार की सुबह पॉजीटिव पायी गयी है. जानकारी के मुताबिक यह युवक मुंबई में रहकर वहां किसी कंपनी में काम किया करता था और चार पांच दिन पहले ही मुंबई से अपने गांव वापिस लौटा था. जिसके बाद उसे यहां के नाथे स्कूल में कोरोंटाईन के तहत रखा गया था और उसमें कोरोना सदृश्य लक्षण दिखाई देने के चलते उसे अमरावती भेजकर उसका थ्रोट स्वैब सैम्पल लिया गया था. जिसकी रिपोर्ट सोमवार की सुबह पॉजीटिव आयी है.

उधर रविवार को भी ६ लोगों की कोरोना रिपोर्ट पॉजीटीव आयी थी. जिनमें दहीसाथ रोड निवासी पुलिस कर्मी के ५८ वर्षीय पिता सहित बडनेरा रेल्वे पुलिस बल में पदस्थ नागपुर के ३ पुलिस कर्मियों का भी समावेश था. बता देें कि, इससे पहले नागपुर आरपीएफ के एक पुलिस कर्मी को कोरोना संक्रमित पाया गया था. जिसके चलते उसकी कंपनी में शामिल रहनेवाले २० पुलिस कर्मियों के थ्रोट स्वैब सैम्पल जांच हेतु भेजे गये थे. इसमें से बडनेरा में तैनात ३ पुलिस कर्मियों की रिपोर्ट पॉजीटिव आयी है. पता चला है कि, यह सभी रेलवे पुलिस कर्मी परप्रांतिय मजदूरों को उनके गृहराज्य भेजने हेतु चलायी जा रही विशेष श्रमिक ट्रेनों में ड्यूटी कर रहे थे. इसके अलावा रविवार को अंबागेट परिसर निवासी एक होमगार्ड सहित हबीबनगर परिसर निवासी ४५ वर्षीय पुरूष की कोरोना टेस्ट रिपोर्ट पॉजीटिव आयी थी.

अब शिक्षक कालोनी में भी पहुंचा कोरोना

अमरावती-स्थानीय शिक्षक कालोनी में रहनेवाले एक ४७ वर्षीय पुरूष की कोरोना टेस्ट रिपोर्ट पॉजीटिव आयी है. इसके साथ ही पहली बार शिक्षक कालोनी परिसर में कोई कोरोना संक्रमित मरीज पाया गया है. जिससे पूरे परिसर में जबर्दस्त हडकंप व्याप्त है. वहीं दूसरी ओर मसानगंज परिसर में रहनेवाले तीन लोगों की भी कोरोना टेस्ट रिपोर्ट पॉजीटिव आयी है. जिनमेंदो पुरूषों सहित एक महिला का समावेश है. इस संदर्भ में प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक शिक्षक कालोनी निवासी ४७ वर्षीय पुरूष के साथ ही मसानगंज निवासी ५५ वर्षीय व ७५ वर्षीय पुरूष तथा ३१ वर्षीय महिला की कोरोना टेस्ट रिपोर्ट पॉजीटिव आयी है. इसके साथ ही अमरावती में अब कोरोना के कुल संक्रमित मरीजों की संख्या २३० हो गयी है. वहीं मसानगंज परिसर में कोरोना के संक्रमण का खतरा पूरी रफ्तार से बढता दिखाई दे रहा है.

उस’ वकील को मिला कोविड अस्पताल से डिस्चार्ज

अमरावती-स्थानीय हजरत बिलाल नगर परिसर निवासी शहर के जेष्ठ विधिज्ञ एवं सामाजिक कार्यकर्ता को सोमवार १ जून की सुबह स्थानीय सुपर स्पेशालीटी अस्पताल के कोविड वॉर्ड से डिस्चार्ज दे दिया गया. बता दें कि, इस वकील की कोविड टेस्ट रिपोर्ट विगत २३ मई को पॉजीटिव आयी थी.जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भरती कराया गया था. यहां पर लगातार दस दिन तक भरती रहने और स्वास्थ में सुधार होने के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई. अस्पताल से घर के लिए रवाना होते समय इन वकील साहब की आंखे भर आयी थी और उन्होंने रूंधे हुए गले से अपना इलाज करनेवाले सभी डॉक्टरोें सहित अपने सभी शुभqचतकों के प्रति आभार ज्ञापित किये.

जिलाधीश ने भी किया अनलॉक को लेकर आदेश जारी

प्रतिनिधि/दि.१ अमरावती-राज्य सरकार द्वारा लॉकडाउन के पांचवे चरण के स ा थ – स ा थ अनलॉकींग को लेकर जारी किये गये दिशानिर्देशों के मद्देनजर अमरावती के जिला दंडाधिकारी शैलेश नवाल ने भी सोमवार १ जून को अपरान्ह आगामी ३० जून की मध्यरात्री तक के लिए लॉकडाउन व अनलॉक के संदर्भ में आदेशपत्र जारी किया है. जिसके तहत इससे पहले लॉकडाउन के दौरान शुरू रहनेवाले जिवनावश्यक वस्तुओं की दूकानों एवं आवश्यक सेवाओं के समय को बढाकर प्रात: ९ से अपरान्ह ५ बजे तक कर दिया गया है. साथ ही मिशन बिगेन अगेन के पहले चरण में ३ जून से लोगों को जॉगींग व मॉर्निंग वॉक की अनुमति देने के साथ ही ईलेक्ट्रीशियन, प्लंबर व मेकॅनिक जैसे तकनीकी घटकोें को काम शुरू करने की अनुमति दी जायेगी. वहीं इस मिशन के दूसरे चरण में ५ जून से कंटेनमेंट झोन को छोडकर अन्यसभी इलाकों में रहनेवाली दूकानों को स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशानिर्देशों के तहत खोलने की अनुमति दी जायेगी. साथ ही इस समय सभी दूकानों में सोशल डिस्टंqसग के नियमों का पालन करने की जिम्मेदारी संबंधित दूकानदारों पर होगी.

इसके अलावा इस मिशन के तीसरे चरण में सभी तरह के निजी कार्यालयों को १० प्रतिशत कर्मचारियों के साथ काम शुरू करने की अनुमति दी जायेगी. साथ ही इस दौरान सभी प्रकार के सार्वजनिक एवं निजी परिवहन साधनों में भी प्रवासी संख्या को सीमित रखने हेतु आदेशित किया गया है और सभी को आरोग्य सेतु एप का प्रयोग करने भी अनिवार्य किया गया है. इसके अलावा राज्य सरकार द्वारा जिन बातों और सेवाओं पर आगामी ३० जून तक प्रतिबंध लगाया गया है, उन सभी पर अमरावती में भी प्रतिबंध जारी रहेगा. साथ ही राज्य अंतर्गत एवं राज्य से बाहर के सभी प्रकार के चिकित्सक, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ, सफाई कर्मचारी व एम्बुलन्स की आवाजाही पर किसी तरह का कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा. वहीं अंतरराज्यीय व अंतरजिला मार्ग ढुलाई करनेवाले ट्रकोें को भी रोका नहीं जायेगा. इसके अलावा लॉकडाउन के दौरान अलग-अलग जगहों पर फंसे मजदूरों, स्थलांतरित कामगारों, यात्रियों व पर्यटकों को सरकारी दिशानिर्देशानुसार यात्रा की अनुमति दी जायेगी.

बैंकों में पूरा दिन चलेगा काम-

इन सब के अलावा अमरावती शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में कार्य करनेवाली सभी राष्ट्रीयकृत सरकारी बैंकों, निजी बैंकोें, सहकारी पतसंस्थाओं, पतपेढी संस्थाओं तथा आर्थिक बातों से संबंधित सभी वित्तीय संस्थाओं के दैनंदिन कामकाज अपने पूर्ववत समय पर ही शुरू रहेंगे.

आदेश के उल्लंघघन पर होगी कडी कार्रवाई-

लॉकडाउन में पांचवे चरण के साथ ही अनलॉकींग को लेकर जारी किये गये आदेशपत्र में जिलाधीश शैलेश नवाल ने स्पष्ट किया है कि, जिले में अब भी आपत्ति व्यवस्थापन अधिनियम २००५ तथा महामारी प्रतिबंधक अधिनियम १८९७ सहित धारा १४४ लागू है. ऐसे में यदि कही पर भी राज्य सरकार सहित जिला प्रशासन द्वारा जारी आदेशों का उल्लंघन होता है तो संबंधितों के खिलाफ भादंवि की धारा १८८ के तहत कार्रवाई की जायेगी.

३ जून से शहर सहित जिले को अनलॉक करने करेंगे तैयारी

प्रतिनिधि/दि.१ अमरावती-केंद्र सहित राज्य सरकार द्वारा लॉकडाउन के चौथे चरण के बाद पांचवा चरण घोषित करने की बजाय ल ा ॅ क ड ा उ न खोलने हेत‘अनलॉक-१‘ घोषित किया गया है. जिसे लेकर केंद्र एवं राज्य की ओर से दिशानिर्देश भी जारी किये गये है. जिसमें ३ जून के बाद से चरणबध्द तरीके से लॉकडाउन खोलने एवं तमाम व्यवस्थाओं को बहाल करने की बात कही गयी है. ऐसे में हम प्रशासन एवं व्यापारिक संगठनों के साथ आपसी विचार-विमर्श करते हुए सभी की सुरक्षा को ध्यान में रखकर एक सर्वसमावेशक नीति तय करेंगे और ३ जून के बाद शहर में तमाम व्यापारिक गतिविधियों एवं नागरिक क्रियाकलापों को छूट देने पर विचार करेंगे. इस आशय की जानकारी जिला पालकमंत्री एड. यशोमति ठाकुर ने दी है.

‘अनलॉक-१‘ को लेकर दैनिक अमरावती मंडल के साथ विशेष रूप से बातचीत करते हुए जिला पालकमंत्री एड. यशोमति ठाकुर ने कहा कि, सरकार द्वारा ३ जून से लॉकडाउन की शर्तों को शिथिल करने एवं ५ जून से बाजार व दुकानों को खोलने की बात कही गयी है. ऐसे में हमारे पास इस विषय को लेकर विचार करने एवं तैयारियां पूर्ण करने हेतु तीन-चार दिनों का समय है. इस बीच सरकारी दिशानिर्देशों पर विचारमंथन करते हुए स्थानीय हालातों के मद्देनजर आवश्यक निर्णय लिये जायेंगे. इस समय पालकमंत्री एड. ठाकुर ने कहा कि, विगत ढाई माह से लगातार चले आ रहे लॉकडाउन की वजह से अब लोगबाग भी बुरी तरह से उकता गये है और अब हर कोई चाहता है कि, बाजार खुलने के साथ ही पहले की तरह व्यवस्थाएं बहाल होनी चाहिये. साथ ही सरकार एवं प्रशासन की भी यही मंशा है. यही वजह है कि, हमने विगत शनिवार को ही जिला, मनपा एवं पुलिस प्रशासन के साथ मिलकर एक संयुक्त बैठक की थी.जिसमें लॉकडाउन के चौथे चरण के बाद उठाये जानेवाले कदमों को लेकर विचार-विमर्श किया गया था. हमें इस बात का पूरा अंदेशा था कि, जिस तरह लॉकडाउन के चौथे चरण में कई तरह की छूट और शिथिलता मिली थी, उसी तरह १ जून के बाद भी सरकार द्वारा लॉकडाउन को काफी हद तक शिथिल किया जायेगा.

छूट एवं शिथिलता को लेकर जारी दिशानिर्देशों के चलते नागरिकोें में फैले संभ्रम के संदर्भ में सवाल पूछे जाने पर पालकमंत्री एड. ठाकुर ने कहा कि, इस संदर्भ में किसी भी तरह के संभ्रम की कोई जरूरत ही नहीं है, ्नयोेंकि सरकारी दिशानिर्देश बेहद साफ और स्पष्ट है. जिसके मुताबिक नॉन रेड झोन में लॉकडाउन लगभग पूरी तरह से हटाया जायेगा और रेड झोनवाले इलाकोें में कंटेनमेंट झोन में प्रतिबंध जारी रहने के साथ ही अन्य इलाकोें में लॉकडाउन आंशिक रूप से शिथिल किया जायेगा. चूंकि अमरावती मनपा क्षेत्र को रेड झोन में ही शामिल रखा गया है और यहां पर आये दिन कोरोना संक्रमित मरीज मिलने के चलते कई इलाके अब भी कंटेनमेंट झोन में शामिल है, तो यहां पूरी ऐहतियात बरतते हुए ही लॉकडाउन खोला जायेगा. जिसके तहत ३ जून के बाद से चरणबध्द ढंग से नागरिक क्रियाकलाप शुरू करने की अनुमति दी जायेगी. वहीं इस दौरान शहर के सभी व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों की एक बैठक बुलाकर ५ जून से शहर के व्यापारिक प्रतिष्ठानोें को खोलने के संदर्भ में अनुमति दी जायेगी.

सभी को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी

इस समय जिला पालकमंत्री एड. यशोमति ठाकुर ने यह भी कहा कि, लॉकडाउन में छूट मिलने का यह अर्थ नहीं कि, कोरोना का खतरा टल गया है. अत: लॉकडाउन में शिथिलता मिलने के बाद भी सभी को काफी अधिक ऐहतियात व सतर्कता बरतनी होगी. उनके मुताबिक विगत ढाई माह के दौरान नागरिकों को सुरक्षित रखने व कोरोना वायरस के संक्रमण को नियंत्रित रखने की जिम्मेदारी प्रशासन की थी और प्रशासन ने अपनी जिम्मेदारी का बखूबी निर्वहन किया. वहीं अब नागरिकों की जिम्मेदारी बढ गयी है. अत: नागरिकों को भी अपने घरों से बाहर निकलते समय गंभीरतापूर्वक व्यवहार करना होगा.

५ से मार्केट और दुकाने चरणबध्द तरीके से खोले जायेंगे

प्रतिनिधि/दि.१ अमरावती-विगत ढाई माह से चले आ रहे लॉकडाउन को अनलॉक करने के संदर्भ में केंद्र सहित राज्य सरकार द्वारा अपनी ओर से आदेश जारी कर दिया गया है. जिसके चलते अमरावती मनपा क्षेत्र में आगामी ३ जून से सभी पार्क एवं बगीचों को खोलने के साथ ही मॉर्निंग वॉक व इविqनग वॉक की अनुमति दी जायेगी. इसके साथ ही आगामी ५ जून से शहर के सभी बाजारों एवं व्यापारिक क्षेत्रों को चरणबध्द ढंग से खोला जायेगा. जिसमें वन डे अल्टरनेट याय अल्टरनेट शॉप का फाम्र्यूला तय किया जायेगा. वहीं ८ जून से सभी निजी दफ्तरों को खोले जाने की अनुमति दी जायेगी. हालांकि इससंदर्भ में फिलहाल जिलाधीश कार्यालय की ओर से दिशानिर्देश जारी होने का इंतजार किया जा रहा है. जिसके बाद ही लॉकडाउन खोलने को लेकर अंतिम निर्णय लिया जायेगा. इस आशय की जानकारी मनपा आयुक्त प्रशांत रोड ने दी.

अमरावती मनपा क्षेत्र में ‘अनलॉक-१‘ किये जाने के संदर्भ में दैनिक अमरावती मंडल के साथ विशेष रूप से बातचीत करते हुए निगमायुक्त प्रशांत रोडे ने कहा है कि, केंद्र तथा राज्य सरकार द्वारा अमरावती मनपा क्षेत्र को रेड झोन की सुची में ही शामिल रखा गया है, ्नयोेंकि यहां पर अब भी कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या काफी अधिक है और अब भी लगातार कोरोना संक्रमित मरीज पाये जा रहे है. ऐसे में अमरावती मनपा क्षेत्र में लॉकडाउन खोलने को लेकर काफी नियोजनबध्द ढंग से काम किया जायेगा और यहां पर कंटेनमेंट झोन में तमाम तरह के प्रतिबंध लागू रखने के साथ ही कुछ हद तक सख्ती बढाई जायेगी. इसके अलावा शेष शहर में चरणबध्द ढंग से लॉकडाउन खोलने की कार्रवाई की जायेगी. साथ ही साथ इस बात को लेकर विशेष ऐहतियात बरता जायेगा कि, लॉकडाउन खोले जाने के बाद कोरोना का संक्रमण ना फैले.

निगमायुक्त प्रशांत रोडे ने कहा कि, आगामी ३ जून से शहर के सभी बगीचों व पार्क को खोलने की अनुमति देने के साथ ही आम नागरिकों को मॉर्निंग व इविqनग वॉक करने की छूट दी जायेगी. इसके साथ ही इलेक्ट्रीशियन, प्लंबर व मेकॅनिक जैसे व्यवसायों को भी खोलने की अनुमति दी जायेगी. वहीं ५ जून से कंटेनमेंट झोन से बाहर रहनेवाले शहर के सभी व्यापारिक क्षेत्रों और दूकानों को भी नियोजनबध्द एवं चरणबध्द ढंग से खोला जायेगा. जिसमें पी-१ व पी-२ यानी ऑड-ईवन के फाम्र्यूले के हिसाब से दूकानों को खोलने का नियोजन तय किया जायेगा. इसके अलावा आगामी ८ अप्रैल से सभी निजी व स र क ा र ी कार्यालयों को खोलने की इजाजत दी जायेगी. इस समय निगमायुक्त रोडे ने यह भी बताया कि, लॉकडाउन के दौरान कुछ अत्यावश्यक सेवाओंवाले सरकारी विभागों को छोडकर अन्य सभी विभाग पूरी तरह से बंद कर दिये गये थे और अब सभी सरकारी कार्यालयों को १५ प्रतिशत अथवा अधिकतम १५ कर्मचारियों के साथ काम शुरू करने की अनुमति दी जायेगी.

वहीं निजी कार्यालयों को भी सोशल डिस्टंqसग सहित सैनिटाईजेशन के संदर्भ में विशेष ऐहतियात बरतने के दिशानिर्देश दिये जायेंगे. इस समय निगमायुक्त रोडे ने यह भी कहा कि, केंद्र एवं राज्य सरकार की ओर से मिले दिशानिर्देशों के मद्देनजर मनपा प्रशासन ने अपनी ओर से अनलॉक-१ को लेकर तैयारियां करनी शुरू कर दी है और इस समय जिला आपत्ति व्यवस्थापन प्राधिकरण के अध्यक्ष रहनेवाले जिलाधीश शैलेश नवाल की ओर से इसे लेकर दिशानिर्देश मिलने का इंतजार किया जा रहा है. साथ ही इस समय निगमायुक्त रोडे ने यह भी कहा कि, विगत ढाई माह के दौरान अमरावती शहर की जनता ने लॉकडाउन का बडे संयमित व शानदार ढंग से पालन किया है और लॉकडाउन खोलने के बाद भी हमें काफी संयम व ऐहतियात के साथ काम करना होगा, ्नयोंकि अभी कोरोना का खतरा टला नहीं है. अत: सभी को अपने स्वास्थ एवं सुरक्षा की ओर विशेष ध्यान देना होगा.

अब अंबागेट बन रहा नया हॉटस्पॉट

प्रतिनिधि/दि.१ अमरावती-पुरानी अमरावती कहे जाते परकोट परिसर में विगत तीन दिनों के दौरान कोरोना के आठ संक्रमित मरीज पाये जा चुके है. जिसके चलते अब इस परिसर को कोरोना संक्रमण के लिहाज से नयाहॉटस्पॉट माना जा रहा है.

बता दें कि, बीते दिनों यहां के दहिसाथ रोड निवासी कई पुलिस कर्मियों को कोरोना पॉजीटिव पाया गया था. जिसके बाद रविवार को इस पुलिस कर्मी के ५८ वर्षीय पिता की कोरोना टेस्ट रिपोर्ट पॉजीटिव आयी थी. वहीं अब सोमवार को इस पुलिस कर्मी के घर के पास ही रहनेवाले दो परिवारों के चार लोग कोरोना संक्रमित पाये गये है. जिनमें एक ही परिवार के दो पुरूषों व एक महिला सहित दूसरे परिवार की एक महिला का समावेश है.

इसके अलावा विगत दिनों यहां पर एक फोरविलर शोरूम में काम करनेवाले युवक को कोरोना संक्रमित पाया गया था. साथ ही गत रोज यहां रहनेवाले एक होमगार्ड जवान की कोविड टेस्ट रिपोर्ट पॉजीटिव आयी है. जिसके चलते महज तीन दिनों के दौरान यहां कोरोना संक्रमितों की संख्या बढकर आठ हो गयी है. साथ ही इन कोरोना संक्रमितों के संपर्क में आनेवाले कई लोगों को कोरोंटाईन करते हुए उनके थ्रोट स्वैब सैम्पल लिये गये है. ऐसे में यहां कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढने से इन्कार भी नहीं किया जा सकता. जिसके चलते अब अंबागेट के आसपास सटे परिसरों को कोरोना के नये हॉटस्पॉट के तौर पर देखा जा रहा है.

बडनेरा रेलवे स्टेशन से दो रेलगाडियां मुंबई-हावडा के लिए

प्रतिनिधि/१ अमरावती- रेल मंत्रालय ने आज १ जून से यात्रियों के लिए विशेष रेलगाडी शुरु करने का निर्णय लिया है. सुरक्षित यात्रा के लिए कुछ नियम, शर्त भी लागू किए गए है. कन्फर्म टिकट होने पर ही प्लेटफॉर्म पर प्रवेश दिया जाएगा. बडनेरा रेलवे स्टेशन से होकर मुंबई के लिएविशेष दो रेलगाडी की व्यवस्था की गई है. आज हावडा से रेलगाडी छूटेगी और मुंबई से कल. आगामी ४ जून से रेलगाडियों के चलने की स्थिति सामान्य हो पायेगी. फिलहाल बडनेरा रेलवे स्टेशन से गुजरने वाली दोनों रेलगाडियों के लिए अमरावती रेलवे स्टेशन से टिकट आरक्षण की व्यवस्था की गई है, ऐसी जानकारी बडनेरा के स्टेशन मास्टर आर.एम.सिन्हा ने दी. मध्य रेलवे ने यात्रा करने के लिए कुछ नियम व शर्ते लागू की है. जिसके अनुसार यात्रियों को कन्फर्म टिकट होने पर ही रेलवे स्टेशन पर प्रवेश दिया जाएगा. यात्रियों के पास स्वास्थ्य सेतू एप होना जरुरी है. थर्मल स्क्रीqनग व स्वास्थ्य जांच के लिए लगभग ९० मीनट पहले रेलवे स्टेशन पर पहुंचना जरुरी है. बुखार जैसे लक्षण दिखाई देने पर यात्रा के लिए अनुमति नहीं दी जाएगी, ऐसे यात्रियों को टिकट परीक्षक से बीना यात्रा प्रमाणपत्र दिया जाएगा. जिसके माध्यम से यात्री को टिकट की रकम वापस मिलेगी.

यात्रियों को प्लेटफार्म और रेलगाडी में भी सोशल डिस्टेन्स का पालन करना जरुरी है. मुंह पर मास्क लगाना होगा.यात्रियों को बिछोने की व्यवस्था खूद करना होगा. इसके साथ ही भोजन व पानी की व्यवस्था भी यात्रियों को ही करना होगा. आईआरसीटीसी व्दारा पैेंट्री कार रेलगाडी में भोजन व पानी की व्यवस्था उपलब्ध करायी जाएगी. रेलवे स्टेशन पर खाने के स्टॉल होंगे. रेलगाडी छूटने वाले प्लेटफार्म पर टिकट नहीं दी जाएगी. स्पेशल रेलगाडी रिफन्ड के नियम पहले जैसे ही होंगे. बडनेरा रेलवे स्टेशन से ०२८३३- ०२८३४ हावडा-अहमदाबाद स्पेशल रेलगाडी (हावडा-मुंबई-हावडा) व ०२८१०-०२८०९ हावडा-मुंबई मेल इन दो रेलगाडियों को बडनेरा प्लेटफार्म पर स्टॉपेज दिया गया है. स्पेशल रेलगाडी है फिर भी पुराने नियमित समय सारणी के अनुसार ही यह रेलगाडियां दौडेगी. इसी तरह मुंबई से भुसावल-ईटारसी होते हुए १९ रेलगाडियां शुरु की गई है, ऐसी जानकारी महानगर यात्री संघ के अध्यक्ष अनिल तरडेजा ने दी.

महेश भवन में ६५ दिनों से चल रहा नि:शुल्क अन्नछत्र

प्रतिनिधि/दि.१ अमरावती-स्थानीय महेश भवन में विगत २८ मार्च से रोजाना शाम नि:शुल्क भोजन व्यवस्था की सेवा चलायी जा रही है. जहां पर रोजाना २०० से २५० जरूरतमंद एवं गरीब लोग तैयार भोजन प्राप्त करने का सुविधा लाभ ले रहे है. अब तक इस अन्नछत्र से करीबन १५ हजार लोगों को तैयार भोजन उपलब्ध कराया जाचुका है. इसमें भी यह विशेष उल्लेखनीय है कि, यह अन्नछत्र शहर के ख्यातनाम सामाजिक कार्यकर्ता व जेष्ठ विधिज्ञ एड. आर. बी. अटल द्वारा अपने खर्च पर अपने सहयोगियोें के साथ चलाया जा रहा है. इस बात की जानकारी से अवगत होने के बाद स्थानीय जिलाधीश शैलेश नवाल विगत शुक्रवार २९ मई को इस नि:शुल्क भोजन वितरण सेवा का मुआयना करने हेतु महेश भवन पहुंचे. शुक्रवार की शाम जब जिलाधीश शैलेश नवाल अकस्मात ही महेश भवन पहुंचे तो वहां पर गरीब एवं जरूरतमंद लोगों की कतार लगी हुई थी. जिनमें से कई लोगों के साथ जिलाधीश नवाल ने प्रत्यक्ष संवाद भी साधा और उनसे लॉकडाउन के दौरान उन्हें होरहीं तकलीफों के बारे में भी बातचीत की. इस समय जिलाधीश शैलेश नवाल ने कतार में शामिल लोगोें से यह भी जानना चाहा कि, उनमें से कितनों के पास राशनकार्ड है और कितनों के पास नहीं है.

पश्चात उन्होंने भोजन वितरण का कार्य कर रहे महेश भवन सेवा समिती के पदाधिकारियोें से कहा कि, वे यहां पर रोजाना भोजन लाभ लेने हेतु आनेवाले लोगोें के आधार कार्ड तुरंत ही जमा करवाकर जिला प्रशासन को सौंपे, ताकि जिला प्रशासन द्वारा सभी लोगों के तुरंत ही राशन कार्ड बनवाये जा सके.

आगे भी अन्नछत्र शुरू रखने को लेकर की अपील

इस समय जब जिलाधीश ने एड. आर. बी. अटल सहित महेश भवन सेवा समिती के पदाधिकारियों से इस अन्नछत्र के बारे में बातचीत की तो पदाधिकारियों की ओर से कहा गया कि, चूंकि ३१ मई को संभवत: लॉकडाउन खत्म हो जायेगा और अब धीरे-धीरे शहर के बाजार भी खुलने लगे है. अत: अब इस अन्नछत्र को रविवार ३१ मई के बाद बंद कर दिया जायेगा. जिस पर जिलाधीश नवाल ने संस्था पदाधिकारियों से कहा कि, अभी हालात को सुधरने में कुछ और वक्त लगना तय है. अत: अगले कुछ दिनों तक इस अन्नछत्र को शुरू रखा जाये. यदि इसमें किसी भी तरह की कोई समस्या या दिक्कत आती है तो जिला प्रशासन से सहायता ली जाये. जिस पर महेश सेवा समिती के पदाधिकारियों ने कहा कि, जब तक जिला प्रशासन चाहता है, तब तक महेश भवन में नि:शुल्क भोजन वितरण सेवा शुरू रहेगी.

औरंगपुरा हुआ कंटेनमेंट झोन घोषित

प्रतिनिधि/दि.१ अमरावती-स्थानीय अंबागेट परिसर से विगत दो दिनोें के दौरान कोरोना के दो नये संक्रमित मरीज पाये जाने के चलते मनपा प्रशासन ने औरंगपुरा परिसर को कंटेनमेंट झोन घोषित करते हुए पूरे इलाके को चारों ओर से सील कर दिया है. साथ ही यहां पर बाहरी लोगोें की आवाजाही को प्रतिबंधित भी किया गया है. हालांकि यहां पर अत्यावश्यक सेवा देनेवाले सरकारी व अर्ध सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों, आवश्यक वैद्यकीय कारणों, निजी डॉक्टरोें, नर्स एवं पैथॉलॉजीस्ट आदि को आने-जाने की अनुमति दी जायेगी.

जवाहर गेट पर होमिओपैथीक दवा व मास्क वितरित

प्रतिनिधि/१ अमरावती- कोरोना वायरस जैसी महामारी के प्रादुर्भाव को देखते हुए हमेशा सामाजिक कार्यों में अग्रेसर रहने वाले अग्रवाल सोशल मंच व्दारा आज जवाहर गेट परिसर में लोगों को मुफ्त आर्सेनिक अल्बम-३० व मास्क वितरित किए इसका करीब २२५ लोगों ने लाभ लिया. इस समय मंच के अध्यक्ष संजय नांगलिया, कोविड रायडर डॉ.आनंद मोदी, सामाजिक कार्यकर्ता रमेश रतावा, कमिस्ट एन्ड ड्रगिस्ट असोसिएशन के सचिव प्रमोद भरतीया के हस्ते इस अभियान की शुरुआत की गई. सभी अतिथियों का स्वागत विजय अग्रवाल, संजय तलवेल, संजय भीवसरिया, नरेश अग्रवाल व्दारा किया गया. इस समय सुरेश रतावा ने कहा कि लोगों में जनजागृति होना चाहिए. डॉ.आनंद मोदी ने कोरोना बीमारी के बारे में जानकारी दी. कोरोना बीमारे से केैसे बचाए जाए उसके कुछ टिप्स दिए. प्रमोद भरतीया ने इस अभियान को शुभकामनाएं दी.

Amravati News 30/05/2020

विधायक राणा पर राजापेठ थाने में अपराध दर्ज

बडनेरा निर्वाचन क्षेत्र के निर्दलीय विधायक रवि राणा हमेशा ही अपने किसी न किसी कारनामे की वजह से चर्चा में रहते है. अब उन्होंने शनिवार को लॉकडाउन अवधि के दौरान राजापेठ रेलवे क्रॉqसग पर बन रहे रेलवे ओवर ब्रिज के दस्तुरनगर की ओर जानेवाले ए्नसटेंशन का लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन कर उद्घाटन करते हुए एक नये विवाद को जन्म दे दिया है. साथ ही इस समय विधायक राणा ने अपने साथ अपने दर्जनों कार्यकर्ताओं सहित सैंकडों नागरिकों का भी जमघट जुटाया. जिसके चलते स्थानीय राजापेठ पुलिस स्टेशन में उनके खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है.

इस संदर्भ में मिली जानकारी के मुताबिक शनिवार३० मई को सुबह ९ बजे विधायक रवि राणा अपनी युवा स्वाभिमान पार्टी के करीब २०-२५ लोगों को लेकर नंदा मार्केट के पास उतरनेवाले फ्लायओवर मार्ग पर पहुंचे. जहां पर उनके कार्यकर्ताओें ने पहले ही बडी संख्या में बैनर-पोस्टर लगाने के साथ ही कपडे से बना मंडप भी सजा रखा था और यहां पर करीब १५० से २०० ऑटो चालकोें को भी इकठ्ठा किया गया था. जिन्हें विधायक राणा के यहां पहुंचने के बाद किराणा व राशन की कीट वितरित की गई. साथ ही सभी लोगों के उपस्थिति के बीच विधायक राणा ने नंदा मार्केट की ओर से राजापेठ की तरफ जानेवाले फ्लायओवर मार्ग का फीता काटकर उद्घाटन भी किया. यहां यह विशेष उल्लेखनीय है कि, इस समय शहर सहित जिले में राष्ट्रीय आपदा व्यवस्थापन अधिनियम २००५, संक्रामक महामारी प्रतिबंधक अधिनियम १८९७ तथा भादंवी की धारा १४४ लागू है.

जिसके चलते कहीं पर भी ४ से अधिक लोगोें को एक साथ एकत्रित होने की अनुमति नहीं दी जा रहीं. साथ ही सभी तरह के राजनीतिक, धार्मिक, सामाजिक व शैक्षणिक सभा व सम्मेलनों के आयोजनों को भी लॉकडाउन के तहत प्रतिबंधित कर दिया गया है. qकतु बावजूद इसके विधायक रवि राणा अपने साथ पूरा लाव-लश्कर लेकर राजापेठ आरओबी का उद्घाटन करने पहुंचे. जिसके चलते उन्हें जिलाधीश द्वारा लॉकडाउन को लेकर जारी किये गये आदेशों का उल्लंघन करने के मामले में राजापेठ पुलिस थाने में नामजद किया गया है. साथ ही इस मामले में विधायक राणा के साथ उपस्थित युवा स्वाभिमान के करीब १५ से २० कार्यकर्ताओं के खिलाफ भी विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज किया गया है. इस मामले में राजापेठ पुलिस थाने के एपीआई म्हैत्रे द्वारा दर्ज करायी गयी शिकायत पर विधायक राणा सहित उनके कार्यकर्ताओें के खिलाफ धारा १८८, २७९, आर.डब्ल्यू. – ५१ (ब), राष्ट्रीय आपदा व्यवस्थापन अधिनियम २००५ की धारा २, ३ व ४, संक्रामक महामारी प्रतिबंधक अधिनियम की धारा १३५ व २० तथा महाराष्ट्र सरकारी मालमत्ता विरूपन अधिनियम की धारा ३ व ४ के तहत अपराधिक मामला दर्ज किया गया है.

सभी ऑटोचालकोेेंं की जुटुटाई जा रही जानकारी

इस संदर्भ में जानकारी देते हुए पुलिस सूत्रों ने बताया कि, शनिवार की सुबह नंदा मार्केट पर इकठ्ठा होकर विधायक राणा एवं युवा स्वाभिमान कार्यकर्ताओं से राशन व किराना की कीट प्राप्त करनेवाले सभी ऑटोचालकों के वाहन नंबरों को पुलिस द्वारा दर्ज कर लिया गया है और अब उन सभी ऑटोचालकोें की जानकारी भी जुटाई जा रही है. इसके अलावा बिना प्रशासनिक अनुमति के आयोजित किये गये इस कार्यक्रम में और कौनक ौन लोग उपस्थित थे. इसके बारे में भी पता लगाया जा रहा है.

अब फ्रेजरपुरा बना नया हॉटस्पॉट

प्रतिनिधि/दि.३० अमरावती-इस समय जहां एक ओर कोरोना संक्रमण के शुरूआती दौर में धडाधड मिलते मरीजों की संख्या को देखते हुए कंटेनमेंट झोन घोषित किये गये हॉटस्पॉटवाले इलाकोंमें कोरोना संक्रमित मरीज मिलने का सिलसिला लगभग रूक गया है. जिसके चलते प्रशासन द्वारा गत रोज ही शहर के १२ इलाकों सें कंटेनमेंट झोन हटाया गया. वहीं दूसरी ओर अब मसानगंज के साथ ही रतनगंज एवं फ्रेजरपुरा जैसे नयेपरिसर में ६ कोरोना संक्रमित पाये गये है. इसमें भी यह सर्वाधिक उल्लेखनीय है कि, फ्रेजरपुरा परिसर में एक ही परिवार के ५ और रतनगंज परिसर में एक ही परिवार के ७ लोग कोरोना संक्रमित निकले. वहीं पुरानी अमरावती कहे जानेवाले परकोट केहै. इसके अलावा चेतनदास बगीचा परिसर में रहनेवाली एक महिला की भी कोरोना टेस्ट रिपोर्ट शनिवार की सुबह पॉजीटिव आयी है. साथ ही इसी परिसर में इससे पहले कोरोना पॉजिटिव पायी गयी महिला पति व बेटे की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आयी है. बता दें कि, फ्रेजरपुरा परिसर में तीन दिन पूर्व एक व्यक्ति कोरोना संक्रमित पाया गया था.

पश्चात शुक्रवार की सुबह इस व्यक्ति के भाई सहित उसकी बेटी व बहु की रिपोर्ट पॉजीटिव आयी. वहीं शनिवार की सुबह इसी परिवार की एक और महिला कोरोना पॉजीटिव पायी गयी है. इसके अलावा इसी परिसर में रहनेवाले एक अन्य परिवार की महिला भी कोरोना संक्रमित पायी गयी है. जानकारी के मुताबिक नगिना मस्जिद परिसर में रहनेवाले इस २५ वर्षीय महिला का पति लॉकडाउन से पहले ऑटो चलाने का काम किया करता था और इन दिनों लोगोें के यहां साग-सब्जी व किराणा पहुंचाने का काम कर रहा है. साथ ही इस महिला के दो बच्चे भी है. इसके साथ ही अब फ्रेजरपुरा में कोरोना संक्रमितोें की संख्या ६ हो गयी है. जिसमें से ५ मरीज एक ही परिवार के है. वहीं दूसरी ओर रतनगंज परिसर में करीब ४ दिन पूर्व एक मटन विक्रेता कोरोना संक्रमित पाया गया था. पश्चात उसके आसपडोस में रहनेवाले चार अन्य लोग कोरोना पॉजीटीव पाये गये थे. जिसके बाद शुक्रवार की शाम इस मटन विक्रेता के परिवार के पांच लोगोें की कोरोना रिपोर्ट पॉजीटिव आयी. इन पांच लोगोें में इस मटन विक्रेता की पत्नी, एक बेटे व दो बहुओंके साथ ही पांच वर्षीय नातीन का समावेश था. वहीं अब शनिवार की सुबह इस मटन विक्रेता के एक भतीजे की कोरोना टेस्ट रिपोर्ट पॉजीटिव आयी है. साथ ही इस परिसर के पास ही स्थित चेतनदास बगीचा परिसर में रहनेवाले एक अन्य परिवार की महिला भी कोरोना संक्रमित पायी गयी है.

बता दें कि, इससे पहले चेतनदास बगीचा परिसर में रहनेवाली ७५ वर्षीय महिला कोरोना संक्रमित पायी गयी थी. जिसके बाद उस महिला के अडोस-पडोस में रहनेवाले तीन अन्य लोग भी कोरोना पॉजीटीव निकले थे. अब इसी परिसर में रहनेवाली एक और महिला की रिपोर्ट शनिवार की सुबह पॉजीटिव आयी है. जानकारी के मुताबिक इस महिला का मायका इससे पहले कोरोना संक्रमित पायी गयी ७५ वर्षीय महिला के घर से बिल्कूल सटा हुआ है. वहीं दूसरी ओर पुरानी अमरावती कहे जाते इलाके में अंबागेट से दहिसाथ की ओर जानेवाले मार्ग पर रहनेवाला एक व्यक्ति कोरोना पॉजीटिव पाया गया है. जानकारी के मुताबिक यह व्यक्ति खोलापुरी गेट पुलिस थाने में बतौर पुलिस कर्मी कार्यरत है.

बता दें कि, इसी मार्ग पर जिले के एक भुतपूर्व सांसद का भी निवास स्थित है. इसके साथ ही अंबागेट से अंबादेवी मंदिर की ओर जानेवाले मार्ग पर रहनेवाले एक युवक की रिपोर्ट भी पॉजीटिव आयी है. जानकारी के मुताबिक यह युवक शहर में स्थित मारूती शोरूम में काम करता है. शहर में गत रोज एक साथ ११ लोगोें की कोरोना टेस्ट रिपोर्ट पॉजीटिव आयी है, वहीं शनिवार की सुबह संगाबा अमरावती विवि स्थित कोविड टेस्ट लैब से जारी की गई जानकारी में पांच लोगोें की कोरोना टेस्ट रिपोर्ट पॉजीटीव आयी है. जिसके चलते अमरावती में कोरोना के कुल संक्रमितों की संख्या बढकर अब २१० हो गयी है. जिसमें से कोविड अस्पताल में ७९ एक्टिव पॉजीटिव मरीजों का इलाज चल रहा है.

वहीं शुक्रवार की शाम तक इससे पहले कोविड हॉस्पिटल में भरती कराये गये कुल ११६ मरीजों को डिस्चार्ज दिया जा चुका था. वहीं शहर में अब तक १५ लोगों की कोरोना संक्रमण के चलते मौत हो चुकी है. इसके अलावा शहर में सर्वाधिक qचता का विषय यह है कि, कोरोना वायरस का संक्रमण अब पुराने हॉटस्पॉटवाले इलाकों से निकलकर नये-नये इलाकों में पांव पसार रहा है. इसके चलते विगत तीन चार दिनों के दौरान शोभानगर, रामनगर, दशहरा मैदान, रिजर्व लाईन व फ्रेजरपुरा जैसे नये इलाकों में कोरोना संक्रमित मरीज पाये गये है. इसमें से फ्रेजरपुरा अब बडी तेजी के साथ कोरोना का नया हॉटस्पॉट बन रहा है. वहीं मसानगंज परिसर से सटा रतनगंज अब ११ संक्रमित संख्या के साथ कोरोना का हॉटस्पॉट बन चुका है.

हम नियमों का पालन कर लेंगे, अब दूकाने खोलने दो

प्रतिनिधि/दि.३० अमरावती-विगत दो ढाई माह से कोरोना के खतरे को देखते हुए लॉकडाउन लगाये जाने के चलते शहर के तमाम व्यापार-व्यवसायपूरी तरह से बंद है. जिसकी वजह से जहां एक ओर व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड रहा है, वहीं दूसरी ओर लॉकडाउन रहने के बावजूद भी कोरोना के मरीज पाये जा रहे है. इसका साफ मतलब है कि, लॉकडाउन लगाने एवं व्यापारव् यवसाय बंद करने से कोरोना को खत्म नहीं किया जा सकता. अत: अब सरकार एवं प्रशासन को चाहिए कि, लॉकडाउन को शिथिल करते हुए शहर में सभी तरह की दूकानों एवं व्यापारिक क्षेत्रों को खोलने की अनुमति दी जाये. भले ही इसके लिए कुछ नियम व शर्ते लागू किये जाये. जिनका सभी व्यापारियों द्वारा पूरी तरह से पालन किया जायेगा. इस आशय की गुहार शहर के तमाम व्यापारिक संगठनोें के एक संयुक्त प्रतिनिधि मंडल ने स्थानीय विधायक सुलभा खोडके एवराकांपा के प्रदेश उपाध्यक्ष संजय खोडके से मिलकर लगायी.

बता दें कि, शनिवार की दोपहर शहर के सभी व्यापारिक संगठनों के अध्यक्ष व सचिव का समावेश रहनेवाले एक संयुक्त प्रतिनिधि मंडल ने स्थानीय सर्किट हाउस में विधायक सुलभा खोडके व राकांपा के प्रदेश उपाध्यक्ष संजय खोडके से मुलाकात की. इस समय व्यापारियों का कहना रहा कि, उन्होंने अब तक पूरी निष्ठा व समर्पण भाव से केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा लॉकडाउन को लेकर जारी किये गये दिशानिर्देशों का पालन किया है. िqकतु अब उनके लिये और अधिक दिनों तक अपने व्यापारव् यवसाय को बंद रखना संभव नहीं. इस समय प्रमुख व्यापारिक क्षेत्रों में दुकाने रहनेवाले व्यापारियों ने कहा कि, प्रशासन द्वारा विगत कुछ दिनों से प्रमुख व्यापारिक क्षेत्रों को छोडकर शहर के अन्य इलाकों में रहनेवाली दुकानों को खोलने की अनुमति दी जा चुकी है. जहां पर अच्छा-खासा व्यापार-व्यवसाय भी हो रहा है. ऐसे में प्रमुख व्यापारिक क्षेत्रों के सभी व्यापारी भी प्रशासन द्वारा जारी किये जानेवाले सभी नियमों व शर्तों का पालन करते हुए अपनी दुकाने खोलना चाहते है.

अत: प्रशासन उन्हें इस संदर्भ में अनुमति देने पर विचार करे. इस समय व्यापारियों की ओर से विनोद सामरा, विनोद कलंत्री, सुरेश जैन, गोqवद सोमाणी, श्रीकिसनव्यास, अशोक राठी, रqवदरqसह सलुजा ने अपने विचार रखे. साथ ही यह बैठक करीब दो से ढाई घंटे तक चली. सभी व्यापारियों के विचार व सुझाव सुनने के बाद विधायक सुलभा खोडके एवं राकांपा के प्रदेश उपाध्यक्ष संजय खोडके ने व्यापारियों से कहा कि आज या कल में लॉकडाउन को लेकर केंद्र तथा राज्य सरकार से नई गाईडलाईन प्राप्त हो जायेगी. जिसे ध्यान में रखते हुए प्रशासन द्वारा निर्णय लिया जायेगा. इस समय बैठक में उपस्थित मनपा आयुक्त प्रशांत रोडे ने भी कहा कि, प्रशासन द्वारा व्यापारियों के हितों को पूरी तरह से ध्यान में रखा जा रहा है तथा समय-समय पर व्यापारियों के लिए लॉकडाउन की शर्तों को शिथिल भी किया गया.

साथ ही जवाहर गेट से सराफा बाजार तक का इलाका कंटेनमेंट झोन में आने के बाद यहां के होलसेल किराणा व अनाज व्यापारियो को व्यवसाय हेतु पर्यायी व्यवस्था उपलब्ध करायी गयी. ऐसे में व्यापारियों ने थोडा और संयम बरतना चाहिये, ्नयोेंकि अब खुद प्रशासन भी चाहता है कि, शहर में व्यापार-व्यवसाय खुले. इस बैठक में विभिन्न व्यापारिक संगठनों की ओर से सर्वश्री पूरण हबलानी, बालकिसन पाण्डेय, विनोद सामरा, घनश्याम राठी, मनोज खंडेलवाल, सुरेश जैन, विनोद कलंत्री, किसन व्यास, अशोक राठी, महेश qपजानी, पूरण लाला, रqवदरqसह सलूजा, संजय अग्रवाल, श्याम शर्मा, पंकज जैन, राजेेंद्र बलदवा, ओमप्रकाश चांडक, नाना चौधरी, प्रकाश बोके, अशोक मंत्री, राम मंत्री, नमनदीप सलुजा, प्रियेश पोपट, सुदीप जैन, अर्जून चांदवानी, प्रशांत अग्रवाल, गोqवद सोमानी, जयप्रकाश मतानी, चंद्रकांत पोपट, संजय कुकरेजा, महेंद्र खत्री, संजय शेलके, पंकज देशमुख, कपिल आंडे, राजेंद्र पाटिल, भूषण देशपांडे आदि उपस्थित थे.

आजकल में मिलेगी नई गाईडलाईन

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अमरावती
आजकल में मिलेगी नई गाईडलाईन
23 hours ago amravatimandal
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प्रतिनिधि/दि.३० अमरावती-अब कोरोना को लेकर लागू किये गये लॉकडाउन के चौथै चरण की भी अवधि खत्म होने में आ गयी है तथा रविवार ३१ मई के बाद लॉकडाउन के पांचवे चरण को लेकर ्नया स्थिति रहेगी, इसके बारे में सरकार की ओर से आज अथवा कल में गाईडलाईन मिलने का इंतजार किया जा रहा है. जिसके चलते उम्मीद की जा सकती है कि, चौथे चरण की तरह ही पांचवे चरण में लोगोें को काफी ढील व छूट मिलेगी. इस आशय की जानकारी जिलाधीश शैलेश नवाल ने शनिवार को अपनी नियमित प्रेस ब्रीqफग में दी. इस समय उन्होंने यह भी बताया कि, सरकार द्वारा सोमवार १ जून से कुछ ट्रेनों को शुरू करने को लेकर भी हलचलें तेज की गई है. जिसके चलते उम्मीद है कि, सरकार व्यापार व व्यवसाय को लेकर भी कुछ छूट निश्चित तौर पर देने जा रही है.

वहीं उन्होंने अमरावती मनपा क्षेत्र अंतर्गत गत रोज १२ कंटेनमेंट झोन हटाये जाने की जानकारी देते हुए कहा कि, अचलपुर, परसापुर व कांडली परिसर में विगत एक माह के दौरान कोरोना का कोई नया मरीज नहीं मिलने के चलते इन ग्रामीण इलाकों से भी कंटेनमेंट झोन हटा दिया गया है. साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि, कंटेनमेंट झोन हटाये जानेके बावजूद इन इलाकोें के नागरिकों सहित स्वास्थ प्रशासन को काफी ऐहतियात बरतनी होगी, ्नयोंकि मान्सून का आगमन होने के साथ ही मौसम मेें बदलाव होने पर संक्रमण का प्रभाव बढ भी सकता है. जिसके चलते कई सावधानियां बरतनी होगी.

इसके अलावा अमरावती मनपा क्षेत्र में लगातार बढ रहीं कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या को देखते हुए जिलाधीश शैलेश नवाल ने कहा कि, मसानगंज परिसर के बाद अब फ्रेजरपुरा परिसर बडी तेजी से कोरोना का हॉटस्पॉट बनने की ओर अग्रेसर है. जिसके चलते प्रशासन द्वारा इस इलाके पर विशेष नजर रखी जा रही है. qकतु यह इलाका भी ताजनगर, हैदरपुरा व मसानगंज की तरह घनीबस्तीवाला इलाका रहने के चलते यहां पर मुसिबत बढ सकती है. साथ ही उन्होंने इस बात पर भी qचता जतायी कि, विगत कई दिनों से रोजाना ७ से ८ नये कोरोना संक्रमित मरीज पाये जा रहे है और नये-नये इलाकोें से कोरोना पॉजीटीव मरीज मिल रहे है. जिसके चलते अमरावती में हालात qचताजनक कहे जा सकते है.

शहर में लॉकडाउन खोलने पर नियोजन

प्रतिनिधि/दि.३० अमरावती-करीब ढाई माह से चले आ रहे लॉकडाउन का चौथा चरण रविवार ३१ मई को खत्म हो जायेगा. इसके बाद लॉकडाउन को लेकर ्नया स्थिति रहेगी, यह अभी केंद्र सहित राज्य सरकार द्वारा स्पष्ट नहीं किया गया है. qकतु चौथे चरण के दौरान लॉकडाउन में मिली विभिन्न रियायतों व छूट के मद्देनजर यह तो तय है कि, अब सोमवार १ जून से लॉकडाउन में काफी हद तक ढील मिलने जा रही है और शहर में कई व्यापारिक क्षेत्रों को खोलने कीअनुमति मिल सकती है. इस बात के मद्देनजर संभावित स्थिति का आकलन एवं नियोजन करने शनिवार को जिलाधीश कार्यालय में जिला पालकमंत्री एड. यशोमति ठाकुर की अध्यक्षता में जिला, मनपा एवं पुलिस प्रशासन के प्रतिनिधियों की एक संयुक्त बैठक हुई. जिसमें मौजूदा हालात की समीक्षा करने के साथ ही सोमवार से उठाये जानेवाले कदमों पर विचार-विमर्श किया गया. जिसमें यह बात सामने आयी कि, यदि केंद्र व राज्य सरकार द्वारा आजकल में अमरावती शहर सहित जिले को रेड झोन से हटाते हुए लॉकडाउन को लेकर नई गाईडलाईन जारी की जाती है तो उस गाईडलाईन के हिसाब से काम करते हुए अमरावती मनपा क्षेत्र में सभी व्यापारिक क्षेत्रों एवं व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को कुछ नियमों व शर्तों के अधीन खोलने की अनुमति दी जा सकती है. qकतु यदि अमरावती में रेड झोन कायम रहा, तो लॉकडाउन की पुराने नियमों को ही लागू रखा जायेगा.

जिला पालकमंत्री एड. यशोमति ठाकुर की अध्यक्षता में हुई इस नियोजन बैठक में महापौर चेतन गावंडे, मनपा के नेता प्रतिपक्ष बबलू शेखावत, जिलाधीश शैलेश नवाल, निगमायुक्त प्रशांत रोडे, पुलिस उपायुक्त यशवंत सोलंके, शशिकांत सातव, जिला स्वास्थ अधिकारी डॉ. दिलीप रणमले व निवासी उपजिलाधीश डॉ. नितिन व्यवहारे उपस्थित थे. इस बैठक में सरकार की ओर से आजकल में घोषित की जानेवाली संभावित पॉलीसी को ध्यान में रखते हुए अपनी ओर से किये जानेवाले कामों पर विचार- विमर्श किया गया. साथ ही पालकमंत्री व जिलाधीश ने मनपा प्रशासन से शहरमें धीरे-धीरे व्यापारिक क्षेत्रों को खोलने के लिहाज से प्लान तैयार कर पेश करने की बात कही. इस समय अमरावती शहर की जनता की ओर से महापौर चेतन गावंडे व मनपा के नेता प्रतिपक्ष बबलू शेखावत ने प्रशासन को बताया कि, विगत ढाई माह से चले आ रहे लॉकडाउन में आम जनता की कमर तोडकर रख दी है और इस समय मध्यमवर्गीय परिवार काफी परेशानियों जूझ रहा है. साथ ही इस समय प्रशासन को बताया गया कि, यद्यपी सरकार द्वारा सभी व्यापारियों को लॉकडाउन के दौरान अपने कर्मचारियों के पूरा वेतन अदा करने हेतु निर्देशित किया गया था. qकतु सभी व्यापारी आर्थिक रूप से इतने सक्षम नहीं होते की, वे दो-तीन माह तक अपना व्यापार बंद रखकर कर्मचारियों को वेतन अदा कर सके. जिसके निजी प्रतिष्ठानों में काम करनेवाले लोगों की हालत खराब हो चुकी है और अब हर कोई चाहता है कि, शहर में पहले की तरह कामकाज शुरू हो.

इस समय प्रशासनिक अधिकारियों सहित पदाधिकारियों के बीच इस बात को लेकर भी आम सहमति बनी कि, यदि लॉकडाउन को और एक माह के लिए भी लागू किया जाये, तो भी इस बात की कोई गारंटी नहीं कि, उस समय तक शहर में कोरोना का एक भी संक्रमित मरीज नहीं रहेगा. ऐसे में यह बेहतर रहेगा कि, हम आज से ही तमाम ऐहतियात के साथ धीरे-धीरे व्यापार-व्यवसाय को खोलने की शुरूआत करे, ्नयोेंकि विगत दो-ढाई माह के दौरान लोगोें को कोरोना के संक्रमण से बचने हेतु तमाम सुरक्षा इंतजामों का इस्तेमाल करने की आदत हो गई है और लोगबाग लॉकडाउन के चौथे चरण के दौरान ढील देने के बाद काफी संयमित व्यवहार करते दिखाई दिये है. ऐसे में अब लॉकडाउन में कुछ और ढील दिये जाने में कोई हर्जा नहीं है. इस समय पालकमंत्री एड. ठाकुर सहित जिलाधीश शैलेश नवाल ने भी यह माना कि, इन दिनों लोगबाग लॉकडाउन के चलते काफी हैरानपरेशान है तथा आये दिन उनके पास विभिन्न व्यापारिक एवं सामाजिक संगठनों द्वारा शहर के व्यापारिक क्षेत्रों को खोले जाने के संदर्भ में ज्ञापन व निवेदन सौंपे जा रहे है.

इस बैठक के दौरान इस बात को लेकर भी आम सहमति बनी की यदि सरकार द्वारा १ जून से लॉकडाउन को खोले जाने के संदर्भ में गाईडलाईन जारी की जाती है, तो भी अमरावती में कंटेनमेंट झोन में शामिल रहनेवाले इलाकों में पुलिस प्रशासन द्वारा कडा बंदोबस्त लगाया जाये. इसके अलावा शहर के सभी रिहायशी क्षेत्रों में लोगों की रोग प्रतिकारक क्षमता बढाने हेतु आर्सेनिक अल्बम-३० नामक होमिओपैथीक दवाई का वितरण किया जाये. इसके साथ ही जिला पालकमंत्री एड. यशोमति ठाकुर ने कहा कि, बहुत जल्द सेफ झोन में रहनेवाले सभी इलाकों में आम जनजीवन पहले की तरह सामान्य हो जायेगा. qकतु सभी लोगों ने मास्क व सैनिटाईजर का प्रयोग करने के साथ ही सोशल डिस्टंसिंग के नियमोें का भी पालन करना चाहिए, ्नयोंकि लॉकडाउन खुलने के बाद भी कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा बना रहेगा और अब हमे इस खतरे के साथ ही जीने की आदत डालनी होगी. अत: प्रशासन के साथ-साथ अब नागरिकों की भी जिम्मेदारियां काफी अधिक बढ गयी है. ऐसे में जहां एक ओर प्रशासन को स्वास्थ सुविधाएं सुदृढ करने पर काम करना होगा. वहीं दूसरी ओर सभी नागरिकों को अपने सहित अपने संपर्क में आनेवाले लोगोें की सुरक्षा को लेकर ध्यान रखना होगा.

चिकन-मटन खरीददारों को तलाश रही गाडगे नगर पुलिस

प्रतिनिधि/३० अमरावती- रतनगंज निवासी तथा शेगांव चौक पर चिकन, मटन बेचने वाला एक व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव पाया गया है. उसकी दुकान से चिकन, मटन खरीदने वाले ग्राहकों की तलाश गाडगे नगर पुलिस व्दारा की जा रही है. सभी संबंधित स्वयं सामने आकर अपनी जांच कराए, ऐसा आह्वान गाडगे नगर के थानेदार मनीष ठाकरे ने किया है. रतनगंज परिसर में कोरोना वायरस से प्रभावित मरीजों कीसंख्या काफी तेजी से बढ रही है. इस बीच रतनगंज निवासी व शेगांव चौक पर मटन, चिकन की दुकान लगाने वाला एक व्यक्ति कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया है. मटन, चिकन की दुकान पर इस दौरान कई ग्राहक मटन, चिकन खरीदने आये. उस संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में कितने ग्राहक आये होंगे, इसका अनुमान लगाना कठिन है. उन ग्राहकों के माध्यम से शहर के अन्य भागों में तेजी से कोरोना वायरस फैल सकता है. इस बात की संभावनाओं को देखते हुए गाडगे नगर के थानेदार मनीष ठाकरे ने इस काम के लिए विशेष टीम तैयार कर उस मटन चिकन की दुकान परआने वाले सभी ग्राहकों की जानकारी निकालकर संपर्क शुरु किया है. इसके साथ ही उन्होंने मीडिया के माध्यम से आह्वान करते हुए उन ग्राहकों से कहा है कि जितने लोगों ने उस दुकान से चिकन, मटन खरीदा है वे जल्द से जल्द किसी के संपर्क में न आते हुए कोविड अस्पताल सुपर स्पेशालिटी हॉस्पीटल में जाकर अपने थ्रोट स्वैब के सैम्पल जांच के लिए दें. जिससे शहर को बचाया जा सकता है. मटन चिकन विक्रेता के कोरोना पॉजिटिव पाये जाने से शेगांव नाका चौक परिसर में कोरोना वायरस का खतरा मंडरा रहा है. इस बात को गंभीरता से लेते हुए सहयोग करने की अपील भी उन्होंने की है.

१८ दिनों में ८ लाख ६४ हजार लीटर शराब गटकी

प्रतिनिधी/दि.३० अमरावती-राज्य सरकार की ओर से शराब बिक्री को अनुमति दिए जाने के बाद जिले में बीते १८ दिनों से ८ लाख ६४ हजार लीटर की शराब शौकीन गटक गए. इसमें सबसे ज्यादा ६ लाख ४८ हजार लीटर देशी शराब की खपत हुई है. वहीं १ लाख ८ हजार लीटर विदेशी शराब और १ लाख ९ हजार लीटर बीयर की खपत हुई है. यहां बता दे कि कोरोना महामारी के चलते लॉकडाउन घोषित रहने से तकरीबन दो माह तक शराब शौकीनों की परेशानियां बढ गई थी. इसी दौर में अवैध शराब की बिक्री करने वाले शराब विक्रेताओं ने भी कच्ची शराब बेचने का सिलसिला आंरभ किया था. जिस पर पुलिस प्रशासन ने कार्रवाई करते हुएअवैध शराब भट्टियों को नष्ट करना शुरु किया. शराब भट्टियां नष्ट होने पर शराब शौकीनों की दिक्कतें और भी बढ गई थी. वहीं लगातार लॉकडाउन जारी रहने से आबकारी विभाग की तिजोरी भी खाली हो रही थी.

इसके बाद राज्य सरकार ने देशी विदेशी शराब की दुकानों को खोलने की अनुमति दी. जिसके बाद ८ मई से लेकर २७ मई तक जिले में शराब शौकीन ८ लाख ६४ हजार लीटर शराब गटक गए है. इसमें सबसे ज्यादा ६ लाख ४८ हजार लीटर देशी शराब पी गई है. जिले के आंकडो पर नजर डाले तो ८ मई को ३७ हजार २४,९ मई को ३५ हजार ५०, ११ मई को ३४ हजार ४७, १२ मई को ३६ हजार १८०, १३ मई को ३३ हजार ३४७, १४ मई को १४ हजार २५७, १५ मई को २८ हजार १५, १६ मई को ४२ हजार ५५७,१८ को ४२ हजार ९४०, १९ को ३८ हजार २३८, २० को ३७ हजार ६३४, २१ को ३७ हजार ९६५, २२ को ४३ हजार ९९, २३ को ५० हजार ११८, २५ को ३९ हजार ३१४, २६ को ४० हजार ५५१, २७ मई को ३८ हजार ६६२ कुल ६ लाख ४८ हजार २९७ रुपए की शराब की बिक्री हुइहै. इसी तरह ८ मई को ६ हजार ९१६, ९ मई को ७ हजार २१, ११ मई को ५७०९ , १२ मई को ६८९८ , १३ मई को ४१३२ , १४ मई को ४७६७ , १५ मई को ५२९१ , १६ मई को ५०४०, १८ को ६६०३, १९ को ७४९८, २० को ६७२५, २१ को ६५३१, २२ को ६८२१, २३ को ७९३१, २५ को ६६७०, २६ को ६७११, २७ मई को ६५३८ कुल १ लाख ७ हजार ८०२ रुपयों की विदेशी शराब की खपत हुई. वहीं ८ मई को ५ हजार ३३९, ९ मई को ६३३१, ११ मई को ६३३७, १२ को ५७३५, १३ को ५२३७, १४ को ५११५, १५ को ५४४९, १६ को ५२०४, १८ को ६६११, १९ को ७६२०, २० को ६८७३, २१ को ६४३३, २२ को ७२११, २३ को ७८६१, २५ को ७१४२, २६ को ६६८९, २७ को ७४०८ कुल १ लाख ८ हजार ५९५ रुपए की बीयर की खपत हुई है.

रेलगाडी से यात्रा करने वालों को पासेस की जरुरत नहीं

प्रतिनिधि/३० अमरावती- लॉकडाउन की वजह से विभिन्न जिले व राज्य के मजदूर फंसे हुए थे. उन्हें अपने गांव व घर जाने के लिए ऑनलाइन तथा ऑफलाइन तरीके से पासेस देकर अनुमति दी गई थी. जिला प्रशासन की ओर से इस दौरान २४ हजार ६२३ लोगों को पास दी गई. रेलगाडी से जाने वाले यात्रियों को किसी तरह की पासेस की जरुरत नहीं हैं. एक बस में २२ लोगों को अनुमति दी गई है. इन सभी लोगों के लिए एक वाहन पर एक पास की व्यवस्था की गई है. अब तक६४ हजार मजदूर अपने घर लौट चुके है, ऐसी जानकारी उपजिलाधिकारी लोणारकर ने दी.

पुलिस विभाग ने जारी की १३५८२ पासेस –

शहर पुलिस के माध्यम से कई नागरिक निजी वाहनों व्दारा अपने घर पहुंचे है. पुलिस आयुक्तालय की ओर से अब तक १० हजार ४७२ लोगों को पासेस जारी की गई. जबकि जिले के बाहर जाने वाले ३ हजार ११० लोगों को ग्रामीण पुलिस अधिक्षक कार्यालय से पासेस जारी की गई. इस तरह पुलिस विभाग की ओर से १३ हजार ५८२ लोगों को पासेस उपलब्ध कराकर अपने स्थान पर जाने की अनुमति दी गई.

जिला प्रशासन ने प्रदान की ९३१४ पासेस –

अन्य राज्य के निवासियों को अपने घर वापस जाने के लिए जिलाधिकारी कार्यालय से ऑनलाइन व ऑफलाइन तरीके से पासेस की अनुमति दी गई. जिससे जिलाधिकारी कार्यालय से ९ हजार ३१४ पासेस के माध्यम से २६ हजार ९२४ नागरिक अपने घर रवाना हुए है. जिला प्रशासन व्दारा अमरावती जिले व विभाग में फंसे नागरिकों के लिए ६ रेलगाडी और ६७ बसेस की सुविधा उपलब्ध कराई गई थी. इस सुविधा के माध्यम से पर प्रांत के २ हजार ३२ नागरिक रवाना किए गए, ऐसी भी जानकारी उपजिलाधिकारी लोणारकर ने दी.

पुलिस को बांटा माधव काढा

प्रतिनिधि/३० अमरावती- कोरोना महामारी जैसे बीमारियों से लडने के लिए मनुष्य शरिर की प्रतिकार शक्ति बढाने हेतू बहुउपयोगी साबित हुए माधव रसायन काढा नागपुरी गेट पुलिस थाने के कर्मचारियों में वितरित किया गया. यह मानव सेवा का उपक्रम विश्वप्रित आयुर्वेदिक चिकित्सालय की ओर से लिया गया, ऐसी जानकारी अस्पताल के डॉ.आमले ने दी. नागपुरी गेट पुलिस थानाक्षेत्र में बडी पैमाने में कोरोना प्रभावित मरीजों संख्या बडी है. इस वजह से यहां के पुलिस कर्मचारियों का जीवन खतरे में न आये उनकी रोगप्रतिकारक शक्ति ज्यादा बढे, इस दृष्टि से विश्वप्रित आयुर्वेदिकचिकित्सालय की ओर से यहां के पुलिस कर्मचारियों में माधव रसायन काढा वितरित किया गया है.

डॉ.प्रसाद आमले व अमृता आमले ने जानकारी देते हुए बताया कि दी गई दवाई का चूर्ण समप्रमाण में १५ पुडियां बना लें, एक पुडियां १०० मिली पानी में डालकर गैस पर उबाल लें, पानी आधा शेष रहने पर काढा तैयार हो जाता है. इस छान लें, इसमें से २५ एमएल काढा सुबह और शाम के समय ले.उन्होंने बताया कि कैंसर, कद बढाने के लिए, हृदय रोग, रक्तदाब, बालों की सभी समस्या, मीर्गि, पेट की बीमारी, दमा रोग, बंजलापण, मोटापा, बुध्दी, स्मृति, एकाग्रता बढाने के लिए, शराब, तम्बाकु से छुटकारा, त्वचा रोग, मधुमेह, मुलव्याधी, qपपल्स, रिट की हड्डी में तकलीफ जैसी बीमारी पर यह काढा काम करता है. जिस किसी व्य्िनत को जरुरत हो वे ९४४६००७७५५ पर संपर्क साधे, ऐसा भी आह्वान इस समय किया.

Amravati News 29/05/2020

पांच नए इलाके आये कोरोना के दायरे में

अमरावती-विगत अप्रैल माह के दौरान शहर के पश्चिमी क्षेत्र में स्थित मुस्लिम बहुल इलाके कोरोना के लिहाज से हॉटस्पॉट बने हुए थे, वहीं मई माह के दूसरे पखवाडे के दौरान मसानगंज परिसर कोरोना के लिहाज से हॉटस्पॉट बन गया, लेकिन अब शहर के पश्चिमी क्षेत्र से कोरोना के मरीज मिलने लगभग बंद हो गये है और धीरे-धीरे शहर के अन्य रिहायशी इलाकों में कोरोना का संक्रमण पांव पसारता दिखाई दे रहा है. जहां गत रोज शोभानगर, दशहरा मैदान, फ्रेजरपुरा व रिजर्व लाईन जैसे इलाकों में कोरोना के मरीज मिले, वहीं शुक्रवार को प्रशांत नगर के पास स्थित रामनगर में भी पहली बार कोरोना का संक्रमित मरीज पाया गया है. जिसके चलते अब समूचे शहर में कोरोना को लेकर भय व qचता की लहर तेजहो गयी है. बता दें कि, शुक्रवार की सुबह अमरावती शहर में दो लोगों की कोरोना रिपोर्ट पॉजीटीव आयी है. जिसमें से एक व्यक्ति रामनगर परिसर का निवासी है, वहीं दूसरा व्यक्ति फ्रेजरपुरा परिसर में रहता है.

यहां यह विशेष उल्लेखनीय है कि, रामनगर व फ्रेजरपुरा परिसर आपस में एक-दूसरे से बेहद सटे हुए है. इसके साथ ही अब अमरावती में कोरोना के कुल संक्रमितों की संख्या १९३ हो गयी है. विगत दो-तीन दिनोें के दौरान शहर के रिजर्व लाईन, दशहरा मैदान व शोभा नगर परिसरसहित फ्रेजरपुरा व रामनगर जैसे नये इलाकों में कोरोना संक्रमित मरीज पाये जाने के चलते इन क्षेत्रों को नये कंटेनमेंट जोन घोषित करते हुए आम लोगोें की आवाजाही हेतु प्रतिबंधित किया गया है. यहां यह भी विशेष उल्लेखनीय है कि, फ्रेजरपुरा क्षेत्र में इससे पहले भी कोरोना संक्रमित मरीज पाया जा चुका है. जिसके चलते फ्रेजरपुरा परिसर को पहले ेही कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया गया है. वहीं अब फे्रजरपुरा परिसर से सटे रामनगर परिसर में भी कोरोना संक्रमित मरीज पाये जाने के चलते यहां पर कोरोना का संकट गहराता नजर आ रहा है. इसके अलावा इन नये इलाकों में कोरोना संक्रमित मरीज पाये जाने के चलते अब शहर के अन्य सभी इलाकों में रहनेवाले लोगों में कोरोना की दहशत देखी जा रही है. वहीं दूसरी ओर अब लॉकडाउन में छूट मिल जाने की वजह से शहर की सडकों पर लोगोें की भीडभाड बढ जाने के बाद अन्य निवासी इलाकोें में कोरोना का संक्रमण फैलने की संभावना से इन्कार भी नहीं किया जा सकता.

प्रशासन ने हॉटस्पॉट के लिए बनाया एक्शन प्लान

प्रतिनिधि/दि.२९ अमरावती- जैसे-जैसे अमरावती शहर के नये-नये इलाकों में कोरोना संक्रमित मरीज मिलने शुरू हुए है, वैसे-वैसे प्रशासन ने इन इलाकों को कंटेनमेंट जोन घोषित करने के साथ ही हॉटस्पॉट में शामिल इलाकों में कोरोना के संकट से निपटने हेतु ए्नशन प्लान तैयार किया है. जिसके तहत कोरोना संक्रमित मरीजों के परिजनों को कोरोंटाईन करते हुए उनके थ्रोट स्वैब सैम्पल लेने के साथ ही संबंधित परिवारों के आस-पडोस में रहनेवालेलोगोें की भी स्वास्थ जांच की जा रही है. इसके अलावा इन इलाकों के कोरोना संक्रमित मरीज जिन-जिन लोगोें के संपर्क में आये है, उसकी जानकारी हासिल करते हुए ऐसे सभी लोगोें को भी कोरोंटाईन किया जा रहा है. बता दें कि, इस समय कोरोना संक्रमण के लिहाज से मसानगंज परिसर हॉटस्पॉट बना हुआ है.

जहां पर आये दिन कोई न कोई व्यक्ति कोरोना संक्रमित पाया जा रहा है. वहीं इसके अलावा विगत दो-तीन दिनों के दौरान शहर के रामनगर, शोभानगर, दशहरा मैदान, फ्रेजरपुरा व रिजर्व लाईन जैसे नये इलाकों में कोरोना संक्रमित मरीज पाये गये है. इसमें से शोभनगर व दशहरा मैदान परिसर में कोरोना संक्रमित मरीज पाये गये लोगोें का जिला सामान्य अस्पताल लाये जाने से पहले अलग-अलग इलाकों के निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा था. ऐसे में अब उन निजी अस्पतालों के चिकित्सकों व स्वास्थ कर्मियों को भी कोरोंटाईन के तहत रहने को कहा गया है. वहीं उन अस्पतालों में सैनिटाईजेशन किया जा रहा है.

आत्मनिर्भर बनने का एक ऐसा भी प्रयास… लॉकडाउन में सांसद पत्नी ने काटे विधायक पति के बाल

प्रतिनिधि/दि.२९ अमरावती-इस समय जहां एक ओर लॉकडाउन जारी रहने की वजह से सभी केशकर्तनालय यानी सलून बंद है. वहीं दूसरी ओर केंद्र सरकार द्वारा देश के नागरिकों से आत्मनिर्भर बनने का आवाहन किया जा रहा है. ऐसे में जिले की सांसद नवनीत राणा व उनके विधायक पति रवि राणा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. जिसमें सांसद नवनीत राणा अपने पति विधायक रवि राणा के केश काटती नजर आ रही है. इसे लॉकडाउन के दौरान आत्मनिर्भर बनने का एक बेहतरीन उदाहरण बताया जा रहा है.·वहीं दूसरी ओर सोशल मीडिया पर बडी तेजी के साथवायरल हुए इस वीडियो को लेकर यह भी कहा जा रहा है कि, यह कोरोना काल के दौरान केंद्र की ओर से राज्य सरकार को की जानेवाली सहायता का भी बेहतरीन व शानदार उदाहरण है.

गृहमंत्री देशमुख के सामने खडाजंगी ; तो मेरा ट्रान्सफर करा दो-कलेक्टर

प्रतिनिधि/दि.२९ अमरावती-गत रोज स्थानीय जिलाधीश कार्यालय में राज्य के गृहमंत्री अनिल देशमुख की मौजूदगी में कोरोना को लेकर किये जानेवाले उपाययोजनाओं की समीक्षा करने बुलायी गयी बैठक में उस समय हंगामा मच गया. जब बडनेरा निर्वाचन क्षेत्र के विधायक रवि राणा ने बैठक में शामिल स्थानीय जिलाधीश शैलेश नवाल को अकार्यक्षम होने का आरोप लगाते हुए कहा जिलाधीश नवाल केवल टाईमपासवाली नीति पर काम कर रहे है और आंकडों को छिपाते हुए सरकार की दिशाभूल कर रहे है. इस समय जहां एक ओर विधायक रवि राणा ने टेबल पर लगे माईक को उठाकर नीचे पटक दिया. वहीं दूसरी ओर जिलाधीशशैलेश नवाल ने विधायक राणा से कहा कि, उनका अमरावती से ट्रान्सफर करा दिया जाये. जिस पर विधायक राणा ने कहा कि, यह उनका विषय नहीं है.

इस मामले में ्नया करना है, सरकार देखेंगी. इस समय जहां एक ओर गृहमंत्री अनिल देशमुख जहां मामले में बीच-बचाव करते देखे गये, वहीं बैठक में मौजूद जिला पालकमंत्री एड. यशोमति ठाकुर ने कहा कि, जिला प्रशासन एवं स्वास्थ विभाग द्वारा बेहतरीन ढंग से काम किया जा रहा है. qकतु यदि इसके बावजूद कही कोई कमी अथवा चूक हुई हो तो पालकमंत्री के नाते वे इसकी जिम्मेदारी लेने को तैयार है. बता दें कि, गत रोज जिले में कोरोना प्रतिबंधात्मक उपाय योजनाओं सहित कानून व व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा करने हेतु राज्य के गृहमंत्री अनिल देशमुख की अध्यक्षता में एक बैठक बुलायी गयी थी. जिसमें जिले की सांसद नवनीत राणा व विधायक रवि राणा ने जिलाधीश पर निष्क्रीयता का आरोप लगाने के साथ ही कोविड हॉस्पिटल में व्याप्त असुविधाओं तथा लॉकडाउन के दौरान जिले में चल रहे अवैध शराब व्यवसाय जैसे मामलोें को उठाया.

इस समय विधायक रवि राणा ने राज्य के दो कैबिनेट मंत्रियों के समक्ष जिलाधीश शैलेश नवाल की कार्यशैली पर सवालियां निशान उठाते हुए कहा कि, जिलाधीश नवाल केवल टाईमपास करनेवाले अंदाज में काम कर रहे है और कोरोना संक्रमितों के आंकडे दिखाई हुए ही अपने कर्तव्य पुरे कर रहे है. इसके साथ ही विधायक राणा ने कहा कि, कोविड अस्पताल सहित कोरोंटाईन सेंटरों में हर ओर असुविधाएं व्याप्त है तथा वहां पर न तो मरीजों की ठीक से देखभाल हो रही है और न ही वहां पर साफसफाई व पानी की व्यवस्था है. इसके अलावा विधायक राणा ने इस बैठक में यह भी कहा कि, शहर के कंटेनमेंट जोन में शामिल इलाकों में रहनेवाले लोगोें का इलाज करने हेतु कोई निजी अस्पताल तैयार नहीं है.

जिसके चलते विगत दिनों हनुमान नगर परिसर में रहनेवाले एक परिवार में चार माह के बच्चे की मौत हो गयी. साथ ही जिला एवं स्वास्थ प्रशासन कोरोना संक्रमित पाये जानेवाले नये मरीजों के संदर्भ में भी गंभीर नहीं है और कई मरीजोें को उनकी रिपोर्ट पॉजीटीव आने के बाद घर से अस्पताल ले जाने हेतु स्वास्थ विभाग का वाहन आने हेतु ६ से ७ घंटों का इंतजार करना पडता है. उपरोक्त तमाम आरोपों को लगाने के साथ ही विधायक रवि राणा ने जिलाधीश सभागृह की मेज पर रखे माईक को उठाकर नीचे पटक दिया. यह देखकर बैठक में उपस्थित सभी लोग एक मिनट के लिए सकते में आ गये. पश्चात गृहमंत्री अनिल देशमुख ने विधायक राणा को शांत करने का प्रयास किया. वहीं दूसरी ओर अपने उपर लगाये गये तमाम आरोपों से आहत होकर जिलाधीश शैलेश नवाल ने सभागृह में दोनों मंत्रियों के सामने कहा कि, यदि यहां के जनप्रतिनिधियों को उनका काम पसंद नहीं है, तो उनका अमरावती से तबादला कर दिया जाये. जिस पर विधायक राणा ने कहा कि, किसी अधिकारी का तबादला करना उनका विषय नहीं है और इस मामले में ्नया करना है, यह सरकार देखेंगी.

वहीं जिलाधीश नवाल व विधायक राणा के बीच चल रही खडाजंगी में जब जिला पालकमंत्री यशोमति ठाकुर ने हस्तक्षेप करने का प्रयास किया तो विधायक राणा ने उनसे कहा कि, अगर जिले में सबकुछ ‘ऑलवेल‘ है तो आप इसकी जिम्मेदारी लो. जिसके बाद पालकमंत्री एड. ठाकुर ने कहा कि, जिला प्रशासन व स्वास्थ विभाग द्वारा बेहद व्यवस्थित ढंग से काम किया जा रहा है. इसके बावजूद यदि कही कोई गलती या चूक हुई हो तो वे पालकमंत्री होने के नाते इसकी जिम्मेदारी लेने को तैयार है.

मेरा अधिकार व कर्तव्य है प्रशासन को जगाना

गत रोज जिलाधीश कार्यालय में हुए मामले को लेकर प्रतिक्रिया हेतु संपर्क किये जाने पर बडनेरा निर्वाचन क्षेत्र के विधायक रवि राणा ने कहा कि, विगत कुछ दिनों से प्रशासन द्वारा किये जानेवाले तमाम दावों की पोल खुलनी शुरू हो गयी है और दो दिन पहले कोविड अस्पताल से संबंधित एक वीडियो वायरल होने के बाद स्वास्थ विभाग की पूरी सच्चाई सामने आ गयी. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि, अमरावती में ऐसे कई मरीज रहे, जिनकी मौत हो जाने तक प्रशासन को पता ही नहीं चला कि वे कोरोना संक्रमित भी थे. ऐसा उदाहरण राज्य में अन्य कही और देखने को नहीें मिलेगा. ऐसे में जनता द्वारा निर्वाचित जनप्रतिनिधि होने के नाते यह उनका अधिकार और कर्तव्य है कि, वे प्रशासनिक व्यवस्था को सही राह पर लाये अगर प्रशासन सही ढंग से काम नहीं कर रहा है तो ऐसे अधिकारियों को नींद से जगाये.

२४ घंटे ऑन ड्यूटी है जिलाधीश व सीएस

जहां एक ओर अमरावती के जिलाधीश शैलेश नवाल तथा जिला शल्य चिकित्सक डॉ. श्यामसुंदर निकम द्वारा किये जानेवाले कामों को लेकर गत रोज गृहमंत्री अनिल देशमुख की उपस्थिति में हुई बैठक में जमकर हंगामा हुआ और उन पर काम में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया गया. वहीं पता चला है कि, विगत २४ फरवरी के बाद से अब तक ढाई माह के दौरान जिलाधीश शैलेश नवाल और सीएस डॉ. निकम ने एक भी छुट्टी नहीं ली है और वे इन ढाई माह के दौरान रोजाना करीब १५ से १६ घंटे काम कर रहे है. इसके अलावा उनके अधिनस्त रहनेवाले महकमों को चौबीसो घंटे सजग व सतर्क रहकर काम करने के दिशानिर्देश जारी किये गये है. इस दौरान जहां एक ओर जिलाधीश शैलेश नवाल लगातार स्वास्थ एवं पुलिस प्रशासन के साथ बैठक कर रहे है और जिले के विभिन्न हिस्सों के दौरे करते हुए अपने पास आनेवाली शिकायतों का निपटारा कर रहे है. इस दौरान वे अपने कार्यालय में आनेवाले लोगों से ज्ञापन व निवेदन स्वीकार करने के साथ ही फोन व मैसेज के जरिये मिलनेवाली शिकायतों के भी निराकरण का प्रयास कर रहे है. वहीं दूसरी ओर अमरावती जिलावासियों के स्वास्थ की जिम्मेदारी संभालनेवाले जिला शल्य चिकित्सक डॉ. श्यामसुंदर निकम इर्विन अस्पताल सहित कोविड हॉस्पिटल में रोजाना सुबह ७.३० रात ११.०० बजे तक अपनी सेवा प्रदान कर रहे है. इसमें भी यह विशेष उल्लेखनीय है कि सीएस डॉ. निकम के साथ स्कीन स्पेशालीस्ट डॉक्टर रहनेवाले उनके पुत्र भी कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रहे है.

खरीफ पर बैठक

अमरावती-आगामी खरीफ के मौसम को देखते हुए बीज व खाद की उपलब्धता के साथ ही जिले में कोरोना संकट के मद्देनजर स्वास्थ के मामले को लेकर जिला परिषद में वीडियो कांफ्रेंqसग के जरिये बैठक आयोजीत की गई. जिसमें सोशल डिस्टंqसग के नियमों का पालन करते हुए कुछ चुqनदा पदाधिकारी व अधिकारी प्रत्यक्ष रूप से सहभागी हुए थे. वहीं तहसील एवं ग्रामीण क्षेत्रों में रहनेवाले पदाधिकारियों व अधिकारियों ने इस बैठक में वीडियो कांफ्रेंqसग के जरिये हिस्सा लिया.

मंडी में हुई ८८०८ क्विंटल अनाज की आवक

प्रतिनिधि/दि.२९ अमरावती-स्थानीय कृषि उत्पन्न बाजार समिती द्वारा संचालित फसल मंडी में शुक्रवार २९ मई को २४५ किसानों द्वारा ३९३ वाहनों के जरिये ८ हजार ८०८ qक्वटल अनाज लाया गया. जिसमें से ३३७ वाहनोें में लदा ६० हजार २६२ qक्वटल अनाज मार्केट यार्ड में व ५६ वाहनों में लदा १५४६ qक्वटल अनाज नाफेड में उतरा. शुक्रवार को मार्केट यार्ड में ५८१ qक्वटल गेहू, २३१८ qक्वटल तुअर, २७९२ qक्वटल चना, ८४६qक्वटल सोयाबीन, ७२० qक्वटल मूंगफल्ली व ५ qक्वटल मूंग तथा नाफेड में ८५४ qक्वटल तुअर व ६९२ qक्वटल चना की आवक हुई. यहां पर शुक्रवार को गेहू को १६५०-२१५०, तुअर को ५०००-५२५०, चना को ३५००-३८००, सोयाबीन को ३२००-३४२५, मूंगफल्ली को ४०००-४३५० तथा मूंग को ५८००-६५०० रूपये प्रति qक्वटल के दाम मिले.

कल सुबह शहर के कुछ भाग की बिजली गुल रहेगी

प्रतिनिधि/२९ अमरावती- महावितरण कंपनी व्दारा २२० केवी उच्च दाब उपकेंद्र के बस व आयसोलेटर की मरम्मत का काम किया जाएगा. जिसकी वजह से कल ३० मई की सुबह ६ बजे से सुबह १० बजे तक चार घंटे शहर के कुछ क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बंद रहेगी. इस काम के लिए शहरवासी सहयोग करे, ऐसा आह्वान महावितरण व्दारा किया गया है. महावितरण के १२० केवी अति उच्चदाब उपकेंद्र के साथ ही ११ केवी लक्ष्मी नगर, ११ केवी टाउन नंबर १ और ११ केवी माहुली ऐसे तीन फिडर का काम किया जाएगा, जिसके कारण राठी नगर, विनस प्लाझा परिसर, सोनल कॉलोनी, सन्मती कॉलोनी, शिवशक्ति नगर, प्रिया टाउनशीप, देशमुख लॉन, रहाटगांव रिंगरोड, अर्जुन नगर, जिजाउ कॉलोनी, श्रीहरी नगर, ट्रेझरी कॉलोनी और सहजानंद नगर आदि क्षेत्र की बिजली आपूर्ति सुबह ६ से १० बजे तक चार घंटे बंद रखी जाएगी.

आगे ग्राहकों को बार-बार बिजली बंद होने की झंझट का सामना न करना पडे, इस दृष्टि से कल सुबह ६ बजे से मरम्मत का कार्य शुरु किया जा रहा है. अविरत बिजली सेवा के तार की मरम्मत करना जरुरी होता है. बारिश के मौसम में आने वाले तूफान से बिजली के तारों पर विपरित परिणाम होता है. इसीलिए इनका परिक्षण कर मरम्मत का कार्य किया जाता है. इसी दृष्टि से इन उपकेंद्रों की मरम्मत कर उपरो्नत क्षेत्र में चार घंटे तक बिजली गुल की जाएगी, इस परेशानी के लिए बिजली के ग्राहक सहयोग करें, ऐसा आह्वान शहर विभाग के कार्यकारी अभियंता आनंद काटकर ने जारी पत्र के माध्यम से किया है.

Amravati News 28/05/2020

अब दशहरा मैदान तक पहुंचा कोरोना

अमरावती-शहर में गुरूवार २८ मई को पांच और कोरोना पॉजीटिव मरीज पाये गये. जिनमें मसानगंज के २ नये कोरोना संक्रमितों के साथ ही दशहरा मैदान, शोभानगर व हनुमान नगर परिसर के १-१ व्यक्ति का समावेशहै. इससे पहले बीती शाम चेतनदास बगीचा परिसर निवासी ७५ वर्षीय महिला की रिपोर्ट भी पॉजीटिव आयी थी. यहां यह विशेष उल्लेखनीय है कि, शहर के दशहरा मैदान और शोभानगर इन दो इलाकोें में पहली बार कोरोना संक्रमित मरीज मिले है. जिससे साफ है कि, कोरोना लगातार शहर के नये-नयेइलाकों में अपने पांव पसार रहा है. गुरूवार को शहर में पांच नये कोरोना पॉजीटिव मरीज पाये जाते ही अब अमरावती में कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या १९१ हो गयी है. जिनमेंसे ८८ मरीजों पर कोविड अस्पताल में इलाज जारी है. वहीं ८८ मरीजों को इससे पहले स्वास्थ में सुधार रहने के चलते अस्पताल से डिस्चार्ज दे दिया गया था. इसके अलावा शहर में अब तक कोरोना संक्रमण की वजह से १५ लोगोें की मौत हो चुकी है.

बता दें कि, गुरूवार को दशहरा मैदान के पीछे स्थित वसंतराव नाईक नगर निवासी एक युवक की कोरोना रिपोर्ट पॉजीटिव आयी है. जिसके बाद उसे कोविड अस्पताल में भरती करने के साथ ही उसके माता-पिता व बहन को कोरोंटाईन कर दिया गया है. जानकारी के मुताबिक यह युवक लॉकडाउन के दौरान शहर में सागसब्जी बेचने का काम किया करता था और खुद के स्वास्थ में होनेवाले बदलाव को देखते हुए यह खुद ही एक-दो दिन पहले अपने थ्रोट स्वैब सैम्पल की जांच कराने हेतु इर्विन अस्पताल पहुंचा था. इसके अलावा गुरूवार को मसानगंज निवासी एक युवक-युवती की कोराना रिपोर्ट पॉजीटिव आयी है. यह दोनोें रिश्ते में चचेरे भाई-बहन है. इस परिसर में इससे पहले मनपा अस्पताल में काम करनेवाले एक व्यक्ति कोरोना पॉजीटिव पाया गया था. जानकारी के मुताबिक यह दोनो चचेरे भाई-बहन इसी मनपा कर्मी के घर के आसपास ही रहते है.

वहीं दूसरी ओर हनुमान नगर परिसर में रहनेवाली एक महिला की रिपोर्ट भी गुरूवार को पॉजीटीव आयी है. यह महिला पुराने खोलापुरी गेट पुलिस थाने के पीछे स्थित पवार की स्कूल के पास रहती है. ज्ञात रहे कि, हनुमान नगर में इससे पहले कुछ लोग कोरोना पॉजीटिव पाये गये थे. जिन्हें विगत दिनों ही कोविड अस्पताल से डिस्चार्ज मिला है. गुरूवार को पॉजीटिव पायी गयी महिला का रहना उन्हीं पुराने कोरोना संक्रमित मरीजों के घरों के आसपास है. इस महिला ने विगत दिनों खुद ही कोविड अस्पताल जाकर अपना थ्रोट स्वैब सैम्पल दिया था. इसके साथ ही गुरूवार की दोपहर बाद शोभानगर परिसर निवासी ६५ वर्षीय व्यक्ति की कोरोना टेस्ट रिपोर्ट पॉजीटिव आयी है. इस इलाके में पहली बार कोरोना संक्रमित मरीज मिलने से पुरे परिसर में हडकंप व्याप्त है.

‘वह‘ महिला मसानगंज नहीं, चेतनदास बगीचा की निवासी

इसके अलावा बीती शाम मसानगंज परिसर निवासी एक ७५ वर्षीय महिला कोरोना पॉजीटिव रहने की जानकारी सामने आयी थी. बाद में पता चला कि, उक्त महिला मसानगंज परिसर की नहीं, बल्कि चेतनदास बगीचा परिसर की निवासी है. इस महिला के बिल्कुल पडोसवाले घर में रहनेवाला एक युवक बीते दिनों कोरोना पॉजीटिव पाया गया था. पश्चात अडोसपड ोस के लोगोें को कोरोेंटाईन करते हुए उनके थ्रोट स्वैब सैम्पल लिये गये थे. जिसमें से इस ७५ वर्षीय महिला की कोरोना टेस्ट रिपोर्ट पॉजीटिव आयी है.

दशहरा मैदान व शोभा नगर परिसर में पहली बार मिले कोरोना पॉजीटीव

यहां यह विशेष उल्लेखनीय है कि, शहर के दहशरा मैदान परिसर के पास ही स्थित वसंतराव नाईक नगर तथा मसानगंज से आगे महेेंद्र कालोनी के पास स्थित शोभानगर परिसर में पहली बार कोरोना पॉजीटीव मरीज पाये गये है. जिसके चलते अब इन दोनोें इलाकों को भी कंटेनमेंट झोन घोषित करते हुए चारों ओर से सील करने की कार्रवाई की जा रही है. साथ ही अब यहां कोरोना संक्रमित मरीज के संपर्क में आनेवाले लोगोें की भी हिस्ट्री खंगाली जा रही है. इसके अलावा इन दोनोें परिसरों में स्वास्थ जांच अभियान भी शुरू किया गया है.

मसानगज ंमे ंसकं्रमितों की सख्ंया हुई ३०

शहर में कोरोना संक्रमण के लिहाज से बडी तेजी के साथ हॉटस्पॉट बन चुके मसानगंज परिसर में कोरोना के दो नये मरीज पाये जाते ही यहां पर कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या ३० हो गयी है. जिसमें से एक व्यक्ति की इससे पहले ही मौत हो गयी थी और ७ लोगोें को अस्पताल से डिस्चार्ज दे दिया गया है. इस समय इस परिसर के २८ लोग कोविड अस्पताल में भरती है. वहीं इस परिसर से ही सटे हुए चेतनदास बगीचा परिसर में इससे पहले कोरोना के दो संक्रमित पाये गये थे. जिसमें से एक की मौत हो गयी थी व दूसरे मरीज को अस्पताल सेडिस्चार्ज दे दिया गया था. वहीें अब इस परिसर में रहनेवाली ७५ वर्षीय महिला कोरोना पॉजीटिव पायी गयी.

दशहरा मैदान झोपडपट्टी कंटेनमेंट जोन घोषित

अमरावती- शहर में लगातार कोरोना वायरस के मरीज की संख्या बढते ही जा रही है. आज फिर राजापेठ सेबडनेरा रोड के दशहरा मैदान परिसर स्थित वसंतराव नाईक झोपडपट्टी में एक मरीज कोरोना पॉजिटिव पाया गया. स्थिति को देखते हुए इस बस्ती के लोगों ने खूद ही रास्ते बंद कर कंटेनमेंट जोन बना लिया है. प्रतिबंधित क्षेत्र की घोषणा मनपा प्रशासन व्दारा की गई. आज दिनभर उस परिसर की चतुरसीमा का आंकलन किया गया. अमरावती के विभिन्न क्षेत्रों में कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या बढते ही जा रही है. आज दशहरा मैदान के वसंतराव नाईक झोपडपट्टी में एक मरीज कोरोना वायरस प्रभावित पाये जाने से इस बस्ती के लोगों ने बस्ती में आने वाले सभी आवागमन के रास्तों को बैरिकेट्स के माध्यम से बंद कर लिये. प्रशासन व्दारा कंटेनमेंट जोन घोषित करने से पहले ही बस्ती के लोगों ने प्रतिबंधित क्षेत्र बनाकर लोगों के आवागमन पर रोक लगा दी है. दूसरी ओर कोरोना पॉजिटिव मरीज पाये जाने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से मरीज के घर से चतुरसीमा का आंकलन करने का काम शुरु कर किया गया था. शाम ४ बजे मोजमाप के बाद कंटेनमेंट जोन के प्रतिबंधित क्षेत्र की सुची जारी की गयी.

वसंततराव नाईक बस्ती सील-

मनपा क्षेत्र के दशहरा मैदान, बियाणी कॉलेज के समीप स्थित वसंतराव नाईक स्लैम बस्ती क्रमांक १ में कोरोना पॉजिटिव पाया गया. इसपर निगमायुक्त प्रशांत रोडे के आदेश के अनुसार बस्ती के उत्तर दिशा की ओर बियाणी कॉलेज की दीवार, पूर्व दिशा की ओर बडनेरा रोड के हनुमान मंदिर स्कॉलर कॉन्व्हेंट स्कूल तक, दक्षिण दिशा में दशहरा मैदान के समीप स्कॉलर कॉन्व्हेंट से शिलांगन रोड, पश्चिम दिशा में बियाणी महाविद्यालय की दीवार से दशहरा मैदान तक कंटेनमेंट जोन घोषित कर पूरा परिसर सील किया गया है.

पॉजीटिव मरीज को निगेटीव बताकर दिया डिस्चार्ज

प्रतिनिधि/दि.२८ अमरावती-स्थानीय जिला सामान्य अस्पताल में गुरूवार २८ मई को एक बेहद अजीबोगरीब मामला सामने आया है. जहां परबुधवार की रात शोभानगर निवासी एक कोरोना संदेहित मरीज को उसकी रिपोर्ट निगेटीव आने की जानकारी देते हुए अस्पताल से डिस्चार्ज दे दिया गया. qकतु बाद में गुरूवार की सुबह यह बात समझ में आयी कि, बीति रात जिस मरीज को निगेटीव समझकर डिस्चार्ज दिया गया था, हकीकत में उसकी रिपोर्ट तो पॉजीटिव आयी थी. इसके बाद उस मरीज को खोजने हेतु भागमभाग शुरू की गई और इर्विन अस्पताल से डिस्चार्ज मिलने के बाद यह व्यक्ति नारायण नगर परिसर स्थित एक निजी अस्पताल में भरतीहोकर इलाज कराता पाया गया. जिसे वहां से कोरोना के ईलाज हेतु कोविड अस्पताल में लाकर भरती कराया गया. साथ ही अब उस निजी अस्पताल को कोरोेंटाईन किये जाने की तैयारी की जा रहीं है.

अपने आप में इस बेहद अजीबोगरीब मामले को लेकर मिली जानकारीके मुताबिक स्थानीय शोभानगर परिसर की गली नंबर २ में अपनी पत्नी के साथ रहनेवाले ६४ वर्षीय व्यक्ति का भातकुली परिसर में खेत है और वह दो-तीन दिनों तक अपने खेत में रहने के बाद बीते दिनों अपने घर लौटा था. साथ ही आठ दिन पहले इस व्यक्ति का बेटा भी पुणे से वापिस आया था. विगत दिनों इस व्यक्ति की तबियत ठीक नहीं लगने के चलते उसने राठी नगर में रहनेवाले एक निजी डॉक्टर से अपनी स्वास्थ जांच करायी. इस समय इस निजी डॉक्टर ने इस व्यक्ति को इर्विन अस्पताल जाकर एकबार अपना चेकअप करा लेने और थ्रोट स्वैब सैम्पल की जांच कराने की सलाह दी.

जिसके बाद मंगलवार २६ मई को यह व्यक्ति इर्विन अस्पताल में एडमिट हुआ और इसका थ्रोट स्वैब सैम्पल जांच हेतु भिजवाया गया. पश्चात बुधवार २७ मई की रात इस व्यक्ति को यह कहकर अस्पताल से डिस्चार्ज दिया गया कि, उसकी कोरोना टेस्ट रिपोर्ट निगेटीव आयी है. जिसके बाद यह व्यक्ति अपनी पेटदर्द व पाईल्स की तकलीफ का इलाज कराने बुधवार की रात ११ बजे नारायण नगर परिसर स्थित एक निजी अस्पताल में जाकर भरती हो गया. जहां पर इस व्यक्ति की सोनोग्राफी व स्कैqनग करते हुए उसका इलाज शुरू किया गया. लेकिन हंगामा तब मचा, जब जिला सामान्य अस्पताल प्रशासन के ध्यान में यह बात आयी कि, उन्होंने जिस व्यक्ति को कोरोना निगेटीव समझकर बुधवार की रात डिस्चार्ज दे दिया है. हकीकत में उस व्यक्ति की कोरोना टेस्ट रिपोर्ट तो पॉजीटीव आयी है. इसके बाद इर्विन अस्पताल प्रशासन की ओर से उस व्यक्ति की खोजबीन शुरू की गई और उसके घर जाकर संपर्क किया गया, तब उस व्यक्ति के एक निजी अस्पताल में भरती रहने की जानकारी सामने आयी. जिसके बाद इर्विन के अधिकारियोें ने उस अस्पताल में पहुंचकर इस व्यक्ति को वहां से डिस्चार्ज दिलवाकर कोविड अस्पताल में लाकर भरती करवाया.

गडबडी के साथ गडबडियां ही गडबडियां

इस मामले में जिला अस्पताल प्रशासन से केवल पॉजीटिव मरीज को निगेटीव समझने की एक अकेली गडबडी ही नहीं हुई, बल्कि इस मामले में एक के बाद एक अन्य कई गडबडियां किये जाने का मामला भी सामने आया है. इस मामले में दूसरी गडबडी यह है कि, इस मरीज को गुरूवार २८ मई को डिस्चार्ज दिया जाना था, जिसके चलते उसका डिस्चार्ज कार्ड बुधवार २७ मई की रात ही तैयार कर लिया गया था, जिस पर डिस्चार्ज की तारीख २८ मई दर्ज की गई है. जानकारी के मुताबिक इस मरीज की कोरोना रिपोर्ट निगेटीव आने की बात पता चलते ही इसके रिश्तेदारों ने उसे तुरंत निजी अस्पताल में भरती कराये जाने हेतु हंगामा किया और यह व्यक्ति रात में ही अपने रिश्तेदार के साथ इर्विन अस्पताल से निकल गया व एक निजी अस्पताल में जाकर भरती हो गया. वहीं इस मामले में दूसरी गडबडी यह है कि, इस मरीज के पिता का नाम भी इस डिस्चार्ज कार्ड में गलत लिखा हुआ है. ऐसे में जब निजी अस्पताल में भरती मरीज का सही नाम सामने आया, तो कुछ देर के लिए यह संभ्रम भी फैला कि, कही इर्विन अस्पताल के लोग अब किसी गलत व्यक्ति को तो कोविड अस्पताल नहीं ले जा रहे. qकतु बाद में दोनों ही नामवाले लोगोें का निवासी पता एक ही निकलने तथा नाम व सरनेम भी एक ही रहने के चलते अपनी गलती पर पर्दा डालकर इर्विन अस्पताल प्रशासन ने इस मरीज को कोविड अस्पताल में भरती करवाया.

७ दुकानों को किया गया आज सील

प्रतिनिधी/दि.२८ अमरावती-शहर में कोरोना महामारी के चलते संचारबंदी लागू की गई है और यह संचारबंदी ३१ मई तक जारी है. इस दौरान जीवनावश्यक वस्तुओं सहित कुछ दुकानों को खोलने की अनुमति दी गई है. लेकिन यहां पर भी सोशल डिस्टेंqसग सहित लॉकडाउन के नियमों का पालन करना अनिवार्य किया गया है. २७ मई को मोची गलीमें फुटवेयर की दुकान को सील करने की कार्रवाई की गई. वहीं आज शहर के ७ दुकानों को जिलाधिकारी के आदेश का उल्लघंन करने के मामले में मनपा आयुक्त के निर्देश पर सील लगाने की कार्रवाई की गई. बता दे कि शहर के मोची गलीमें बुधवार की दोपहर में एक फुटवेयर की दुकान को सील लगाने की कार्रवाई की गई. लेकिन इस कार्रवाई को लेकर मनपा और पुलिस प्रशासन ने अपना पलडा झाडने का प्रयास किया. जिसके बाद दैनिक अमरावती मंडल ने मनपा प्रशासन की कार्यप्रणाली को आडे हाथ लिया.

वहीं मोची गली में दुकान सील किए जाने की खबर प्रकाशित की गई. जिसके बाद मनपा प्रशासन ने एक्टीव मोड पर आते हुए आज शहर के अलग-अलग हिस्सों में ७ दुकानों को सील करने की कार्रवाई की. मनपा के बाजार लायसंस विभाग की ओर से इतवारा बाजार के हार्डवेयर, जयस्तंभ चौक , महावीर मार्केट के सेल्स के अलावा चित्रा चौक के तीन फुटवेयर की दुकाने, राजकमल चौक , सीतारामबाबा मार्केट की मोबाइल दुकान कुल सात दुकानों को जिलाधिकारी के आदेश का उल्लघंन करने पर सील किया गया. यह कार्रवाई सहायक आयुक्त श्रीकांत चौहान के आदेश पर आनंद काशीकर, अमर सिरवानी, शुभम चोमडे, राहुल वैद्य की टीम ने की.

मनपा टीम ने बुधवार को भी की कार्रवाई!

मनपा प्रशासन की ओर से बुधवार की दोपहर में भी फुटवेयर की दुकान को सील करने की कार्रवाई की गई. लेकिन इस कार्रवाई को दबाने का प्रयास किया गया. अभी तक मोची गली में फुटवेयर की दुकान को सील करने का रहस्य बना हुआ है. कयास यह लगाया जा रहा है कि मनपा प्रशासन ने ही यह दुकान सील की है. लेकिन राजनीतिक दबाव में आकर उक्त दुकान पर कार्रवाई करने से पलडा झाडने की कोशिश की गई है. इस बारे में दैनिक अमरावती मंडल द्वारा खबर प्रकाशित करने के बाद गुरुवार को मनपा ने एक्शन में आते हुए कार्रवाई करना शुरु किया.

मनपा ने कराया ४४ हजार लोगों को भोजन

प्रतिनिधि/दि.२८ अमरावती-लॉकडाउन के दौरान शहर में अटके प्रवासी यात्रियों सहित यहां रहनेवाले गरीब, बेघर व जरूरतमंद लोगों को भोजन संबंधी कोई दिक्कत न हो, इस बात के मद्देनजर अमरावती मनपा द्वारा कम्युनिटी किचन सर्विस शुरू की गई थी. जिसमें विगत १ मई से २६ मई के दौरान दोनों वक्त ४३ हजार ९०६ लोगोें को भोजन के पैकेट उपलब्ध कराये गये. यहां पर रोजाना सुबह-शाम औसतन एक-एक हजार लोगोें को तैयार भोजन उपलब्ध कराया गया. जिसके तहत विगत २६ दिनों के दौरान सुबह के वक्त २३ हजार ३२६ व शाम के समय २० हजार ५८० लोगोें ने कम्युनिटी किचन से भोजन सुविधा का लाभ लिया. इस संदर्भ में दैनिक अमरावती मंडल द्वारा मनपा सूत्रों से प्राप्त की गई जानकारी के मुताबिक १ मई से ६ मई तक कम्युनिटी किचन से भोजन प्राप्तकरनेवालों की संख्या २ हजार के आसपास रही.

वहीं ७ मई से १६ मई के दौरान करीब ढाई हजार लोगों ने इस कम्युनिटी किचन से वितरित किये जानेवाले भोजन का लाभ लिया. वहीं १७ मई के बाद से भोजन प्राप्त करनेवालों की संख्या में कमी आना शुरू हुई और २२ मई के बाद ऐसे लोगों की संख्या १ हजार से कम हो गयी. बता दें कि, गत रोज ही यह जानकारी सामने आयी थी कि, लॉकडाउन के दौरान कोरोना प्रतिबंधक उपायों सहित अन्य राहतकार्यों में मनपा प्रशासन की ओर से लगभग ६० लाख रूपये खर्च किये गये है.इसमें से सर्वाधिक खर्च शहर के जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराने पर ही खर्च हुआ, ऐसा कहा जा सकता है.

हजारों मास्क वितरित किये, सैकडों लीटर सैनिटाईजर बांटा

मनपा प्रशासन द्वारा कोरोना प्रतिबंधक उपायों के तहत शहर के कोरोना संक्रमित इलाकोें सहित सभी क्षेत्रों में बडे पैमाने पर कपडे से बने मास्क सहित डिस्पोजेबल मास्क का वितरण किया गया. जिसके तहत कपडे से बने १४ हजार ९१९ मास्क बांटने के साथ ही ५८ हजार ७०० डिस्पोजेबल मास्क बांटे गये. इसके अलावा सैनिटाईजर की ५ लीटरवाले ३०० जार, आधे लीटरवाली २ हजार बोतले व १०० एमएल वाली १८४० बोतलें भी उपलब्ध करायी गयी. जिनका शहरवासियों में वितरण किया गया. इसके अलावा शहर के कंटेनमेंट झोन व हॉटस्पॉटवाले इलाकों सहित सभी रिहायशी क्षेत्रों में बडे पैमाने पर कीटनाशक दवाईयों का छिडकाव भी किया गया. उपरोक्त जानकारी के साथ ही मनपा प्रशासन द्वारा बताया गया कि, इस दौरान कोरोना की महामारी से बचाव हेतु समूचे शहर में युध्दस्तर पर साफसफाई के काम किये गये. साथ ही साथ मान्सून पूर्व कामों का नियोजन करते हुए शहर के तमाम छोटे-बडे नालों की भी सफाई और गहराईकरण का कार्य शुरू किया गया.

रिटेल कपडा व रेडिमेड दुकानों को भी खोलने की अनुमति मिले

प्रतिनिधि/दि.२८ अमरावती-स्थानीय बिजीलैण्ड, सिटीलैण्ड व ड्रीम्जलैण्ड व्यापारी संकूलोें के एक प्रतिनिधि मंडल ने गुरूवार २८ मई को जिला पालकमंत्री एड. यशोमति ठाकुर से मुलाकात करते हुए उनसे मांगकी कि जिस तरह से इन तीनों व्यापारिक संकुलों में होलसेल कपडा व रेडिमेड दुकानों को खोलने की अनुमति दी गई है, उसी तरह से अब यहां के रिटेल दूकानों को भी खोलने की अनुमति दी जाये, ्नयोेंकि यह तीनों ही व्यापारिक संकुल ग्राम पंचायत क्षेत्र में स्थित हैऔर इस समय जिले के सभी ग्रामीण क्षेत्रों में रिटेल कपडा दूकानों को खोलने की अनुमति मिल चुकी है. इस समय व्यापारियो के प्रतिनिधि मंडल ने जिला पालकमंत्री एड. यशोमति ठाकुर के प्रति इन तीनों व्यापारिक संकुलों की होलसेल दूकानों को खोलने देने हेतु अनुमति दिलाने के लिए आभार भी ज्ञापित किया. इस प्रतिनिधि मंडल में बिजीलैण्ड व्यापारी संघ के अध्यक्ष विजय भूतडा, सिटीलैण्ड व्यापारी संघ के अध्यक्ष किशन कोटवानी तथा ड्रीम्जलैण्ड व्यापारी संघ के अध्यक्ष वासुदेव किशनानी सहितपूरणसेठ हबलानी, मुकेश हरवानी, अनुप हरवानी, बिट्टू संतवानी, मुकेश qपजानी, हरिश करवा, संदेश सामरा, पूरण लाला, रोशन लाला, संतोष सबलानी, गुरूमुख qपजानी आदि उपस्थित थे. इन व्यापारियों की बात सुनने के बाद जिला पालकमंत्री एड. यशोमति ठाकुर ने उन्हेें आश्वासन दिया कि, वे इस बारे में जिलाधीश से आवश्यक बातचीत करने के बाद मामले का हल निकालेंगी.

बांबू गार्डन में वेस्ट से बेस्ट की निर्मिती

अमरावती-स्थानीय वडाली परिसर स्थित वन विभाग की नर्सरी में बनाये गये बांबू गार्डन में विगत कुछ दिनों के दौरान पुराने भंगार टायरों के जरिये आकर्षक डिजाईनवाले लैन्डस्केप बनाये गये है. जिससे यहां की सुंदरता में चार चांद लग गये है. इन दिनों लॉकडाउन जारी रहने के दौरान बांबू गार्डन में पर्यटकों की भीडभाड नहीं रहने के चलते यहां पर साज-सज्जा तथा देखभाल संबंधी कामकाज किये जा रहे है.

Amravati News 27/05/2020

कुछ कंटेनमेंट झोन हटेंगे

-इस समय अमरावती मनपा क्षेत्र के कई इलाकों में कोरोना के नये मरीज नहीं पाये जा रहे. अत: इससे पहले कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या को देखते हुए कंटेनमेंट झोन व हॉटस्पॉट में शामिल किये गये कुछ रिहायशी इलाकों को अब कंटेनमेंट झोन की कैटेगिरी से बाहर निकालने पर विचार किया जा रहा है. जिसके संदर्भ में आगामी एक-दो दिन के भीतर स्थानीय मनपा प्रशासन के साथ बैठक करते हुए आवश्यकनर्णय लिया जायेगा. साथ ही जिले के ग्रामीण इलाकों में भी हॉटस्पॉट घोषित किये गये क्षेत्रों के लिए भी यही प्रक्रिया दोहरायी जायेगी. इस आशय की जानकारी जिलाधीश शैलेश नवाल ने बुधवार २७ मई को अपने कक्ष में आयोजित नियमित प्रेस ब्रीqफग के दौरान दी. इस समय जिलाधीश शैलेश नवाल ने कहा कि, इससे पहले ताजनगर, खोलापुरी गेट, हनुमान नगर, हैदरपुरा, हबीबनगर जैसे इलाकोें को कोरोना संक्रमण के लिहाज से हॉटस्पॉट माना जा रहा था. qकतु अब इन इलाकों में कोरोना के नये संक्रमित मरीज नहीं मिल रहे है और अब तक यहां से कोरोना संक्रमित पाये गये अधिकांश मरीज इलाज के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज होकर अपने घर लौट गये है.

 

वहीं अब शहर के मसानगंज व शिवनगर जैसे परिसर से कोरोना के नयेमरीज बडी संख्या में पाये जा रहे है. जिसके चलते इन दोनों इलाकोें को कोरोना के लिहाज से हॉटस्पॉट घोषित किया गया है. साथ ही पुराने हॉटस्पॉटवाले इलाकोें में कोरोना के संक्रमित मरीज नहीं मिलने की वजह से वहां से कंटेनमेंट झोन को हटाने पर विचार किया जा रहा है. इसके साथ ही सुपर स्पेशालीटी अस्पताल में मरीजोें की ओर से भोजन को लेकर मिलनेवाली शिकायतों के निराकरण हेतु जिला प्रशासन की एक टीम भेजे जाने की जानकारी देते हुए जिलाधीश शैलेश नवाल ने कहा कि, प्रशासन द्वारा मसानगंज व शिवनगर जैसे प्रभावित क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है और स्वास्थ विभाग की टीम इन इलाकों के हर घर में जाकर लोगों की स्वास्थ जांच कर रहीं है.

 

इसके बावजूद भी यदि इन इलाकोें में कोरोना का संक्रमण नहीं रूका तो दोबारा स्वास्थ जांच अभियान शुरू किया जायेगा. इस समय जिलाधीश ने यह भी कहा कि, सरकार की ओर से नई गाईडलाईन आने के बाद शहर सहित जिले के अनेकोें क्षेत्रों में कई मार्केट, व्यापारिक प्रतिष्ठान व कार्यालय खुल गये है. जिसके चलते सैनिटाईजर की मांग में काफी इजाफा हुआ है और कुछ स्थानों पर सैनिटाईजर की कालाबाजारी होने की शिकायतें भी जिला प्रशासन को प्राप्त हुई है. जिनकी जांच के बाद संबंधितों के खिलाफ कडी कार्रवाई की जायेगी.

 

मनपा ने शहर में ६ बडे सब्जी मार्केट फिक्स किये

 

प्रतिनिधि/दि.२७ अमरावती-जैसे -जैसे लॉकडाउन के चौथे चरण की समाप्ती का समय नजदिक आ रहा है, वैसे-वैसे शहरवासियोें में इस बात को लेकर उम्मीद जाग रही है कि, आगामी १ जून से शहर में लॉकडाउन काफी हद तक खत्म हो जायेगा और पहले की तरह इतवारा बाजार सहित यहां की होलसेल सब्जी व फल मंडी में कामकाज शुरू हो जायेगा. qकतु स्थानीय मनपा प्रशासन द्वारा लिये गये निर्णय के चलते पता चला है कि आगामी ३१ मई के बाद भी अमरावती में इतवारा बाजार और थोक सब्जी बाजार नहीं खुलेंगे. बल्कि इसकी बजाय मनपा द्वारा शहर में ६ स्थानों पर बडे सब्जीमार्केट हेतु जगह फ्निस की गई है. साथ ही मनपा के पांचों झोन में उपलब्ध रहनेवाले छोटे-छोटे खुले मैदानों व प्लॉट पर फुटकर सब्जी मंडी शुरू करने का निर्णय लिया गया है.

 

इस संदर्भ में मनपा द्वारा जारी किये गये आदेश में कहा गया है कि, स्थानीय राधानगर में पानी की टंकी के पास स्थित खाली मैदान, अकोली के सर्वे क्रमांक २५ में खाली पडी मनपा की जगह, सातूर्णा के सर्वे क्र. ३ में सार्वजनिक उपयोग हेतु आरक्षित खुले भूखंड, विद्यापीठ चौक पर तपोवन रोड से लगकर खाली पडे मैदान, ग्रेटर कैलाश नगर (बेनोडा) में उपलब्ध खुली जगह तथा छत्री तालाब से महादेव खोरी की ओर जानेवाले रास्ते के किनारे खाली पडी जगह इन ६ स्थानों पर सब्जी के बडे मार्केट लगाये जायेंगे. मनपा द्वारा चिन्हीत किये गये इन स्थानों पर सभी सब्जी विक्रेता अपनी सब्जियां व फल लाकर बेच सकते है.

 

इसके अलावा मनपा के पांचों झोन कार्यालयों को स्वतंत्र तौर पर यह अधिकार दिया गया है कि, वे अपने कार्यक्षेत्र अंतर्गत आनेवाले इलाकोें में शालाओं के प्रांगणों तथा खाली पडे खुले लेआउट व प्लॉट पर सभी नियमों का पालन करते हुए फुटकर सब्जी बाजार लगाने की अनुमति दे. इसके लिए मैदान के १०० मीटर परिसर में अधिकतम पांच सब्जी विक्रेताओं को ही खडे रहने की अनुमती दी जायेगी. वहीं पता चला है कि, आगामी एक माह तक मनपा प्रशासन इतवारा एवं होलसेल सब्जी मंडी को खोलने की मानसिकता में बिल्कूल भी नहीं है. साथ ही इस दौरान कुछ नियमों व शर्तों के तहत ग्रामीण इलाकों से आनेवाले किसानों एवं स्थानीय सब्जी विक्रेताओं को शहर के रिहायशी इलाकों में सीमित समय तक फेरी लगाकर सब्जी बेचने की अनुमति दी जायेगी.

 

सात दिनोें बाद मिली बडी राहत ; सुबह प्राप्त सभी ५७ रिपोर्ट निगेटीव

 

प्रतिनिधि/दि.२७ अमरावती-विगत अनेक दिनों से अमरावती में आये दिन किस न किसी इलाके से कोरोना संक्रमित मरीज पाये जाने की खबरें मिल रही है. जिसके चलते शहर सहित जिले में जबर्दस्त qचता एवं डर का माहौल व्याप्त है. ऐसे माहौल में बुधवार को सात दिनोें बाद एक बेहद राहतवाली खबर मिली, जब बुधवार की सुबह कोविड टेस्ट लैब से प्राप्त हुई सभी ५७ रिपोर्ट निगेटीव आयी. बता दें कि, पिछले कुछ दिनों से अमरावती शहर के अलग-अलग इलाकों में कोरोना संक्रमित मरीज पाये जाने के चलते उनके संपर्क में आनेवाले लोगोें को कोरोना संदेहित के तौर पर कोरोेंटाईन करते हुए उनके थ्रोट स्वैब सैम्पल जांच हेतु भिजवाने का काम शुरू किया गया है.

 

इसमें से अलग-अलग इलाकों में रहनेवाले ५७ कोरोना संदेहित मरीजोें के थ्रोट स्वैब सैम्पलों की रिपोर्ट बुधवार की सुबह संगाबा अमरावती विवि की कोविड टेस्ट लैब से स्थानीय जिला प्रशासन को प्राप्त हुई और इन सभी ५७ रिपोर्ट के निगेटीव रहने की जानकारी सामने आयी है. ऐसे में इसे लंबे समय बाद अमरावती शहर सहित जिले के लिए एक बेहद राहतवाली खबर माना जा रहा है.

 

दस दिनोें में मिले ७९ कोरोना संक्रमित

 

प्रतिनिधि/दि.२७ अमरावती-अमरावती शहर सहित जिले में विगत १७ मई से २६ मई तक दस दिनों के दौरान कोरोना के कुल ७९ मरीज पाये गये है. जिसमें से एक मरीज की मौत हो चुकी है, वहीं एक मरीज को इलाज हेतु नागपुर रेफर किया गया है. इसके अलावा अन्य ७७ मरीज स्थानीय कोविड अस्पताल में इलाज के लिए भरती कराये गये है. यहां यह विशेष उल्लेखनीय है कि, विगत १६ मई तक कोविड अस्पताल में भरती कराये गये कोरोना संक्रमित मरीजों में से ३ मरीजों को छोडकर अन्य सभी मरीजों को डिस्चार्ज देदिया गया है. बता दें कि, १७ मई से पहले ८ मई तक दस दिनों के दौरान कोरोना के कुल २८ संक्रमित मरीज पाये गये थे. जिसमें से परसापूर निवासी एक व्यक्ति सहित कुल तीन लोगोें की मौत हो चुकी है. वहीं अन्य २५ लोगोें को अस्पताल से डिस्चार्ज दे दिया गया है. वहीं दूसरी ओर जिले में मंगलवार को कोरोना के चार नये मरीज पाये गये, जो अमरावती शहर के शिवनगर परिसर निवासी है. इनमें २१, ४५ व ४८ वर्षीय तीन महिलाओं सहित ३१ वर्षीय पुरूष का भी समावेश है. यह चार मरीज पाये जाने के बाद अमरावती जिले म कोरोना संक्रमित मरीजों की कुल संख्या १८२ हो गयी है.

Amravati News 26/05/2020

पुराने हॉटस्पॉट में हालात हुए सामान्य;नये हॉटस्पॉट पर रखी जा रही कडी नजर

अमरावती-इससे पहले ताजनगर, हनुमान नगर व खोलापुरी गेट जैसे इलाकों में कोरोना के काफी मरीज पाये जा रहे थे. जिसके चलते इन इलाकों को हॉटस्पॉट घोषित किया गया था, लेकिन अब उन इलाकों में हालात पूरी तरह से नियंत्रण में है, बल्कि इन दिनों मसानगंज, शिवनगर व हबीबनगर जैसे नये इलाके कोरोना के हॉटस्पॉट बने हुए है. ऐसे में प्रशासन द्वारा इन नये हॉटस्पॉटवाले इलाकों में हालात की समीक्षा करते हुए स्थिति को नियंत्रित करने का काम किया जा रहा है. साथ ही साथ वडाली, बेलपूरा, हमालपूरा व फ्रेजरपूरा जैसे घनीबस्तीवाले इलाकों को हाईरिस्क झोन मानते हुए वहां तमाम जरूरी एहतियाती कदम उठाये जा रहे है. जिसके चलते इन इलाकों में हालात काफी नियंत्रण में है. इस आशय की जानकारी जिलाधीश शैलेश नवाल द्वारा मंगलवार २६ मई को अपने कार्यालय में बुलायी गयी प्रेस ब्रीqफग के दौरान दी गई.

इस पत्रवार्ता में जिलाधीश शैलेश नवाल ने बताया कि, विगत कुछ दिनों से मसानगंज व शिवनगर परिसर में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या काफी तेजी से बढी है, और यहां से अब भीकोरोना संक्रमित मरीजों के मिलने का सिलसिला जारी है. ऐसे में हबीबनगर सहित इन दोनों इलाकों में बनाये गये कंटेनमेंट झोन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. वहीं उन्होंने यह भी बताया कि, ग्रामीण क्षेत्र के नांदगांव खंडेश्वर में ३ मरीजों के थ्रोट स्वैब सैम्पल लिये गये थे. जिनकी रिपोर्ट निगेटीव आयी है. वहीं वरूड व परसापुर जैसे इलाकोें में कोरोना का कोई नया मरीज नहीं पाया गया. इसके अलावा अब तक कोरोना पॉजीटीव पाये गये सभी छोटे बच्चों की तबियत पूरी तरह से ठीक है और उनके साथ उनकी देखभाल करने हेतु उनकी माताओं को कोविड वॉर्ड में रखा गया है. इसके अलावा कोरोना के साथ ही हृदयरोग सहित अन्य गंभीर बीमारियां रहनेवाले कुछ मरीजों को कोविड अस्पताल से नागपुर के सरकारी मेडिकल अस्पताल में रेफर किया जा रहा है. हालांकि इसके लिए नागपुर भेजे जाने से पूर्व संबंधित मरीज से बाकायदा उसकी लिखित अनुमति ली जाती है.

अब तक करीब २० हजार लोग गये जिले से बाहर

इस ब्रीqफग में जिलाधीश शैलेश नवाल ने बताया कि, लॉकडाउन के चौथे चरण में अमरावती में अटके बाहरी राज्यों व जिलों के लोगों को अपने घर वापिस जाने हेतु छूट व अनुमति प्रदान किये जाने के बाद अब तक करीब २० हजार लोग अमरावती से अपने गृहराज्यों व गृहजिलोें के लिए रवाना हुए है. जिसके तहत करीब २५०० प्रवासी मजदूरों को विशेष श्रमिक ट्रेनों के जरिये उनके गृहराज्य रवाना किया गया. वहीं करीब दो हजार लोगों को प्रशासन द्वारा उपलब्ध करायी गयी बसों से उनके गृहनगरों हेतु भिजवाया गया. इसके अलावा करीब १५ से १६ हजार लोगोें को उनके अपने वाहनों द्वारा अपने गृहनगर जाने की प्रशासन द्वारा अनुमति प्रदान की गई. इसके साथ ही इस समय अमरावती में पश्चिम बंगाल के कुछ प्रवासी मजदूर व कामगार अटके पडे है. जिन्हें वापिस भेजने हेतु तमाम प्रयास किये जा रहे है और यदि नागपुर से भी पश्चिम बंगाल के लिए कोई विशेष ट्रेन चलायी जाती है तो इन लोगोें को अमरावती से नागपुर भेजने की व्यवस्था की जायेगी. साथ ही उन्होंने बताया कि, विगत एक माह के दौरान बाहरी राज्यों व अन्य जिलों में रहनेवाले करीब १५ हजार लोग वापिस अमरावती लौटे है. जिनमें शहरी क्षेत्र के ढाई हजार व ग्रामीण क्षेत्र के १३ हजार लोगों का समावेश है.

अब पांच-छह दिन कोविड वॉर्ड में रखने के बाद पीडीएमसी भेजे जायेंगें मरीज-

इस समय जिलाधीश नवाल ने बताया कि, आयसीएमआर की नई गाईडलाईन के मुताबिक अब मरीजों को कोविड अस्पताल में केवल दस दिन ही रखने हेतु कहा गया है. जिसके चलते अब किसी भी कोरोना पॉजीटीव मरीज को पहले पांच-छह दिन सुपर स्पेशालीटी अस्पताल के कोविड हॉस्पिटल में भरती रखा जायेगा. पश्चात स्वास्थ में सुधार की स्थिति रहनेवाले मरीजों को अगले चार दिन पीडीएमसी अस्पताल में रखा जायेगा, ताकि कोविड अस्पताल में अधिकाधिक बेड को खाली रखा जाये और यदि अचानक कोरोना पॉजीटीव मरीजो की संख्या बढती है तो यहां पर बेड की कमी न होने पाये.

अब तक विभिन्न विभागोेेंं के करीब ५०० कर्मचारियों के लिये गये स्वैब-

इस समय जिलाधीश नवाल ने बताया कि, कोरोना काल के दौरान लगातार अपने कर्तव्य पर तैनात विभिन्न विभागों के करीब ४०० से ५०० कर्मचारियों के थ्रोट स्वैब सैम्पल लिये जा चुके है. जिसमें कोविड अस्पताल में काम करनेवाले डॉक्टरों व मेडिकल स्टाफ के साथ ही फिल्ड पर काम कर रहे डॉक्टरों, स्वास्थ सहायकों, आशा वर्कर, एएनएम वर्कर एवं सफाई कर्मचारियों का भी समावेश है. इसके अलावा करीब ७० से ८० पुलिस कर्मचारियों के भी थ्रोट स्वैब लिये गये थे. इन सभी लोगोें में से अब तक करीब ११ लोगोें की कोरोना टेस्ट रिपोर्ट पॉजीटीव आयी है. ऐसे में कोरोना काल के दौरान कर्तव्य निर्वहन कर रहे सभी अधिकारियों व कर्मचारियोें से खुद के स्वास्थ की ओर ध्यान देने का आवाहन भी किया गया है.

आशावर्कर व विद्यापीठ की भुमिका बेहद सराहनीय

इस समय जिलाधीश शैलेश नवाल ने कहा कि, इस समय संगाबा अमरावती विवि की लैब में कार्यरत विशेषज्ञों के साथ ही शहर सहित जिले की आशा वर्करों द्वारा कोरोना के खतरे से निपटने हेतु जो काम किये जा रहे है, वे काम हकीकत में उनकी ड्यूटी का हिस्सा कभी नहीं थे. qकतु बावजूद इसके व्यापक जनहित में इन लोगों द्वारा प्रशासन को पूरा सहयोग दिया जा रहा है. ऐसे में उनकी भुमिका को पूरी तरह से सराहनीय कहा जा सकता है.

हनुमान नगर की बालमृत्यु पर कारवाई करेगेगा प्रशासन

एक सवाल के जवाब में जिलाधीश शैलेश नवाल ने बताया कि, विगत दिनों हनुमान नगर निवासी एक परिवार में जिस चार माह के बालक की मौत हुई थी, उसे लेकर जिला प्रशासन के पास शिकायतेें मिली है. जिनसे आयएमए को भी अवगत करा दिया गया है. साथ ही इस मामले में आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई की जायेगी. इसके अलावा शहर सहित जिले के सभी डॉक्टरों को निर्देश दिया गया है कि, वे किसी भी क्षेत्र से वास्ता रखनेवाले मरीजोें का इलाज करे. इस समय जिलाधीश नवाल ने यह भी बताया कि, एक-दो दिन में पीडीएमसी अस्पताल में उपलब्ध करायी गयी ट्रू-नॉट मशीन काम करना शुरू कर देगी. यहां पर किसी भी कोरोना संदेहित के कोरोना पॉजीटीव अथवा निगेटीव रहने की रिपोर्ट महज एक घंटे में मिल जाया करेगी ऐसे में किसी भी डॉक्टर को अगर किसी मरीज के कोरोना संदेहित होने का संदेह होता है तो वे इस टेस्ट लैब में संबंधित मरीज के थ्रोट स्वैब की जांच करवा सकेंगे.

२ के वेंटिलेटर व ३ के ऑक्सीज़न सिलेंडर हटे

दि.२६ अमरावती-इन दिनों जहां एक ओर कोरोना वायरस के संक्रमणको लेकर समूचे शहर में भय एवं qचता का माहौल देखा जा रहा है, वहीं दूसरी ओर राहतवाली बात यह है कि, जितनी तेजी से कोरोना संक्रमित मरीज पाये जा रहे है, लगभग उतनी ही तेजी से कोविड अस्पताल मेंभरती कोरोना संक्रमित मरीजों के स्वास्थ में सुधार हो रहा है. जिसके चलते अब तक ८३ मरीजों को कोविड अस्पताल से डिस्चार्ज मिल चुका है और वे पूरी तरह से स्वस्थ होकर अपने घर लौट चुके है. यह अमरावती में मिले कुल कोरोना संक्रमित मरीजों की तुलना में ४४.८६ फीसदी संख्या है. कोविड अस्पताल में भरती मरीजों के स्वास्थ सुधार को लेकर विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक गत रोज तक कुल दो मरीजों की स्थिति गंभीर रहने के चलते उन्हें आयसीयू वॉर्ड में वेंटिलेटर पर रखा गया था और स्थिति के नियंत्रणमें आने के चलते अब इन दोनों मरीजों के वेंटीलेटर को हटा दिया गया है. वहीं करीब ५ से ६ मरीजों को ऑ्िनसजन सिलेंडर के जरिये श्वसन में मदद दी जा रही थी. इनमें से ३ मरीजों को अब ऑ्िनसजन सिलेंडर लगाने की जरूरत नहीं पड रही. ऐसे में उम्मीद जतायी जा रही है कि, यह पांचों मरीज बहुत जल्द पूरी तरह से नॉर्मल हो जायेंगे. वहीं दूसरी ओर कोविड अस्पताल के सामान्य वॉर्डों में भरती अन्य मरीजों में से कुछ को एक-दो दिन में डिस्चार्ज मिल सकता है. ऐसी संभावना है.

मसानगंज व शिवनगर में कोरोना की चेन तोडना जरूरी

इस संदर्भ में जानकारी हेतु संपर्क किये जाने पर जिला शल्य चिकित्सक डॉ. श्यामसुंदर निकम ने कहा कि, शहर में सबसे पहला कोरोना संक्रमित मरीज हाथीपुरा में पाया गया था. बाद में उस परिसर में उसके परिवार के ही चार लोग कोरोना पॉजीटीव मिले थे. इसके अलावा हाथीपूरा परिसर में अब तक कोरोना का अन्य कोई मरीज नहीं मिला. इसी तरह बाद में ताज नगर में १५ व हबीबनगर में १२ तथा खोलापुरी गेट परिसर में १० कोरोना पॉजीटिव मरीज पाये जाने के चलते इन तीनों इलाकों को हॉटस्पॉट घोषित किया गया था. qकतु अब इन तीनों इलाकों सहित इससे पहले जिन इलाकों में कोरोनापॉजीटीव मरीज पाये जा रहे थे, उन इलाकों में कोरोना संक्रमित मरीज मिलने के मामले घटे है. साथ ही पहले कोरोना संक्रमित पाये गये मरीजों में से अधिकांश को अस्पताल से डिस्चार्ज भी मिल चुका है.

ऐसे में कहा जा सकता है कि, उन इलाकों में कोरोना वायरस के संक्रमण की चेन को सफलतापूर्वक तोडा जा चुका है, वहीं अब मसानगंज व शिवनगर सहित इस परिसर के रतनगंज, चेतनदास बगीचा जैसे इलाकोें में बडी तेजी के साथ कोरोना संक्रमित मरीज मिलने शुरू हुए है. साथ ही इन इलाकों के कई लोगों के थ्रोट स्वैब सैम्पलों की रिपोर्ट मिलना बाकी है. ऐसे में माना जा सकता है कि, आगामी कुछ दिनों में इस परिसर के कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या निश्चित तौर पर बढेगी और इस इलाके में कोरोना वायरस की चेन को तोडने के लिए दो से तीन सप्ताह का समय लगेगा. जिसमें क्षेत्रवासियों को भी प्रशासन का पूरी तरह से साथ देना होगा. अन्यथा हालात और भी बिगड सकते है.

शिवनगर बना चिंता का विषय

प्रतिनिधि/दि.२६ अमरावती-इससे पहले अमरावती मनपा क्षेत्र में १५ कोरोना पॉजीटीव मरीज मिलने की वजह से ताजनगर क्षेत्र को कोरोना संक्रमण के लिहाज से हॉटस्पॉट माना जा रहा था. वहीं ताजनगर के आसपास स्थित अन्य कई मुस्लिम बहुल इलाकों से कोरोना पॉजीटीव मरीज मिलने के चलते शहर के पश्चिमी क्षेत्र को ्नलस्टर कोरोंटाईन किया गया है. इसके बाद मसानगंज परिसर में कोरोना के २६ संक्रमित मरीज पाये गये. जिसके चलते मसानगंज कोरोना का नया हॉटस्पॉट बना. वहीं अब मसानगंज परिसर से ही सटे हुए शिवनगर परिसर में ११ कोरोना पॉजीटीव मरीज मिले है. जिसके चलते अब शिवनगर परिसर को कोरोना के लिहाज से हॉटस्पॉट व डेंजर जोन माना जा रहा है. यहां यह विशेष उल्लेखनीय है कि, मसानगंज परिसर में सभी रिहायशी इलाके एक-दूसरे के साथ काफी सटे हुए है. ऐसे में कहा जा सकता है कि, मसानगंज व शिवनगर सहित रतनगंज के१, चेतनदास बगीचा के १ एवं इतवारा बाजार परिसर से मिले १ कोरोना संक्रमित मरीज को मिलाकर इस परिसर में अब तक कुल ४१ कोरोना संक्रमित मरीज पाये गये है.

जिनमें से चेतनदास बगीचा के १ व मसानगंज परिसर के १ कोरोना संक्रमित मरीज की मौत हो चुकी है और इस परिसर के शेष ३७ कोरोना संक्रमित मरीजों का इस समय कोविड अस्पताल में इलाज जारी है.वहीं दूसरी ओर इन संक्रमित मरीजों के संपर्क में आये दर्जनों लोगों को कोरोंटाईन करते हुए उनके थ्रोट स्वैब सैम्पल जांच हेतु भेजे जा चुके है. जिनकी रिपोर्ट मिलने की प्रतिक्षा की जा रहीं है. साथ ही आये दिन मिलनेवाली रिपोर्ट में किसी न किसी व्यक्ति की रिपोर्ट पॉजीटीव मिल रहीं है. जिसके चलते इस परिसर में कोरोना संक्रमित मरीजों का आंकडा लगातार बढता जा रहा है. ऐसे में अब मसानगंज व शिवनगर जैसे नये हॉटस्पॉटवाले इलाकों में कोरोना वायरस की चेन को तोडना और आगामी दो हफ्ते के भीतर हालात पर काबू पाना प्रशासन के लिए काफी बडी चुनौती है. साथ ही सघन रिहायशी बस्ती एवं परिसरवासियों द्वारा बरती गयी लापरवाही के चलते शिवनगर सहित पूरा मसानगंज इलाका अब शहरवासियों के लिए काफी बडी qचता का विषय बन गया है.

बीमारी से निपटने हम हैं मुस्तैद…

अमरावती- प्रस्तुत छायाचित्र स्थानीय सुपर स्पेशालीटी अस्पताल परिसर से लिया गया है. जहां पर कोविड हॉस्पिटल में तैनात मेडिकल स्टाफ के दो लोग चिलचिलाती धूप में प्लास्टिक से बनी पीपीई कीट पहनकर अपनी ड्यूटी पर उपस्थित होने जा रहे है. भीषण गर्मी के बावजूद कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज करने और उनकी जान बचाने हेतु यहां का मेडिकल स्टाफ पूरी तरह से मुस्तैद है व अपनी सुरक्षा पर भी ध्यान देते हुए काम पर तैनात है.

नवतपा लगते ही सूर्य ने दिखाया रौद्र रुप

प्रतिनिधि/२६ अमरावती- नवतपा शरुु हाते े ही सयू र्द वे ता राद्रै रुप दिखाने लग गए है. कल विदर्भ के कुछ स्थानों में ४७ डिग्री तक पारा जा पहुंचा था. उत्तर भारत की ओर से गर्म हवा बहने के कारण लगातार तापमान बढते रहेगा. आज अमरावती का पारा ४५.६ डिग्री सेल्सियस है. इसमें और इजाफा होगा. विदर्भ के कुछ क्षेत्रों में ४७ डिग्री से अधिक तापमान बढने की संभावना है. २९ मई के बाद तापमान में कुछ कमी आने से नागरिक राहत महसूस करेंगे, ऐसा अनुमान मौसम विभाग तज्ञ प्रा.अनिल बंड ने व्यक्त किया. आगामी दो दिनों तक तापमान का पारा लगातार बढते रहेगा. इस समय उत्तर भारत की ओर पाकिस्तान, हरियाणा, राजस्थान की ओर से गर्म हवा बह रही है. आसमान में बादल भी नहीं है, जिससे लगातार गर्मी बढ रही है. इस समय बारिशहोने के कोई आसार नहीं है. आज अमरावती का तापमान ४५.६ डिग्री सेल्सियस है. कल से यह तापमान ४६ डिग्री के पार होने की संभावना व्यक्त की है. नागपुर, अकोला, चंद्रपुर जैसे विदर्भ के कुछ स्थानों पर पारा ४७ डिग्री सेल्सियस पार करेगा. कल भी अकोला का तापमान सबसे अधिक ४७.४डिग्री सेल्सियस और नागपुर का ४७.० डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था. आज तापमान में मामुली गिरावट आयी है मगर कल से काफी तेजी आने की संभावना भी मौसम विभाग तज्ञ प्रा.अनिल बंड ने व्यक्त किया है.

उत्तराताई बनी जिला बैंक अध्यक्ष

प्रतिनिधि/२६ अमरावती- कुछ दिन पूर्व जिला परिषद का चुनाव हुआ जिसमें जिला मध्यवर्ती बैंक के अध्यक्ष बबलु देशमुख को अध्यक्ष पद पर चुना गया. जिससे उन्होंने बैंक केअध्यक्ष पद से इस्तिफा दिया था. इस अध्यक्ष पद के लिए आज जिला बैंक के सभागृह में चुनाव लिया गया. परंतु प्रतिव्दंदी के रुप में कोई भी सदस्य न होने के कारण उत्तराताई वीरेंद्र जगताप का जिला बैंक के अध्यक्ष पद पर निर्विरोध चयन किया गया. उत्तराताई पहले पिछले २५ वर्षों से राजनीति व सामाजिक क्षेत्र में सक्रीय रही है. सर्वधर्मीय विवाह समारोह के माध्यम से अब तक उन्होंने ५०० सेअधिक लोगों के विवाह संपन्न कराए है. वे अखिल विद्यामंदिर की अध्यक्ष भी है. बबलु देशमुख व्दारा अध्यक्ष पद का इस्तिफा देने के बाद उस पद पर प्रभारी तौर पर कुछ दिन बैंक के उपाध्यक्ष ने कुछ दिन कामकाज संभाला. इसके बाद प्र्रशासक नियुक्त किया गया. आज जिला मध्यवर्ती बैंक के अध्यक्ष पद के लिए चुनाव घोषित किया गया था. २३ संचालकों के इस बैंक में अध्यक्ष पद के लिए उत्तराताई जगताप ने अपना नामांकन भरा. चुनाव अधिकारी के रुप में संदीप जाधव ने चुनावी प्रक्रिया का कामकाज देखा. मगर इस चुनाव में उत्तराताई जगताप के खिलाफ कोई भी सदस्य चुनावी मैदान में नहीं उतरा. उन्हें १६ संचालक मंडल का समर्थन रहा.

दोपहर १२ बजे जिला बैंक के सभागृह में बैठक ली गई. कोई प्रतिव्दंदी न होने की वजह से १ घंटा पश्चात सभी की सहमति से चुनाव अधिकारी संदीप जाधव ने उत्तराताई जगताप को निर्विरोध बैंक का अध्यक्ष घोषित किया. यह सारी प्रक्रिया पूर्व अध्यक्ष बबलू देशमुख के नेतृत्व में ली गई. उत्तराताई के अध्यक्ष बनने पर सभी सदस्यों ने उन्हें बधाई देते हुए मुंह मिठा कराया. उत्तराताई जगताप चांदुर रेलवे के अतुल विद्यामंदिर जुनिअर व सिनिअर कॉलेज की अध्यक्ष है. बंैक में पिछले पांच वर्षों से सक्रीय सदस्य के रुप में काम कर रही है. विधायक वीरेंद्र जगताप ३ बार विधायक पद पर चुनाव जीतकर आये और दो बार पराजित हुए, इस तरह बीते २५ वर्षों से उनके साथ उत्तराताई जगताप भी राजनीति में सक्रीय है. इसके अलावा वे सामाजिक कार्यों में भी हमेशा अग्रेसर रही है.चांदुर रेलवे में पिछले कुछ वर्षों से आयोजित हो रहे सर्वधर्म सामूहिक विवाह समारोह में वे बतौर संयोजक के रुप में अपनी भूमिका अदा करते आ रही है. अब तक उन्होंने विवाह समारोह के माध्यम से ५०० से अधिक जोडों का विवाह संपन्न कराया. इस तरह विभिन्न धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक कार्यों में वे सक्रीय रही है.

जिले में बियर बार को शराब बेचने की अनुमति मिली

प्रतिनिधि/दि.२६ अमरावती-स्थानीय जिला प्रशासन द्वारा अमरावती जिले में अमरावती शहर के मनपा क्षेत्र एवं कोरोना संक्रमण की स्थिति को देखते हुए कंटेनमेंट झोन घोषित किये गये इलाकों को छोडकर अन्य सभी तहसील एवं ग्रामीण क्षेत्रों में रहनेवाले बीयरबारों को बोतलबंद व सीलपैक शराब बेचने की अनुमति प्रदान की है. जिसके चलते अब मनपा क्षेत्र व कंटेनमेंट झोन से बाहर रहनेवाले सभी बीयरबार में रोजाना सुबह ११ से अपरान्ह ४ बजे तक बोतलबंद शराब की बिक्री हो सकेगी. इसमें भी यह विशेष उल्लेखनीय है कि, इन सभी बीयरबार को उनकेपास विगत २१ मार्च तक जो स्टॉक बचा हुआ था, केवल उस स्टॉक को ही बेचने की अनुमति दी गई है और उन्हें नया स्टॉक लाने हेतु प्रतिबंधित किया गया है. इसके साथ ही किसी भी बीयरबार में ग्राहकों को बार में बिठाकर शराब परोसने पर भी फिलहाल प्रतिबंध जारी रहेगा.

इस आशय का एक आदेश मंगलवार २६ मई को स्थानीय जिलाधीश कार्यालय द्वारा जारी किया गया है. इस आदेश में कहा गया है कि, इस सहूलियत के तहत मनपा क्षेत्र व कंटेनमेंट झोन से बाहर रहनेवाले एफएल-३ लाईसेन्सधारक यानी बीयरबार व परमिट रूम संचालकों के पास लॉकडाउन शुरू होने से पहले २१ मार्च को शराब का जो स्टॉक बचा हुआ था, केवल उसी स्टॉक की बीयरबार के जरिये बिक्री करने की अनुमति दी जा रहीं है.और लॉकडाउन खुलने से पहले यदि यह स्टॉक खत्म हो जाता है तो संबंधित बीयरबार संचालक को अपने बार से शराब की बिक्री बंद करनी होगी, ्नयोंकि उन्हें फिलहाल नये स्टॉक को खरीदने की अनुमति नहीं दी जा रही. वहीं इस सहूलियत के तहत रोजाना प्रात: ११ से अपरान्ह ४ बजे तक एमआरपी पर ही बोतलबंद व सीलपैक शराब की बिक्री की जा सकती है और किसी भी बीयरबार में ग्राहकों को टेबल पर शराब परोसने की अनुमति नहीं दी जा रही. इसके अलावा बीयरबार से केवल शराब पीने का लाईसेन्स रहनेवाले ग्राहकों को ही शराब बेचने की अनुमति दी जा रही है और किसी भी लाईसेन्सधारक ग्राहक को बीयरबार में बैठकर शराब पीने की अनुमति नहीं होगी.

मनपा क्षेत्र में जारी रहेगी शराब की होम डिलीवरी

वहीं दूसरी ओर कंटेनमेंट झोन को छोडकर अमरावती मनपा क्षेत्र अंतर्गत आनेवाले इलाकों में वाईन शॉप्स के साथ ही बीयरबार को भी बोतलबंद शराब की ऑनलाईन बिक्री करने व घर पहुंच डिलीवरी देने की अनुमति दी गई है. मनपा क्षेत्र में किसी भी वाईन शॉप या बीयरबार से शराब की ऑफलाईन यानी दूकान से ग्राहकों को वितरित करना प्रतिबंधित किया गया है.

छूट के साथ ही कई कडे निर्देश भी जारी

शराब बिक्री को लेकर कई तरह की छूट व रियायत देने के साथ ही प्रशासन ने बीयरबार संचालकों को कोरोना के खतरे के मद्देनजर कई तरह की उपाययोजनाओं के संदर्भ में कडे दिशानिर्देश जारी किये है. जिसमें कहा गया है कि, वाईनशॉप सहित बीयरबार में सीमित संख्या में कर्मचारियों को काम पर बुलाया जाये. साथ ही उनके द्वारा मास्क व सैनिटाईजर का प्रयोग करना अनिवार्य किया जाये. इसके अलावा सभी के द्वारा सोशल डिस्टंqसग के नियम का भी पालन करना अनिवार्य किया गया है. साथ ही साथ सभी बीयरबार व वाईनशॉप में सीसीटीवी कैमेरा प्रणाली कार्यान्वित करते हुए बीयरबार संचालकों व कर्मचारियों द्वारा अपने मोबाईल में आरोग्य सेतु एॅप डाउनलोड करना भी अनिवार्य किया गया है. इसके साथ ही अमरावती मनपा क्षेत्र के लिए स्पष्ट दिशानिर्देश दिये गये है कि, किसी भी लाईसेन्सधारक शराब ग्राहक को शराब की दूकान से ऑफलाईन शराब न दी जाये.

पूर्वोत्तर राज्यों के कामगारों को भेजा जायेगा वापिस

प्रतिनिधि/दि.२६ अमरावती-देश के पूर्वोत्तर में स्थित मणिपुर, मेघालय, उडीसा व आसाम जैसे राज्यों के जो मजदूर अमरावती जिले में लॉकडाउन के चलते अटके रह गये है, उन सभी को यहां से उनके गृहराज्य वापिस भेजने की व्यवस्था प्रशासन द्वारा की जा रही है. इस आशय की जानकारी देते हुए स्थानीय जिला प्रशासन द्वारा अमरावती में फंसे पूर्वोत्तर राज्यों के लोगोें से आवाहन किया गया है कि, वेतुरंत ही संबंधित तहसील अथवा स्थानीय जिलाधीश कार्यालय से संपर्क करे. यहां जारी प्रेस विज्ञप्ती में इस आशय की जानकारी उपजिलाधीशनोज लोणारकर ने दी है.

Amravati News 25/05/2020
  1. बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक हो रहे संक्रमित

    अमरावती-इस समय शहर के लगभग हर एक इलाके से कोरोना संक्रमित मरीज मिलने शुरू हो गये है. साथ ही अब इस महामारी ने जिले के ग्रामीण इलाकों में भी पांव पसारने शुरू कर दिये है. इसमें भी सर्वाधिक उल्लेखनीय बात यह है कि, बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर आयुवर्ग के महिला-पुरूषों में इस बीमारी का संक्रमण देखा जा रहा है. इसमें भी यह विशेष ध्यान देनेवाली बात है कि, बच्चों एवं बुजुर्गों के लिहाज से खतरनाक बतायी जानेवाली इस बीमारी की चपेट में अब तक २० से ४० वर्ष आयु गुटवाले सर्वाधिक ८० लोग आये है. वहीं ४० से ६० वर्ष आयुवर्गवाले कुल ५३ लोगों में इस बीमारी का संक्रमण पाया गया है. वहीं अब तक इस बीमारी से कुल १५ लोगोें की मौत हुई है.जिनमें ९ पुरूषों व ६ महिलाओं का समावेश रहा. इसमें से १४ मौते अमरावती मनपा क्षेत्र में तथा १ मौत समीपस्थ शिराला के ग्रामीण इलाके में हुई थी. बता दें कि, इस समय अमरावती शहर में कोरोना वायरस के सर्वाधिक २४ संक्रमित मरीज मसानगंज परिसर में पाये गये है. जिनमें १५ पुरूषों व ९ महिलाओं का समावेश रहा.

    इसमें से १ पुरूष की मौत हो गयी है. इस परिसर में १० से २० वर्ष आयुगुट वाले २, २० से ४० आयुगुटवाले ९, ४० से ६० आयुगुटवाले ११ तथा ६० से अधिक आयुवाले २ कोरोना संक्रमितमरीज पाये गये. वहीं कोरोना के दूसरे सबसे अधिक १६ मरीज ताजनगर परिसर में पाये गये. जहां पर ७ पुरूषों व ९ महिलाएं कोरोना संक्रमित निकले. इनमें से २ पुरूषों की मौत हो चुकी है. इस परिसर में १० वर्ष से कम आयुवाले ४, १० से २० वर्ष आयुगुट वाले १, २० से ४० आयुगुटवाले ८, ४० से ६० आयुगुटवाले २, तथा ६० से अधिक आयुवाले १ कोरोना संक्रमित मरीज पाये गये. इसके अलावा खोलापुरी गेट परिसर में अब तक कुल १२ कोरोना संक्रमित मरीज पाये गये. जिनमें ५ पुरूषों व ७ महिलाओं का समावेश रहा. इन संक्रमित मरीजों में १० से २० वर्ष आयुगुट वाले २, २० से ४० आयुगुटवाले ६, ४० से ६० आयुगुटवाले २ तथा ६० से अधिक आयुवाले २ कोरोना संक्रमित मरीज पाये गये है.

    वहीं हबीबनगर परिसर में कोरोना के कुल १० पॉजीटीव मरीज पाये गये. जिनमें ६ पुरूषों व ४ महिलाओें का समावेश रहा. इस परिसर में २० से ४० आयुगुटवाले ७, ४० से ६० आयुगुटवाले १ तथा ६० से अधिक आयुवाले २ कोरोना संक्रमित मरीज पाये गये. उधर लालखडी परिसर में कोरोना के १० संक्रमित मरीज पाये गये थे. जिनमें ६ पुरूषों व ४ महिलाओं का समावेश था. इसमें १० से २० वर्ष आयुगुट वाले २, २० से ४० आयुगुटवाले ५, ४० से ६० आयुगुटवाले २ तथा ६० से अधिक आयुवाले १ मरीज का समावेश रहा. वहीं हैदरपूरा में कुल ६ कोरोना संक्रमित पाये गये. जिनमें ४ पुरूष एवं २ महिलाओं का समावेश था. इनमें से १ महिला की मौत हो गयी थी. यहां पाये गये मरीजों में इस परिसर में १० से २० वर्ष आयुगुट वाले २, २० से ४० आयुगुटवाले १, ४० से ६० आयुगुटवाले ३ कोरोना संक्रमित मरीज पाये गये थे. इसके अलावा कमेला ग्राउंड परिसर में १ पुरूष व ४ महिलाओं सहित ५ कोरोना पॉजीटीव मरीज पाये गये थे. जिसमें से १ महिला की मौत हो गयी थी.

    यहां पाये गये कोरोना संक्रमित मरीजों में १० से २० वर्ष आयुगुट वाले १, ४० से ६० आयुगुटवाले ३ तथा ६० से अधिक आयुवाले १ कोरोना संक्रमित मरीज का समावेश रहा. इसी तरह हनुमान नगर इलाके में ३ पुरूषों व २ महिलाओं सहित कुल ५ कोरोना संक्रमित मरीज पाये गये. जिनमें २० से ४० आयुगुटवाले ३ एवं ६० वर्ष के अधिक आयुवाले २ कोरोना पॉजीटीव मरीज पाये गये थे. बता दें कि, अमरावती मनपा क्षेत्र में सबसे पहला कोरोना संक्रमित मरीज हाथीपुरा परिसर में पाया गया था. जिसकी कोविड अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गयी थी. पश्चात मृतक के परिवार में ही ४ अन्य लोग कोरोना संक्रमित पाये गये. ऐसे में यहां ३ पुरूषों व २ महिलाओं सहित कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या ५ हो गयी. जिसमें २० से ४० आयुगुटवाले २, ४० से ६० आयुगुटवाले २ तथा ६० से अधिक आयुवाले १ कोरोना संक्रमित मरीज का समावेश रहा. उनमें से ४० से ६० आयुगुटवाले संक्रमित पुरूष की मौत हुई थी. इसके अलावा बडनेरा में ३ पुरूषों व १ महिला सहित ४ कोरोना संक्रमित मरीज पाये गये.

    जिसमें से १ पुरूष की मौत हो गयी. वहीं छायानगर में कोरोना पॉजीटीव पाये गये ४० से ६० आयुवर्गवाले एकमात्र पुरूष की भी मौत हुई थी. वहीं पाटीपुरा में कोरोना के कुल ४ मरीज पाये गये थे. जिनमें १ पुरूष व ३ महिलाओं का समावेश था और यहां पर १ महिला की मौत हो गयी थी. इसके अलावा कंवरनगर में २ महिलाओं व २ पुरूषों सहित ४ लोगों की कोरोना रिपोर्ट पॉजीटीव आयी थी. जिसमें से ४० से ६० वर्ष आयुगुट वाले १ मरीज की मौत हो गयी. वहीं तारखेडा में २० से ४० वर्ष आयुगुटवाले ३ पुरूष व १ महिला का समावेश था. जिसमें से १ महिला की मौत हो गयी थी. इसके अलावा आजाद कालोनी में २० से ४० वर्ष आयुगुट एवं ६० से अधिक आयुवाले १ महिला व १ पुरूष ऐसे कुल २ कोरोना संक्रमित पाये गये थे. जिसमें से कोरोना ंसंक्रमित महिला की मौत हो गयी थी.

    उधर शिवनगर में ४ पुरूषों व ३ महिलाओं सहित कोरोना के कुल ७ संक्रमित मरीज पाये गये. जिनमें २० से ४० वर्ष आयुगुटवाले ४, ४० से ६० वर्ष आयुगुटवाले १ तथा ६० से अधिक आयुवाले १ मरीज का समावेश रहा. इसी तरह शहर के गौस नगर, सुफियानगर, गवलीपुरा, नालसाबपुरा, कॉटन मार्केट, अंबिका नगर, बेलपुरा, खरकाडीपुरा, उत्तमनगर, कुरेशीनगर, रतनगंज, प्रबुध्द विहार, पार्वतीनगर, चेतनदास बगीचा, रहमत नगर, हजरत बिलाल नगर, इतवारा बाजार, पैराडाईज कालोनी, अलहिलाल कालोनी, डीएड कालोनी, एसआरपीएफ कैम्प, qसधू नगर, मद्रासीबाबा नगर, गांधी नगर, मावंदे प्लॉट व खुर्शिद नगर इन इलाकों में भी अलगअलग आयुगुटवाले इक्का-दूक्का मरीज पाये गये. qकतु इन इलाकों में किसी भी मरीज की मौत नहीं हुई. यह अपने आप में बेहद सौभाग्यवाली बात रही. इन सभी मरीजों को मिलाकर अमरावती मनपा क्षेत्र में ९२ पुरूषों व ६६ महिलाओं में कोरोना का संक्रमण पाया गया. जिसमें से ८ पुरूषों व ६ महिलाओं की इस संक्रमण के चलते मौत हो गयी.

    मनपा क्षेत्र के संक्रमितों में १० वर्ष से कम आयुगुटवाले ५, १० से २० वर्ष आयुगुटवाले १६, २० से ४० आयुगुटवाले ७१, ४० से ६० आयुगुटवाले ४७ तथा ६० से अधिक आयुगुटवाले २० लोगों का समावेश रहा. वहीं दूसरी ओर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में ९ पुरूषों व ६ महिलाओं सहित कोरोना के १५ संक्रमित मरीज पाये गये. जिनमें २० से ४० आयुगुटवाले ९ एवं ४० से ६० आयुगुटवाले ६, मरीजों का समावेश है. साथ ही शिराला निवासी एक पुरूष की कोरोना संक्रमण के चलते विगत दिनों मौत हो गयी थी. शिराला गांव में अब तक कुल ५ कोरोना संक्रमित मरीज पाये जा चुके है. इसके अलावा परतवाडा के कांडली में १, नांदगांव पेठ में २, अचलपुर में १, भातकुली में १, चांदूर बाजार के हिरूलपूर्णा में २, वरूड में ३ कोरोना पॉजीटीव मरीज मिले. वहीं अकोला जिले के एक डॉक्टर की रिपोर्ट अमरावती में पॉजीटीव पायी गयी.

    पहले से दोगूनी हुई कोरोना रिपोर्ट मिलने की रफ्तार

    अमरावती-विगत ५ मई से संगाबा अमरावती विश्वविद्यालय के सीईसी यूनिट में कोविड-१९ टेस्ट लैब द्वारा थ्रोट स्वैब सैम्पलों की जांच का काम शुरू किये जातही अब कोरोना संदेहित मरीजों की रिपोर्ट मिलने की रफ्तार में तेजी आयी है. बता दें कि, एकदम शुरूआती दौर में अमरावती से पहले नागपुर के मेयो व पश्चात अकोला सहित वर्धा के सरकारी मेडिकल कालेज की कोविड लैब में कोरोना संदेहित मरीजों के थ्रोट स्वैब सैम्पलों को जांच हेतु भिजवाया जाता था. जहां से रिपोर्ट प्राप्त होने में ३ से ४ दिनों का समय लगा करता था. वहीं इन तीनों स्थानों की चारों कोविड टेस्ट लैब में संबंधित जिलों सहित अन्य जिलों के भी थ्रोट स्वैब सैम्पल जांच हेतु लाये जाने के चलते वहां पर प्रलंबित रिपोर्ट का आंकडा लगातार बढता जा रहा था और एक समय अमरावती के प्रलंबित सैम्पलों का आंकडा ३०० से भी अधिक हो गया था. qकतु इसके बाद संगाबा अमरावती विवि में कोविड टेस्ट लैब शुरू होते ही अमरावती जिला सामान्य अस्पताल से सभी कोरोना संदेहित मरीजों के थ्रोट स्वैब सैम्पल जांच हेतु इसी टेस्ट लैब में भेजे जाने लगे और अब इस टेस्ट लैब में अपनी पूरी क्षमता के साथ काम करना शुरू कर दिया है.

    जिसके चलते अब संगाबा अमरावती विवि की टेस्ट लैब से रोजाना सुबह-शाम यानी दिन में दो बार जिला सामान्य अस्पताल की रिपोर्ट भेजी जा रही है. साथ ही इसमें सर्वाधिक उल्लेखनीय बात यह है कि, कोविड अस्पताल द्वारा सैम्पल भेजे जाने केबाद महज १२ घंटे के भीतर कोविड टेस्ट लैब से रिपोर्ट प्राप्त हो रही है. जबकि कोरोना के लिहाज से एक थ्रोट स्वैब सैम्पल की जांच में करीबन ६ से ८ घंटे का समय लगता है. इससे इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि, सभी सैम्पलों की जांच के बाद अगले दो-तीन घंटे में उसकी रिपोर्ट तैयार कर उसे जिला सामान्य अस्पताल प्रशासन को भेज दिया जाता है. यहीं वजह है कि, सुबह भेजे गये सैम्पलों की रिपोर्ट शाम तक और शाम में भेजे गये सैम्पलों की रिपोर्ट सुबह तक प्राप्त हो रही है. साथ ही इस समय प्रलंबित रिपोर्ट का आंकडा भी बडी तेजी से घटा है.

    विद्यापीठ की लैब से रोजाना मिल रही दर्जनों रिपोर्ट-

    वहीं दूसरी ओर जिला प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक जिला सामान्य अस्पताल एवं कोविड अस्पताल से रोजाना दर्जनों थ्रोट स्वैब सैम्पलों को भेजा जा रहा है और वहां से रोजाना ही कई सैम्पलों की रिपोर्ट भी प्राप्त हो रही है. जिसके तहत १७ मई को ७५ सैम्पल भेजे गये और ८९ रिपोर्टस् मिली. १८ मई को १३८ सैम्पल भेजे गये व ८३ रिपोर्टस् मिली. १९ मई को १३९ सैम्पल भेजे गये व १३७ रिपोर्ट मिली. २० मई को ७६ सैम्पल भेजे गये व १४८ की रिपोर्ट मिली. २१ मई को ९२ सैम्पल भेजे गये व ९१ की रिपोर्ट मिली. २२ मई को १५१ सैम्पल भेजे गये व ५६ की रिपोर्ट मिली. २३ मई को १४६ सैम्पल भेजे गये, ११२ की रिपोर्ट मिली. इन आंकडों को देखकर कहा जा सकता है कि, कोविड अस्पताल द्वारा रोजाना जितने थ्रोट स्वैब सैम्पल जांच हेतु भेजे जा रहे है, रोजाना उनमें से अधिकांश सैम्पलों की रिपोर्ट कोविड अस्पताल को कोविड लैब से मिल रहीं है.

    अब नागपुर व अकोला की लैब में कोई रिपोर्ट पेंडिंग नहीं

    इस संदर्भ में जानकारी हेतु संपर्क किये जाने पर जिला शल्य चिकित्सक डॉ. श्यामसुंदर निकम ने बताया कि, अमरावती में कोविड टेस्ट लैब बिल्कूल सही समय पर शुरू हो गयी. ्नयोंकि इसके बाद भी नागपुर सहित अकोला जिले में भी कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढनी शुरू हुई थी. ऐसे में यदि अमरावती में कोविड टेस्ट लैब शुरू नहीं होती, तो अमरावती के सैम्पलों की रिपोर्ट पेंqडग रहने की संख्या बडे पैमाने पर बढ सकती थी. साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि, अमरावती में कोरोना टेस्ट लैब शुरू होने के बाद अगले कुछ दिनों तक कुछ सैम्पल नागपुर व अकोला सहित वर्धा की लैब में भेजे जा रहे थे, qकतु अब चूंकि अमरावती की लैब ने अपनी पूरी क्षमता के साथ काम करना शुरू कर दिया है तो अब सारे सैम्पल संगाबा अमरावती विवि की लैब में ही जांच हेतु भेजे जा रहे है. इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि, अब नागपुर, अकोला व वर्धा जिले की लैब में अमरावती के किसी कोरोना संदेहित मरीज की रिपोर्ट पेंqडग नहीं है और सारे प्रलंबित सैम्पलों की रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है. इसके अलावा उन्होंने जानकारी दी कि, एक-दो दिन में आयसीएमआर द्वारा यहां के पीडीएमसी अस्पताल में सरकार की ओर से उपलब्ध करायी गयी ‘ट्रू-नॉट‘ मशीन को मान्यता दे दी जायेगी. इसके बाद महज एक घंटे के भीतर ही सैम्पल के पॉजीटीव अथवा निगेटीव रहने की जानकारी प्राप्त हो सकेगी. इससे सैम्पलों की जांच का काम और अधिक रफ्तार पकडेगा.

    हमें केवल अनुमति मिलने का इंतजार, हमारे टे्ननीशियन है तैयार

    वहीं दूसरी ओर डॉ. पंजाबराव देशमुख स्मृति मेडिकल कालेज व अस्पताल के अधिष्ठाता डॉ. पद्माकर सोमवंशी ने बताया कि, पीडीएमसी अस्पताल में आरटीपीसी मशीन लगाने के साथ ही सरकार द्वारा ट्रू- नॉट मशीन भी उपलब्ध करायी गयी है. इस मशीन पर महज एक घंटे के भीतर पता लगाया जा सकता है कि, संबंधित मरीज कोरोना निगेटीव है या नहीं, यदि इस मशीन पर रिपोर्ट निगेटीव आ गयी, तो आगे जांच की जरूरत नहीं पडती. वहीं यदि रिपोर्ट पॉजीटीव आती है तो उस सैम्पल को आरटीपीसी मशीन पर जांचा जाता है, ताकि पॉजीटीव रिपोर्ट की पुष्टि की जा सके. डॉ. सोमवंशी के मुताबिक पूरे महाराष्ट्र में केवल १८ ट्रू-नॉट मशीने सरकार द्वारा दी गई है. जिसमें से एक मशीन पीडीएमसी को भी मिली है. इस मशीन पर सैम्पलों की जांच करने का काम शुरू करने हेतु आयसीएमआर से अनुमति मिलने का इंतजार किया जा रहा है. वहीं दूसरी ओर आरटीपीसी मशीन पर सैम्पलों की जांच शुरू करने हेतु एनएबीएल से अंतिम अनुमति मिलने की प्रतिक्षा की जा रही है. डॉ. सोमवंशी के मुताबिक पीडीएमसी अस्पताल में बनायी गयी लैब और यहां तैनात विशेषज्ञ टे्ननीशियन अनुमति मिलते ही किसी भी समय अपना काम शुरू करने हेतु तैयार है.

    सिटीलैण्ड, बिजीलैण्ड व ड्रीम्जलैण्ड में कल से थोक दुकाने शुरू होगी

    प्रतिनिधि/दि.२५ अमरावती-विगत दो माह से लॉकडाउन के चलते बंद पडे सिटीलैण्ड, बिजीलैण्ड व ड्रीम्जलैण्ड इन तीनों व्यापारिक संकूलों में कल मंगलवार २६ मई से रेडिमेड एवं कपडों की केवल होलसेल दुकाने शुरू होगी. इस संदर्भ में जिलाधीश शैलेश नवाल ने सोमवार की दोपहर बाद एक आदेश जारी किया है. जिसमें कहा गया है कि, इस समय केवल इन तीनों व्यापारिक संकूलों की होलसेल दूकानों को ही अनुमति दी जा रही है तथा आगामी आदेश तक यहां के रिटेल विक्रेता अपनी दूकाने नहीं खोल पायेंगे. साथ ही इस दौरान यहां खुलनेवाली दुकानों को सोशल डिस्टंqसग के संदर्भ में प्रशासन द्वारा जारी दिशानिर्देशों का पालन करना होगा. इस संदर्भ में जिलाधीश कार्यालय द्वारा जारी किये गये आदेश में कहा गया है कि, इन तीनां व्यापारिक संकूलों में स्थित होलसेल दूकानों को २६ मई से प्रात: ९ से शाम ५ बजे तक खुली रहने की अनुमति दी जा रही है.

    इस दौरान सभी दूकानों में कर्मचारियों की उपस्थिति ५० प्रतिशत से कम होनी चाहिये. साथ ही सभी दूकानों में मास्क एवं सैनिटाईजर का संबंधितों द्वारा प्रयोग किया जाना चाहिये. इसके अलावा सोशल डिस्टंqसग के पालन की ओर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए. जिलाधीश कार्यालय द्वारा जारी किये गये इस आदेश के चलते आगामी कुछ दिनों तक अमरावती शहर के प्रमुख कपडा व्यापार सिटीलैण्ड, बिजीलैण्ड व ड्रीम्जलैण्ड में फिलहाल केवल थोक व्यापार ही कर सकेंगे. वहीं जिलाधिकारी ने इन तीनों व्यापारिक संकूलों के पदाधिकारियों से आगामी आदेश तक इन व्यापारिक संकुलों में रिटेल दुकानें शुरू न करने के बारे में प्रतिज्ञापत्र भी लिया है.

    दर्जनों हमाल, मापारी, व्यापारी व अडतिया की एपीएमसी में एंट्री बंद

    अमरावती – मसानगंज व उससे लगा हुआ शिवनगर फिलहाल अमरावती शहर में कोरोना संक्रमण के लिए हॉटस्पॉट बना हुआ है. एक और qचताजनक बात यह है कि, शिवनगर व म स ा न ग ं ज दोनों इलाके लगे हुए आते है और यहां के कई लोग कृषि उत्पन्न बाजार समिति में हमाल से लेकर व्यापारी के रुप में काम करते है. इनमें से पिछले दो दिनों में चार पॉजिटिव पाये जाने से जिलाधिकारी ने आदेश दे तुरंत मिqटग बुलाई और समाचार लिखे जाने तक शिवनगर के २४ हमाल, १० मापारी, २ व्यापारी तथा मसानगंज के ७ अडतिया व ७ खरीददारों की कृषि उत्पन्न बाजार समिति में कोरोना रहने तक एंट्री बंद कर दी है. एपीएमसी के सूत्रों ने बताया कि, जिलाधिकारी ने आदेश दिया था, जिसके आधार पर ए प ी ए म स ी प्रशासन व अन्य संबंधितों की बैठक लेकर यह निर्णय लिया गया. बता दें कि, शिवनगर व मसानगंज के ५ अलग-अलग जिनमें हमाल, मापारी, दुकान पर काम करने वाला युवक संक्रमित हुए है.

    रिध्दी फार्मा में लगी भीषण आग

अमरावती – स्थानीय विलासनगर रोड पर सिध्दी विनायक नगर स्थित रिध्दी फार्मा नामकप्रतिष्ठान में सोमवार की सुबह लगभग ३ बजे के आसपास भीषण आग लग गयी. जिसकी सूचना मिलते ही करीब ४ बजे के आसपास दमकल विभाग के वाहन मौके पर पहुंचे और आग पर काबू पाने का काम शुरू किया गया. कई घंटे तक चले इस काम में दमकल विभाग के९ वाहनों के जरिये आग बुझाने का काम चलता रहा, तब तक इस दूकान के भीतर रखा दवाईयों का लगभग पूरा स्टॉक तथा अन्य सभी साहित्य जलकर खाक हो गये थे. प्राथमिक अनुमान के मुताबिक इस अग्निकांड मकरीब सवा करोड रूपयों का नुकसान हुआ है. इस संदर्भ में मिली विस्तृत जानकारी के मुताबिक दवाईयों के होलसेल व्यापारी विजय ठाकुरानी व अजय उर्फ जैकी ठाकुरानी का सिध्दी विनायक नगर परिसर में रिध्दी फार्मा के नाम से मेडीको डिस्ट्रीब्यूटरशिप का प्रतिष्ठान है

और उनके पास डाबर, सांडू, रैकेट एन्ड कोलमन, डेटॉल, अलकेन, अलंबित, सिपला, लीफोर्ड, वेलनेस, एस्ट्रोविरा, स्मार्ट लेबोरेटरी, एबॉर्ड, फियोजीन, माईक्रोलैब, अजंता फार्मा, अमेqझग, जेम मैनकाइंड, अराट्रा, बायोचेन, पॅडीला, कन्सेप्ट, दानीश हेल्थ केयर, ऐल्डर, एलव्हीन, इन््नयुअर, फॉरच्युनलैब, व्निस, हेलीओज फार्मास्युटिकल, इंडोस्वीफ्ट, ओपशॅन, लुपीज, मैट्री्नस फार्मा व मेडलेफार्मा जैसी २३ अलग-अलग कंपनियों की डीलरशिप है और वे अपने प्रतिष्ठान के जरिये समूचे जिले के मेडिकल दूकानों को दवाईयों की आपूर्ति किया करते थे. ठाकुरानी बंधूओं के मुताबिक उन्हें सोमवार तडके करीब पौने ४ बजे उनके प्रतिष्ठान में आग लग जाने की सूचना मिली. जिसके चलते उन्होंने तुरंत ही मौके पर पहुंचते हुए इस संदर्भ में मनपा के दमकल विभाग को सूचित किया. इस समय तक आग काफी विकराल रूप ले चुकी थी और दमकल महकमे की गाडियां आने के बाद भी इस आग पर काबू पाने में काफी लंबा समय लगा. ठाकुरानी बंधूओं ने अपनी दूकान में शॉर्टसर्किट की वजह से आग लगने की संभावना जतायी है.

पहली बार ईद की नमाज ईदगाह पर नहीं पढी गयी

अमरावती-रमजान ईद का नाम आते ही आंखों के सामने सफेद लक-दक पोशाखों तथा रंगबिरंगी कपडों के साथ ही सिर पर नमाजी टोपी और आंखों में सुरमा लगाये चहकते चेहरों, महकते इत्र, ईदगाह मैदान पर दुआ के लिए उठनेवाले हजारों हाथ और सामूहिक नमाज के दौरान सजदे में झूकनेवाले हजारों मुस्लिम समाज बंधूओं की भीड का दृश्य तैरने लगता है. इसके साथ ही पूरा दिन एक-दूसरे के साथ हाथ मिलाते हुए औरगले मिलते हुए ईद की मुबारकबाद देने का सिलसिला भी याद आता है.

qकतु शहर के इतिहास में पहली बार इस वर्ष रमजान ईद के मौके पर ऐसा कोई दृश्य दिखाई नहीं दिया और पहली बार रमजान ईद के मौके पर ईदगाह मैदान पर ईद की नमाज नहीं पढी गयी एवं शहर की तमाम मस्जिदें भी खाली-खाली दिखाई दी, ्नयोेंकि इस बार कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए सभी मुस्लिम धर्मगुरूओं ने मुस्लिम समाज बांधवों से रमजान ईद के मौके पर अपने-अपने घरों परही रहते हुए ईद की नमाज अदा करने और परिवारके साथ ही ईद का त्यौहार मनाने का आवाहन किया था, ताकि लॉकडाउन एवं सोशल डिस्टंqसग के नियमों का पालन हो सके. बता दें कि, विगत दो माह से चल रहे लॉकडाउन के दौरान मुस्लिम समाज बंधूओं द्वारा प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करते हुए अपने घरों पर ही रहकर पांच वक्त की नमाज अदा करना शुरू किया गया था.

Amravati News 23/05/2020
  • हेल्थ ऑफिसर सहित ६ और पॉजीटीव: पॉजीटीव का आंकडा १५१ पर पहुंचा, मृत्यु १५

अमरावती-अमरावती में शनिवार २३ मई को एक हेल्थ ऑफिसर सहित कुल ६ लोगोें की कोरोना टेस्ट रिपोर्ट पॉजीटीव आयी है. जिसके चलते यहां पर कोरोना संक्रमितों का आंकडा डेढ शतक को पार कर अब १५१ हो गया है. वहीं शनिवार की सुबह यहां के कोविड अस्पताल में इलाज हेतु भरती अलहिलाल कालोनी निवासी एक ५६ वर्षीय महिला की मौत हो गयी है. जिसके चलते कोरोना संक्रमण की वजह सेहोनेवाली मौतों की संख्या अब १५ हो गयी है. इस संदर्भ में स्थानीय जिला सामान्य अस्पताल प्रशासन द्वारा दी गईजानकारी के मुताबिक शनिवार की दोपहर संगाबा अमरावती विवि की कोविड टेस्ट लैब से जो रिपोर्ट प्राप्त हुई, उसमें रतनगंज (मसानगंज) निवासी ७५ वर्षीय पुरूष व ५२ वर्षीय पुरूष, बजरंग टेकडी (मसानगंज) निवासी १८ वर्षीय पुरूष, हजरत बिलाल नगर निवासी ५२ वर्षी पुरूष, खुर्शीदपुरा निवासी ४२ वर्षीय पुरूष के साथ ही अकोला के अनंत नगर परिसर निवासी २८ वर्षीय पुरूष की रिपोर्ट पॉजीटीव आयी है.

इसमें से अकोला निवासी २८ वर्षीय पुरूष स्थानीय सुपर स्पेशालीटी अस्पताल के कोविड हॉस्पिटल में बतौर कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर कार्यरत है और १० दिन की ड्युटी पूरी होने के बाद उनका थ्रोट स्वैब सैम्पल लिया गया था. जिसकी रिपोर्ट पॉजीटीव आयी है. इसमें से पता चला है कि, रतनगंज परिसर में कोरोना पॉजीटीव पाये गये ७५ वर्षीय एवं ५२ वर्षीय पुरूष पिता-पुत्र है. वहीं मसानगंज के ही बजरंग टेकडी परिसर में कोरोना पॉजीटीव पाया गया युवक दो दिन पूर्व इस परिसर में कोरोना पॉजीटीव पायी गयी महिला के बेटे का दोस्त है. इसके साथ ही विगत २१ मई को कोरोना पॉजीटीव पाये जाने के बाद कोविड हॉस्पिटल में भरती करायी गयी अलहिलाल कालोनी निवासी ५६ वर्षीय महिला की शनिवार की सुबह कोविड हॉस्पिटल में मौत हो गयी. इसके चलते अमरावती में अब कोरोना के चलते मरनेवालों की संख्या १५ हो गयी है, वहीं अब तक प्राप्त पॉजीटीव रिपोर्ट का आंकडा १५१ पर जा पहुंचा है. जिसमें से अब तक ७६ मरीजों को अस्पताल से डिस्चार्ज दे दिया गया है और इस समय ५८ मरीजों का कोविड अस्पताल में इलाज चल रहा है.

  • बीती रात भी तीन लोगों की रिपोर्ट आयी थी पॉजीटीव-

यहां यह विशेष उल्लेखनीय है कि, शुक्रवार की रात ९ बजे भी संगाबा अमरावती विवि से आयी रिपोर्ट में तीन लोगोें की रिपोर्ट पॉजीटीव आयी थी. जिसमें शिवनगर निवासी २३ वर्षीय युवक, मसानगंज निवासी २९ वर्षीय युवक एवं भातकुली निवासी ५० वर्षीय पुरूष की रिपोर्ट पॉजीटीव आयी थी. बता दें कि, इससे पहले भी शिवनगर परिसर में रहनेवाला एक युवक कोरोना पॉजीटीव पाया गया था और अब उसके साथ रहनेवाले उसका २३ वर्षीय दोस्त की रिपोर्ट शुक्रवार की रात पॉजीटीव आयी है. जानकारी है कि, इस परिसर में करीब १० से १५ युवकों का एक समूह साथ मिलकर स्पर्धा परिक्षाओ की तैयारी एवं पढाई किया करता था. ऐसे में प्रशासन द्वारा यहां पर सबसे पहले कोरोना पॉजीटीव पाये गये युवक के संपर्क में आनेवाले सभी लोगों को कोरोंटाईन करते हुए उनके थ्रोट स्वैब सैम्पलों की जांच की जा रहीं है. वहीं दूसरी ओर तीन दिन पहले मसानगंज परिसर में कोरोना पॉजीटीव पाये गये मनपा सफाई कर्मी के संपर्क में रहनेवाला उसका २९ वर्षीय दोस्त शुक्रवार की रात कोरोना पॉजीटीव पाया गया. इसके अलावा विगत १७ मई को स्थानीय इर्विन अस्पताल में भातकुली के मारवाडीपूरा परिसर निवासी व्यक्ति की इलाज के दौरान मौत हो गयी थी. जिसके बाद उसके आसपास के घरों में रहनेवाले करीब ४० लोगों के थ्रोट स्वैब सैम्पल लिये गये थे. जिसमें से मृतक के ५० वर्षीय चचेरे भाई की रिपोर्ट पॉजीटीव आयी है.

अमरावती में ९.९३ फीसदी मौते व ५०.३३ फीसदी रिकवरी –

बता दें कि, अमरावती में अब तक कुल १५१ कोरोना संक्रमित मरीज पाये जा चुके है. जिनमें से ९.९३ फीसदी यानी १५ मरीजों की मौत हो चुकी है. वहीं ५०.३३ फीसदी यानी ७६ मरीज आयसोलेशन अवधि पूरी होने के बाद कोविड अस्पताल से डिस्चार्ज होकर अपने घर लौट गये है. इस लिहाज से कहा जा सकता है कि, अमरावती में कोरोना की बीमारी को मात देनेवाले संक्रमित मरीजोें की संख्या व प्रमाण काफी अधिक है और अब तक आधे से अधिक मरीज स्वास्थ में सुधार होने के बाद अपने घर लौट गये है. वहीं चूंकि अब तक लगभग १० प्रतिशत मरीजों की कोरोना संक्रमण के चलते मौत हो गयी है, तो इसे कुछ हद तक qचताजनक स्थिति कहा जा सकता है.

रतनगंज निवासी पिता-पुत्र पाये गये पॉजीटीव

शनिवार को आयी रिपोर्ट में रतनगंज परिसर निवासी ७५ वर्षीय एवं ५२ वर्षीय पुरूष पॉजीटीव पाये गये है. जानकारी के मुताबिक यह दोनों पिता-पुत्र है. शहर में संभवत: एक साथ किसी पिता-पुत्र के कोरोना पॉजीटीव पाये जाने की यह पहली घटना है.

समाजसेवी वकील की रिपोर्ट भी आयी पॉजीटीव

जानकारी के मुताबिक शनिवार को हजरत बिलाल नगर निवासी जिस ५२ वर्षीय व्यक्ति की कोरोना टेस्ट रिपोर्ट पॉजीटीव आयी है, वे शहर के ख्यातनाम वकील रहने के साथ ही क्षेत्र के प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता भी है, जो विगत अनेक दिनों से लॉकडाउन के दौरान लोगोें को कोरोना की बीमारी के प्रति जागरूक करने के साथ ही जरूरतमंदों को सहायता भी पहुंचा रहेथे. विगत दिनों उनकी तबियत में कुछ गडबडी लगने पर उन्होंने खुद को होम कोरोंटाईन करते हुए अपना थ्रोट स्वैब सैम्पल जांच हेतु दिया. जिसकी रिपोर्ट शनिवार को पॉजीटीव आयी है.

  • अब जनता कर्फ्यू की जिम्मेदारी खुद जनता पर

 अमरावती-दो सप्ताह पूर्व अमरावती के जिलाधीश शैलेश नवाल ने लॉकडाउन में ढील के समय को बढाते हुए प्रति सप्ताह शनिवार की दोपहर ३ बजे से सोमवार की सुबह ७ बजे तक डेढ दिन का जनता कफ्र्यू लागू करने की घोषणा की थी. qकतु दो सप्ताह चले इस साप्ताहिक जनता कफ्र्यू के बाद गत रोज जिलाधीश नवाल ने कहा कि अब से प्रशासन द्वारा शनिवार व रविवार को जनता कफ्र्यू का पालन नहीं करवाया जायेगा, बल्कि अब जनता को खुद अपने स्तर पर लॉकडाउन में ढील के दौरान सोशल डिस्टंqसग एवं कफ्के नियमों का पालन करना होगा. जिसका सीधा मतलब है कि, रविवार को शहर के बाजारो में दूकानें खुलेंगी अथवा नहीं, तथा खुलनेवाली दुकानों पर खरीददारी हेतु जाना है अथवा नहीं इसका निर्णय खुद आम नागरिकों को करना होगा. ऐसे में चूंकि इस समय अमरावती शहर में कोरोना संक्रमितों की संख्या लगातार बढ ही रहीें है, तो आम नागरिकों में जबर्दस्त भय का माहौल है और लोगबाग जिला प्रशासन के इस निर्णय को लेकर आश्चर्य भी व्यक्त कर रहे है.

वहीं दूसरी ओर एक तबका ऐसा भी है, जो चाहता है कि, अब लॉकडाउन को लागू हुए लंबा समय हो चुका है और अब लॉकडाउन को खत्म कर सबकुछ पहले की तरह खोल दिया जाना चाहिए. साथ ही लॉकडाउन खोलते समय आम नागरिकों को कोरोना से बचाव हेतु सोशल डिस्टंqसग का पालन करते हुए मास्क, हैण्डवॉश वसैनिटाईजर का प्रयोग करने के संदर्भ में जागरूक किया जाना चाहिए. यहां यह विशेष उल्लेखनीय है कि, विगत १७ मई को शुरू हुए लॉकडाउन के चौथे चरण का काफी हद तक देशव्यापी विरोध हुआ था. वहीं दूसरी ओर विगत डेढ माह से लगातार चल रहे लॉकडाउन की वजह से सरकारी तिजोरियां भी लगभग पूरी तरह से खाली हो चुकी है, ऐसे में अब केंद्र सहित राज्य सरकार भी चाहती है कि, राज्य सहित देश में उद्योग व व्यापार शुरू हो. यहां यह भी उल्लेखनीय है कि, समूचे देश में महाराष्ट्र ही अकेला ऐसा राज्य है, जहां पर कोरोना को लेकर ग्रीन व ऑरेंज झोन को रद्द कर केवल रेड व नॉन रेड झोन घोषित किया गया है. साथ ही समूचे देश में महाराष्ट्र ही ऐसा राज्य है, जहां सबसे अधिक कोरोना संक्रमित मरीज पाये गये है और कोरोना के चलते सर्वाधिक मौते हुई है. ऐसे में पहले से ही अरबोें- खरबों रूपयों का कर्ज लेकर चल रहीं महाराष्ट्र सरकार की भी यहीं मानसिकता है कि, अब कोरोना को लेकर डेंजर झोन, रेड झोन व कंटेनमेंट झोन को छोडकर अन्य क्षेत्रों में व्यापार -व्यवसाय शुरू किया जा सके.

यहां यह ध्यान देनेवाली बात है कि, कुछ समय पूर्व तक अमरावती के जिलाधीश शैलेश नवाल अमरावती जिलावासियों को आगामी कुछ माह तक कोरोना के साथ जीने और ऑनलाईन शॉqपग की आदत डालने के बारे में सलाह दे रहे थे. qकतु अब वे भी कंटेनमेंट झोन में शामिल क्षेत्रों को छोडकर जिले के अन्य इलाकों में सबकुछ शुरू करने की अनुमति दे रहे है. जिसके चलते उम्मीद है कि स्कूल, मॉल व थिएटर को छोडकर आगामी सात दिनों में सबकुछ पहले की तरह खुल जायेगा. ऐसे में अब आम लोगोें की जिम्मेदारी बनती है कि, वे खुद ही जनता कफ्र्यू का पालन करे. वैसे भी शनिवार व रविवार को अधिकांश लोगबाग अपने-अपने घरों पर ही रहते है. अत: इस जरिये प्रति सप्ताह शनिवार व रविवार को जनता कफ्र्यू का पालन हो सकता है.

कल जिलाधीश शैलेश नवाल ने प्रति सप्ताह लगाये जानेवाले प्रशासनिक जनता कफ्र्यू को रद्द कर दिया और गेंद को आम जनता के पाले में डाल दिया. ऐसे में अब आम जनता को खुद के बचाव सहित कोरोना वायरस के फैलाव को रोकने के लिए खुद ही सोशल डिस्टंqसग का बनानी होगी. फिलहाल इस बीमारी के प्रकोप से बचे रहने हेतु यहीं एकमात्र रास्ता नजर आता है. वहीं दूसरी ओर यह बात भी साफ दिखाई दे रहीं है कि, इस वक्त केंद्र तथा राज्य सरकार सहित जिला प्रशासन में से किसी को भी कोरोना से निपटने के लिए कोई ठोस उपाय नहीं सुझ रहे है. यहीं वजह है कि, इतने दिनों तक रोजाना नई-नई पाबंदियां लगाये जाने और हटाये जाने के दृष्य दिखाई दिये.

अब बढ सकता है खतरा-

बता दें कि, सोमवार २५ मई से जिले के लगभग सभी ग्रामीण क्षेत्रों में उद्योग एवं व्यापार व्यवसाय शुरू हो जायेंगे. qकतु लोगों को यह समझना होगा कि, अभी कोरोना वायरस का खतरा खत्म नहीं हुआ है. यहां पर यह भी ध्यान में रखा जा सकता है कि, लॉकडाउन में छूट दिये जाने के बाद विगत सप्ताह पूरे सातों दिन रोजाना ही कोरोना पॉजीटीव मरीज पाये जाते रहे. साथ ही सर्वाधिक qचता की बात यह है कि, प्रशासन के लिए इन नये कोरोना पॉजीटीव मरीजों की कॉन्टैक्ट हिस्ट्री को ढूंढना ही काफी मुश्किल काम बन गया है. ऐसे में अब जब आनेवाले दिनों में सबकुछ शुरू होने जा रहा है तो आम लोगोें को यहीं समझकर काम करना होगा कि, उसके संपर्क में आनेवाले किसी भी व्यक्ति से उसे कोरोना हो सकता है. अत: हर एक को अपने-अपने स्वास्थ की सुरक्षा को लेकर बेहद सतर्क रहना होगा.

  • २५ मई के बाद लॉकडाउन को लेकर लागू होगी नई गाईडलाईन

अमरावती-आगामी सोमवार२५ मई के बाद लॉकडाउन के चौथे चरण को लेकर नई गाईडलाईन के हिसाब से नियमों को लागू किया जायेगा. जिसके लिए जिप मुख्य कार्यपालन अधिकारी सहित पालिका मुख्याधिकारियों एवं तहसीलदारों के साथ बैठक कर आवश्यक निर्णय लिया जायेगा. इस आशय की जानकारी जिलाधीश शैलेश नवाल ने अपनी नियमित प्रेस ब्रीqफग में दी. उपरोक्त जानकारी के साथ ही जिलाधीश नवाल ने बताया कि, इस शनिवार व रविवार से प्रशासन द्वारा जनता कफ्र्यू लागू नहीं किया जा रहा. अत: अब नागरिकों की जिम्मेदारी बनती है कि, वे अपनेस्वास्थ एवं सुरक्षा को लेकर सतर्कता बरते. साथ ही उन्होंने प्रशासन द्वारा किये जा रहे प्रयासों की जानकारी देते हुए बताया कि, १ मई के बाद जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में बाहर से १४ हजार लोग वापिस आये है. इनके साथ ही इन गांवों के ६ हजार लोगों को मिलाकर कुल २० हजार लोगों की नियमित ट्रैqकग की जा रहीं है और कई लोगोें को इन्स्टिटयूशनल व होम कोरोंटाईन के तहत रखा गया है.

इसके अलावा इस ब्रीqफग में जिलाधीश नवाल ने बताया कि, अमरावती में अटके राजस्थान निवासी ४० लोगों को यहां से वापिस ले जाने हेतु राजस्थान सरकार एक बस भेजनेवाली है. जिसके जरिये इन सभी लोगोें को यहां से वापिस भेजा जायेगा. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि, प्रशासन द्वारा जहां एक ओर लॉकडाउन को शिथिल किया जा रहा है, वहीं भीड के दौरान नियमों के पालन की शर्त को और अधिक सख्त किया जा रहा है. जिसके तहत नियमों का पालन नहीं करनेवाले लोगों केखलाफ अब और अधिक कडी दंडात्मक कार्रवाई की जायेगी. जिसमें सोशल डिस्टंqसग का पालन नहीं करनेवाले दुकानदारों पर ३ हजार रूपये, सार्वजनिक स्थानों पर थूंकनेवालों पर ६०० रूपये एवं बिना मास्क लगाये घुमनेवालों पर ३०० रूपये का जुर्माना लगाया जायेगा.

 

Amravati News 22/05/2020

हर वॉर्ड में एफएम रेडिओ, २८ से ३० डिग्री तापमान, मरीजों में ४ फीट की दूरी

प्रतिनिधि/दि.२२ अमरावती- विगत डेढ माह से अमरावती शहर सहित समूचे जिले की नजरें सुपर स्पेशालीटी अस्पताल में बनाये गये कोविड हॉस्पिटल की ओरलगी हुई है तथा लगभग हर किसी में यह जिज्ञासा और उत्कंठा बनी हुई है कि, आखिर भीतर से कैसा है कोविड हॉस्पिटल, वहां पर डॉक्टरों सहित मेडिकल स्टॉफ के लोग कैसे काम करते है, वहां मरीजों का किस तरह से इलाज किया जाता है और किस तरह उनका दिन बीतता है. कुछ इसी तरह के अन्य कई सवाल है. जिनका जवाब केवल कोविड हॉस्पिटल में काम करनेवाले लोगों तथा वहां पर भरती या वहां से डिस्चार्ज पा चुके मरीजों के पास है. इसके अलावा किसी अन्य को कोविड हॉस्पिटल में प्रवेश करने की अनुमति नहीं है.

ऐसे में दैनिक अमरावती मंडल ने अपने पाठकों के लिए कोविड हॉस्पिटल से ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. जिसके बाद हम वहां से संबंधित सभी छोटे-बडे ब्यौरे यहां प्रस्तुत कर रहे है.स्थानीय सुपर स्पेशालीटी अस्पताल में विगत ४ अप्रैल को कोविड हॉस्पिटल तैयार किया गया था. जहां पर अमरावती शहर सहित जिले के विभिन्न हिस्सों में पाये जानेवाले कोरोना संक्रमित मरीजों को इलाज हेतु भरती कराया जाना शुरू किया गया. मरीजों की संभावित संख्या को देखते हुए यहां पर १०० बेड की क्षमता तैयार की गई थी. जिसमें एक मंजिल पर २०-२० बेडवाले दो वॉर्ड तैयार किये गये थे. वहीं उपरी मंजील पर ३० बेडवाला एक वॉर्ड तैयार करने के साथ ही १५-१५ बेड की क्षमतावाले दो आयसीयू भी तैयार किये गये है तथा सभी वॉर्ड में चार-चार फुट की दूरी पर पलंग लगाये गये है, ताकि मरीजों के बीच सोशल डिस्टंqसग के नियम का पालन हो सके.

८० लोगोेेंं का स्टाफ है मरीजों के लिए तैनात

यहां के हर वॉर्ड में पूरा समय एक डॉक्टर, एक सिस्टर, एक अटेंडंट व एक सफाई कर्मी ऐसे चार लोगों की टीम तैनात रहती है और हर टीम की शिफ्ट छह-छह घंटे की होती है. इस लिहाज से हर वॉर्ड में रोजाना चार-चार लोगोें की चार अलग-अलग टीमें ड्यूटी देती है. यानी यहां के पांच वॉर्डोंे में इस समय रोजाना ८० लोगों का स्टाफ सेवा प्रदान कर रहा है. बता दें कि, जिला सामान्य अस्पताल द्वारा ऐसे ८०-८० लोगों की करीब ९ टीमें बनायी गयी थी और हर टीम को कोविड अस्पताल में १०- १० दिन की ड्यूटी करने की जिम्मेदारी सौपी गयी थी. जिसमें से चार टीमें अपनी १०-१० दिन की ड्यूटी पूरी कर कोरोंटाईन में जा चुकी है. वहीं इस समय यहां पर ८० लोगों की पांचवी टीम ड्यूटी पर तैनात है. जिसकी १० दिनों की कार्य अवधि खत्म होने में है और ८० लोगों की छठवीं टीम अपनी दस दिनों की ड्यूटी पर आने के लिए तैयार है. याद दिला दें कि, सुपर स्पेशालीटी अस्पताल में दस दिन की ड्यूटी पूरी करने के बाद पूरी टीम को अगले १४ दिनों के लिए कोरोंटाईन किया जाता है. पश्चात वे अपने घर जा पाते है.

मरीजों को दिया जाता है दोनों समय चाय-नाश्ता व भोजन-

इस समय काेि वड अस्पताल म ें कुल ५३ कारे ाने ा सकं ्र मित मरीज भरती रहकर अपना इलाज करा रहे है. इन सभी मरीजों को अस्पताल प्रशासन की ओर से रोजाना सुबह चाय व नाश्ता, दोपहर में लंच, शाम ४ बजे चाय एवं रात में डिनर प्रदान किया जाता है. इसके लिए अस्पताल परिसर में ही भोजन तैयार किया जाता है. वहीं यहां ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों एवं मेडिकल स्टाफ के लोगों की भी भोजन व्यवस्था अस्पताल परिसर में ही की जाती है. जिनके लिए कमिश्नर ऑफिस से भोजन तैयार कर यहां लाया जाता है. इसके अलावा यहां पर भरती मरीजों को बोरियत न हो, इस हेतु यहां के हर वॉर्ड में एफएम रेडिओ की सुविधा उपलब्ध करायी गयी है. साथ ही मरीजों को उनका मोबाईल प्रयोग में लाने की भी अनुमति दी गई है. जिसके जरिये वे ऑनलाईन रहते हुए सोशल मीडिया साईटस् देख सके और अपने परिजनों से संपर्क कर सके.

हालांकि सभी मरीजों को इस बात की कडी हिदायत भी दी गई है कि, वे अस्पताल में रहते समय अपने सेल्फी फोटो व वीडियोज ना निकाले और उन्हें सोशल मीडिया पर भी पोस्ट न करे. इसके अलावा इससे पहले जारी दिशानिर्देशों के तहत कोविड अस्पताल में कूलर एवं एसी की व्यवस्था नहीं की जाती थी. qकतु अब नई गाईडलाईन के चलते यहां के सभी वॉर्डों में कूलर की व्यवस्था की गई है. इस संदर्भ में जानकारी हासिल करने पर बताया गया कि, २८ डिग्री सेल्सियस के तापमान पर कोरोना सहित किसी भी तरह का वायरस सक्रिय नहीं रह सकता. अत: बाहर बढ रहे तापमान के मद्देनजर यहां कूलर की व्यवस्था की गई है और कोविड अस्पताल के सभी वॉर्डों में २८ से ३० डिग्री सेल्सियस का तापमान मेंटेन किया जा रहा है.

मेडिकल स्टाफ को पुरे ६ घंटे रहना पडता है पीपीई किट में-

यहां यह सर्वाधिक उल्लेखनीय है कि, कोविड वॉर्ड में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों सहित पूरे मेडिकल स्टॉफ को अपनी ड्यूटी के दौरान पूरे ६ घंटों के लिए पीपीई किट में रहना पडता है और ड्यूटी शुरू करते समय एक बार पीपीई किट पहनने के बाद वे अपनी ड्यूटी खत्म होने तक इस किट को उतार नहीं सकते. साथ ही एक पीपीई किट केवल एक बार ही प्रयोग में लायी जा सकती है तथा ड्यूटी खत्म होने के बाद जब इसे डॉक्टरों व मेडिकल स्टाफ द्वारा उतार दिया जाता है, तो उसके बाद इसे जैविक तरीके से नष्ट कर दिया जाता है.

रोजाना सुबह-शाम वरिष्ठ डॉ्नॅटरों का होता है राउड, सीएस भी देते है विजिट-

हर एक वॉर्ड में छह-छह घंटे की ड्यूटी परतैनात डॉक्टरों के अलावा यहां पर रोजाना सुबह ८ बजे व शाम ६ बजे वरिष्ठ डॉक्टरों का भी राउंड होता है. साथ ही लगभग हर दिन यहां पर जिला शल्य चिकित्सक द्वारा भी विजिट दी जाती है. इसके अलावा किसी भी आपात स्थिति या इमरजन्सी से निपटने हेतु ऑन डिमांड व ऑन कॉल २४ घंटे डॉक्टर उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी तैयार रखी जाती है. रोजाना सुबह-शाम डॉक्टरों द्वारा अपने राउंड के तहत सभी मरीजों की स्वास्थ जांच की जाती है. जिसमें उनके शरीर का तापमान दर्ज करने के साथ ही ब्लड प्रेशर एवं ऑ्िनसजन सैच्युरेशन को भी जांचा जाता है.

अब तक ७२ को मिला डिस्चार्ज

बता दें कि, अमरावती शहर सहित जिले में अब तक कुल १४१ कोरोना पॉजीटीव मरीज पाये जा चुके है. उनमें में भी १३ मरीजों की मौत हो चुकी है. इसमें से ३ की मौत कोविड अस्पताल में इलाज के दौरान हुई थी और शेष १० की मौत अस्पताल लाये जाने से पहले ही हो चुकी थी. इनके अलावा इस अस्पताल में शेष १२५ मरीजों पर कोविड अस्पताल में इलाज किया गया. जिसमें से ७२ लोग यहां से डिस्चार्ज पाकर अपने घर वापिस चले गये है. वहीं इस समय कोविड वॉर्ड में केवल ५५ मरीज की भरती है. इनमें से भी कई मरीजोें की आयसोलेशन अवधी खत्म होने में और उन्हें उनके बेहतर स्वास्थ के मद्देनजर बहुत जल्द कोविड अस्पताल से डिस्चार्ज दिया जा सकता है. बता दें कि, जिला सामान्य अस्पताल एवं कोविड हॉस्पिटल में अब तक २ हजार ९९० लोगोें के थ्रोट स्वैब सैम्पलों की जांच हो चुकी है.

सकारात्मक सोच व नैतिक बल से हराया जा सकता है कोरोना को

इस गा्र उडं रिपाेि टर्गं के तहत हमन े जब काेि वड अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों एवं मेडिकल स्टाफ से उनके अनुभवों के संदर्भ में जानना चाहा, तो उन्होंने बताया कि किसी व्यक्ति में यदि कोरोना का संक्रमण पाया जाता है, तो इसका सीधा मतलब यह है कि, उस व्यक्ति की रोग प्रतिकारक क्षमता कमजोर है. ऐसे में हमारा पूरा जोर उस व्यक्ति की इम्युन सिस्टीम को मजबूत करने पर होता है. इसके साथ ही किसी भी कोरोना पॉजीटीव मरीज को जब इलाज हेतु कोविड अस्पताल में लाया जाता है, तो उस वक्त वह मरीज काफी घबराया हुआ होता है. ऐसे में हम लोग सबसे पहले उस मरीज को नैतिक रूप से प्रोत्साहित करते है और उसमें जीवन को लेकर सकारात्मक सोच बढाने का काम करते है. इसके बाद जब वह नया मरीज यहां रहनेवाले अन्य कोरोना संक्रमित मरीजों के साथ रहकर उनके अनुभवों को देखता व समझता है, तो धीरे-धीरे अपने आप ही उसमें सकारात्मक सोच व नैतिक बल बढने शुरू हो जाते है. यहीं वजह है कि, अमरावती में आधे से भी अधिक कोरोना संक्रमित मरीज पूरी तरह से ठीक होकर अपने घर वापिस लौट गये है.

मात्र एक मरीज है वैंटीलेटर पर

इस ग्राउंड रिपोर्टिंग में हमें पता चला कि, यहां पर ज्यादातर मरीज कोविड वॉर्ड में ही भरती है और केवल एक ही मरीज ऐसा है, जिसे विगत १७ मई से वेेंटीलेटर पर रखा गया है. बता दें कि, कोविड वॉर्ड को शुरू करने से पहले ही सुपर स्पेशालीटी अस्पताल में २५ वेंटिलेटर उपलब्ध करा लिये गये थे. qकतु विगत १७ मई तक किसी मरीज को वेंटिलेटर लगाने की जरूरत ही नहीं पडी. वहीं १७ मई को एक मरीज की तबियत कुछ अधिक गडबडा जाने की वजह से उसे वेंटिलेटर पर रखा गया. फिलहाल इस मरीज का स्वास्थ स्थिर बताया जा रहा है.

अब दसवे दिन ही मिल सकती है कोविड अस्पताल से छुुट्टी-

बता दें कि, इससे पहले कोविड अस्पताल में आयसोलेशन हेतु लाये गये कोरोना संक्रमित मरीजों को यहां पर पुरे १४ दिनों तक रहना पडता था. पश्चात दो कोविड टेस्ट रिपोर्ट निगेटीव आने पर संबंधित मरीज को डिस्चार्ज दिया जाता था. qकतु अब नई गाईडलाईन के मुताबिक यदि कोविड हॉस्पिटल में भरती कराये गये किसी कोरोना पॉजीटीव मरीज में अगले सात-आठ दिनों तक सर्दी-खांसी व बूखार जैसे कोई लक्षण दिखाई नहीं देते है और यदि उसमें स्वास्थ संबंधी अन्य कोई दिक्कत भी नहीं पायी जाती है, तो बिना कोई टेस्ट किये उसे दसवें दिन अस्पताल से घर जाने हेतु डिस्चार्ज दिया जा सकता है. अलबत्ता इससे पहले इस बात की एक-दो दिन जांच की जाती है कि, संबंधित मरीज के खून में ऑ्िनसजन का सैच्युरेशन औसत ९५ प्रतिशत के आसपास I

सभी अदालतों में ई पध्दती से केस दाखल करने और निर्णय देने को मंजूरी

प्रतिनिधि/दि.२२ अमरावती-कारे ाने ा सकं ्र मण के खतरे एवं इसे लेकर जारी लॉकडाउन के चलते विगत दो माह से जिले की सभी अदालतों में कामकाज एक तरह से ठप्प पडा हुआ है और केवल अत्यावश्यक मामलों एवं रिमांड को लेकर ही सुनवाई की अनुमति दी गई थी. जिसके तहत एक से अधिक न्यायकक्ष रहनेवाली अदालतों में रोजाना सुनवाई हेतु किसी एक न्यायासन को ही खोला जा रहा था. qकतु अब इसमें थोडी ढील देते हुए सभी अदालतों ने ई पध्दति से केससंबंधी कामकाज शुरू करने को लेकर अनुमति दी गई है. इसके तहत सभी अदालतों में ऑनलाईन तरीके से नये केस दाखिल करने और पुराने मामलों पर न्यायाधीशों द्वारा निर्णय दिये जाने को तत्वत: मंजूरी दी गई है.इस नई व्यवस्था के तहत जब तक अदालतों में पहले की तरह नियमित तौर पर कामकाज शुरू नहीं होगा, तब तक ऑनलाईन पध्दति से ही काम चलेगा और लॉकडाउन हटने के बाद कोर्ट खुलने पर संबंधितों को सात दिनों के भीतर अपनी केस से संबंधित दस्तावेजोें की हार्ड कॉपी अदालत के समक्ष जमा करनी होगी. इस व्यवस्था में सबसे उल्लेखनीय बात यह है कि, ऑनलाईन सुनवाई के दौरान वकीलों एवं पक्षकारों को कोर्ट में प्रत्यक्ष उपस्थित रहने की जरूरत एवं अनुमति भी नहीं रहेगी.

जिले की सभी अदालतों में होगा कामकाज

इस संदर्भ में दैनिक अमरावती मंडल को विशेष रूप से जानकारी देते हुए शहर के वरिष्ठ विधिज्ञ एड. अशोक जैन ने बताया कि, इस ई पध्दती के जरिये जिले की सभी अदालतोें में नये केस दाखिल करने और पुराने मामलोें में फैसला सुनाने का कामकाज जल्द शुरू हो जायेगा और इससे सभी को घर बैठे ही अपने से संबंधित मुकदमे या शिकायतों के निपटारे का अवसर भी मिलेगा.

अब से शहर में जनता कर्फ्यू नहीं

प्रतिनिधि/दि.२२ अमरावती-इससे पहले लॉकडाउन में ढील देने के साथ ही प्रशासन द्वारा शनिवार की दोपहर ३ बजे से सोमवार की सुबह ७ बजे तकजनता कफ्र्यू का पालन करवाया जाता था. qकतु अब शनिवार २३ मई से प्रशासन द्वारा अपनी ओर से ऐसे किसी जनता कफ्र्यू का पालन नहीं करवाया जायेगा. बल्कि इसकी जिम्मेदारी अब नागरिकों पर छोड दी गई है. अत: नागरिकों ने खुद ही अपने स्वास्थ के प्रति सजग रहते हुए शनिवार व रविवार को अपने स्तर पर जनता कफ्र्यू का पालन करना चाहिये. इस आशय की जानकारी जिलाधीश

शैलेश नवाल ने दी है. अपने कार्यालय में शुक्रवार की दोपहर नियमित प्रेस ब्रीqफग के दौरान उपरोक्त जानकारी देते हुए जिलाधीश नवाल ने यह भी बताया कि, विगत दिनों नागपुर महामार्ग स्थित बिझीलैण्ड, सिटीलैण्ड व ड्रिम्जलैण्ड नामक व्यापारिक संकूलों को सोमवार २५ मई से खोलने की अनुमति देने के संदर्भ में विचार चल रहा था. साथ ही शुक्रवार २२ मई व शनिवार २३ मई को इन व्यापारिक संकूलों में स्थित दूकानों को साफ- सफाई व सैनिटाईजेशन के हिसाब से भी खोलने की अनुमति देना प्रस्तावित था. qकतु इसी बीच बिझीलैण्ड के पास ही स्थित नांदगांव पेठ में दो कोरोना पॉजीटीव मिले है. जिसकी वजह से फिलहाल इन तीनों व्यापारिक संकूलों को खोलने की अनुमति नहीं दी जा रही और इस संदर्भ में अब अगले सप्ताह निर्णय लिया जायेगा.

इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि, पश्चिम बंगाल जाने हेतु चलायी जानेवाली ट्रेन को फिलहाल कुछ समय तक के लिए स्थगित कर दिया गया है तथा आगामी एक-दो दिन में इस संदर्भ में प्रशासन को सरकार की ओर से जानकारी मिलेगी. साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि, अमरावती में अटकें कई प्रवासी बंगाली मजदूरों व कारीगरोें को बस से अपने गृह राज्य जाने की अनुमति प्रशासन द्वारा दी गई है.इसके अलावा शुक्रवार की सुबह कोविड अस्पताल में पाटीपुरा निवासी ३० वर्षीय युवक की मौत हो जाने की जानकारी देते हुए जिलाधीश नवाल ने बताया कि, शुक्रवार की शाम स्वास्थ में सुधार होने के चलते कोविड अस्पताल में भरती पांच अन्य मरीजों को डिस्चार्ज दिया जायेगा.

साथ ही उन्होेंने यह भी बताया कि, अब तक पॉजीटीव आये मरीजों में से ८० से ९० प्रतिशत मरीज कोरोंटाईन किये गये है और इस वक्त कोविड अस्पताल में भरती संक्रमित मरीजों में से केवल आठ मरीजों में कोरोना संक्रमण के लक्षण दिखाई दे रहे है. वहीं अन्य लोगों में ऐसे लक्षण दिखाई नहीं दे रहे. इसके अलावा कंटेनमेंट झोन सहित अन्य सभी शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ सर्वेक्षण का काम शुरू है, और जिले की सीमा पर ेचेक पोस्ट तैयार किये गये है. इन तमाम व्यवस्थाओं के जरिये लोगों की स्वास्थ जांच करते हुए उनके सर्दी,खांसी व बुखार के लक्षण जांच जा रहे है.

कोरोना ने ली एक और जान; पाटीपुरा के ३० वर्षीय युवक की हुई मौत

प्रतिनिधि/दि.२२ अमरावती-स्थानीय नागपुरी गेट पुलिस थाना अंतर्गत पाटीपुरा निवासी ३० वर्षीय युवक कीशकु ्र वार २२ मर्इ का े सपु र स्पेशालीटी के कोविड अस्पताल में मौत हो गयी है. इसके साथ ही अमरावती में कोरोना वायरस के संक्रमण की वजह से मरनेवालों की संख्या अब १४ पर जा पहुंची है. वहीं शुक्रवार को शहर के लालखडी एवं मसानगंज परिसर के एक-एक कोरोना संदेहितमरीज की कोरोना टेस्ट रिपोर्ट पॉजीटीव आयी है. इसके चलते अब अमरावती में कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या १४१ पर जा पहुंची है. जिसमें से अब तक ७२ लोगोें को डिस्चार्ज मिल चुका है और इस समय कोविड वॉर्ड में ५५ कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज चल रहा है. इस संदर्भ में मिली जानकारी के मुताबिक पाटीपुरा निवासी ३० वर्षीय युवक विगत १४ मई को कोविड हॉस्पिटल में भरती कराया गया था. जिसकी रिपोर्ट १६ मई को पॉजीटीव आयी थी.

इस युवक के साथ उसके परिवार के अन्य तीन लोग भी पॉजीटीव पाये गये थे, जिन्हें कोविड अस्पताल में भरती कराया गया है. इस युवक की तबियत विगत १६ मई को ही काफी बिगड गयी थी. जिसके चलते उसे वेेंटिलेटर पर रखा गया था और इलाज के दौरान ही इस युवक ने शुक्रवार २२ मई को दम तोड दिया. वहीं दूसरी ओर लालखडी परिसर में रहनेवाले १९ साल के युवक की कोरोना रिपोर्ट शुक्रवार को पॉजीटीव आयी है. बता दें कि, इस युवक के परिवार में इससे पहले पांच लोग कोरोना पॉजीटीव पाये जा चुके है और अब इसी परिवार का छठवां सदस्य भी कोरोना संक्रमित पाया गया है.

इन सभी पर कोविड वॉर्ड में इलाज जारी है. इसके अलावा मसानगंज परिसर में रहनेवाली एक महिला की कोरोना टेस्ट रिपोर्ट पॉजीटीव आयी है. बता दें कि, गत रोज मसानगंज परिसर में रहनेवाले एक ही परिवार के पांच लोग कोरोना संक्रमित पाये गये थे. इस परिवार के घर की लाईन में दो घर छोडकर इस महिला का घर है तथा इस महिला का परिवार नींबू बेचने का काम करता है और यह महिला भी अपने पति के साथ नींबू बेचने हेतु जाया करती थी. इस महिला की रिपोर्ट पॉजीटीव आने के बाद उसे कोविड अस्पताल में भरती कराया गया है. साथ ही अब उसके परिजनों की भी स्वास्थ जांच की जा रही है.

कोविड हॉस्पिटल से और सात मरीजों को मिला डिस्चार्ज

प्रतिनिधि/दि.२२ अमरावती- स्थानीय सुपर स्पेशालीटी अस्पताल परिसर में बनाये गये कोविड अस्पताल में भरती कोरोना संक्रमित मरीजों में से गुरूवार की शाम एवं शुक्रवार की सुबह और ७ मरीजोें को डिस्चार्ज देकर उनके घर रवाना किया गया. इन सभी मरीजोें नेकोविड अस्पताल में अपनी १४ दिनों की आयसोलेशन अवधि पूर्ण कर ली थी. साथ ही इस दौरान उनके स्वास्थ में बडी तेजी के साथ सुधार हुआ तथा उनकी अगली दो कोरोना टेस्ट रिपोर्ट भी निगेटीव आयी. जिसके चलते अस्पताल प्रशासन ने उन्हें डिस्चार्ज देने का निर्णय लिया. इस संदर्भ ममिली जानकारी के मुताबिक इन सात मरीजों में मसानगंज के ४, नागपुरी गेट के १ व नांदगांव पेठ के १ मरीज सहित परतवाडा निवासी कोरोना पॉजीटीव पाये गये पुलिस कर्मी का समावेश है. बता दें कि, परतवाडा निवासी पुलिस कर्मी को वहां के उपजिला अस्पताल में भरती कराये जाने पर उसके थ्रोट स्वैब सैम्पल की पहली रिपोर्ट निगेटीव आयी थी. पश्चात उसे एक निजी अस्पताल में भरती कराकर वहां से उसका थ्रोट स्वैब सैम्पल जांच हेतु भिजवाया गया था. जिसकी रिपोर्ट पॉजीटीव आयी थी. पश्चात इस पुलिस कर्मी को इलाज हेतु कोविड हॉस्पिटल में भरती किया गया था. यहां पर अगली दो रिपोर्ट निगेटीव आने के चलते उसे डिस्चार्ज दे दिया गया.

हावडा-मुंबई मेल व अहमदाबाद ए्नसप्रेस १ जून से दौडेगी

प्रतिनिधि/२२ अमरावती- कोरोना वायरस की वजह से कई लोग यहां-वहां फंसे हुए हैं. रेलवे विभाग ने धीरे-धीरे रेलयात्रा शुरुकरने का निर्णय लेते हुए अब अमरावती वासियों के लिए भी राहत उपलब्ध कराई है. आगामी १ जून से हावडा-मुंबई मेल और अहमदाबाद ए्नसप्रेस शुरु की जाएगी. इसके लिए अमरावती रेलवे स्टेशन से दो टिकट काउंटर शुरु किए गए है. जल्द ही बडनेरा से भी टिकट बुqकग की जाएगी. रेलगाडी शुरु होनेके कारण फिर से बडनेरा रेलवे स्टेशन पर चहलपहल दिखाई देंगी. कन्फर्म टिकट रहने वाले यात्रियों को ही प्लेटफॉर्म पर प्रवेश दिया जाएगा. रेलगाडी के आने से पहले मेडिकल जांच कराने के लिए २ घंटे पूर्व यात्रियों को रेलवे स्टेशन पर पहुंचना होगा, अमरावती रेलवे स्टेशन के टिकट काउंटर से १५ लोगों के रिजर्वेशन किए गए है जबिक तकनीकी कारणों से २५ लोगों के रिजर्वेशन रद्द किए गए है. ऐसी जानकारी बडनेरा के रेल प्रबंधक आर.एम.सिन्हा ने द्गदैनिक अमरावती मंडलद्घ को दी है. बीते २२ मार्च से सुनसान पडे बडनेरा रेलवे स्टेशन पर १ जून से फिर यात्रियों की चहलपहल दिखाई देगी.

रेलमंत्रालय की ओर से चलाई जाने वाली २०० नॉन एसी बुqकग बडनेरा रेलवे स्टेशनसे सफर करने वाले यात्रियों के लिए अमरावती रेलवे स्टेशन से शुरु की गई है. इस यात्रा के लिए फिलहाल अमरावती रेलवे स्टेशन के दो टिकट काउंटर शुरु किए गए है. जल्द ही बडनेरा के भी टिकट काउंटर शुरु किए जाएंगे. रेल विभाग व्दारा हावडा से अहमदाबाद जाने वाली रेलगाडी को बडनेरा रेलवे स्टेशन पर ठहराव देने का निर्णय लिया गया है. यहां सिर्फ कन्फर्म टिकट वाले यात्रियों को ही रेलगाडी से सफर करने का अवसर मिलेगा. इसके अलावा मुंबई-हावडा मेल भी इसी रुट पर चलेगी. रेल मंत्रालय की ओर से कुछ दिन पूर्व ऐसा निर्णय लिया गया था. जिसके तहत १ जून से २०० रेलगाडी आंशिक रुप से चलाई जाएगी. इस सफर के लिए यात्रियों को शर्तों व नियमों का पालन करते हुए सफर करना होगा. इससे पहले रेलमंत्रालय व्दारा ३० एसी रेलगाडियां शुरु की गई थी. इन रेलगाडियों का मार्ग अलग होने के कारण इनमें से कोई भी रेलगाडी बडनेरा रुट पर नहीं चलाई गई. लेकिन अब बडनेरा अमरावती के नागरिकों के लिए बडनेरा से अकोला, भुसावल, नाशिक, ईगतपुरी, नागपुर, अहमदाबाद, राजकोट और सुरत के लिए रेलगाडियां उपलब्ध रहेगी. अब तक ५८ दिनों से रेलगाडियां पूरी तरह से बंद होने के कारण भुसावल मंडल को सिर्फ अमरावती वे बडनेरा रेलवे स्टेशन से चलने वाली रेलगाडियों का घाटा २.७५ का हो चुका है. यह सिर्फ यात्रियों की टिकट का अनुमान अब तक लगाया गया है.

बडनेरा रेलवे स्टेशन पर खास सुरक्षा के इंतेजाम

आगामी १ जून से रेलवे पटरी पर हावडा-मुंबई मेल और अहमदाबाद ए्नसप्रेस दौडेगी. इसके लिए सुरक्षा की दृष्टि से बडनेरा रेलवे स्टेशन पर खास सुरक्षा के इंतेजाम किए जा रहे है. यात्रियों को रेलगाडी के आने से दो घंटे पहले रेलवे स्टेशन पर पहुंचना होगा. यहां पर सोशल डिस्टेन्स के नियमों का पालन करते हुए यात्रियों की कतार लगाई जाएगी. इसके बाद थर्मल स्कैqनग मशीन से यात्रियों की जांच होगी. कन्फर्म टिकट रहने वाले यात्रियों को ही रेलगाडी में बैठने का अवसर मिलेगा. यात्री के साथ आने वाले व्यक्ति को प्लेटफॉर्म पर प्रवेश नहीं दिया जाएगा. नए टिकट घर की ओर से यात्रियों के लिए प्लेटफॉर्म पर प्रवेश की व्यवस्था है. यात्रियों को बाहर निकलने के लिए पूल पर से व्यवस्था की गई है. कोरोना वायरस के प्रादुर्भाव को देखते हुए यात्री सहयोग करें और सुरक्षित यात्रा करें. -आर.एम.सिन्हा, स्टेशन मास्टर बडनेरा

मनपा क्षेत्र छोडकर जिले के ग्रामीण इलाकों में आज से व्यवहार हुए शुरु

प्रतिनिधि/दि.२२ अमरावती – कारे ाने ा का े लके र जारी लॉकडाउन के चौथे चरण में राज्य सरकार ने रेड झोन से बाहर रहने वाले इलाकों में विभिन्न प्रतिबंधों को शिथिल करने का निणर्य लिया है. जिस पर शुक्रवार २२ मई से अमल करना शुरु किया गया है. जिसके तहत अमरावती मनपा क्षेत्र को छोडकर जिले की सभी ग्रामीण इलाकों में शुक्रवार से लॉकडाउन को शिथिल करते हुए कई तरह की नियमों व शर्तों के अधिन रहकर व्यवहार शुरु करने की अनुमति दी गई है. इस संदर्भ में राज्य सरकार द्बारा जारी नये दिशा निर्देशों पर अमल करते हुए जिले के ग्रामीण इलाकों में रोजाना सुबह ९ से ५बजे तक दुकानों और बाजारों को खोलने की अनुमति दी गई है. साथ ही रेड झोन व कंटेनमेंट झोन को छोडकर अन्य इलाकों में जिला अंतर्गत बस सेवा भी शुरु कर दी गई है.

इसके तहत जिला प्रशासन की अनुमति से सभी तहसील एवं नगरपालिका व नगर पंचायत प्रशासनों की ओर से अपने-अपने कार्यक्षेत्र अंतर्गत लॉकडाउन की शर्तों को शिथिल करनेएवं दुकानों तथा बाजारों को खोलने की अनुमति देने के संदर्भ में दिशा निर्देश जारी किये गये है. इसके साथ ही ऐसे क्षेत्रों में दुपहिया वाहनों पर केवल चालक, रिक्षा एवं तीन पहियां वाहनों पर चालक साथ दो यात्री, चार पहिया वाहनों में चालक के साथ दो यात्रियों को यात्रा करने की अनुमति दी गई है. साथ ही इन क्षेत्रों में शराब की दुकानों को भी प्रात: ९ से शाम ५ बजे तक खुले रहने की अनुमति दी गई है. इसके अलावा नॉन रेड झोन में क्रीडा संकुलों व स्टेडियम को भी खोलने की अनुमति दी गई है. हालांकि यहां पर प्रेक्षक दिर्घा को अभी नहीं खोला जाएंगा, बल्कि इन स्थानों पर सामाजिक अंतर रखते हुए व्यायाम करने को अनुमति दी गई है. साथ ही नॉन रेड झोन में इन कॉमर्स व्यवहान को भी शुरु करने की अनुमति दी गई है.

पूरा जिला नहीं है रेड झोन में शामिल

यहां यह विशेष उल्लेखनिय है कि, रेड झोन को लेकर अमरावती में एक तरह का संभ्रम देखा जा रहा है, ऐसे में यह स्पष्ट करना बेहद जरुरी है कि, पूरा अमरावती जिला रेड झोन में शामिल नहीं है. बल्कि अमरावती का केवल शहरी हिस्सा यानि मनपा क्षेत्र में रहने वाला इलाका ही रेड झोन में शामिल है. इसमें भी कंटेनमेंट झोन घोषित किये गये क्षेत्रों में कई तरह के प्रतिबंध लागु किये गये है तथा रेड झोन (में शामिल अन्य इलाकों में कुछ तरह की छूट दी गई है. वहीं मनपा क्षेत्र को छोडकर जिले के अन्य इलाके नॉन रेड झोन में शामिल है. जिसके चलते जिले के तहसील एवं ग्रामीण इलाकों में लॉकडाउन की शर्तों को शिथिल करते हुए कई तरह की छूट व रियायत दी जा रही है. इसके तहत व्यापारी प्रतिष्ठानों व बाजारों को खोलने की अनुमति देते हुए जिलांतर्गत सरकारी बस सेवा को भी बहाल किया जा रहा है.

७ घंटे में केवल ३५ बसें ही चली

प्रतिनिधि/दि.२२ अमरावती-लॉकडाउन के चलते विगत दो माह से अपनी ही जगह पर खडी राज्य परिवहन महामंडल की बसें शुक्रवार २२ मई से एक बार फिर यात्रियों की सेवा हेतु उपलब्ध हुई और लॉकडाउन में मिली ढील के बाद शुक्रवार की सुबह ७ बजे से अमरावती व बडनेरा को छोडकर जिले के अन्य ६ आगारों से बसों की फेरियां शुरू की गई. जिसके लिये पुरे दिनभर हेतु ६१ बसों का नियोजन किया गया था. qकतु दोपहर २ बजे तक पहले ७ घंटे के दौरानरापनि की केवल ३५ बसें ही यात्रियों को लेकर सडकों पर दौड पायी, ्नयोेंकि सभी बस स्थानकों पर यात्रियों की भीडभाड काफी कम थी और दो माह बाद बस सेवा शुरू होने के बाद पहले दिन इसे यात्रियों की ओर से अत्यल्प प्रतिसाद मिला.

हालांकि इसके बावजूद भी सभी बसों के चालक व वाहकों सहित बस में सवार यात्री अपने चेहरोें पर मास्क लगाये हुए थे और बस के भीतर भी यात्रियों को दूर-दूर बिठाकर सोशल डिस्टंqसग के नियम का पालन करवाया गया. लगभग यहीं स्थिति दोपहर बाद भी बनी रही. उल्लेखनीय है कि, राज्य परिवहन निगम की लालपरी बसों को सर्वसामान्य जनता के लिहाज से परिवहन का सबसे सस्ता व शानदार साधन माना जाता है और जिले के सुदूर ग्रामीण इलाकोें तक राज्य परिवहन निगम की बसों की पहुंच रहने के चलते लोगबाग इन बसों से यात्रा करने को पहली प्राथमिकता देते है. किंतु विगत २४ मार्च से कोरोना को लेकर लॉकडाउन जारी होने के चलते राज्य परिवहन बसों की सेवाओें को भी स्थगित व खारिज कर दिया गया. जिसके चलते सभी आगारों में विगत दो माह से सरकारी बसों को खडा रखा गया है.

इसके बाद जब प्रशासन द्वारा शुक्रवार २२ मई से सीमित यात्री संख्या के साथ रापनि बसों के परिचालन को अनुमति देने की घोषणा की गई, तो ग्रामीण क्षेत्र के लोगों में काफी हद तक राहत का एहसास देखा गया और उम्मीद की जा रहीं थी कि, पहले ही दिन से रापनि बसों को जबर्दस्त प्रतिसाद मिलेगा, qकतु चूंकि इस समय जिला मुख्यालय रहनेवाले अमरावती शहर में बसों के परिचालन को अनुमति नहीं दी गई है. अत: तहसीलों से तहसीलों के बीच शुरू की गई बस सेवा को अपेक्षित प्रतिसाद नहीं मिला, ्नयोंकि यात्रियों की सबसे मुख्य आवाजाही ग्रामीण क्षेत्रों से जिला मुख्यालयवाले अमरावती शहर में ही हुआ करती थी. इस संदर्भ में रापनि के अमरावती विभागीय नियंत्रक गभणे ने बताया कि, सभी बसों में अधिकतम २० से २२ यात्रियों को ही यात्रा करने की अनुमति दी गई है. qकतु लॉकडाउन के बाद पहली बार सडकों पर उतरी कई रापनि बसों को २ से ५ यात्रियों को लेकर ही अपनी फेरी पूरी करनी पडी. हालांकि उन्होंने विश्वास जताया कि, धीरे-धीरे हालात सामान्य हो जायेंगे और बहुत जल्द रापनि बसों को समूचित यात्री संख्या मिलनी शुरू हो जायेगी.

भाजपा कार्यालय के सामने महाराष्ट्र बचाओ आंदोलन

प्रतिनिधि/२२ अमरावती- स्थानीय राजापेठ स्थित भारतीय जनता पार्टी कार्यालय के सामने भाजपाईयों ने महाराष्ट्रबचाव आंदोलन करते हुए महाविकास आघाडी सरकार का निषेध किया. सरकार ने किसानों के साथ धोखाधडी की है. सरकार की लापरवाही की वजह से महिलाओं पर अत्याचार बढने लगे है. बडे पैमाने पर अवैध व्यवसाय शुरु हुए है, ऐसा भी आरोप इस समय लगाया. भाजपाईयों ने मुख्य कार्यालय तथा अपने घर के सामने महाराष्ट्र बचाव व सरकार के निषेध से संबंधित बैनर हाथमें लेकर मुंह पर मास्क लगाकर सोशल डिटेन्स का पालन करते हुए निषेध किया.

भाजपा पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के अनुसार कांग्रेसराष्ट ्रवादी के साथ सत्ता स्थापित करने वाले शिवसेना ने किसानों के साथ विश्वासघात किया है, ऐसा आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार स्थापित करते समय शिवसेना पार्टी प्रमुख व फिलहाल के मुख्यमंत्री व कांग्रेस व राष्ट्रवादी के नेताओं ने किसानों के पास जाकर बेमौसम बारिश से पीडित किसानों को २५ हजार प्रति हेक्टेअर व फल बागानों के पीडित किसानों को ५० हजार रुपए प्रति हेक्टेअर देना की घोषणा की थी. परंतु महाविकास आघाडी अपने आश्वासन को ही भुल गई. किसानों का सीधे कर्ज माफ कर सातबारा कोरा करने की घोषणा की गई. परंतु एक भी वादे पूर्ण नहीं किए गए. भाजपा सरकार के व्यापक कर्जमाफी के कारण ४३ लाख खाते धारकों को १९ हजार करोड रुपए का लाभ दिया गया था. किसानों के साथ धोखाधडी, धोखे में रखी गई कर्जमाफी, शहर में उफान पर रहने वाले अवैध व्यवसाय, महिलाओं पर लगातार बढ रही अत्याचार की घटना, अचानक लडकिया लापता होने की घटनाएं लगातार बढ रही है. इस तरह सरकार पूरी तरह से मौन बैठी है. इसका भाजपा कार्यकर्ताओं ने निषेध व्यक्त किया.

भाजपा की ओर से महाराष्ट्र बचाव आंदोलन करते समय भाजपा कार्यालय के सामने भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष, पूर्व विधायक डॉ.सुनील देशमुख, शहर अध्यक्ष किरण पातुरकर, पूर्व शहर अध्यक्ष जयंत डेहनकर, मनपा सभागृह नेता सुनील काले, पार्षद तुषार भारतीय, शिवराय कुलकर्णी, रवि खांडेकर, महापौर चेतन गावंडे, स्थायी समिति सभापति राधा कुरील, पूर्व जिलाध्यक्ष दिनेश सूर्यवंशी, गजानन देशमुख, राजेश आंखेगांवकर, दिपक पोहकर, अखिलेश खडेकार, पार्षद स्वाती जावरे,सुनील जावरे, भाजपा युवा मोर्चा के महासचिवऋषिकेश देशमुख, अनुष्का जावरे, स्वराज जावरे, डॉ.अजय रघुवंशी, भाउसाहब लवाले, गजानन माहुरे, प्रभाकर देशमुख, भाईजी गर्दे, दिनेश प्रजापति, आदर्श मोहोड, शुभम घोम, रवि चव्हाण, सुधीर वलके, ज्ञानेश्वर देखमुख, प्राची भांडे, तन्वी बैतुले, ददु जयस्वाल, गजानन पानबुडे, बालासाहब जावरे, स्वामी विवेकानंद मंडल अध्यक्ष राजू मेटे, सदू पुंशी, पार्षद नूतन बुजाडे, सुधीर पावडे, कैलाश पुंशी, संजय यादव, विजय यादव, शुभम यादव, पप्पु यादव, धीरज ठाकुर, रमेश चव्हाण, प्रताप सूर्यवंशी, गोपी सूर्यवंशी, सचिन कारले, शुभम काले, मयूर देशमुख, भाजपा साई मंडल अध्यक्ष राजेश किटूकले, रतन देशपांडे, डॉ.तिडके, नितीन डवले, जया माहोरे, देवांडना लकडे, राजेश जगताप, मंगेश खोंडे, गजानन गेडाम, सुनील घोटेकर, दिनेश काले, कुणाल गुप्ता, रजनी जयqसगपुर, प्रवीण मेटे, गोलू लोहोटे, भारत वानखडे, राजेश साबले, विजय टेटू आदि भाजपा के पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित थे.

१६ हजार भाजपाईयों ने किया विरोध प्रदर्शन

शहर भाजपा के सात मंडल के ४७१ बुथ पर ४ हजार जगह १५ से १६ हजार भाजपा कार्यकर्ताओं ने काली रिबन, मास्क, काले कपडे पहनकर, महाराष्ट्र बचाओ आंदोलन में शामिल होते हुए आघाडी सरकार का निषेध किया. इस आंदोलन में युवा मोर्चा, महिला मोर्चा, शहर भाजपा के पदाधिकारी व कार्यकर्ता बडी संख्या में शामिल हुए थे.

Amravati News 21/05/2020

हर वॉर्ड में एफएम रेडिओ, २८ से ३० डिग्री तापमान, मरीजों में ४ फीट की दूरी

प्रतिनिधि/दि.२२ अमरावती- विगत डेढ माह से अमरावती शहर सहित समूचे जिले की नजरें सुपर स्पेशालीटी अस्पताल में बनाये गये कोविड हॉस्पिटल की ओरलगी हुई है तथा लगभग हर किसी में यह जिज्ञासा और उत्कंठा बनी हुई है कि, आखिर भीतर से कैसा है कोविड हॉस्पिटल, वहां पर डॉक्टरों सहित मेडिकल स्टॉफ के लोग कैसे काम करते है, वहां मरीजों का किस तरह से इलाज किया जाता है और किस तरह उनका दिन बीतता है. कुछ इसी तरह के अन्य कई सवाल है. जिनका जवाब केवल कोविड हॉस्पिटल में काम करनेवाले लोगों तथा वहां पर भरती या वहां से डिस्चार्ज पा चुके मरीजों के पास है. इसके अलावा किसी अन्य को कोविड हॉस्पिटल में प्रवेश करने की अनुमति नहीं है.

ऐसे में दैनिक अमरावती मंडल ने अपने पाठकों के लिए कोविड हॉस्पिटल से ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. जिसके बाद हम वहां से संबंधित सभी छोटे-बडे ब्यौरे यहां प्रस्तुत कर रहे है.स्थानीय सुपर स्पेशालीटी अस्पताल में विगत ४ अप्रैल को कोविड हॉस्पिटल तैयार किया गया था. जहां पर अमरावती शहर सहित जिले के विभिन्न हिस्सों में पाये जानेवाले कोरोना संक्रमित मरीजों को इलाज हेतु भरती कराया जाना शुरू किया गया. मरीजों की संभावित संख्या को देखते हुए यहां पर १०० बेड की क्षमता तैयार की गई थी. जिसमें एक मंजिल पर २०-२० बेडवाले दो वॉर्ड तैयार किये गये थे. वहीं उपरी मंजील पर ३० बेडवाला एक वॉर्ड तैयार करने के साथ ही १५-१५ बेड की क्षमतावाले दो आयसीयू भी तैयार किये गये है तथा सभी वॉर्ड में चार-चार फुट की दूरी पर पलंग लगाये गये है, ताकि मरीजों के बीच सोशल डिस्टंqसग के नियम का पालन हो सके.

८० लोगोेेंं का स्टाफ है मरीजों के लिए तैनात

यहां के हर वॉर्ड में पूरा समय एक डॉक्टर, एक सिस्टर, एक अटेंडंट व एक सफाई कर्मी ऐसे चार लोगों की टीम तैनात रहती है और हर टीम की शिफ्ट छह-छह घंटे की होती है. इस लिहाज से हर वॉर्ड में रोजाना चार-चार लोगोें की चार अलग-अलग टीमें ड्यूटी देती है. यानी यहां के पांच वॉर्डोंे में इस समय रोजाना ८० लोगों का स्टाफ सेवा प्रदान कर रहा है. बता दें कि, जिला सामान्य अस्पताल द्वारा ऐसे ८०-८० लोगों की करीब ९ टीमें बनायी गयी थी और हर टीम को कोविड अस्पताल में १०- १० दिन की ड्यूटी करने की जिम्मेदारी सौपी गयी थी. जिसमें से चार टीमें अपनी १०-१० दिन की ड्यूटी पूरी कर कोरोंटाईन में जा चुकी है. वहीं इस समय यहां पर ८० लोगों की पांचवी टीम ड्यूटी पर तैनात है. जिसकी १० दिनों की कार्य अवधि खत्म होने में है और ८० लोगों की छठवीं टीम अपनी दस दिनों की ड्यूटी पर आने के लिए तैयार है. याद दिला दें कि, सुपर स्पेशालीटी अस्पताल में दस दिन की ड्यूटी पूरी करने के बाद पूरी टीम को अगले १४ दिनों के लिए कोरोंटाईन किया जाता है. पश्चात वे अपने घर जा पाते है.

मरीजों को दिया जाता है दोनों समय चाय-नाश्ता व भोजन-

इस समय काेि वड अस्पताल म ें कुल ५३ कारे ाने ा सकं ्र मित मरीज भरती रहकर अपना इलाज करा रहे है. इन सभी मरीजों को अस्पताल प्रशासन की ओर से रोजाना सुबह चाय व नाश्ता, दोपहर में लंच, शाम ४ बजे चाय एवं रात में डिनर प्रदान किया जाता है. इसके लिए अस्पताल परिसर में ही भोजन तैयार किया जाता है. वहीं यहां ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों एवं मेडिकल स्टाफ के लोगों की भी भोजन व्यवस्था अस्पताल परिसर में ही की जाती है. जिनके लिए कमिश्नर ऑफिस से भोजन तैयार कर यहां लाया जाता है. इसके अलावा यहां पर भरती मरीजों को बोरियत न हो, इस हेतु यहां के हर वॉर्ड में एफएम रेडिओ की सुविधा उपलब्ध करायी गयी है. साथ ही मरीजों को उनका मोबाईल प्रयोग में लाने की भी अनुमति दी गई है. जिसके जरिये वे ऑनलाईन रहते हुए सोशल मीडिया साईटस् देख सके और अपने परिजनों से संपर्क कर सके.

हालांकि सभी मरीजों को इस बात की कडी हिदायत भी दी गई है कि, वे अस्पताल में रहते समय अपने सेल्फी फोटो व वीडियोज ना निकाले और उन्हें सोशल मीडिया पर भी पोस्ट न करे. इसके अलावा इससे पहले जारी दिशानिर्देशों के तहत कोविड अस्पताल में कूलर एवं एसी की व्यवस्था नहीं की जाती थी. qकतु अब नई गाईडलाईन के चलते यहां के सभी वॉर्डों में कूलर की व्यवस्था की गई है. इस संदर्भ में जानकारी हासिल करने पर बताया गया कि, २८ डिग्री सेल्सियस के तापमान पर कोरोना सहित किसी भी तरह का वायरस सक्रिय नहीं रह सकता. अत: बाहर बढ रहे तापमान के मद्देनजर यहां कूलर की व्यवस्था की गई है और कोविड अस्पताल के सभी वॉर्डों में २८ से ३० डिग्री सेल्सियस का तापमान मेंटेन किया जा रहा है.

मेडिकल स्टाफ को पुरे ६ घंटे रहना पडता है पीपीई किट में-

यहां यह सर्वाधिक उल्लेखनीय है कि, कोविड वॉर्ड में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों सहित पूरे मेडिकल स्टॉफ को अपनी ड्यूटी के दौरान पूरे ६ घंटों के लिए पीपीई किट में रहना पडता है और ड्यूटी शुरू करते समय एक बार पीपीई किट पहनने के बाद वे अपनी ड्यूटी खत्म होने तक इस किट को उतार नहीं सकते. साथ ही एक पीपीई किट केवल एक बार ही प्रयोग में लायी जा सकती है तथा ड्यूटी खत्म होने के बाद जब इसे डॉक्टरों व मेडिकल स्टाफ द्वारा उतार दिया जाता है, तो उसके बाद इसे जैविक तरीके से नष्ट कर दिया जाता है.

रोजाना सुबह-शाम वरिष्ठ डॉ्नॅटरों का होता है राउड, सीएस भी देते है विजिट-

हर एक वॉर्ड में छह-छह घंटे की ड्यूटी परतैनात डॉक्टरों के अलावा यहां पर रोजाना सुबह ८ बजे व शाम ६ बजे वरिष्ठ डॉक्टरों का भी राउंड होता है. साथ ही लगभग हर दिन यहां पर जिला शल्य चिकित्सक द्वारा भी विजिट दी जाती है. इसके अलावा किसी भी आपात स्थिति या इमरजन्सी से निपटने हेतु ऑन डिमांड व ऑन कॉल २४ घंटे डॉक्टर उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी तैयार रखी जाती है. रोजाना सुबह-शाम डॉक्टरों द्वारा अपने राउंड के तहत सभी मरीजों की स्वास्थ जांच की जाती है. जिसमें उनके शरीर का तापमान दर्ज करने के साथ ही ब्लड प्रेशर एवं ऑ्िनसजन सैच्युरेशन को भी जांचा जाता है.

अब तक ७२ को मिला डिस्चार्ज

बता दें कि, अमरावती शहर सहित जिले में अब तक कुल १४१ कोरोना पॉजीटीव मरीज पाये जा चुके है. उनमें में भी १३ मरीजों की मौत हो चुकी है. इसमें से ३ की मौत कोविड अस्पताल में इलाज के दौरान हुई थी और शेष १० की मौत अस्पताल लाये जाने से पहले ही हो चुकी थी. इनके अलावा इस अस्पताल में शेष १२५ मरीजों पर कोविड अस्पताल में इलाज किया गया. जिसमें से ७२ लोग यहां से डिस्चार्ज पाकर अपने घर वापिस चले गये है. वहीं इस समय कोविड वॉर्ड में केवल ५५ मरीज की भरती है. इनमें से भी कई मरीजोें की आयसोलेशन अवधी खत्म होने में और उन्हें उनके बेहतर स्वास्थ के मद्देनजर बहुत जल्द कोविड अस्पताल से डिस्चार्ज दिया जा सकता है. बता दें कि, जिला सामान्य अस्पताल एवं कोविड हॉस्पिटल में अब तक २ हजार ९९० लोगोें के थ्रोट स्वैब सैम्पलों की जांच हो चुकी है.

सकारात्मक सोच व नैतिक बल से हराया जा सकता है कोरोना को

इस गा्र उडं रिपाेि टर्गं के तहत हमन े जब काेि वड अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों एवं मेडिकल स्टाफ से उनके अनुभवों के संदर्भ में जानना चाहा, तो उन्होंने बताया कि किसी व्यक्ति में यदि कोरोना का संक्रमण पाया जाता है, तो इसका सीधा मतलब यह है कि, उस व्यक्ति की रोग प्रतिकारक क्षमता कमजोर है. ऐसे में हमारा पूरा जोर उस व्यक्ति की इम्युन सिस्टीम को मजबूत करने पर होता है. इसके साथ ही किसी भी कोरोना पॉजीटीव मरीज को जब इलाज हेतु कोविड अस्पताल में लाया जाता है, तो उस वक्त वह मरीज काफी घबराया हुआ होता है. ऐसे में हम लोग सबसे पहले उस मरीज को नैतिक रूप से प्रोत्साहित करते है और उसमें जीवन को लेकर सकारात्मक सोच बढाने का काम करते है. इसके बाद जब वह नया मरीज यहां रहनेवाले अन्य कोरोना संक्रमित मरीजों के साथ रहकर उनके अनुभवों को देखता व समझता है, तो धीरे-धीरे अपने आप ही उसमें सकारात्मक सोच व नैतिक बल बढने शुरू हो जाते है. यहीं वजह है कि, अमरावती में आधे से भी अधिक कोरोना संक्रमित मरीज पूरी तरह से ठीक होकर अपने घर वापिस लौट गये है.

मात्र एक मरीज है वैंटीलेटर पर

इस ग्राउंड रिपोर्टिंग में हमें पता चला कि, यहां पर ज्यादातर मरीज कोविड वॉर्ड में ही भरती है और केवल एक ही मरीज ऐसा है, जिसे विगत १७ मई से वेेंटीलेटर पर रखा गया है. बता दें कि, कोविड वॉर्ड को शुरू करने से पहले ही सुपर स्पेशालीटी अस्पताल में २५ वेंटिलेटर उपलब्ध करा लिये गये थे. qकतु विगत १७ मई तक किसी मरीज को वेंटिलेटर लगाने की जरूरत ही नहीं पडी. वहीं १७ मई को एक मरीज की तबियत कुछ अधिक गडबडा जाने की वजह से उसे वेंटिलेटर पर रखा गया. फिलहाल इस मरीज का स्वास्थ स्थिर बताया जा रहा है.

अब दसवे दिन ही मिल सकती है कोविड अस्पताल से छुुट्टी-

बता दें कि, इससे पहले कोविड अस्पताल में आयसोलेशन हेतु लाये गये कोरोना संक्रमित मरीजों को यहां पर पुरे १४ दिनों तक रहना पडता था. पश्चात दो कोविड टेस्ट रिपोर्ट निगेटीव आने पर संबंधित मरीज को डिस्चार्ज दिया जाता था. qकतु अब नई गाईडलाईन के मुताबिक यदि कोविड हॉस्पिटल में भरती कराये गये किसी कोरोना पॉजीटीव मरीज में अगले सात-आठ दिनों तक सर्दी-खांसी व बूखार जैसे कोई लक्षण दिखाई नहीं देते है और यदि उसमें स्वास्थ संबंधी अन्य कोई दिक्कत भी नहीं पायी जाती है, तो बिना कोई टेस्ट किये उसे दसवें दिन अस्पताल से घर जाने हेतु डिस्चार्ज दिया जा सकता है. अलबत्ता इससे पहले इस बात की एक-दो दिन जांच की जाती है कि, संबंधित मरीज के खून में ऑ्िनसजन का सैच्युरेशन औसत ९५ प्रतिशत के आसपास I

सभी अदालतों में ई पध्दती से केस दाखल करने और निर्णय देने को मंजूरी

प्रतिनिधि/दि.२२ अमरावती-कारे ाने ा सकं ्र मण के खतरे एवं इसे लेकर जारी लॉकडाउन के चलते विगत दो माह से जिले की सभी अदालतों में कामकाज एक तरह से ठप्प पडा हुआ है और केवल अत्यावश्यक मामलों एवं रिमांड को लेकर ही सुनवाई की अनुमति दी गई थी. जिसके तहत एक से अधिक न्यायकक्ष रहनेवाली अदालतों में रोजाना सुनवाई हेतु किसी एक न्यायासन को ही खोला जा रहा था. qकतु अब इसमें थोडी ढील देते हुए सभी अदालतों ने ई पध्दति से केससंबंधी कामकाज शुरू करने को लेकर अनुमति दी गई है. इसके तहत सभी अदालतों में ऑनलाईन तरीके से नये केस दाखिल करने और पुराने मामलों पर न्यायाधीशों द्वारा निर्णय दिये जाने को तत्वत: मंजूरी दी गई है.इस नई व्यवस्था के तहत जब तक अदालतों में पहले की तरह नियमित तौर पर कामकाज शुरू नहीं होगा, तब तक ऑनलाईन पध्दति से ही काम चलेगा और लॉकडाउन हटने के बाद कोर्ट खुलने पर संबंधितों को सात दिनों के भीतर अपनी केस से संबंधित दस्तावेजोें की हार्ड कॉपी अदालत के समक्ष जमा करनी होगी. इस व्यवस्था में सबसे उल्लेखनीय बात यह है कि, ऑनलाईन सुनवाई के दौरान वकीलों एवं पक्षकारों को कोर्ट में प्रत्यक्ष उपस्थित रहने की जरूरत एवं अनुमति भी नहीं रहेगी.

जिले की सभी अदालतों में होगा कामकाज

इस संदर्भ में दैनिक अमरावती मंडल को विशेष रूप से जानकारी देते हुए शहर के वरिष्ठ विधिज्ञ एड. अशोक जैन ने बताया कि, इस ई पध्दती के जरिये जिले की सभी अदालतोें में नये केस दाखिल करने और पुराने मामलोें में फैसला सुनाने का कामकाज जल्द शुरू हो जायेगा और इससे सभी को घर बैठे ही अपने से संबंधित मुकदमे या शिकायतों के निपटारे का अवसर भी मिलेगा.

अब से शहर में जनता कर्फ्यू नहीं

प्रतिनिधि/दि.२२ अमरावती-इससे पहले लॉकडाउन में ढील देने के साथ ही प्रशासन द्वारा शनिवार की दोपहर ३ बजे से सोमवार की सुबह ७ बजे तकजनता कफ्र्यू का पालन करवाया जाता था. qकतु अब शनिवार २३ मई से प्रशासन द्वारा अपनी ओर से ऐसे किसी जनता कफ्र्यू का पालन नहीं करवाया जायेगा. बल्कि इसकी जिम्मेदारी अब नागरिकों पर छोड दी गई है. अत: नागरिकों ने खुद ही अपने स्वास्थ के प्रति सजग रहते हुए शनिवार व रविवार को अपने स्तर पर जनता कफ्र्यू का पालन करना चाहिये. इस आशय की जानकारी जिलाधीश

शैलेश नवाल ने दी है. अपने कार्यालय में शुक्रवार की दोपहर नियमित प्रेस ब्रीqफग के दौरान उपरोक्त जानकारी देते हुए जिलाधीश नवाल ने यह भी बताया कि, विगत दिनों नागपुर महामार्ग स्थित बिझीलैण्ड, सिटीलैण्ड व ड्रिम्जलैण्ड नामक व्यापारिक संकूलों को सोमवार २५ मई से खोलने की अनुमति देने के संदर्भ में विचार चल रहा था. साथ ही शुक्रवार २२ मई व शनिवार २३ मई को इन व्यापारिक संकूलों में स्थित दूकानों को साफ- सफाई व सैनिटाईजेशन के हिसाब से भी खोलने की अनुमति देना प्रस्तावित था. qकतु इसी बीच बिझीलैण्ड के पास ही स्थित नांदगांव पेठ में दो कोरोना पॉजीटीव मिले है. जिसकी वजह से फिलहाल इन तीनों व्यापारिक संकूलों को खोलने की अनुमति नहीं दी जा रही और इस संदर्भ में अब अगले सप्ताह निर्णय लिया जायेगा.

इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि, पश्चिम बंगाल जाने हेतु चलायी जानेवाली ट्रेन को फिलहाल कुछ समय तक के लिए स्थगित कर दिया गया है तथा आगामी एक-दो दिन में इस संदर्भ में प्रशासन को सरकार की ओर से जानकारी मिलेगी. साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि, अमरावती में अटकें कई प्रवासी बंगाली मजदूरों व कारीगरोें को बस से अपने गृह राज्य जाने की अनुमति प्रशासन द्वारा दी गई है.इसके अलावा शुक्रवार की सुबह कोविड अस्पताल में पाटीपुरा निवासी ३० वर्षीय युवक की मौत हो जाने की जानकारी देते हुए जिलाधीश नवाल ने बताया कि, शुक्रवार की शाम स्वास्थ में सुधार होने के चलते कोविड अस्पताल में भरती पांच अन्य मरीजों को डिस्चार्ज दिया जायेगा.

साथ ही उन्होेंने यह भी बताया कि, अब तक पॉजीटीव आये मरीजों में से ८० से ९० प्रतिशत मरीज कोरोंटाईन किये गये है और इस वक्त कोविड अस्पताल में भरती संक्रमित मरीजों में से केवल आठ मरीजों में कोरोना संक्रमण के लक्षण दिखाई दे रहे है. वहीं अन्य लोगों में ऐसे लक्षण दिखाई नहीं दे रहे. इसके अलावा कंटेनमेंट झोन सहित अन्य सभी शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ सर्वेक्षण का काम शुरू है, और जिले की सीमा पर ेचेक पोस्ट तैयार किये गये है. इन तमाम व्यवस्थाओं के जरिये लोगों की स्वास्थ जांच करते हुए उनके सर्दी,खांसी व बुखार के लक्षण जांच जा रहे है.

कोरोना ने ली एक और जान; पाटीपुरा के ३० वर्षीय युवक की हुई मौत

प्रतिनिधि/दि.२२ अमरावती-स्थानीय नागपुरी गेट पुलिस थाना अंतर्गत पाटीपुरा निवासी ३० वर्षीय युवक कीशकु ्र वार २२ मर्इ का े सपु र स्पेशालीटी के कोविड अस्पताल में मौत हो गयी है. इसके साथ ही अमरावती में कोरोना वायरस के संक्रमण की वजह से मरनेवालों की संख्या अब १४ पर जा पहुंची है. वहीं शुक्रवार को शहर के लालखडी एवं मसानगंज परिसर के एक-एक कोरोना संदेहितमरीज की कोरोना टेस्ट रिपोर्ट पॉजीटीव आयी है. इसके चलते अब अमरावती में कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या १४१ पर जा पहुंची है. जिसमें से अब तक ७२ लोगोें को डिस्चार्ज मिल चुका है और इस समय कोविड वॉर्ड में ५५ कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज चल रहा है. इस संदर्भ में मिली जानकारी के मुताबिक पाटीपुरा निवासी ३० वर्षीय युवक विगत १४ मई को कोविड हॉस्पिटल में भरती कराया गया था. जिसकी रिपोर्ट १६ मई को पॉजीटीव आयी थी.

इस युवक के साथ उसके परिवार के अन्य तीन लोग भी पॉजीटीव पाये गये थे, जिन्हें कोविड अस्पताल में भरती कराया गया है. इस युवक की तबियत विगत १६ मई को ही काफी बिगड गयी थी. जिसके चलते उसे वेेंटिलेटर पर रखा गया था और इलाज के दौरान ही इस युवक ने शुक्रवार २२ मई को दम तोड दिया. वहीं दूसरी ओर लालखडी परिसर में रहनेवाले १९ साल के युवक की कोरोना रिपोर्ट शुक्रवार को पॉजीटीव आयी है. बता दें कि, इस युवक के परिवार में इससे पहले पांच लोग कोरोना पॉजीटीव पाये जा चुके है और अब इसी परिवार का छठवां सदस्य भी कोरोना संक्रमित पाया गया है.

इन सभी पर कोविड वॉर्ड में इलाज जारी है. इसके अलावा मसानगंज परिसर में रहनेवाली एक महिला की कोरोना टेस्ट रिपोर्ट पॉजीटीव आयी है. बता दें कि, गत रोज मसानगंज परिसर में रहनेवाले एक ही परिवार के पांच लोग कोरोना संक्रमित पाये गये थे. इस परिवार के घर की लाईन में दो घर छोडकर इस महिला का घर है तथा इस महिला का परिवार नींबू बेचने का काम करता है और यह महिला भी अपने पति के साथ नींबू बेचने हेतु जाया करती थी. इस महिला की रिपोर्ट पॉजीटीव आने के बाद उसे कोविड अस्पताल में भरती कराया गया है. साथ ही अब उसके परिजनों की भी स्वास्थ जांच की जा रही है.

कोविड हॉस्पिटल से और सात मरीजों को मिला डिस्चार्ज

प्रतिनिधि/दि.२२ अमरावती- स्थानीय सुपर स्पेशालीटी अस्पताल परिसर में बनाये गये कोविड अस्पताल में भरती कोरोना संक्रमित मरीजों में से गुरूवार की शाम एवं शुक्रवार की सुबह और ७ मरीजोें को डिस्चार्ज देकर उनके घर रवाना किया गया. इन सभी मरीजोें नेकोविड अस्पताल में अपनी १४ दिनों की आयसोलेशन अवधि पूर्ण कर ली थी. साथ ही इस दौरान उनके स्वास्थ में बडी तेजी के साथ सुधार हुआ तथा उनकी अगली दो कोरोना टेस्ट रिपोर्ट भी निगेटीव आयी. जिसके चलते अस्पताल प्रशासन ने उन्हें डिस्चार्ज देने का निर्णय लिया. इस संदर्भ ममिली जानकारी के मुताबिक इन सात मरीजों में मसानगंज के ४, नागपुरी गेट के १ व नांदगांव पेठ के १ मरीज सहित परतवाडा निवासी कोरोना पॉजीटीव पाये गये पुलिस कर्मी का समावेश है. बता दें कि, परतवाडा निवासी पुलिस कर्मी को वहां के उपजिला अस्पताल में भरती कराये जाने पर उसके थ्रोट स्वैब सैम्पल की पहली रिपोर्ट निगेटीव आयी थी. पश्चात उसे एक निजी अस्पताल में भरती कराकर वहां से उसका थ्रोट स्वैब सैम्पल जांच हेतु भिजवाया गया था. जिसकी रिपोर्ट पॉजीटीव आयी थी. पश्चात इस पुलिस कर्मी को इलाज हेतु कोविड हॉस्पिटल में भरती किया गया था. यहां पर अगली दो रिपोर्ट निगेटीव आने के चलते उसे डिस्चार्ज दे दिया गया.

हावडा-मुंबई मेल व अहमदाबाद ए्नसप्रेस १ जून से दौडेगी

प्रतिनिधि/२२ अमरावती- कोरोना वायरस की वजह से कई लोग यहां-वहां फंसे हुए हैं. रेलवे विभाग ने धीरे-धीरे रेलयात्रा शुरुकरने का निर्णय लेते हुए अब अमरावती वासियों के लिए भी राहत उपलब्ध कराई है. आगामी १ जून से हावडा-मुंबई मेल और अहमदाबाद ए्नसप्रेस शुरु की जाएगी. इसके लिए अमरावती रेलवे स्टेशन से दो टिकट काउंटर शुरु किए गए है. जल्द ही बडनेरा से भी टिकट बुqकग की जाएगी. रेलगाडी शुरु होनेके कारण फिर से बडनेरा रेलवे स्टेशन पर चहलपहल दिखाई देंगी. कन्फर्म टिकट रहने वाले यात्रियों को ही प्लेटफॉर्म पर प्रवेश दिया जाएगा. रेलगाडी के आने से पहले मेडिकल जांच कराने के लिए २ घंटे पूर्व यात्रियों को रेलवे स्टेशन पर पहुंचना होगा, अमरावती रेलवे स्टेशन के टिकट काउंटर से १५ लोगों के रिजर्वेशन किए गए है जबिक तकनीकी कारणों से २५ लोगों के रिजर्वेशन रद्द किए गए है. ऐसी जानकारी बडनेरा के रेल प्रबंधक आर.एम.सिन्हा ने द्गदैनिक अमरावती मंडलद्घ को दी है. बीते २२ मार्च से सुनसान पडे बडनेरा रेलवे स्टेशन पर १ जून से फिर यात्रियों की चहलपहल दिखाई देगी.

रेलमंत्रालय की ओर से चलाई जाने वाली २०० नॉन एसी बुqकग बडनेरा रेलवे स्टेशनसे सफर करने वाले यात्रियों के लिए अमरावती रेलवे स्टेशन से शुरु की गई है. इस यात्रा के लिए फिलहाल अमरावती रेलवे स्टेशन के दो टिकट काउंटर शुरु किए गए है. जल्द ही बडनेरा के भी टिकट काउंटर शुरु किए जाएंगे. रेल विभाग व्दारा हावडा से अहमदाबाद जाने वाली रेलगाडी को बडनेरा रेलवे स्टेशन पर ठहराव देने का निर्णय लिया गया है. यहां सिर्फ कन्फर्म टिकट वाले यात्रियों को ही रेलगाडी से सफर करने का अवसर मिलेगा. इसके अलावा मुंबई-हावडा मेल भी इसी रुट पर चलेगी. रेल मंत्रालय की ओर से कुछ दिन पूर्व ऐसा निर्णय लिया गया था. जिसके तहत १ जून से २०० रेलगाडी आंशिक रुप से चलाई जाएगी. इस सफर के लिए यात्रियों को शर्तों व नियमों का पालन करते हुए सफर करना होगा. इससे पहले रेलमंत्रालय व्दारा ३० एसी रेलगाडियां शुरु की गई थी. इन रेलगाडियों का मार्ग अलग होने के कारण इनमें से कोई भी रेलगाडी बडनेरा रुट पर नहीं चलाई गई. लेकिन अब बडनेरा अमरावती के नागरिकों के लिए बडनेरा से अकोला, भुसावल, नाशिक, ईगतपुरी, नागपुर, अहमदाबाद, राजकोट और सुरत के लिए रेलगाडियां उपलब्ध रहेगी. अब तक ५८ दिनों से रेलगाडियां पूरी तरह से बंद होने के कारण भुसावल मंडल को सिर्फ अमरावती वे बडनेरा रेलवे स्टेशन से चलने वाली रेलगाडियों का घाटा २.७५ का हो चुका है. यह सिर्फ यात्रियों की टिकट का अनुमान अब तक लगाया गया है.

बडनेरा रेलवे स्टेशन पर खास सुरक्षा के इंतेजाम

आगामी १ जून से रेलवे पटरी पर हावडा-मुंबई मेल और अहमदाबाद ए्नसप्रेस दौडेगी. इसके लिए सुरक्षा की दृष्टि से बडनेरा रेलवे स्टेशन पर खास सुरक्षा के इंतेजाम किए जा रहे है. यात्रियों को रेलगाडी के आने से दो घंटे पहले रेलवे स्टेशन पर पहुंचना होगा. यहां पर सोशल डिस्टेन्स के नियमों का पालन करते हुए यात्रियों की कतार लगाई जाएगी. इसके बाद थर्मल स्कैqनग मशीन से यात्रियों की जांच होगी. कन्फर्म टिकट रहने वाले यात्रियों को ही रेलगाडी में बैठने का अवसर मिलेगा. यात्री के साथ आने वाले व्यक्ति को प्लेटफॉर्म पर प्रवेश नहीं दिया जाएगा. नए टिकट घर की ओर से यात्रियों के लिए प्लेटफॉर्म पर प्रवेश की व्यवस्था है. यात्रियों को बाहर निकलने के लिए पूल पर से व्यवस्था की गई है. कोरोना वायरस के प्रादुर्भाव को देखते हुए यात्री सहयोग करें और सुरक्षित यात्रा करें. -आर.एम.सिन्हा, स्टेशन मास्टर बडनेरा

मनपा क्षेत्र छोडकर जिले के ग्रामीण इलाकों में आज से व्यवहार हुए शुरु

प्रतिनिधि/दि.२२ अमरावती – कारे ाने ा का े लके र जारी लॉकडाउन के चौथे चरण में राज्य सरकार ने रेड झोन से बाहर रहने वाले इलाकों में विभिन्न प्रतिबंधों को शिथिल करने का निणर्य लिया है. जिस पर शुक्रवार २२ मई से अमल करना शुरु किया गया है. जिसके तहत अमरावती मनपा क्षेत्र को छोडकर जिले की सभी ग्रामीण इलाकों में शुक्रवार से लॉकडाउन को शिथिल करते हुए कई तरह की नियमों व शर्तों के अधिन रहकर व्यवहार शुरु करने की अनुमति दी गई है. इस संदर्भ में राज्य सरकार द्बारा जारी नये दिशा निर्देशों पर अमल करते हुए जिले के ग्रामीण इलाकों में रोजाना सुबह ९ से ५बजे तक दुकानों और बाजारों को खोलने की अनुमति दी गई है. साथ ही रेड झोन व कंटेनमेंट झोन को छोडकर अन्य इलाकों में जिला अंतर्गत बस सेवा भी शुरु कर दी गई है.

इसके तहत जिला प्रशासन की अनुमति से सभी तहसील एवं नगरपालिका व नगर पंचायत प्रशासनों की ओर से अपने-अपने कार्यक्षेत्र अंतर्गत लॉकडाउन की शर्तों को शिथिल करनेएवं दुकानों तथा बाजारों को खोलने की अनुमति देने के संदर्भ में दिशा निर्देश जारी किये गये है. इसके साथ ही ऐसे क्षेत्रों में दुपहिया वाहनों पर केवल चालक, रिक्षा एवं तीन पहियां वाहनों पर चालक साथ दो यात्री, चार पहिया वाहनों में चालक के साथ दो यात्रियों को यात्रा करने की अनुमति दी गई है. साथ ही इन क्षेत्रों में शराब की दुकानों को भी प्रात: ९ से शाम ५ बजे तक खुले रहने की अनुमति दी गई है. इसके अलावा नॉन रेड झोन में क्रीडा संकुलों व स्टेडियम को भी खोलने की अनुमति दी गई है. हालांकि यहां पर प्रेक्षक दिर्घा को अभी नहीं खोला जाएंगा, बल्कि इन स्थानों पर सामाजिक अंतर रखते हुए व्यायाम करने को अनुमति दी गई है. साथ ही नॉन रेड झोन में इन कॉमर्स व्यवहान को भी शुरु करने की अनुमति दी गई है.

पूरा जिला नहीं है रेड झोन में शामिल

यहां यह विशेष उल्लेखनिय है कि, रेड झोन को लेकर अमरावती में एक तरह का संभ्रम देखा जा रहा है, ऐसे में यह स्पष्ट करना बेहद जरुरी है कि, पूरा अमरावती जिला रेड झोन में शामिल नहीं है. बल्कि अमरावती का केवल शहरी हिस्सा यानि मनपा क्षेत्र में रहने वाला इलाका ही रेड झोन में शामिल है. इसमें भी कंटेनमेंट झोन घोषित किये गये क्षेत्रों में कई तरह के प्रतिबंध लागु किये गये है तथा रेड झोन (में शामिल अन्य इलाकों में कुछ तरह की छूट दी गई है. वहीं मनपा क्षेत्र को छोडकर जिले के अन्य इलाके नॉन रेड झोन में शामिल है. जिसके चलते जिले के तहसील एवं ग्रामीण इलाकों में लॉकडाउन की शर्तों को शिथिल करते हुए कई तरह की छूट व रियायत दी जा रही है. इसके तहत व्यापारी प्रतिष्ठानों व बाजारों को खोलने की अनुमति देते हुए जिलांतर्गत सरकारी बस सेवा को भी बहाल किया जा रहा है.

७ घंटे में केवल ३५ बसें ही चली

प्रतिनिधि/दि.२२ अमरावती-लॉकडाउन के चलते विगत दो माह से अपनी ही जगह पर खडी राज्य परिवहन महामंडल की बसें शुक्रवार २२ मई से एक बार फिर यात्रियों की सेवा हेतु उपलब्ध हुई और लॉकडाउन में मिली ढील के बाद शुक्रवार की सुबह ७ बजे से अमरावती व बडनेरा को छोडकर जिले के अन्य ६ आगारों से बसों की फेरियां शुरू की गई. जिसके लिये पुरे दिनभर हेतु ६१ बसों का नियोजन किया गया था. qकतु दोपहर २ बजे तक पहले ७ घंटे के दौरानरापनि की केवल ३५ बसें ही यात्रियों को लेकर सडकों पर दौड पायी, ्नयोेंकि सभी बस स्थानकों पर यात्रियों की भीडभाड काफी कम थी और दो माह बाद बस सेवा शुरू होने के बाद पहले दिन इसे यात्रियों की ओर से अत्यल्प प्रतिसाद मिला.

हालांकि इसके बावजूद भी सभी बसों के चालक व वाहकों सहित बस में सवार यात्री अपने चेहरोें पर मास्क लगाये हुए थे और बस के भीतर भी यात्रियों को दूर-दूर बिठाकर सोशल डिस्टंqसग के नियम का पालन करवाया गया. लगभग यहीं स्थिति दोपहर बाद भी बनी रही. उल्लेखनीय है कि, राज्य परिवहन निगम की लालपरी बसों को सर्वसामान्य जनता के लिहाज से परिवहन का सबसे सस्ता व शानदार साधन माना जाता है और जिले के सुदूर ग्रामीण इलाकोें तक राज्य परिवहन निगम की बसों की पहुंच रहने के चलते लोगबाग इन बसों से यात्रा करने को पहली प्राथमिकता देते है. किंतु विगत २४ मार्च से कोरोना को लेकर लॉकडाउन जारी होने के चलते राज्य परिवहन बसों की सेवाओें को भी स्थगित व खारिज कर दिया गया. जिसके चलते सभी आगारों में विगत दो माह से सरकारी बसों को खडा रखा गया है.

इसके बाद जब प्रशासन द्वारा शुक्रवार २२ मई से सीमित यात्री संख्या के साथ रापनि बसों के परिचालन को अनुमति देने की घोषणा की गई, तो ग्रामीण क्षेत्र के लोगों में काफी हद तक राहत का एहसास देखा गया और उम्मीद की जा रहीं थी कि, पहले ही दिन से रापनि बसों को जबर्दस्त प्रतिसाद मिलेगा, qकतु चूंकि इस समय जिला मुख्यालय रहनेवाले अमरावती शहर में बसों के परिचालन को अनुमति नहीं दी गई है. अत: तहसीलों से तहसीलों के बीच शुरू की गई बस सेवा को अपेक्षित प्रतिसाद नहीं मिला, ्नयोंकि यात्रियों की सबसे मुख्य आवाजाही ग्रामीण क्षेत्रों से जिला मुख्यालयवाले अमरावती शहर में ही हुआ करती थी. इस संदर्भ में रापनि के अमरावती विभागीय नियंत्रक गभणे ने बताया कि, सभी बसों में अधिकतम २० से २२ यात्रियों को ही यात्रा करने की अनुमति दी गई है. qकतु लॉकडाउन के बाद पहली बार सडकों पर उतरी कई रापनि बसों को २ से ५ यात्रियों को लेकर ही अपनी फेरी पूरी करनी पडी. हालांकि उन्होंने विश्वास जताया कि, धीरे-धीरे हालात सामान्य हो जायेंगे और बहुत जल्द रापनि बसों को समूचित यात्री संख्या मिलनी शुरू हो जायेगी.

भाजपा कार्यालय के सामने महाराष्ट्र बचाओ आंदोलन

प्रतिनिधि/२२ अमरावती- स्थानीय राजापेठ स्थित भारतीय जनता पार्टी कार्यालय के सामने भाजपाईयों ने महाराष्ट्रबचाव आंदोलन करते हुए महाविकास आघाडी सरकार का निषेध किया. सरकार ने किसानों के साथ धोखाधडी की है. सरकार की लापरवाही की वजह से महिलाओं पर अत्याचार बढने लगे है. बडे पैमाने पर अवैध व्यवसाय शुरु हुए है, ऐसा भी आरोप इस समय लगाया. भाजपाईयों ने मुख्य कार्यालय तथा अपने घर के सामने महाराष्ट्र बचाव व सरकार के निषेध से संबंधित बैनर हाथमें लेकर मुंह पर मास्क लगाकर सोशल डिटेन्स का पालन करते हुए निषेध किया.

भाजपा पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के अनुसार कांग्रेसराष्ट ्रवादी के साथ सत्ता स्थापित करने वाले शिवसेना ने किसानों के साथ विश्वासघात किया है, ऐसा आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार स्थापित करते समय शिवसेना पार्टी प्रमुख व फिलहाल के मुख्यमंत्री व कांग्रेस व राष्ट्रवादी के नेताओं ने किसानों के पास जाकर बेमौसम बारिश से पीडित किसानों को २५ हजार प्रति हेक्टेअर व फल बागानों के पीडित किसानों को ५० हजार रुपए प्रति हेक्टेअर देना की घोषणा की थी. परंतु महाविकास आघाडी अपने आश्वासन को ही भुल गई. किसानों का सीधे कर्ज माफ कर सातबारा कोरा करने की घोषणा की गई. परंतु एक भी वादे पूर्ण नहीं किए गए. भाजपा सरकार के व्यापक कर्जमाफी के कारण ४३ लाख खाते धारकों को १९ हजार करोड रुपए का लाभ दिया गया था. किसानों के साथ धोखाधडी, धोखे में रखी गई कर्जमाफी, शहर में उफान पर रहने वाले अवैध व्यवसाय, महिलाओं पर लगातार बढ रही अत्याचार की घटना, अचानक लडकिया लापता होने की घटनाएं लगातार बढ रही है. इस तरह सरकार पूरी तरह से मौन बैठी है. इसका भाजपा कार्यकर्ताओं ने निषेध व्यक्त किया.

भाजपा की ओर से महाराष्ट्र बचाव आंदोलन करते समय भाजपा कार्यालय के सामने भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष, पूर्व विधायक डॉ.सुनील देशमुख, शहर अध्यक्ष किरण पातुरकर, पूर्व शहर अध्यक्ष जयंत डेहनकर, मनपा सभागृह नेता सुनील काले, पार्षद तुषार भारतीय, शिवराय कुलकर्णी, रवि खांडेकर, महापौर चेतन गावंडे, स्थायी समिति सभापति राधा कुरील, पूर्व जिलाध्यक्ष दिनेश सूर्यवंशी, गजानन देशमुख, राजेश आंखेगांवकर, दिपक पोहकर, अखिलेश खडेकार, पार्षद स्वाती जावरे,सुनील जावरे, भाजपा युवा मोर्चा के महासचिवऋषिकेश देशमुख, अनुष्का जावरे, स्वराज जावरे, डॉ.अजय रघुवंशी, भाउसाहब लवाले, गजानन माहुरे, प्रभाकर देशमुख, भाईजी गर्दे, दिनेश प्रजापति, आदर्श मोहोड, शुभम घोम, रवि चव्हाण, सुधीर वलके, ज्ञानेश्वर देखमुख, प्राची भांडे, तन्वी बैतुले, ददु जयस्वाल, गजानन पानबुडे, बालासाहब जावरे, स्वामी विवेकानंद मंडल अध्यक्ष राजू मेटे, सदू पुंशी, पार्षद नूतन बुजाडे, सुधीर पावडे, कैलाश पुंशी, संजय यादव, विजय यादव, शुभम यादव, पप्पु यादव, धीरज ठाकुर, रमेश चव्हाण, प्रताप सूर्यवंशी, गोपी सूर्यवंशी, सचिन कारले, शुभम काले, मयूर देशमुख, भाजपा साई मंडल अध्यक्ष राजेश किटूकले, रतन देशपांडे, डॉ.तिडके, नितीन डवले, जया माहोरे, देवांडना लकडे, राजेश जगताप, मंगेश खोंडे, गजानन गेडाम, सुनील घोटेकर, दिनेश काले, कुणाल गुप्ता, रजनी जयqसगपुर, प्रवीण मेटे, गोलू लोहोटे, भारत वानखडे, राजेश साबले, विजय टेटू आदि भाजपा के पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित थे.

१६ हजार भाजपाईयों ने किया विरोध प्रदर्शन

शहर भाजपा के सात मंडल के ४७१ बुथ पर ४ हजार जगह १५ से १६ हजार भाजपा कार्यकर्ताओं ने काली रिबन, मास्क, काले कपडे पहनकर, महाराष्ट्र बचाओ आंदोलन में शामिल होते हुए आघाडी सरकार का निषेध किया. इस आंदोलन में युवा मोर्चा, महिला मोर्चा, शहर भाजपा के पदाधिकारी व कार्यकर्ता बडी संख्या में शामिल हुए थे.

Amravati News 19/05/2020

मसानगंज में मिला एक और कोरोना पॉजीटीव

अमरावती-स्थानीय मसानगंज परिसर में मंगलवार १९ मई को एक और कोरोना पॉजीटीव मरीज पाया गया है. इसके साथ ही शहर में कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या ११२ हो गयी है. वहीं दूसरी ओर मंगलवार को जिलाधीश शैलेश नवाल एवं मनपा आयुक्त प्रशांत रोडे ने मसानगंज परिसर का दौरा करते हुए क्षेत्रवासियों से अपने घरों में ही सुरक्षित रहने का आवाहन किया और उनसे सोशल डिस्टंqसग का पालन करने की अपील की. इस समय क्षेत्र के पार्षद राजेश साहू, मनपा के सहायक आयुक्त योगेश पीठे, पुलिस निरीक्षक अर्जून ठोसरे, जेष्ठ स्वास्थ निरीक्षक धनंजय qशदे, अभियंता सुधीर गोटे व जयंत कालमेघ तथा डॉ. संदीप पाटबागे आदि उपस्थित थे.

रैपीड एंटी बॉडी टेस्ट किट खरीदने की जिम्मेदारी सरकार की

प्रतिनिधि/दि.१९ नागपुर – अमरावती महानगरपालिका क्षेत्र में कोरोना संक्रमण जारी रहने के दौरान प्रशासन द्वारा किये जा रहें उपायों को नाकाफी बताने के संदर्भ में मुंबई हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ में दायर याचिका पर मंगलवार १९ मई को सुनवाई हुई. इस सुनवाई के दौरान इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल सायन्स एन्ड रिसर्च (आयसीएमआर) ने यह कहकर अपना पल्ला झाड लिया कि, रैपीड एंटीबॉडी टेस्ट किट उपलब्ध कराना उसकी जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि आयसीएमआर ने १३ कंपनियों की टेस्ट किट को अप्रूव्ह किया है और अब यदि राज्य सरकार चाहे तो उन कंपनियों से एंटीबॉडी टेस्ट किट खरीद सकती है.

साथ ही आयसीएमआर की ओर से यह भी कहा गया कि एंटीबॉडी टेस्ट किट के दामों के संदर्भ में भी राज्य सरकार ने संबंधित कंपनियों से बात करनी चाहिये.बता दें कि, अमरावती में प्रशासन द्वारा कोरोना वायरस से निपटने हेतु किये जानेवाले उपायों को नाकाफी बताते हुए विगत दिनों एक याचिका नागपुर हाईकोर्ट में भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता शिवराय कुलकर्णी द्वारा दायर की गई थी. जिसमें जिलाधीश, मनपा आयुक्त, जिला शल्य चिकित्सक सहित ९ वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को प्रतिवादी बनाया गया था.

इस याचिका पर इससे पहले दो बार सुनवाई हो चुकी है. जिसमें संबंधित अधिकारियों द्वारा हलफनामे के जरिये अपने जवाब पेश किये जा चुके है. वहीं मंगलवार १९ मई को हुई सुनवाई के दौरान जिला शल्य चिकित्सक डॉ. श्यामसुंदर निकम ने वीडियो कांफ्रेंqसग के जरिये हाईकोर्ट में अपनी हाजरी लगायी. इस समय याचिकाकर्ता के वकीलों ने इस बात को लेकर नाराजगी जतायी थी कि, कुछ कोरोना पॉजीटीव मरीज के रिश्तेदारों का इर्विन अस्पताल में सैम्पल जल्दीनहीं लिया गया और उन्हें काफी देर तक इंतजार कराया गया. जिसकी वजह से वे नाराज होकर वहां से चले गये. इस बारे में पूछे जाने पर सीएस डॉ. निकम ने कहा कि, ऐसा वर्क लोड की वजह से हुआ है और वे पूरा ध्यान रखेंगे कि, आगे से ऐसा ना हो. कोर्ट ने सीएस डॉ. निकम की इस दलील को ग्राह्य माना और उन्हें भविष्य में ऐसा न होने देने के संदर्भ में हिदायत दी.

इसके साथ ही याचिकाकर्ता के वकीलों द्वारा कहा गया कि, अमरावती के हाईरिस्कवाले क्षेत्रोें में सभी नागरिकोें के थ्रोट स्वैब सैम्पल नहीं लिये जा रहे है. साथ ही कंटोनमेंट झोन में पुलिस सही ढंग से काम नहीं कर रहीं है. ऐसे में यहां लॉकडाउन और कफ्र्यू का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है. इस बारे में हाईकोर्ट ने आगामी ४ दिनों के भीतर जिलाधीश एवं मनपा आयुक्त सहित पुलिस आयुक्त को अपना जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया.

इस याचिका पर आयसीएमआर की ओर से एड. उल्हास औरंगाबादकर, सरकार की ओर से एड. देवपूजारी तथा अमरावती मनपा की ओर से एड.जेमिनी कासट ने सफल युक्तिवाद किया. इसमें से एड. जेमिनी कासट ने हाईकोर्ट में मनपा का पक्ष पूरजोर तरीके से रखते हुए हाईकोर्ट को यकिन दिलाया कि, अमरावती के शहरी क्षेत्र में मनपा प्रशासन द्वारा कोरोना वायरस के संक्रमण से निपटने हेतु प्रभावी एवं कारगर कदम उठाये जा रहे है.

अमरावती अभी भी रेड जोन में शामिल

भारत में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलो के बीच लाकॅ डाउन ४.० लागू कर दिया गया है। लॉकडाउन के चौथे चरण के लिए सभी राज्यों ने सुरक्षा समेत आवश्यकताओं को देखते हुए गाइडलाइंस तैयार की हैं। महाराष्ट्र ने भी लॉकडाउन ४ को लेकर संशोधित गाइडलाइंस जारी कर दी गई हैं।इन नियमों के मुताबिक, मुंबई में अब शराब मिलेगी लेकिन इसकी होम डिलिवरी की जाएगी। शराब की शॉप पर लोगों खरीददारी नहीं कर सकेंगे। यही नहीं, अब राज्य में सिर्फ दो जोन होंगे। एक तो रेड जोन और दूसरा नॉन रेड जोन। मुंबई महानगर पालिका समेत एमएमआर रीजन की सभी महानगर पालिका रेड जोन में हैं।

अब आइए संशोधित गाइडलाइंस पर एक नजर डाल लेते हैं…. यहां जान लें खास बातें:

१. होटेल, मॉल, प्रार्थना स्थल, स्कूल, कॉलेज, मेट्रो, बस सेवा बंद रहेंगे,अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय हवाई सेवा बंद रहेगी। २. एग्जाम पेपर्स की जांच के लिए ५% कर्मचारी मौजूद रह सकते है। ३. कंटेनमेंट जोन में अतिमहत्वपूर्ण सेवाओं के अलावा सभी सेवाएं बंद रहेंगी। ४. ये सभी नियम २२ मई से जारी होंगे। ५. आरटीओ और घरों के रजिस्ट्रेशन शुरू होंगे। ५. रेड जोन में टैक्सी और ऑटो सेवा बंद रहेंगी ६. पुणे,सोलापुर, नासिक,अमरावती,मालेगांव, औरंगाबाद,धुले, ठाणे,कल्याण-डोंबिवली, जलगांव, अकोला, अमरावती रेड जोन में हैं।

७. इस आदेश के पूर्व जिन आवश्यक चीजों की दुकानें खुल रही थीं, वे आगे भी खुली रहेंगी। ८. रेड जोन में स्थित मॉल, प्रतिष्ठान, उद्योग जिन्हें खोलने का निर्देश नहीं है, उन्हें भी अब मंजूरी दी जाएगी और वे सुबह ९ बजे से शाम ५ बजे के बीच ही खुलेंगे। ९. टैक्सी/कैब/ऐग्रिग्रेटर की सुविधा नहीं शुरू होगी। रिक्शा भी अभी बंद ही रहेंगे। चार पहिया वाहनों में एक ड्राइवर के साथ-साथ दो लोगों को ही परमिशन है। दोपहिया वाहन में सिर्फ एक व्यक्ति ही मान्य है। १०. सभी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय विमान यात्राएं (मेडिकल इमर्जेंसी को छोडकर) अग्रिम आदेशों तक स्थगित रहेंगी, एयर ऐम्बुलेंस और गृहमंत्रालय की ओर से अधिकृत सुरक्षा के उद्देश्य के लिए यात्रा को छोडकर। ११. सभी स्कूल, कॉलेज, शैक्षिक/प्रशिक्षण संस्थान आदि बंद रहेंगे। हां, ऑनलाइन/दूरस्थ शिक्षा के लिए अनुमति दी जा सकती है। १२. सभी सिनेमा हॉल्स, शॉqपग मॉल्स, जिम, स्वीqमग पूल, एंटरटेनमेंट पार्क, थिअटर, बार और ऑडिटोरिम, असेंबली हॉल जैसी सभी जगहें अग्रिम आदेशों तक के लिए बंद रहेंगी।

१ जून तक अपरान्ह १२ से २ बजे तक होगा अदालतों में कामकाज

प्रतिनिधि/दि.१९ अमरावती-देश में कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर लॉकडाउन जारी रहने के चलते सभी अदालतामें कामकाज की अवधि को सीमित कर दिया गया है. साथ ही बेहद जरूरी व अति तत्काल मामलों के साथ-साथ रिमांड संबंधी मसलों को लेकर भी अदालतोें में सुनवाई का काम जारी है, चूंकि अब लॉकडाउनकी अवधि को आगामी ३१ मई तक बढा दिया गया है.

अत: मुंबई उच्च न्यायालय के आदेश पर अमरावती के जिला व सत्र न्यायालय द्वारा अपने अधिनस्थ कार्यरत दिवाणी व फौजदारी न्यायालयों में चलनेवाले कामकाज को लेकर एक परिपत्रक जारी किया गया. अमरावती की प्रमुख जिला व सत्र न्यायाधीश उर्मिला एस. जोशी (फाल्के) द्वारा १८ मई को जारी किये गये परिपत्रक में कहा गया है कि, १९ मई से १ जून के दौरान अमरावती जिला न्यायालय मुख्यालय में कार्यरत सत्र न्यायालय, दिवाणी न्यायालय व फौजदारी न्यायालय सहित जिले के अन्य सभी न्यायालयों में केवल रिमांड और अति तत्काल न्यायालयीन कामकाज की व्यवस्था की गई है.

साथ ही यह कामकाज रोजाना अपरान्ह १२ से २ बजे तक के दौरान होगा. साथ ही अमरावती जिला न्यायालय के मुख्यालय में अलग-अलग दिनों के लिए अलग-अलग न्यायालयों में कामकाज चलेगा. साथ ही तहसील क्षेत्रों में स्थित उपजिला व सत्र एवं तहसील कोर्ट में भी लगभग यहीं व्यवस्था की जायेगी. जिसके तहत जहां पर एक से अधिक न्यायालय कक्ष है, वह अलग-अलग दिन अलगअलग न्यायासन काम करेंगे और जहां पर केवल एक ही न्यायकक्ष है, वहां हर दिन अपरान्ह १२ से २ बजे तक अदालत में कामकाज होगा.

उक्ताशय की जानकारी देते हुए प्रमुख जिला व सत्र न्यायाधीश उर्मिला जोशी फाल्के ने सभी संबंधितों से इस व्यवस्था की ओर ध्यान देने एवं अदालत द्वारा जारी दिशानिर्देशों का पालन करने की अपील की है. ज्ञात रहे कि, इन दिनों अदालत परिसर के प्रवेश द्वारों पर कडे सुरक्षा इंतजाम किये गये है. साथ ही अदालत परिसर में प्रवेश करनेवाले लोगों को पूरी जांच पडताल एवं परिक्षण के बाद ही भीतर प्रवेश दिया जा रहा है.

अमरावती मनपा को अब भी रैपीड एंटीबॉडी टेस्ट किट मिलने का इंतजार

प्रतिनिधि/दि.१९ अमरावती-कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की सर्वाधिक संख्या रहनेवाले प्रतिबंधित क्षेत्रों में तेज गति से स्वास्थ जांच करने हेतु आयसीएमआर ने रैपीड एंटीबॉडी टेस्ट किट की सिफारिश की थी.जिसके चलते महाराष्ट्र के लिए ८४ हजार टेस्ट किटस् भेजी गयी थी. जिसमें से करीब १० हजार टेस्ट किट अमरावती मनपा को मिलनेवाली थी. qकतु चीन से आयात की गई टेस्ट किट डिफेक्टीवयानी दोषपूर्ण निकलने की वजह से इन टेस्ट किट का प्रयोग रोक दिया गया.

जिसके चलते न्यायालयीन आदेश के बावजूद भी अमरावती मनपा को अब तक एक भी रैपीड एंटीबॉडी टेस्ट किट प्राप्त नहीं हुई है और यहां पर मास्क टेस्टींग यानी सामूदायिक स्वास्थ्य परिक्षण का काम शुरू नहीं हो पाया है. बता दें कि, कोरोना संक्रमण की वजह से कंटेनमेंट झोन घोषित किये गये इलाकों में रहनेवाले सभी नागरिकों की स्वास्थ जांच किये जाने पर इस संक्रमण को नियंत्रित करना संभव है.

इसके चलते आयसीएमआर ने सभी राज्यों को विविध मार्गदर्शक दिशानिर्देश जारी किये थे. जिसमें रैपीड एंडीबॉडी टेस्ट का उपाय भी सुझाया गया था. qकतु यह टेस्ट किट मिलने में हो रही देरी के चलते सुप्रीम कोर्ट सहित नागपुर हाईकोर्ट में भी एक याचिका दायर की गई थी. जिसकी सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को ऐसी टेस्ट पूरे देश में शुरू करने का आदेश दिया था.

वहीं नागपुर हाईकोर्ट ने अमरावती जिले के लिए सात दिनों के भीतर १० हजार टेस्ट किट उपलब्ध कराने का आदेश आयसीएमआर को दिया था. जिस पर आयसीएमआर द्वारा हाईकोर्ट को बताया गया था कि, राज्य सरकार की ओर से मांग पत्र भेजे जाने के बाद ही ऐसी टेस्ट किट उपलब्ध करायी जायेगी. qकतु इसी बीच आयसीएमआर ने चीन से आयात की गई टेस्ट किट को त्रुटीपूर्ण व सदोष पाया और इनके वितरण को लेकर मनायी कर दी. जिसके चलते इन टेस्ट किट की खेप अमरावती पहुंच ही नहीं पायी और अब भी यहां के कंटेनमेंट झोन में लगातार जारी कोरोना संक्रमण के बावजूद मास टेस्टींग का काम पूरी तरह से रूका पडा है.

१० लाख किटस् मंगगायी गयी थी-

बता दें कि केंद्र सरकारने चीन से १० लाख टेस्ट किट आयात की थी. qकतु चीन से मंगायी गयी इन टेस्ट किट में दोष व त्रृटी रहने के चलते किटस् का यह पूरा कंसाईनमेंट चीन को वापिस भेज दिया गया था, ऐसी जानकारी है, लेकिन अब इन किटस् की खरीदी प्रक्रिया पर भी सवालिया निशान लगता दिखाई दे रहा है और कोरोना की वजह से उपजी आपात स्थिति में भी केंद्र सरकार द्वारा दोषपूर्ण टेस्ट किट खरीदे जाने की घटना से लोगोें के मन में कई तरह के सवाल उठ रहे है.

एक ही रात दो लोगों ने लगाई फांसी

प्रतिनिधि/१९ अमरावती- फिलहाल कोरोना वायरस की दहशत के साए में परिसरवासी जैसे तैसे जी रहे है. इस दौरान दो व्यक्तियों ने एक ही रात अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. यह दिलदहला देने वाली घटना नागपुरीगेट पुलिस थाना क्षेत्र के मसानगंज परिसर में घटी. फिलहाल दोनों व्दारा की गई आत्महत्या का पर्दाफाश नहीं हो पाया है. पुलिस ने मर्ग दर्ज कर तहकीकात शुरु कर दी है. प्रमोद रतन बोरकर (३५,मसानगंज), गजानन रामजी खैरे (५०, मसानगंज स्कूल के पास) यह दोनों फांसी लगाकर आत्महत्या करने वाले व्यक्तियाका नाम हैं.

मसानगंज परिसर में कोरोना पॉजिटिव मरीज पाये जाने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से उस परिसर में जिलाधिकारी शैलेश नवाल ने दौरा किया था. इस परिसर के लोग पहले ही कोरोना की वजह से दहशत के साए में जी रहे है. उपर से इस तनावपूर्ण स्थिति में दो लोगों ने फांसी लगा ली. बताया जाता है कि प्रमोद बोरकर ने रात १०.३० बजे अपने घर में खूद को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. पुलिस को सूचना मिलते ही नागपुरी गेट पुलिस थाने की टीम घटनास्थल पहुंची. पुलिस ने लोगों की सहायता से लाश फांसी के फंदे से निचे उतारकर घटनास्थल का पंचनामा किया.

इसके बाद लाश पोस्टमार्टम के लिए रवाना की. इस मामले में प्रमोद बोरकर ने फांसी ्नयों लगाई इसका कारण स्पष्ट नहीं हो पाया. पुलिस ने फिलहाल मर्ग दर्ज कर मामले की तहकीकात शुरु की है. यह मामला भी सुलझा ही नहीं था कि तडके ४ बजे मसानगंज स्कूल के पास ५० वर्षीय गजानन रामजी खैरे नामक व्यक्ति ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. एक ही परिसर की चंद घंटों में दूसरी घटना की सूचना मिलते ही नागपुरी गेट की पुलिस फिर घटनास्थल पहुंची.

गजानन की लाश फांसी के फंदे से उतारने के बाद घटनास्थल का पंचनामा करते हुए लाश पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल के पोस्टमार्टम गृह रवाना की. इस मामले में भी गजानन खैरे व्दारा फांसी लगाकर आत्महत्या करने का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है. मिली जानकारी के अनुसार कि बताया जाता है कि गजानन खैरे ने इससे पहले भी दो बार आत्महत्या करने का प्रयास किया है. जानकारी यह भी है कि पिता-पुत्र के बीच आये दिन विवाद हुआ करता था. इसी वजह से गजानन ने फांसी लगाई होगी, ऐसा अनुमान लगाया गया है पुलिस ने फिलहाल मर्ग दर्ज कर तहकीकात शुरु की है.

लॉकडाउन के दौरान फेक लिंक के माध्यम से की जा रही जालसाजी

प्रतिनिधि/दि.१९ अमरावती-इन दिनों लॉकडाउन एवं कफ्र्यू जारी रहने के चलते अपने घरों पर ही रहनेवाले लोगोें द्वारा इंटरनेट सहित विभिन्न सोशल मीडिया साईटस् का प्रयोग काफी अधिक पैमाने पर किया जा रहा है. ऐसे में कुछ साईबर अपराधीइस स्थिति का फायदा उठाने हेतु इंटरनेट पर अलग-अलग फेक qलक वायरल करते हुए नागरिकों के साथ जालसाजी करने का प्रयास कर रहे है. ऐसे में नागरिकों को ऐसी qलक पर ्िनलक करने या उन्हें आगे फॉरवर्ड करने से बचना चाहिए.

इस आशय का (आवाहन अमरावती शहर पुलिस आयुक्तालय के साईबर पुलिस स्टेशन द्वारा किया गया है. इस संदर्भ में जारी विज्ञप्ती में साईबर पुलिस स्टेशन द्वारा बताया गया कि, विगत कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री बेरोजगार भत्ता योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर qलक वायरल की जा रही है. जिसमें प्रतिमाह कुछ कमायी होने का लालच भी दिया जा रहा है, जबकि हकीकत में सरकार द्वारा ऐसी कोई qलक अधिकृत तौर पर जारी ही नहीं की गई. अत: ऐसी qलक को ओपन ही नहीं करना चाहिये. साथ ही किसी भी अंजान एॅप को डाउनलोड भी नहीं करना चाहिए. अन्यथा इससे आर्थिक जालसाजी होने का खतरा बना रहता है.

न्यू अमरावती और चांदूर बाजार रेलवे स्टेशन पर बनाया जा रहा ओवर ब्रीज

प्रतिनिधि/दि. १९. अमरावती. एक तरफ जहां कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए लॉकडाउन की घडी में लोग घरामें बैठे हुए है. वहीं सडक पर पुलिस प्रशासन औरअस्पतालों में जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम अपनी सेवाए ंदे रही है. वहीं दूसरी तरफ रेल प्रशासन की ओर से भी रेल यात्रियों की सुविधाओं के लिए ओवर ब्रिज बनाने का काम शुरु किया गया है. अमरावती मॉडल रेलवे स्टेशन सहित न्यू अमरावती और चांदूर बाजार रेलवे स्टेशन पर भी ओवर ब्रिज बनाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है.

आने वाले दो से तीन महिनें में यह ओवर ब्रिज बनकर तैयार हो जाएगें और यात्रियों के आवगमन के लिए शुरु किए जाएगें . वहीं यह भी पता चला है कि शहर के मॉडल रेलवे स्टेशन पर दो लिफ्ट भी बनाने की प्रक्रिया चल रही है. यह लिफ्ट बनाने का कामकाज भी दो से तीन महिने में पूरा हो जाएगा.

यहां बता दे कि अमरावती जिले के नागरिकों को बडनेरा शहर में स्थित रेलवे स्टेशन से ट्रेन पकडकर मुंबई ,दिल्ली और चेन्नई जैसे बडे शहरों में जाना आना करना पड रहा था. जिसके चलते अधिकांश नागरिकों को भारी असुविधाओं का सामना करना पड रहा था. अमरावती शहर में रेलवे स्टेशन बनाने की मांग नागरिकों द्वारा की जाने लगी थी.

जिसके बाद पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभाताई पाटिल ने अमरावती शहर को राष्ट्रपति पद पर रहते समय मॉडल रेलवे स्टेशन के रुप में नयी सौगात दी. मॉडल रेलवे स्टेशन पर चार प्लेटफार्म बनाए गए ताकी यात्रियों को आने जाने में असुविधा का सामना न करना पडे. इतना ही नहीं तो रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर १ से ४ तक अंडर पास का निर्माण कार्य भी किया गया.

लेकिन अंडर पास में नजदीक के नाले का पानी बहने से यात्रियों को यहां से गुजरते समय काफी तकलीफों का समना करना पड रहा है. यही नहीं तो प्लेटफार्म नंबर १ व ४ पर ट्रेने खडी रहने से यात्री दूसरी ट्रेनों को पकडने के लिए पटरीयां लांघने का काम कर रहे थे. इस बात को ध्यान में रखते हुए रेल प्रबंधन की ओर से ओवर ब्रिज बनाने का निर्णय लिया गया. जिसके तहत प्लेटफार्म नंबर १ से ४ तक आवागमन करने के लिए ओवर ब्रिज का निर्माण कार्य किया जा रहा है.

कोरोना महामारी से निपटने के लिए फिलहाल लॉकडाउन घोषित किया गया है. जिसके चलते रेल यातायात भी बंद है. इसलिए रेल विभाग की ओर से रेलवे ओवर ब्रिज बनाने की प्रेिक्रया को तेज कर दिया गया है. आने वाले दो तीन महिनों यह ओवर ब्रिज बनाने का काम पूरा किया जाएगा. इस संबंध में रेल विभाग के सुनील वासेकर ने बताया कि रेल ओवर ब्रिज बनाने के लिए कम से कम २५ मजदूरों की आवश्यकता पडती है.

लेकिन इस बार सोशल डिस्टेंqसग का पालन करते हुए ठेकेदार के पांच से सात मजदूरों को साथ में लेकर ओवर ब्रिज का काम किया जा रहा है. यहीं नहीं तो इस कार्य में रेलकर्मी भी अपना सहयोग दे रहे है. मॉडल रेलवे स्टेशन पर ही नहीं बल्कि न्यू अमरावती और चांदूरबाजार रेलवे स्टेशन पर भी ओवर ब्रिज बनाने की प्रक्रिया चल रही है. ७ करोड रुपयों की निधि ओवर ब्रिज बनाने के लिए उपलब्ध करायी गयी है. तीनों ओवर ब्रिज का काम इस निधि का इस्तेमाल कर पूरा किया जाएगा.

मॉडल रेलवे स्टेशन पर बनायी जाएगी लिफ्ट

अमरावती रेलवे स्टेशन पर ओवर ब्रिज बनाने के साथ ही यहां पर दो लिफ्ट बनाने की भी प्रक्रिया तेज कर दी गई है. दो से तीन महिने में यहां पर लिफ्ट भी शुरु की जाएगी. प्लेटफार्म क्र. १ व २ और ३ पर लिफ्ट स्थापित की जाएगी. लिफ्ट का उपयोग भी यात्री कर पाएगें. बुजुर्ग, बच्चों और महिलाओं को इस लिफ्ट से आवागमन करने में काफी आसानी होगी.

दो ट्रेन अगल बगल की पटरियों पर रुकने से यात्रियों की बढ रही थी दिक्कतें

चांदूर बाजार शहर और न्यू अमरावती रेलवे स्टेशन पर रोजाना दो पैqसजर ट्रेने अगल बगल की पटरियों पर रुकती है. जिसके चलते यात्रियों को एक दूसरी ट्रेनों में जाने आने के लिए दिक्कतें का सामना करना पड रहा था. यात्रियों की दिक्कतों को टालने के लिए चांदूर बाजार और न्यू अमरावती रेलवे स्टेशन पर ओवर ब्रिज बनाने की कवायद तेज कर दी गयी है. इस संदर्भ में रेल कर्मचारी सुनील वासेकर ने बताया कि चांदूर बाजार में ओवर ब्रिज बनाने का निर्णय इसलिए लिया गया है कि यहां के रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर गुडस ट्रेने भी रुकती है. ऐसे में यहां पर पैqसजर ट्रेन भी उसी समय पहुंच जाती है. ट्रेन को पकडने के लिए यात्री गुडस ट्रेन जहां खडी रहती है उस पटरी के नीचेसे भी गुजरने का ढाडस करते है. ऐसे में अचानक यदि गुडस ट्रेन चलने तो उनकी जान भी खतरे में पड सकती है. इसलिए यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ओवर ब्रिज बनाने का निर्णय लिया गया है.

अभी आरएएफ जवानों को फिक्स पॉइंट पर नहीं किया गया तैनात

प्रतिनिधि/१९ अमरावती- शहर में कोरोना प्रभावित मरीजों की संख्या तेजी से बढती जा रही है. ऐसी स्थिति में शांति बनी रहे, शहर की स्थिति काबू रखी जाए, इस दृष्टि से मुंबई की तीन सीआईएफ कंपनी के आरएएफ जवानों की तुकडियां अमरावतीबुलाई गई. फिलहाल उन्हें किसी भी संवेदनशील क्षेत्र में तैनात नहीं किया गया. मगर इस दौरान नागपुरी गेट, खोलापुरी गेट, राजापेठ पुलिस थाना क्षेत्र में इन जवानों का रुट मार्च निकाला गया.

बीते शनिवार को मुंबई से आरएएफ (केंद्रीय रिजर्व फोर्स की रेपिड ए्नशन फोर्स) की तीन कंपनियां अमरावती बुलाई गई. जिसमें ३ कमांडर समेत १२० जवान अमरावती पहुंचे. उनके वलगांव रोड स्थित रजनी मंगल कार्यालय में रहने व भोजन की व्यवस्था की गई हैं. कोरोना वायरस की वजह से कोरोना प्रभावीत मरीजों की संख्या लगातार बढने के कारण शहर की स्थिति बेकाबू न हो इससुरक्षा की दृष्टि से आरएएफ की कंपनियों को मुंबई से अमरावती बुलाया गया हैं. परंतु शहर पुलिस ने ही यहां की स्थिति पर नियंत्रण कर रखा है. फिलहाल आरएएफ जवानों की आवश्यकता नहीं पडी है. इस वजह से उन्हें किसी भी संवेदनशील क्षेत्र में अब तक तैनात नहीं किया गया, ऐसी जानकारी डीसीपी यशवंत सोलंके ने दी है. परंतु पुलिस का दबदबा बना रहे इस दृष्टि से आरएएफ जवान के अमरावती पहुंचने के बाद से नागपुरी गेट, खोलापुरी गेट, राजापेठ इन तीन पुलिस थाना क्षेत्र में बल प्रदर्शन करते हुए आरएएफ जवानों का रुट मार्च निकाला गया है.

Amravati News 18/05/2020

कोरोना : अमरावती @ १११

अमरावती-अमरावती में कोरोना संक्रमित मरीजों का आंकडा लगातार बढता जा रहा है. सोमवार की सुबह शहर के लालखडी व मसानगंज परिसर में रहनेवाले ५ लोगों के थ्रोट स्वैब सैम्पलों की रिपोर्ट पॉजीटीव आयी है. जिसके चलते अमरावती में अब कुल संक्रमितों की संख्या १११ पर जा पहुंची है. इसमें से लालखडी परिसर में एक ही परिवार के ४ लोग कोरोनापॉजीटीव पाये गये है. जिनमें ३ पुरूषों सहित एक १२ वर्षीय बच्ची का समावेश है.

वहीं दूसरी ओर मसानगंज परिसर निवासी २२ वर्षीय युवक भी कोरोना संक्रमित पाया गया है. इस संदर्भ में जिला प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक कोरोनासदृश्य लक्षण दिखाई देने के चलते कोरोंटाईन सेंटरों में रखे गये लालखडी परिसर निवासी २३ वर्षीय, ३२ वर्षीय व ३० वर्षीय पुरूष के साथ १२ वर्षीय बच्ची का थ्रोट स्वैब सैम्पल जांच हेतु प्रयोगशाला भिजवाया गया था. जिनकी रिपोर्ट सोमवार की सुबह पॉजीटीव आयी है. इसके साथ ही मसानगंजपरिसर में रहनेवाले २२ वर्षीय युवक की भी कोरोना टेस्ट रिपोर्ट पॉजीटीव पायी गयी है. जिसके चलते अब अमरावती में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या १११ हो गयी है. यहां यह विशेष उल्लेखनीय है कि, अमरावती में अब तक कोरोना संक्रमण की वजह से १३ लोगों की मौत हो गयी है, वहीं ६२ लोगोें को इलाज के बाद कोविड अस्पताल से छूट्टी दे दी गई है. वहीं अब भी ३६ लोग कोविड अस्पताल में अपना इलाज करा रहे है.

मसानगंज लालखडी बने नये हॉटॅस्पॉट-

उल्लेखनीय है कि, इससे पहले ताज नगर इलाके में सबसे अधिक १३ कोरोना संक्रमित पाये गये थे. जिसके चलते ताज नगर को कोरोना के लिहाज से हॉटस्पॉट माना जा रहा था, लेकिन ताज नगर के २ मरीजों की मौत होने के बाद शेष ११ मरीज अपनी आयसोलेशन अवधि पूरी कर ठीक होकर अपने घर लौट गये है. ऐसे में एक तरह से ताज नगर को कोरोनामुक्त कहा जा सकता है. वहीं अब मसानगंज परिसर में कोरोना के ११ मरीज पाये गये है.

जिनमें से १ की मौत हो चुकी है और १ को अस्पताल से डिस्चार्ज मिल चुका है. वहीं इस इलाके के ९ मरीज कोविड अस्पताल में भरती है. इसके अलावा लालखडी परिसर में कोरोना के ८ मरीज पाये गये है और सभी आठों मरीजों का इस वक्त कोविड अस्पताल में इलाज जारी है. साथ ही इन दोनोें इलाकों में पाये गये मरीजों के संपर्क में आये लोगों की भी खोजबीन की जा रही है. जिसके चलते इन दोनों इलाकों में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढने की पूरी संभावना दिखाई दे रही है. जिसके चलते इन दोनों इलाकों को कोरोना संक्रमण के लिहाज से हॉटस्पॉट माना जा रहा है.

धामणगांव में भी कोरोना पहुचा –

वहीं दूसरी ओर जिले के धामणगांव रेल्वे में रहनेवाली एक युवती की कोरोना टेस्ट रिपोर्ट पॉजीटीव आयी है. हालांकि यह युवती विगत लंबे समय से इलाज के लिए अमरावती के अस्पताल में भरती थी. जिसे विगत १५ मई को ही वर्धा के सावंगी मेघे अस्पताल में भरती कराया गया था. जहां पर सोमवार को उसके थ्रोट स्वैब सैम्पल की रिपोर्ट पॉजीटीव आयी है.

जिसके बाद उसे वर्धा के सेवाग्राम अस्पताल में भरती कराया गया. चूंकि इस युवती की स्वास्थ जांच और उपचार वर्धा में जारी है. अत: इस युवती की गिनती वर्धा के कोरोना संक्रमित मरीजों में की जा रहीं है.

लॉकडाउन-४ : केंद्र की गाईडलाईन जारी, महाराष्ट्र की गाईडलाईन का इंतजार

प्रतिनिधि/दि.१८ अमरावती-लॉकडाउन के चौथे चरण में यद्यपी केंद्र सरकार द्वारा ढील व छूट देने को लेकर कुछ गाईडलाईन्स जारी की गई है. qकतुइस गाईडलाईन को लागू करने अथवा नहीं करने का अंतिम अधिकार जिला प्रशासन के पास दिया गया है और अमरावती जिले के मौजूदा हालात को देखते हुए स्थानीय जिला प्रशासन ने अमरावती में फिलहाल लॉकडाउन को लेकर कोई नई तरह की ढील अथवा छूट नहीं देने का निर्णय लिया है. जिसके चलते अमरावती में आगामी ३१मई तक इससे पहले जारी रहनेवाले हालात को ही जस का तस यथावत कायम रखा जायेगा और किसी भी तरह की कोई नई छूट, ढील, रियायत अथवा सहूलियत नहीं दी जायेगी.

इस आशय का स्पष्टीकरण स्थानीय जिला प्रशासन द्वारा दिया गया है. बता देें कि लॉकडाउन का तीसरा चरण रविवार १७ मई को समाप्त हुआ. इसके साथ ही केंद्र सरकार ने लॉकडाउन के चौथे चरण की घोषणा करते हुए लॉकडाउन की अवधि को आगामी ३१ मई तक के लिए बढा दिया है. साथ ही लॉकडाउन के चौथे चरण को लेकर गाईड लाईन्स भी जारी की गई है. जिसमें लॉकडाउन के दौरान कई तरह की छूट व ढील देने की घोषणा भी की गई है.qकतु वहीं दूसरी ओर अब तक महाराष्ट्र सरकार द्वारा लॉकडाउन के चौथे चरण को लेकर कोई गाईडलाईन व दिशानिर्देश जारी नहीं किये गये है.

साथ ही यहां यह भी विशेष उल्लेखनीय है कि, लॉकडाउन को लेकर केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा दिशानिर्देश जारी करने के बावजूद स्थानीय स्थितियों के मद्देनजर निर्णय लेने और गाईडलाईन को जारी करने अथवा नहीं करने का अंतिम अधिकार जिला प्रशासन को दिया गया है. जिसके चलते स्थानीय जिलाधीश शैलेश नवाल ने खुद को प्राप्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए निर्णय लिया है कि, अमरावती में लॉकडाउन के चौथे चरण के दौरान भी १७ मई से पहलेवाली स्थिति को कायम रखा जायेगा और इस चौथे चरण में किसी भी तरह की कोई नई छूट अथवा रियायत नहीं दी जायेगी. साथ ही जिला प्रशासन ने अपनी ओर से स्थिति स्पष्ट करते हुए सभी नागरिकों से यह आवाहन भी किया है कि, वे लॉकडाउन में छूट को लेकर किसी भी तरह के संभ्रम का शिकार न हो और अपने स्वास्थ को लेकर पूरी तरह से सतर्क एवं सचेत रहे.

जनता कफ्र्यू में बर्बाद हुआ लाखों लीटर दूध

प्रतिनिधि/दि.१८ अमरावती-कोरोना के चलते लागू किये गये लॉकडाउन में स्थानीय प्रशासन द्वारा प्रति सप्ताह शनिवार की दोपहर ३ बजे से सोमवार की सुबह ७ बजे तक जनता कफ्र्यू लगाने का निर्णय लिया गया है. जिसका विगत दो सप्ताह से पालन किया जा रहा है. जिसके तहत इस सप्ताह लगातार दूसरी बार शनिवार की दोपहर बादबंद हुई दूध डेअरियां रविवार को पूरा दिन बंद रही, लेकिन चूंकि दूध जीवनावश्यक वस्तू रहने के साथ ही नाशवान वस्तू भी है. ऐसे में जनता कफ्र्यू की वजह से शनिवार की शाम और रविवार की सुबह दूधारू जानवरों से निकाला गया दो वक्त का लाखों लीटर दूध मजबुरी के चलते दूध उत्पादकों को फेंक देना पडा.

बता दें कि, अमरावती शहर वआसपास के क्षेत्रों में करीब ३ हजार दूध उत्पादक है, वहीं शहरी क्षेत्र में लगभग ३० से ३५ छोटी-बडी दूध डेअरियां है. जहां पर दूध उत्पादकों द्वारा लाया जानेवाला दूध संकलित किया जाता है और फिर उस परइन्ही हालात के बीच अब जिला प्रशासन द्वारा प्रति सप्ताह शनिवार व रविवार को जनता कफ्र्यू लागू करने की घोषणा की गई है.

जिसमें किराना व डेलीनीड्स शॉप के साथ-साथ दूध डेअरियों को भी शनिवार की दोपहर बाद से रविवार के पूरा दिन बंद रखना अनिवार्य किया गया है. ऐसे में शनिवार की शाम तथा रविवार की सुबह दूधारू जानवरों से निकाले जानेवाले दूध को फेंक देने के अलावा दूध उत्पादकों के पास अन्य कोई रास्ता शेष नहीं है, ्नयोंकि चार समय के दूध को बचाये रखने के लिहाज से दूध उत्पादकों के पास कोई साधन ही नहीं है. ऐसे हालात से निपटने हेतु शहर की दूध डेअरियों के संचालकों और मवेशी पालक दूध उत्पादकों द्वारा सरकार एवं प्रशासन से मांग की जा रही है कि, जनता कफ्र्यू से दूध डेअरियों व दूध उत्पादकों को अलग रखा जाये, ताकि दूध जैसी रोजाना लगनेवाली जीवनावश्यक वस्तू की आपूर्ति सुचारू रूप से हो सके. साथ ही चूंकि दूध का समावेश नाशवंत वस्तूओं में होता है. अत: जनता कफ्र्यू की वजह से दूध के नष्ट होकर दूध उत्पादकों को नुकसान का सामना न करना पडे.

शहर की कई दूध डेअरियों के संचालकों ने उपरोक्त शिकायतों के साथ ही कहा कि, एक तो वे विगत लंबे समय से दो समय के दूध का संकलन एक समय में कर रहे है और दूध पर की जानेवाली प्रक्रिया करते हुए सीमित अवधि के दौरान दूग्धजन्य पदार्थों को बना रहे है. इसमें भी उन्हें कई तरह की दिक्कतों और नुकसान का सामना करना पड रहा है. वहीं अब विगत दो सप्ताह से जनता कफ्र्यू की वजह से उन्हें और उनके यहां दूध लानेवाले दूध उत्पादकों को भारी नुकसान हो रहा है.

इस संदर्भ में उन्होंने प्रशासन को भी अपनी समस्याओं और दिक्कतों से अवगत करा दिया है. qकतु यदि जल्द ही प्रशासन द्वारा इस समस्या का समाधान नहीं निकाला जाता है, तो वे लॉकडाउन खुलने तक अपनी दूध डेअरियों को पूरे समय के लिए बंद रखने के पर्याय पर विचार कर रहे है. ऐसी स्थिति में दूध उत्पादकों को होनेवाले नुकसान की पूरी जिम्मेदारी सरकार एवं प्रशासन की होगी.

अकोला से दर्जनों मजदूर पैदल अमरावती आये, बिहार जाना है

प्रतिनिधि/दि.१८ अमरावती – इन दिनों पूरे देश में प्रवासी मजदूर अपने घर लौटने के लिए परेशान है. अकोला में भी सैकडों बिहारी मजदूर अलगअलग ऑइल मील और दालमील पर काम करते है. अकोला में मजदूरी कर रहे बिहार के मजदूर पिछले १० दिन से बिहार जाने के लिए साधन तलाशते इतनेपरेशान हो गये कि, आखिरकार पैदल ही अमरावती निकल पडे और कल १२ घंटे में अमरावती पहुंच गये.आज इन मजदूरों ने अमरावती जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर अपना ठिय्या लगाया था. इनमें से कुछ मजदूरों ने अमरावती मंडल को बातचीत में बताया कि, वे बिहार के सुखई जिले में रहने वाले है.

अकोला में उन्होंने अपने मजदूर भाईयों से सुना है कि, अमरावती में बिहार जाने की अच्छी व्यवस्था हो रही है, इसीलिए वे अमरावती आ गये. आज जिलाधिकारी कार्यालय में दर्जनों मजदूरों ने बिहार जाने अपना रजिस्टेशन करवाया. गौरतलब है कि, अमरावती से बिहार के लिए ट्रेन और बस दोनों रवाना हो चुकी है. जिसमें सैकडों मजदूर अपने घर गये. अब देखना होगा कि, बिहार की अगली ट्रेन कब जाती है.

मसानगंज बना कोरोना का नया हॉटस्पॉट

प्रतिनिधि/दि.१८ अमरावती- इस समय मसानगंज परिसर अमरावती शहर में कोरोना के लिहाज से नया हॉटस्पॉट बन चुका है. जहां पर विगत एक सप्ताह के दौरान ही १० नये कोरोना संक्रमित मरीज पाये गये. जिसके चलते यहां पर अब कोरोना के कुल संक्रमित मरीजों की संख्या ११ हो गयी है. जिसमें से १ मरीज की मौत हो चुकी है और एक मरीज को अस्पताल से डिस्चार्ज मिल चुका है.

एक सप्ताह के भीतर ही एक के बाद एक करते हुए कुल ११ मरीज पाये जाने की वजह से अब मसानगंज परिसर कोरोना संक्रमण के लिहाज से हॉटस्पॉट हो गया है. बता दें कि, इतवारा परिसर से सटकर रहे मसानगंज परिसर में सभी रिहायशी क्षेत्र आपस में एक-दूसरे से सटे हुए है और यहां पर जनसंख्या का घनत्व भी काफी अधिक है. इसकेसाथ ही यहां पर अधिकांश लोगबाग हाथ मजदूरी व दिहाडी मजदूरी करनेवाले लोग है. जिनके घर एक-दूसरों के साथ काफी सटे हुए है और लोगों का तमाम दिशानिर्देशों के बावजूद एक-दूसरे के यहां आना-जाना और एक-दूसरे से मिलना जुलना काफी अधिक है.

बावजूद इसके लंबे समय तक मसानगंज परिसर कोरोना के संक्रमण से बचा हुआ था और पहली बार यहां के चेतनदास बगीचा परिसर में एक ७२ वर्षीय वृध्द व्यक्ति में कोरोना का संक्रमण पाया गया. इसके बाद से यहां के पटवा चौक, रविदास भवन और qपजारा गली परिसर से एक के बाद एक और १० कोरोना पॉजीटीव मरीज पाये गये. इसमें भी यह सर्वाधिक उल्लेखनीय है कि, जो व्यक्ति कोरोना संक्रमित पाये गये है, उनके परिजनों के रिपोर्ट तो निगेटीव आ रही है. qकतु आस-पडौस के लोगों की रिपोर्ट पॉजीटीव आने का सिलसिला चल पडा है.

बता दें कि, विगत दिनों qपजारा गली परिसर में कोरोना पॉजीटीव पाये गये मरीज की मौत हो गयी थी और इस परिसर की परंपरा के अनुसार आसपडौस में रहनेवाली सभी महिलाएं उस व्यक्ति के घर की महिलाओं से मिलने और शोक की बैठक करने हेतु गयी थी. इसके अलावा इस परिसर में लॉकडाउन और कफ्र्यू का कोई खास असर कभी नहीं देखा गया, बल्कि इस परिसर के लोगबाग पहले की ही तरह आपस में एक-दूसरे से मिलना-जूलना और एक-दूसरों के घरों में जाना- आना जारी रखे हुए थे. जिसके चलते मसानगंज परिसर में कोरोना एक तरह से कम्युनिटी स्प्रेड यानी सामूदायिक संक्रमण की स्थिति में जा पहुंचा है.

प्रशासन की लापरवाही व अनदेखी पड रही भारी

बता दें कि, अमूमन जिस रिहायशी इलाके में कोरोना का एक भी पॉजीटीव मरीज पाया जाता है, उस पूरे इलाके में फवारणी व धुवारणी के साथ सैनिटाईजेशन करते हुए प्रशासन द्वारा स्वास्थ जांच अभियान चलाया जाना अपेक्षित होता है, ताकि इलाके में रहनेवाले हर एक व्यक्ति की रैन्डम चेqकग हो सके. लेकिन मसानगंज इलाके में प्रशासन द्वारा एक तरह से ‘थातूर-मातूर‘ काम किया जा रहा है और अब तक यह देखा गया है कि, मसानगंज परिसर में जब भी कोई कोरोना पॉजीटीव मरीज मिलता है तो प्रशासन एवं स्वास्थ महकमे द्वारा उसके अडोस-पडौस में रहनेवाले कुछ घरों के लोगों की भी स्वास्थ जांच की जाती है. ऐसे में जबर्दस्त जनसंख्या घनत्व रहनेवाले मसानगंज परिसर के अधिकांश नागरिकोें की अब तक सही ढंग से स्वास्थ जांच नहीं हो पायी है. ऐसे में यहां पर कोरोना के कम्युनिटी स्प्रेड होने के खतरे से इन्कार नहीं किया जा सकता.

लोगों में अब आ रहीं थोडी-बहुत जागरूकता

शहर में अब भी मोहल्ला कल्चर को जीवित रखनेवाले मसानगंज परिसर की छोटी-छोटी गलियों में रहनेवाले लोगबाग सालोसाल से एक-दूसरे के साथ मिल-जुलकर रहते आये है और लॉकडाउन व कफ्र्यू लागू होने के बाद भी यह आपसी मेलजोल बदस्तूर चलता रहा, जो अब कुछ हद तक भारी पडने लगा है. यहां पर अब तक परिसरवासियों का एक-दूसरे के घरों में आना-जाना, गली-मोहल्लोंमें एक-दूसरे से मिलना-जुलना आदि गतिविधियां बेखटके व बेरोक टोक चल रही थी, लेकिन अब जब इस इलाके में एक के बाद एक ११ कोरोना पॉजीटीव मरीज मिले है, तब इस इलाके के लोग कुछ हद तक बीमारी के डर से दहले है और अपने स्वास्थ को लेकर सचेत हुए है. जिसके चलते कई लोगबाग अब अपनी स्वास्थ जांच कराने अस्पतालों की ओर दौड लगा रहे है.

शहर के २८ व ग्रामीण के ४ क्षेत्रों में कोरोना की ‘एंट्री’

प्रतिनिधि/दि.१८ अमरावती-इन दिनों शहर सहित जिले के अलग-अलग इलाकों में कोरोन संक्रमित मरीज पाये जा रहे है. वहीं दूसरी ओर लॉकडाउन में कई तरह की ढील, छूट व रियायते भी दी जा रही है. जिसके चलते अब शहर सहित जिले में कोरोना के सामूदायिक संक्रमण यानी कम्युनिटी स्प्रेड का खतरा बढ गया है. ज्ञात रहे कि, इस समय तक अमरावती शहर के २८ व ग्रामीण इलाके के ४ क्षेत्रों में कोरोना की एंट्री हो चुकी है. जिसके चलते प्रशासन को नये कंटेनमेंट झोन व बफर झोन घोषित करने पडे है. बता दें कि, अमरावती शहर के हाथीपूरा परिसर में विगत ४ अप्रैलको कोरोना का पहला मरीज पाया गया था.

इसके बाद डेढ माह के भीतर कोरोना संक्रमित मरीजोें की संख्या १०० से अधिक हो गयी. इसमें भी शुरूआती दौर में घोषित किये गये बफर झोन के अलावा शहर के दूसरे इलाकों में भी कोरोना वायरस के संक्रमण ने पांव फैलाने शुरू कर दिये है और विगत चार दिनों के दौरान कोरोना के जो नये मरीज सामने आये है, वे सभी बफर झोन के अलावा अन्य रिहायशी क्षेत्रों से वास्ता रखते है. जिसकी वजह से अब समूचा शहर qचता एवं दहशत के सायेमें है.

इस स्थिति के चलते स्वास्थ पथकोें द्वारा घर-घर जाकर सर्दी, खांसी व बूखार सहित ईली व सारी से संक्रमित मरीजों की स्वास्थ जांच की जा रही है. qकतु कई क्षेत्रों में इन स्वास्थ पथकों को आवश्यक सहयोग नहीं मिल रहा. जिसकी वजह से जिला एवं स्वास्थ प्रशासन के सभी प्रयास धरे के धरे रह जा रहे है. इसके अलावा कई लोग कंटेनमेंट झोन व बफर झोन से संबंधित नियमों का पालन नहीं कर रहे है और शहर के २८ प्रतिबंधित क्षेत्रों में लोगों की आवाजाही पहले की तरह ही शुरू है. ऐसे में यह सवाल अब भी बना हुआ है कि, आखिर कोरोना के संक्रमण को कैसे रोका जायेगा.

इसी पाश्र्वभुमि पर शहर के कुछ क्षेत्रों सहित बडनेरा परिसर में शनिवार को सीआरपीएफ के पथक द्वारा रूटमार्च किया गया. जिसके चलते अब उम्मीद जतायी जा रही है कि, संभवत: शहर में खुलेआम हो रहे कफ्र्यू के उल्लंघन को रोका जा सकेगा. वहीं शहर के बफर झोन घोषित किये गये इलाकों को अब पुलिस छावणी का स्वरूप दे दिया गया है, जहां पर सीआरपीएफ के साथ-साथ पुलिस आयुक्तालय के आरपीसी, ्नयूआरटी पथक के अलावा खोलापुरी गेट व नागपुरी गेट पुलिस थाने के अधिकारी व कर्मचारी भी ड्यूटी पर तैनात किये गये है. इस रैपिड ए्नशन फोर्स में दो अधिकारियों सहित ११८ सशस्त्र जवानों का समावेश है.

जो बफरझोनवाले इलाकों में पूरा समय ‘खडा पहरा‘ देंगे. इसके साथ ही ्नलस्टर हॉटस्पॉट में शामिल दोनों पुलिस थाना क्षेत्रों में इन सशस्त्र जवानों द्वारा सुबह-शाम फ्लैगमार्च व रूटमार्च किया जायेगा, ताकि लोगबाग कडाई के साथ कफ्र्यू एवं लॉकडाउन का पालन करे और कोरोना संक्रमण की चेन को तोडा जा सके.

रामलक्ष्मण संकुल की अनाज दुकान में चोरी

प्रतिनिधि/१८ अमरावती- लॉकडाउन के समय गरीब लोग अनाज के लिए तरस रहे है. ऐसे में चोरों का गिरोह शहर में सक्रीयदिखाई दें रहा है. ऐसी ही एक घटना आज गाडगे नगर पुलिस थाना क्षेत्र के रालक्ष्ण संकु ल ें घटी. यहां क ी एक अनाज दुक ान ें चोरों ने प्रवेश क र क रीब १ लाख ५० हजार रुपए क ीत के ५० क ट्टे गेहूं, चावल, तुअर चुरा लिए. पुलिस से िली जानक ारी के अनुसार रालक्ष्ण संकु ल स्थित सद्गुरु धान्य भंडार के संचालक सुनील खत्री लॉक डाउन क ी वजह से दी गई राहत के अनुसार क ल दोपहर ३ बजे अपनी अनाज क ी दुक ान बंद क र घर चले गए थे. आज सुबह दुक ान खोलने के लिए नियित सयानुसार दुक ान पहुंचे. उन्हें शटर के तीनों ताले टूटे हुए दिखाई दिए. जिससे उन्हें चोरी होने क ी बात सझ आ गई. सुनील खत्री ने तत्क ाल गाडगे नगर पुलिस क ो घटना क ी सूचना दी और दुक ान ें जांच क ी तब पता चला क ी क रीब १ लाख ५० हजार रुपए क ीत के ५० क ट्टे, गेहूं, चावल, तुअर चोरी हो गए है. पुलिस ने घटनास्थल पर q गरप्रींट ए्नसपर्ट क ी सहायता लेक र चोरों के q गरप्रींट लिए. घटनास्थल क ा पंचनाा क र अज्ञात चोरों के खिला अपराध दर्ज क र चोरों क ी तलाश शुरु क ी है.

मृत महिला के जीवित होने की खबर से शहर में सनसनी

प्रतिनिधि/दि.१८ अमरावती-स्थानीय बेलपुरा परिसर अंतर्गत स्थित खाटिकपुरा निवासी एक महिला की सोमवार को जिला स्त्री अस्पताल यानी डफरीन अस्पताल में मौत हो गयी थी. जिसके बाद उसके परिजन शव को घर पर लाकर उसके क्रियाकर्म की तैयारी कर ही रहे थे कि, किसी को मृत महिला के शव में हलचल होने का आभास हुआ. जिसके बाद देखते ही देखते पूरे परिसर में यह खबर आग की तरह फैल गयी कि डफरीन अस्पताल में इलाज के दौरान मृत हुई महिला दूबारा जी उठी है.

हालांकि इसी दौरान इस महिला के परिजन उसे जीवित मानकर उसके शव को लेकर सबनीस प्लॉट स्थित एक निजी अस्पताल पहुंचे. जहां पर जांच में स्पष्ट हुआ कि, उक्त महिला निश्चित तौर पर मर चुकी हैऔर अब उसके शरीर में जीवन के कोई लक्षण और किसी भी तरह की कोई हलचल नहीं है.

इस संदर्भ में मिली विस्तृत जानकारी के मुताबिक खाटिकपूरापरिसर में रहनेवाली पूजा वाघमारे नामक महिला की तबियत बिगड जाने के चलते उसे सबसे पहले परिसर में ही रहनेवाले डॉ. गुल्हाने के यहां दिखाया गया. उस वक्त इस महिला की नब्ज चल रही थी. पश्चात इस महिला को इलाज हेतु डफरीन अस्पताल में भरती कराया गया. जहां पर इस महिला ने इलाज के दौरान दम तोड दिया. जिसके चलतेडफरीन अस्पताल द्वारा इस महिला का मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करते हुए उसका शव अंतिम संस्कार हेतु उसके परिजनों के हवाले कर दिया गया. जिसके बाद उसके परिजन शव को लेकर घर लौट आये. जहां पर अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू की गई.

इसी दौरान किसी को यह आभास हुआ कि, शायद उस मृत महिला के हाथ में किसी तरह की कोई हलचल हुई है. जिसके बाद परिवार के सदस्यों में उम्मीद की एक किरण जागी और वे तुरंत ही उस महिला को जीवित मानते हुएउसके शव को लेकर रेडियंट अस्पताल पहुंचे.

जहां पर उन्होंने ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों को पूरा किस्सा बताया. इस समय रेडियंट अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों ने एंट्री गेट पर ही इस महिला की जांच-पडताल की और निष्कर्ष दिया कि, उस महिला की मौत हो चुकी है तथा उसमें अब जीवन के कोई लक्षण नहीं है. जिसके बाद मृत महिला के दोबारा जी उठने की अफवाहों पर लगाम लग सकी. हालांकि इस दौरान सोशल मीडिया पर यह खबर आग की तरह फैल चुकी थी.

Amravati News 15/05/2020

रायसोनी व सिपना सहित ७ संस्था की इमारते अधिग्रहित

अमरावती. कोरोना प्रतिबंधित उपाय योजनाओं व आवश्यक सुविधओं हेतू ७ सरकारी व गैरसरकारी संस्थाओं की इमारतें अधिग्रहित करने के आदेश जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष तथा जिलाधिकारी शैलश नवाल ने जारी किया है. विविध आवश्यक उपाय योजना को लेकर इन इमारतों को मनपा के कब्जे में दिया गया है. इन इमारतों में व आवश्यक सामग्री तथा इमारतों के प्रबंधन, व्यवस्था में कोई भी बाधाएं न आए इसके लिए संस्था के कार्यकारी सदस्य, कर्मचारी की भी सेवा अधिग्रहित की गई है.

इन इमारतों के प्रबंधन की जिम्मेदारी महाविद्यालय के प्राचार्य व छात्रावास अधिक्षक पर सौंपी गई है. qनभोरा के सामाजिक न्याय भवन छात्रावास की चारों इमारते अधिग्रहित की गई है. गोपाल कलसकर संबंधित संस्था के प्रमुख है. मनपा की ओर से समन्वयक अधिकारी के रुप में सुमित कांबले व दिपक खेडकर की नियुक्ति की गई है. वहीं डॉ. पंजाबराव देशमुख नर्सिंग इंस्टियूट के लडकियों का छात्रावास भी अधिग्रहित किया गया है.

यहां पर संस्था की ओर से विदा विवेक व मनपा की ओर से अमित देशमुख की नियुक्ति की गई है. मोर्शी मार्ग पर औद्योगिक प्रशिक्षण व शिक्षण संस्था का लडकों का छात्रावास नंबर १ व २, प्रशिक्षणार्थी छात्रावास व लडकियों का छात्रावास अधिग्रहित किया गया है. संस्था की ओर से प्राचायमंगला देशमुख व मनपा की ओर से राहुल दिघडे समन्वय अधिकारी के रुप में काम संभालेगें.

सिपना अभियंत्रिकी महाविद्यालय के पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर छात्रावास, क्रांतिज्योति सावित्रीबाई फुले छात्रावास सहित अन्य एक छात्रावास की इमारत भी अधिग्रहित की गई है. यहां पर संस्था की ओर से रमेश इंगोले व मनपा प्रशासन की ओर से अभय आकोडे समन्वय अधिकारी के रुप में काम संभालेगें. जी.एच. रायसोनी अभियंत्रिकी महाविद्यालय के लडकों के अलावा लडकियों के छात्रावास को भी अधिग्रहित किया गया है.

यहां की जिम्मेदारी संस्था के प्राचार्य व मनपा की ओर से कपील ढोले को सौंपी गई है. विदर्भ ज्ञान विज्ञान संस्था के अल्पसंख्याक छात्रावास, लडकों के छात्रावास, लडकियों के छात्रावास की इमारते अधिग्रहित की गई है. यहां पर समन्वय की जिम्मेदारी संस्था की ओर से प्रणाली वैद्य व अविनाश रघाताटे को सौंपी गई है. शासकीय तंत्र निकेतन महाविद्यालय के लडकियों के छात्रावास(नया) भी अधिग्रहित किया गया है. यहां पर संस्था की ओर से जयंत कालमेघ, ऋषिराज मेटकर व मनपा की ओर से प्रविण कारंडे पर जिम्मेदारी सौंपी गई है.

सीआरपीएफ की दो टूकडी अमरावती पहुंची

प्रतिनिधि/दि.१५ अमरावती-मुंबई से सीआरपीएफ की दो टुकडियाअमरावती पहुंच चुकी है. कल रात दो बस व दो ट्रक में केंद्रीय सुरक्षा पुलिस बल के कुल १२० जवान मुंबई से अमरावती पहुंचे. इन जवानों का ठिय्या फिलहाल रजनी मंगल कार्यालय, रेवसा परिसर में है. गौरतलब है कि अमरावती जिले में अब तक कोरोना के ९० मरीज पाये गये है. इनमें से नागपुर में १ सहित कुल १४ की मृत्यु हुई है और ५६ डिस्चार्ज कर दिये गये है.

२० का इलाज जारी है. ऐसी दशा में अमरावती जिले में १५ के लगभग कंटेनमेंट झोन व हॉटस्पॉट है. इन इलाकों में कोरोना अधिक न फैले इसके लिए लोगों को घरों में रखने हेतु पुलिस फोर्स की तैनाती अत्यावश्यक है. जहां स्थिति पुलिस फोर्स के काबू में नहीं है, वहां सीआरपीएफ के जवान तैनात किये जा सकते है. समाचार लिखे जाने तक सीआरपीएफ के अधिकारी की पुलिस आयुक्त के साथ बैठक चल रही थी. इन्हें कहा तैनात किया जायेगा इस बारे में फैसला होना बाकी है.

जिले की ४९५ फैक्ट्रीयां शुरू

प्रतिनिधि/दि.१५ अमरावती -अमरावती जिले में सभी तालुका और दोनों एमआयडीसी मिलाकर फिलहाल ४९५ कारखाने शुरू कर लिये गये है. यह सभी कारखाने १७ अप्रैल को जारी सरकार की गाईडलाईन के तहत सभी नियम व शर्तों के साथ शुरू किये गये है. इनमें १९४ वे फैक्ट्रीयां भी है, जो जीवनावश्यक वस्तुओं (ऑईल मिल, आटा, बेसन, गोली, बिस्कूट, खेतामें लगनेवाला सामान, वेफर्स, स्वास्थ उपकरण व दवाईया) के है और लॉकडाउन में भी बंद नहीं हुए.

अमरावती एमआयडीसी के एक अधिकारी ने अमरावती मंडल को बताया कि जीवनावश्यक वस्तुओं के कारखानों के अलावा ३०६ अन्य फैक्ट्रीयों को अनुमति देते समय कामगारों की संख्या ५० प्रतिशत, सोशल डिस्टंqसग, सैनिटाईज, मास्क व हैन्डग्लब्ज जैसे सभी नियम ध्यान रखे गये है. यह भी पता चला है कि, जिन कारखानों से निर्मित सामान की बिक्री हो रही है, वहीं परकारखाने शुरू करने के लिए मालिक दिलचस्पी ले रहे है. मानसिकता के हिसाब से सर्वे करने पर पता चलता है कि, कोरोना व लॉकडाउन के बीच कारखानदारों की मानसिकता फिलहाल वेट एन्ड वॉच की है.

नांदगांव पेठ के टे्नसटाईल पार्क में ११ को अनुमति

एमआयडीसी के अधिकारी के मुताबिक नांदगांव पेठ एमआयडीसी के टे्नसटाईल पार्क में रेमंड, सूर्यालक्ष्मी, दामोधर व प्रताप तथा श्याम सहित कुल ११ बडे कारखानों को अनुमति दी गई है. धामणगांव रेल्वे की जवाहर सूतगिरणी और दाभा की डिजीस्कॉन ने भी परमिशन ली है.

८० प्रतिशत महाराष्ट्र व २० प्रतिशत अन्य राज्यों के कर्मचारी

इस अधिकारी ने यह भी बताया कि, उनके पास एमआयडीसी में दर्ज रिकॉर्ड के मुताबिक अमरावती जिले में ८० प्रतिशत कर्मचारी व मजदूर महाराष्ट्र के है, जबकि दूसरे राज्य के केवल २० प्रतिशत है.

मोर्शी की खुली जेल से १०० कैदियों को छोडा

प्रतिनिधि/१५. अमरावती. राज्य सरकार की ओर से मध्यवर्ती जेलों और खुले जेलों में सजा काट रहे कैदियों को कोरोना के संपर्क में आने से बचाने के लिए और उनकी सुरक्षा की दृष्टि से पेरोल पर छोडने का निर्णय लिया गया है. जिसके चलते अमरावती जिले में आने वाले मोर्शी के खुले जेल से भी सजा काट रहे कैदियों को ४५ दिनों के लिए पेरोल पर छोडा जा रहा है. अब तक १०० कैदियों को पेरोल पर छोडे जाने की जानकारी जेल अधिकारी अशोक मलवाड ने दी है. यहां बता दे कि राज्य में कोरोना पांव पसारते जा रहा है. कोरोना की चपेट में आम नागरिकों के साथ ही जेल में सजा काट रहे कैदी भी आ रहे है.

हाल ही में मुंबई के आर्थर रोड जेल में सजा काट रहे तकरीबन १८५ कैदियों को कोरोना का संक्रमण होने की बात सामने आयी थी. इतना ही नहीं तो यहां की जेल में कोरोना संक्रमितों की संख्या भी लगातार बढ रही थी. इस बात को गंभीरता से लेते हुए गृहमंत्री अनिल देशमुख ने राज्य के जेलों में ७ साल से अधिक सजा भुगत चुके कैदियों को पेरोल पर छोडने का निर्णय लिया. जिसके बाद अमरावती मध्यवर्ती जेल से कैदियों को पेरोल पर छोडा जा रहा है वहीं अमरावती जिले के एक मात्र मोर्शी स्थित खुले जेल से भी कैदियों को ४५ दिनोें के लिए पेरोल पर छोडा जा रहा है. अब तक १०० कैदियों को पेरोल पर खुले जेल से छोडा गया है. जबकि अब भी ५०-५२ कैदी खुले जेल में सजा काट रहे है. इन कैदियों को भी बारी-बारी से पेरोल पर छोडा जाएगा.

तीन भागों में बांटे डिस्चार्ज के नियम

प्रतिनिधि/दि.१५ अमरावती/ मुंबई. अमरावती शहर सहित संपूर्ण राज्य पर कोरोना का खौफ अब भी मंडरा रहा है. कोरोना पॉजिटिव मरीजोें की संख्या बढ रही है. ऐसे में इंडियन काउंसील मेडिकल रिसर्च (आयसीएमआर)ने एक नई गाइड लाईन जारी की है.जिसके मुताबिक पॉजिटिव से निगेटिव होने वाले मरीजों को १० दिन में डिस्चार्ज देने का निर्णय लिया गया है. इस गाइड लाइन पर अमरावती पर अमल करना शुरु किया गया है. बता दे कि कोरोना का असर संपूर्ण राज्य पर भूत बनकर मंडरा रहा है. इस अदृश्य बीमारी के संक्रमण में कई लोग आ रहे है. इस बीमारी का संक्रमण में आने वाले लोगों को कोविड अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती किया जा रहा है. इन मरीजों द्वारा उपचार को बेहतर प्रतिसाद देने के बाद उनको अस्पताल से भी डिस्चार्ज किया जा रहा है. अब कोविड १९ के मरीजों के लिए संशोधित डिस्चार्ज पॉलिसी तैयार की गई है.

इस पॉलिसी के तहत मरीजों के लक्षणों की स्थिति पर आधारित है. जिसके तहत केवल गंभीर रोग प्रतिकार शक्ति कम रहने वाले मरीजों को ही डिस्चार्ज के समय आरटी-पीसीआर टेस्ट अनिवार्य है. वहीं बुखार नहीं होने पर १० वें दिन डिस्चार्ज किया जाएगा. यहां विशेष बात यह रहेगी कि मरीज को लक्षण पाए जाने के दिन से ७ वें, ८, ९ दिन बुखार नहीं होने पर ही १० वें दिन जांच के बाद डिस्चार्ज किया जाएगा. हांलाकि मरीजों को डिस्चार्ज करते समय कोविड १९ की लैब में जांच आवश्यक नहीं होगी. वहीं डिस्चार्ज के समय मरीज के हाथ पर मुहर लगाई जाएगी और अगले सात दिनों तक होम आयसोलशन रहने की सूचनाएं दी जाएगी. इन मरीजों को डिस्चार्ज के समय आक्सीजन का प्रमाण ९५ फीसदी से कम पाए जाने पर उन्हें डेडिकेटेड कोविड १९ हेल्थ सेंटर में रेफर करने की भी सूचनाएं दी गई है. वहीं ऐसे मरीजों को डिस्चार्ज करते समय कोविड १९ संक्रमण प्रयोगशाला में जांच आवश्यक नहीं होगी.

सौम्य, अतिसौम्य व लक्षण नहीं रहनेवाले मरीज

सौम्य, अतिसौम्य व लक्षण नहीं रहनेवाले जिन मरीजों को स्वास्थ्य संस्थाओं में दाखिल किया गया है, उनकी रोजाना दो बार शरीर के टेम्प्रेचर और पल्स ऑक्सीमीटर द्वारा एसपीओटू जांच की जाए, मरीजों को लक्षण शुरू होने से सातवें, आठवें और नववें दिन बुखार नहीं होने पर १० वें दिन जांच कर डिस्चार्ज दिया जाए. उक्त मरीजों में पुन: बुखार, खांसी, सांस लेने में दिक्कतों के लक्षण पाए जाते है तो उसे नजदीक के कोविड केयर सेंटर अथवा राज्य के १०४ टोल फ्री नंबर की हेल्पलाइन अथवा नियंत्रण कक्ष ०२०- २६१२७३९४ पर संपर्क करने का अनुरोध किया जाए. मरीज की १४ वें दिन स्वास्थ्य कर्मचारियों ने टेलीफोन पर हालचाल जानना चाहिए और लक्षण नहीं रहने का पंजीयन करना चाहिए.

गंभीर मरीज के अलावा रोग प्रतिकार शक्ति कम रखनेवाले मरीज

गंभीर मरीजों के अलावा रोग प्रतिकार शक्ति कम रखनेवाले मरीज (इम्युनो कॉम्प्रमाईज/एचआइवी मरीज/ ट्रांसप्लांट हुए मरीज/ कैंसर मरीज) को डिस्चार्ज करते समय मरीजों में कोई भी लक्षण नहीं पाए जाना, आरटी-पीसीआर पद्धति के लक्षण नहीं रहनेवाले मरीजों का एक नमूना निगेटीव आना आवश्यक है. मरीज की आरटी-पीसीआर जांच लक्षण कम होने पर की जाए. इन सभी मरीजों को डिस्चार्ज करते समय लक्षण पाए जाने से लेकर डिस्चार्ज करने तक का कम से कम अवधि १० है इसकी पडताल करनी चाहिए.

मध्यम लक्षण पाए जानेवाले मरीज-

जिन मरीजों को डेडीकेटेड कोविड हेल्थ सेंटर में दाखिल किया गया है, उनके डिस्चार्ज प्रक्रिया की भी गाइडलाईन बनायी गयी है. जिन मरीजों को ३ दिनों तक लक्षण नहीं है और उनके रूम एयर में ऑक्सिजन सैचुरेशन का प्रमाण अगले चार दिनों के लिए ९५ फीसदी से ज्यादा है. उनके लिए मार्गदर्शन सूचनाएं बनायी गयी है. मध्यम लक्षण पाए जानेवाले मरीजों के शरीर के तापमान के लिए ऑक्सिजन सैच्युरेशन की जांच की जाए, जिन मरीजों का तीन दिनों में बुखार कम हुआ है और अगले ४ दिन उनके रूम एयर पर ऑक्सिजन सैच्युरेशन का प्रमाण ९५ फीसदी से ज्यादा होगा उनको लक्षण शुरू होने से १० दिन पूरे होने के बाद डिस्चार्ज किया जाएगा. हालांकि डिस्चार्ज करते समय इन बातों का ख्याल रखना आवश्यक होगा. जांच के लिए कोई भी दवा ना लेते हुए मरीज को बुखार नहीं रहना, मरीज को सांस लेने में तकलीफ ना हो, ऑक्सिजन आपूर्ति करने की आवश्यकता नहीं रहने पर ध्यान देना चाहिए.

अमरावती की गारमेंट इंडस्ट्री पर बडा संकट

प्रतिनिधि/दि.१५ अमरावती-कोरोना के कारण पूरे भारत देश में उद्योग-धंधे व व्यापार जबर्दस्त ढंग से प्रभावित हुए है. अनेक तरह की इंडस्ट्री लॉकडाउन में बंद पडी है, वहीं अगली समस्या विभिन्न कारखानोें में काम कर रहे लाखों मजदूरों के अपने गांव लौटने के कारण आनेवाली है. अमरावती भी इससे अछूता नहीं है. अभी तक यहां से ५ हजार से ज्यादा प्रवासी मजदूर ट्रेन, बस, साईकिल या पैदल अलग-अलग ढंग से अपने गांवों को लौट चुके है. अब अमरावती महानगरपालिका व निकटस्थ क्षेत्र के तहत चलायी जा रही गारमेंट इंडस्ट्री पर भी मजदूरों की समस्या का संकट गहरा रहा है. अमरावती में फ्रॉक व अन्य कुछ रेडिमेड कपडे बनाने के १०० से अधिक कारखाने है.

इन कारखानों में लगभग ४५०० बंगाली कारीगर काम करते है. इनमें से ३४०० कारीगरों ने अब तक अपने गांव लौटने के लिए जिला प्रशासन के पास रजिस्ट्रेशन कराया है. हालांकि अभी कोई घोषणा नहीं हुई है, लेकिन पता चला है कि, १७ मई को पश्चिम बंगाल के लिए विशेष प्रवासी मजदूर ट्रेन रवाना हो सकती है.

अमरावती में मसानगंज, खत्री कंपाउंड, नेमानी गोडावून, अमरावती एमआयडीसी, वडद, बिजीलैण्ड, सिटीलैण्ड तथा अन्य कुछ जगहों पर रेडिमेड कपडे बनाने के कारखाने है. यह सभी कारखाने २० मार्च से बंद है. इन कारखानों में कपडे बनाने व उन पर डिजाईन बनाने का काम होता है. फैक्टरी मालिक दो महिने से इन कारीगरों के रहने व खाने की सुविधा उपलब्ध करा रहे है, लेकिन कई फैक्टरी मालिकोें सेबात की गई तो उन्होंने बताया कि इन बंगाली कारीगरों की यहां काम करने की फिलहाल मानसिकता कम है. इनमें से अधिकांश मुस्लिम है. इसलिए वे अपने घर पर ही ईद मनाना चाहते है.यह कारागीर अपने घर लौटने के बाद अंदाजा है कि, एक से दो साल तक यहां नहीं आयेंगे और जानेवाले लोगोें में कितने वापिस आयेंगे, इसका भी अंदाजा नहीं है. यह तो तय है कि, पिछले दो महिनों से बंद पडी गारमेंट फैक्टरीया कम से कम अगले चार-पांच महिने तक और बंद रहेगी, ्नयोंकि यह कारीगर इतने जल्दी लौटनेवाले नहीं है.

३४०० ने रजिस्ट्रेशन कराया –

तहसीलदार अमरावती के तहसीलदार संतोष काकडे ने बताया कि, पश्चिम बंगाल जाने के लिए उनके पास ३४०० लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया है, लेकिन ट्रेन कब रवाना होगी, अभी यह तय नहीं हुआ. अब तक बिहार के ५००, उत्तर प्रदेश के ५२५ तथा झारखंड, राजस्थान व तेलंगना के सभी प्रवासी मजदूर रवाना हो चुके है. यूपी और बिहार के लिए और ट्रेनों की मांग की गई है

Amravati News 14/05/2020
  • एक निजी डॉक्टर की मौत व एक महिला पॉजीटीव:अमरावती में कुल पॉजीटीव ९० और मृत्यु १४ हुई

अमरावती-आज अमरावती की सुबह ठीक नहीं हुई. ७ बजे ही खबर आयी कि, कोविड अस्पताल में कोरोना के संक्रमण से अपना इलाज करा रहे एक ४४ वर्षीय युवा डॉक्टर की मृत्यु हो गयी. इसके बाद दोपहर होते-होते थ्रोट जांच लैब से प्राप्त सैम्पल में एक रिपोर्ट पॉजीटीव प्राप्त हुई. यह रिपोर्ट खरकाडीपूरा की २८ वर्षीय महिला की है.

इस महिला को पहले ही संस्थात्मक कोरोंटाईन किया जा चुका है. इस तरह अमरावती जिले में समाचार लिखे जाने तक कुल कोरोना संक्रमित ९० तथा मृत्१४ तक पहुंच गयी. (इसमें परतवाडा के मृतक का भी समावेश है.) हमें प्राप्त जानकारी के अनुसार कोविड अस्पताल में आज जिस डॉक्टर की मृत्यु हुई, वे ३० अप्रैल को वहां भरती हुए थे, जबकि ५ मई को उनकी पॉजीटीव रिपोर्ट प्राप्त हुई थी. चौंकानेवाली बात यह भी है कि, इसी युवा डॉक्टर के बुजुर्ग ८९ वर्षीय पिता का भी १ मई को इंतकाल हो गया था. उनके पिता में भी कोरोना के लक्षण थे. हालांकि उनकी कोरोना जांच नहीं हुई. आज मृत युवा डॉक्टर के परिवार के ५ अन्य भी पॉजीटीव पाये गये है, जो कोविड अस्पताल में अपना इलाज करा रहे है. जिसमें ३६ वर्षीय भाई, ३० वर्षीय बहु, ४ वर्षीय पुत्र तथा १२ व १० वर्षीय दो पुत्रियां भी शामिल है. मृतक वैद्यकीय पेशे में जनरल फिजीशियन थे.

  • लालखडी का पॉजीटीव पुरूष तीन दिन घूमता रहा

जानकारी मिली है कि, कल रात लालखडी के जिस ६५ वर्षीय पुरूष की रिपोर्ट पॉजीटीव प्राप्त हुई, वह १२ मई को अपना थ्रोट सैम्पल देने स्वयं कोविड अस्पताल गया था. इस व्यक्ति में कोरोना के कई लक्षण थे. इसके बावजूद इन्हें डॉक्टरों ने घर जाने कहा. अब इन तीन दिनों में यह व्यक्ति कितने लोगों के संपर्क में आया यह तलाशना प्रशासन के लिए मुश्किल काम है. इस बात को लेकर प्रशासन qचतीत भी दिखाई दिया.

  • मोझरी का कोविड अस्पताल ३५० बेड का

अमरावती-अमरावती के जिलाधिकारी शैलेश नवाल ने आज कहा कि, अमरावती जिले का दूसरा कोविड अस्पताल मोझरी के आयुर्वेदिक अस्पताल में बनने जा रहा है और यह अस्पताल ३०० से ३५० बेड का रहेगा. अंदाजन एक सप्ताह में यह अस्पताल शुरू होगा. सभी आवश्यक फर्निचर व पलंग इत्यादीअमरावती सेंट्रल जेल से लिया जा रहा है. मोझरी में अस्पताल बनाने का कारण बताते हुए उन्होंने कहा कि यहां एक प्रशस्त इमारत व अन्य संसाधन उपलब्ध है.

इसीलिए मोझरी में कोविड अस्पतालबनाया जा रहा है. उन्होंने फिर दोहराया कि, शहर में पहले धीरे-धीरे अन्य दुकाने खोली जायेगी व सबसे अंत में मुख्य मार्केट खोलने पर निर्णय होगा. फिलहाल जिले में ६५ हजार लोग रोजगार हमी योजना के काम पर लगे है. जेल में अब तक ६० हजार मास्क बनाये जा चुके है. नवाल के मुताबिक कल रात जो ५ पॉजीटीव रिपोर्ट प्राप्त हुई, उनमें से २ सारी के मरीज थे.

सारी के ७० मरीज मिले

अब तक सारी और इली बीमारी के ७० मरीज पाये गये है. इन सबका इलाज जारी है और इनमें भी कोरोना जैसे लक्षण होते है. सारी यानी सिवीयर ए्नयुट रेस्पीरेटरी इलनेस और इली मतलब इन्फ्लेंजा लाईक इलनेस. जिलाधिकारी के मुताबिक इन पेशंट पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. उनकी नियमित कोरोना जांच शुरू है. रेड झोन कंटेनमेंट झोन व आसपास के परिसर की गर्भवति महिलाओं की जांच पर भी प्रशासन का विशेष ध्यान है. जीतने लोग कोरोंटाईन किये गये थे, सबके स्वैब लिये जा चुके है.

  • किसानों को अन्य जिले में जाने एसडीओ पास देंगे

अमरावती जिले में रह रहे व खेती के लिए यवतमाल, वर्धा या अन्य जिलों में कहीं भी जाना है तो उपविभागीय अधिकारी यानी एसडीओ के पास से पास उपलब्ध होगी. जिले में अब तक कुल मिलाकर ४ हजार लोगों को ऑनलाईन, ऑफलाईन पास दी गई है.

परतवाडा के संक्रमित की जांच झेनिथ अस्पताल से हुई अचलपुर तालुका के एक पुलिस कर्मचारी की रिपोर्ट कल रात पॉजीटीव प्राप्त हुई थी. इस बारे में बताया गया कि, ३ मई को इनकी पहली रिपोर्ट निगेटीव आयी थी. फिर इस व्यक्ति ने अमरावती के झेनिथ अस्पताल से जांच करवायी. जो नागपुर की लैब में होती है, वह रिपोर्ट पॉजीटीव निकली.

  • स्वास्थ कर्मियों का परिवार भी कोरोंटाईन

कोविड अस्पताल में स्वास्थ सेवा दे रहे व अंबिका नगर तथा बेलपुरा में रह रहे दो की रिपोर्ट कल पॉजीटीव प्राप्त हुई. इन दोनों को प्रबोधिनी में कोरोंटाईन किया गया था, लेकिन सुरक्षा की दृष्टि से इन दोनों लोगों के परिवार को कोरोंटाईन किया गया है.

  • ५ हजार होम कोरोंटाईन के मकानों पर लगाएंगे स्टिकर

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अमरावती
५ हजार होम कोरोंटाईन के मकानों पर लगाएंगे स्टिकर
अमरावती- परप्रांतिय, राज्य, जिला व विदेशों से लौटनेवाले नागरिकों में कोरोना के लक्षण नहीं होने के बावजूद उन्हें होम कोरोंटाईन किया गया है. लॉकडाउन के बाद अब तक शहर में ९ हजार २७८ नागरिकों को होम कोरोंटाईन किया गया है. कई नागरिकों के होम कोरोंटाईन का समय पूर्ण हो गया है, जबकि जो अभी भी शेष बचे है ऐसे ५ हजार से अधिक नागरिकों के मकानों पर होम कोरोंटाईन के पोस्टर लगाए जाए, ऐसा निर्णय जिला प्रशासन ने लिया है. नागरिकों को पता चलेगा कि इन्हें होम कोरोंटाईन किया गया है.

  • अमरावती में लौटनेवालों का सत्र शुरू

लॉकडाउन के बाद शहर में अटके नागरिकों को उसी जगह पर रोकने का प्रयास प्रशासन द्वारा किया जा रहा है, लेकिन अब लॉकडाउन की शिथिलता के बाद अमरावती में अटके नागरिकोें को जिला बाहर, परप्रांतिय नागरिकों को जाने की अनुमति दी जा रही है तथा जिला के बाहर व परप्रांत में अटके लोगों को जिले में वापस आने की अनुमति प्रदान भी की जा रही है. जिससे होम कोरोंटाईन करनेवाली की संख्या बढती जायेगी. सैंकडों नागरिक शहर में दाखिल हो रहे है और कोरोना की श्रृंखला तोडना जरूरी है. इसलिए जो होम कोरोंटाईन है उनके घर पर होम कोरोंटाईन के बोर्ड लगाकर लोगोें को सचेत करने का निर्णय लिया गया है.

  • तीन दिन बाद आएगी शहर में ‘ट्रूनट’ मशीन

 अमरावती. कोरोना वायरस का सामना कर रहे शहरवासियों के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से बेहद सुखद खबर प्राप्त हुई है. तीन दिन बाद शहर के कोविड अस्पताल मेंं ट्रूनट मशीन उपलब्ध करायी जाएगी. इस मशीन के जरीए मरीज पॉजिटिव पाए जाने पर भी थ्रोट स्वैब की जांच करायी जाएगी. यहां बता दे कि शहर सहित जिले के कुछ हिस्सों में कोरोना संक्रमित और संदिग्ध मरीजों के आंकडे लगातार बढते जा रहे है. जिसके चलते जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से उपाय योजनाएं की जा रही है. कोरोना संक्रमित मरीज के बारे में शीघ्र पता चल पाए और उस परजल्द ही उपचार कराया जा सके तथा संक्रमित मरीज के संपर्क में कोई दूसरा व्यक्ति ना आए इसलिए ट्रूनट मशीन उपलब्ध करायी जा रही है. इस मशीन पर घंटे भर में ही संदिग्धों की नमूनों की जांच होगी और रिपोर्ट भी मिलेगी. मशीन में यदि रिपोर्ट पॉजिटिव आता है तो मरीज की आरटीपीसीआर जांच की जाएगी. जिससे कोरोना जांच लैब का बोझ कुछ प्रमाण में हल्का होगा. वहीं ट्रूनट मशीन पर संदिग्ध व्यक्ति की थ्रोट स्वैब की रिपोर्ट निगेटिव पाए जाने पर आरटी-पीसीआर करने की कोई जरुरत नहीं पडेगी.

कहीं पर ले जा सकते है मशीन

लैपटॉप के समान दिखने वाली यह मशीन जरुरत पडने पर कहीं पर भी ले जायी जा सकती है. इस मशीन को कॉर्टेज पर संदिग्धों के स्वैब की जांच की जाएगी. पहले यह मशीन टीबी मरीजों की जांच के लिए बनायी गई थी. लेकिन कोरोना संक्रमितो का प्रमाण बढने के बाद इस मशीन में थोडे बहुत बदलाव किए गए और मशीन को नया लुक दिया गया है. कोरोना के हायरिक्स रहने वाले मरीजों की जांच के लिए मशीन उपयोग में लायी जाएगी.

तीन ट्रूनट मशीनें देने का लिया गया था निर्णय

सबसे पहले राज्य सरकार की ओर से अमरावती में तीन ट्रूनट मशीनें भेजने का निर्णय लिया गया था. लेकिन बुधवार को एक नया पत्र जिला स्वास्थ्य विभाग को भेजा गया और उसमें एक ट्रूनट मशीन भेजे जाने की बात कही गई . फिलहाल यह ट्रूनट मशीन नागपुर में आ चुकी है. जल्द ही शहर में यह मशीन लायी जाएगी और इसके बाद ही मशीन कहां पर रखी जाए इस पर निर्णय लिया जाएगा.

– डॉ. श्यामसुंदर निकम जिला शल्य चिकित्सक

पीडीएमसी में ट्रूनट मशीन रखने की योजना

शहर के पीडीएमसी अस्पताल में ट्रूनट मशीन रखने की योजना बनायी गई है. पता चला है कि मशीन का पहला लाट आ चुका है. जबकि दूसरे लाट में मनपा को भेजे जाने वाले ट्रूनट मशीन आएगी. राज्य सरकार की ओर से पहले लाट में भेजी गई ट्रूनट मशीन नागपुर में आ चुकी है और इस बारे में जिला शल्य चिकित्सक की ओर से जानकारी दी जाएगी. फिलहाल दूसरे लाट में यह मशीन मनपा को प्राप्त होने के बाद इसे पीडीएमसी में रखने की योजना है. यह मशीन राज्य सरकार ने खरीदी की है. जिसके जरीए थ्रोट स्वैब जांचने में आसानी होगी.

-डॉ. विशाल काले, स्वास्थ्य अधिकारी मनपा

  • अनाज मंडी शुरु : पहले ही दिन हुई जमकर आवक

अमरावती- लॉकडाउन की वजह से कृषि उपज बाजार समिति का कामकाज पूरी तरह से बंद था. परंतु हाल ही में एक बैठक लेकर किसानों की आर्थिक स्थिति को ठिक करने के लिए आज से मंडी शुरु करने का निर्णय लिया गया. मंडी के शुरु होते ही पहले दिन जमकर आवेक हुई. मंडी के सामने वाहनों की लंबी कतार दिखाई दी. दिनभर खरीदी बिक्री का काम शुरु रहा. यहां सोशल डिस्टेन्स का पूरी तरह से पालन किया गया.

  • अब शराब विके्रताओं ने कहा शराब की होम डिलेवरी नहीं करेगें

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अमरावती
अब शराब विके्रताओं ने कहा शराब की होम डिलेवरी नहीं करेगें

 अमरावती. राज्य सरकार ने लॉकडाउन के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए और कानून व्यवव्स्था में बाधाएं निर्माण न हो वहीं घरों में कलह ना बढे इसके लिए मनपा क्षेत्र की शराब की दुकानों को शुरु करने को लेकर अपनी भूमिकाएं तैयार कर ली है. लेकिन अब सीधे शराब विके्रताओं ने होम डिलेवरी करने से मना कर दिया है. जिससे शराब शौकीनों की भी दिक्कतें बढ गई है. बता दे कि राज्य आबकारी विभाग की ओरसे शराब विक्रेताओं को होम डिलेवरी करने के आदेश दिए गए है. इसके लिए शराब विक्रेताओं को कम से कम १० डिलेवरी बॉय रखने पडेगें. हर एक डिलेवरी बॉय को नियमों के अनुसार २४ से अधिक बोतलों की ढुलाई करने की अनुमति नहीं रहेगी. जिसके चलते प्रत्येक दुकान से एक दिन में ज्यादा से ज्यादा २४० बोतलों की बिक्री होगी. इसके अलावा बोतलोंकी बिक्री एमआरपी पर ही करनी पडेंगी.

शराब विक्रेता दुकानदारों को प्रति बोतल के पीछे ६ फीसदी मुनाफा मिलता है. मुनाफे की यह रकम डिलेवरी बॉय पर खर्च होने से दुकानदारों को कोई लाभ नहीं होने वाला है. इसलिए शराब की दुकान किस लिए खोला जाए यह सवाल अब शराब विक्रेताओं के मन में उठने लगा है. वहीं दूसरी ओर डिलेवरी बॉय को शराब की बोतल देने के लिए कम से कम १ घंटे के लिए दुकान खोलनी पडेगी. इस दरम्यिान दुकानदारों के परिचित अथवा प्रतिष्ठतों द्वारा शराब की डिमांड करने पर वह नहीं देने पर उनके लिए असुविधाजनक साबित हो सकता है. बता दे कि होम डिलेवरी अंतर्गत खरीदार को ऑन लाइन qडमाड पंजीबद्ध करनी पडेगी. ग्राहक जिस इलाके का है उस इलाके के नजदीक दुकानदारों से डिमांड पूरी की जाएगी. इन सभी बातों का विचार करने पर ऑन लाइन डिलेवरी सिरर्दद साबित होने वाली है.

  • ट्रकों से अब भी लौट रहे परप्रांतिय अपने गांव

अमरावती. कोरोना महामारी के चलते लॉकडाउन घोषित होने के बाद से जिले सहित बाहरी जिलों में अटके परप्रांतिय मजदूरों को अब धीरे-धीरे अपने राज्य, गांव और शहर में भेजने की प्रक्रियाएं आरंभ की गई है. केंद्र सरकार की ओर से जहां परप्रांतियों को अपने राज्य में जाने के लिए विशेष श्रमिक ट्रेन चलायी जा रही है. वहीं राज्य सरकार की ओर से ही नि:शुल्क बस सेवा भी आरंभ की गई है. लेकिन इन दोनो सेवाओं का लाभ कुछ परप्रांतिय मजदूर उठा रहे है.

वहीं कुछ परप्रांतिय मजदूर इस सेवा का लाभ उठाने के बजाय ट्रकों के जरीए अपने गांव व शहर लौटने की होड में नजर आनेलगे है. यहां बता दे कि अमरावती जिले सहित राज्य के विविध इलाकों में अटके परप्रांतिय मजदूरों को अब अपने राज्य में लौटने की होड नजर आ रही है. कोई भी राज्य में अब रहने के लिए आतुर नहीं दिखाई दे रहा है. हर कोई परप्रांतिय मजदूर जो भी वाहन मिले उस वाहनों में बैठकर जा रहे है. लेकिन जहां जहां से मजदूरों के वाहन गुजर रहे है उन सभी वाहनों को जिलों की सीमाओं पर रोककर मजदूरों को उतारकर उनको जिला क्षेत्र में बनाए गए निवास स्थानों पर क्वारंटाइन करने का भी प्रशासन की ओर से कदम उठाए गए है. लेकिन अब केंद्र सरकार की ओर से विशेष श्रमिक ट्रेने शुरु कर दी गई है. जिसके जरीए परप्रांतिय लोग प्रशासन की अनुमति पासेस लेकर अपने गांव लौट रहे है.

Amravati News 13/05/2020
  • रेड झोन से बाहर आ रहा है अमरावती, लगातार अच्छे हो रहे है कोरोना संक्रमित

अमरावती-पिछले डेढ महिने में अमरावती जिले में कोरोना का सफर कभी डरानेवाला तो कभी चौंकानेवाला और कभी मन को समाधान देनेवाला भी रहा. लेकिन पिछले पांच दिनों में अमरावती जिले में कोरोना का कहर कम हुआ है. जहां एक और पॉजीटीव मरीज की संख्या कम हुई, वहीं दूसरी ओर अस्पताल में इलाज करा रहे ४० से अधिक लोगों को अच्छा होने के बाद डिस्चार्ज किया गया. यह अमरावती के लिए अच्छी खबर है.

अमरावती जिले में विशेषकर मनपा क्षेत्र में पहले दस दिन कोरोना का कहर कम रहा, लेकिन फिर अचानक बढकर कोरोना संक्रमितों की संख्या ८४ हो गयी. २४ घंटे में जब १८ कोरोना मरीज पाये गये तो पूरा जिला हिल गया था. उसी दरम्यान एक दिग्गज नेता को भी कोरोना संक्रमण पाया गया. उस समय ऐसा लगा कि हमारे जिले में कोरोना बहुत ज्यादा तेजी से फैल रहा है. लेकिन पिछले १५० घंटों में परिस्थिति बदली है.

इन १५० घंटों में जहां एक ओर केवल पांच कोरोना संक्रमित पाये गये (पहले के संक्रमित व्यक्ति के संपर्कवाले) वहीं दूसरी ओर अलग-अलग दिनों में ४० से अधिक महिला, पुरूष डिस्चार्ज हुए. फिलहाल जिले पर नजर मारे तो वरूड और शिराला छोडकर अमरावती महानगरपालिका में कुल २२ अलग-अलग ठिकानों के लोग संक्रमित हुए थे, परंतू आज डिस्चार्ज हुए ११ लोगों को जोड दे तो अब २२ में से १४ जगह के कोरोना पॉजीटीव बिल्कूल ठीक हो चुके है. इसका मतलब अब केवल ७ इलाके ऐसे है, जहां के लोग अस्पताल में इलाज करा रहे है. इनमें से भी ताज नगर व मसानगंज यह दो इलाके qचता देनेवाले है.

जहां क्रमश: ६ व ४ पॉजीटीव है. सरकारी नियमों के मुताबिक अभी जिले में जो २२ कंटेनमेंट झोन बने थे उन्हें हटने में समय लगेगा, लेकिन वास्तविक तौर पर अब आधे से भी कम जगहों के कोरोना संक्रमित बचे है. अमरावती में हाथीपूरा ५, हैदरपुरा ६, कमेला ग्राउंड ५, तारखेडा ५, हनुमान नगर ७, खोलापुरी गेट ८, मसानगंज ६ व शिराला ५. यह ऐसे इलाके रहें, जहां ५ या ५ से अधिक मरीज पाये गये.

अमरावती में कोई इलाका ऐसा नहीं रहा जहां कोरोना के कारण एक से अधिक मृत्यु हुई. कुल १२ मृत्यु यह अलग-अलग १२ ठिकानों के संक्रमितों की रही. राज्य सरकारी नियमों के मुताबिक १५ से कम कोरोना संक्रमितवाला जिला ऑरेंज झोन में आता है और १० से कम कोरोना संक्रमितवाला जिला ग्रीन झोन माना जाता है.

इस तरह अब हमारा जिला धीरे-धीरे रेड से ऑरेंज और ऑरेंज से ग्रीन की ओर बढता दिखाई दे रहा है. यह भी उल्लेखनीय है कि, पिछले चार दिनों में जहां एक ओर कोरोना संक्रमित की संख्या कम हुई है, वहीं ३०० से अधिक कोरोना निगेटीव रिपोर्ट भी आयी है. यह भी समाधानकारक विषय है. यह भी उल्लेखनीय है कि अमरावती में ठीक होनेवाले मरीजों का प्रतिशत पूरे राज्य में सबसे अधिक रहां. यहां कुल ८४ कोरोना संक्रमित पाये गये थे, जिनमें से ५६ ठीक हो चुके है. इसका मतलब ६६.६६ प्रतिशत लोग अब तक ठीक हो चुके है.

  • आदेश जारी, कल से कृषि मंडी में कामकाज होगा शुरू

अमरावती की कृषि उत्पन्न बाजार समिती में कल से कामकाज फिर शुरू हो जायेगा. गौरतलब है कि, बिहारी हमाल व कामगार के अपने घर लौटने के कारण यहां के व्यापारी स्थानीय हमालों की भराईव वराई के दाम को लेकर पिछले चार-पांच दिनों से कृषि मंडी में कामकाज बंद किये हुए थे.

आज व्यापारी, हमाल व कामगार इन दोनों के प्रतिनिधि मंडल तथा कृषि उपज मंडी के प्रशासन के बीच घंटों चली बैठक के बाद समस्या का हल निकला और प्रशासन ने व्यापारियों को लिखित रूप से सारी जानकारी सौंपी. कृषि उत्पन्न बाजार समिती के सचिव दिपक विजयकर ने अमरावती मंडल को बताया कि, कल से मंडी में अनाज की खरीदी-बिक्री शुरू हो जायेगी.

कुछ व्यापारियों के अडियल रवैय्ये से आज भी मंडी बंद रही-

गारै तलब ह ै कि, कल मगं लवार का े इस मामल े का हल निकल चकु ा था और आज मंडी का कामकाज शुरू होनेवाला था. परंतू कुछ व्यापारियों के अडियल रवैय्ये के कारण मंडी शुरू होने में एक दिन का विलंब हुआ.

पालकमत्रंत्री व कलेक्टर नाराज हुए-

कृषि उत्पन्न बाजार समिती में किसानों का अनाज बिकने में हो रही देरी से पालकमंत्री व जिलाधिकारी के नाराज होने की खबरे है. पहले ही कोरोना की मार से जिले के लाखों किसान परेशान है. ऐसी परिस्थिति में हमालों की वराई व भराई जैसे विषय पर कृषि मंडी लगातार बंद रखना कहां तक उचित है. मिली जानकारी के अनुसार जिलाधिकारी के मौखिक आदेश पर कल रात डीडीआर ने कृषि मंडी के अधिकारियों को तुरंत कामकाज शुरू करने और कडक कार्रवाई के आदेश दिये थे. यह भी पता चला है कि, मंडी का प्रशासन कल देर रात तक खुला था और व्यापारियों की दूकाने सील करने का भी मन बना लिया गया था.

  • कृषि मंडी में दिननिहाय खरीदा जायेगा अनाज

अमरावती-कृषि उत्पन्न बाजार समिती में कल से अनाज खरीद-बिक्री का कामकाज पूरी तरह शुरू हो जायेगा. आज कृषि मंडी ने घोषणा की कि, दिननिहाय अनाज खरीदी होगी. सोमवार व गुरूवार को तुअर व गेहू खरीदा जायेगा. मंगलवार व शुक्रवार को चना व गेहू तथा बुधवार व शनिवार को सोयाबीन व गेहू की खरीद-बिक्री तथा लिलाव होगा. इस तरह पूरे ६ दिन गेहू खरीदा-बेचा जा सकेगा, जबकि तुअर के लिए दो दिन, चने के लिए दो दिन व सोयाबीन के लिए दो दिन नियोजीत किये गये है. व्यापारियों ने मांग की थी कि, रोज १५०० से २००० qक्वटल अनाज की आवक मंडी में होनी चाहिए. परंतू चर्चा के बाद ३ हजार qक्वटल की आवक का सर्व सम्मति से निर्णय लिया गया.

जहां दुकाने शुरू, वहीं ऑनलाईन मिलेगी शराब

-कल राज्य सरकारने पूरे राज्य में ऑनलाईन शराब की बिक्री का अ ा द े श जारी किया. इस आदेश के जारी होते ही शराब श ा ै क ी न बहुत खुश हो गये थे. परंतू आज अधिक खुलासा हुआकि, जहां देशी-विदेशी या अन्य शराब दूकाने शुरू है, वहीं ऑनलाईन शराब मिलेगी. इसका साफ मतलब है कि, अमरावती जिले में ग्रामीण भाग में ऑनलाईन शराब उपलब्ध है, जहां दूकानें भी शुरू है. परंतू अमरावती महानगरपालिका के तहत किसी शराब शौेकीन को ऑनलाईन शराब नहीं मिलेगी, ्नयोेंकि इस परिसर में फिलहाल सभी प्रकार की शराब बिक्री बंद है.

मनपा क्षेत्र में शराब की दूकाने जल्दी शुरू होने की संभावना

कम इस बीच आज दारूबंदी उत्पादन शुल्क विभाग, अमरावती के एक अधिकारी ने अमरावती मंडल को बताया कि, प्रशासनिक स्तर पर चल रही चर्चाओं के मुताबिक अमरावती महानगरपालिका क्षेत्र में शराब बिक्री निकट सप्ताह में शुरू होने की संभावनाएं कम है.

  • मंडी शुरू होने पर भी नहीं हुआ व्यवहार

अमरावती- स्थानीय कृषि उपज बाजार मंडी बुधवार को खुली फिर भी कामकाज शुरू नहीं हो पाया. वजह यह है कि मंडी में आज हमालों की कमी महसूस हुई, जिसके चलते मंडी परिसर में सोयाबीन,तुअर का माल जस का तस पडा रहा. बता दे कि यहां की मंडी में ज्यादातर परप्रांतीय मजदूर काम करते है. लेकिन यह सभी अपने गांव लौट गये है. जिसके चलते मंडी में बुधवार को खरीदी बिक्री का व्यवहार नहीं हो पाया.

  • नया राष्ट्र ध्वज चढाया

अमरावती – शहर में दो दिन पहले तेज तुफानी हवा और बारिश की वजह से मॉडल रेलवे स्टेशन पर स्थापित किया गया १०० फुट के तिरंगे ध्वज को भी क्षति पहुंची. यह बात मॉडल रेलवे स्टेशन के प्रबंधक एमएस लोहकरे को पता चलते ही आज पुराना ध्वज उतारकर नया तिरंगा ध्वज चढाया गया. इस समय रेलवे स्टॉफ, इलेक्ट्रीकल स्टॉफ के अलावा आरपीएफ के इस्पेक्टर प्रदिप बाखड और उनकी टीम तथा रेलवे के टी.डी. हिवरकर, बी.डी. कुंभारे आदि मौजूद थे.

  • ८० मजदूरों को बस से छोडा गया राज्य की सीमा पर

 अमरावती – पैदल ही अकोला से छत्तीसगढ की दिशा में जाने वाले ८० मजदूरों को मुर्तिजापुर से अमरावती लाकर यहां से ४ बसों से राज्य की सीमा पर आने वाले देवरी गांव में छोड दिया गया. इस दौरान प्रादेशिक परिवहन विभाग के अधिकारियों ने इंसानियत का परिचय देते हुए ८० मजदूरों की अमरावती लाकर सभी की वैद्यकीय जांच कराकर पेट भरकर खाना खिलाया.

बता दें कि, लॉकडाउन के चलते मजदूरों की परेशानियां बढ गई है. बाहरी राज्य के मजदूर अपने राज्य में जाने के लिए पैदल ही निकल रहे है. पैदल जाने वाले मजदूरों को भोजन खिलाने के लिए आरटीओ विभाग की ओर सेप्रबंध किया गया है. सहायक प्रादेशिक परिवहन अधिकारी प्रशांत देशमुख, मोटर वाहन निरिक्षक नितिन सावंत, सहायक मोटर वाहन निरिक्षक शिवप्रसाद मवाल ने सोमवार को मुर्तिजापुर से पैदल जाने वाले नागरिकों को भोजन के पार्सल दिये. वहीं ८० आदिवासी मजदूरों को भी खाना खिलाया. बताया जा रहा है कि, आदिवासी मजदूर छत्तीसगढ जा रहे थे.

प्रादेशिक परिवहन अधिकारी देशमुख ने मजदूरों को आपबीती सुनने के बाद उनको वहां से जो भी वाहन मिले उस वाहन से अमरावती के वेलकम पॉर्इंट के पास लाया गया. जहां पर इन सभी के भोजन का प्रावधान किया गया. इसके अलावा छोटे बच्चों के लिए बिस्किट व दुध का प्रबंध किया गया है. इसके बाद रापानी के वरिष्ठों की अनुमति लेकर ४ बसों के जरिए राज्य की सीमा पर आने वाले देवरी गांव तक मजदूरों को छोड दिया गया.

इस समय सहायक प्रादेशिक परिवहन अधिकारी प्रशांत देशमुख, नितिन सावंत, शिवप्रसाद मवाल, वाहन चालक बलराज गोंडोले, विलास तायडे, बजरंग दल के संतोषqसग गहरवाल, यातायात निरिक्षक श्रीकांत गभने, विभागीय यातायात अधिकारी उमेश इंगले, नितिन जयस्वाल, गजानन भाकरे, संदिप खवडे, श्रीकांत देवरे, आर.एम. चव्हान, जी.पी. इंगले, पी.एम. सावले, विनिप अपाले, प्रविण कोराट व वैद्यकीय टीम मौजूद थी.

  • कंटेनमेंट झोन में ५ एएनएम आशा सेविकाएं दे रही सेवाए

अमरावती – शहर में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढने के बाद जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से सर्दी, खांसी और बुखार के लक्षण पाये जाने वाले लोगों का सर्वेक्षण करना प्रारंभ किया है. लेकिन शहर के कंटेनमेंट झोन में आने वाले इलाकों में रहने वाले नागरिकों द्बारा स्वास्थ्य विभाग को आज भी पूरी जानकारी नहीं दी जा रही है. जिसके चलते इन इलाकों मेंविझिट देने वाली स्वास्थ्य विभाग क ी ५ एएनए और १० आशा सेविक ाएं सहित अन्य क र्चारियों क ो जानक ारियां इक ट्टा क रने ें दिक्क तें आ रही है. बावजूद इसके अपने जान क ी परवाह न क रते हुए, एएनए और आशा सेविक ाएं अपने क ा क ो बखुबी से निभा रही है. यहां बता दे कि , अरावती शहर ें क ोरोना रीजों क ी संख्या ८४ तक पहुंच गई है. यह संख्या और भी न बढ जाये इस बात क ो गंभीरता से लेते हुए जिला स्वास्थ्य विभाग क ी टी ने संपूर्ण शहर ें सर्वेक्षण प्रक्रि या आरंभ क ी जा रही है. लेकि न सबसे ज्यादा स्वास्थ्य विभाग के टी क र्चारियों क ो कं टेनेंट झोन ें क ा क रने ें दिक्क तें आ रही है.

अस्पताल से उपचार लेक र घर लौटने वाले रीज क ी हिस्ट्री लेने क ी प्रक्रि या एएनए और आशा सेविक ाओं क ो निभानी पड रही है. लेकि न एएनए क र्ियों क ा क हना है कि , जिस क्षेत्र ें वे अपनी सेवाएं दे रही है, उन्हें वहां के नागरिक ों द्बारा सपोर्ट नहीं कि या जा रहा है. क ोई भी जानक ारी नहीं दी जा रही है. क ोई भी नहीं आया, क ा बंद है और बाहर भी ह गये नहीं है, ऐसे ें क ौन सा व्यक्ति क ोरोना क ी चपेट ें आया है या नहीं इस बारे ें पता नहीं लगा सक ते. इर्विन, नपा स्वास्थ्य विभाग क ी टी भी रोजाना विझिट दे रही है. लेकि न उन्हें भी लोग सहयोग नहीं दे रहे है. कं टेनेंट झोन ें रहने वाले नागरिक स्वयं होक र घर से बाहर निक लक र जानक ारी देने से भी क तरा रहे है. क ोई भी जानक ारी नहीं दे रहे है. ऐसे ें उनक ी परेशानियां बढ रही है. ऐसा पता चला है कि , क ोरोना जैसी हा भयंक र बीारी पर उनक ो भरोसा ही नहीं है. इसलिए कं टेनेंट झोन क्षेत्र के लोग जानक ारी देने के लिए आगे नहीं आ रहे है.

कंटेनमेंट झोन क्षेत्र में यह इलाके है शामिल

कोरोना के मरीज मिलने के बाद शहर के कुछ इलाकों को कंटेनमेंट झोन घोषित किया गया है. इन्हें नागपुरी गेट पुलिस थाना क्षेत्र में आने वाले हाथीपुरा, सौदागर पुरा, कमेला ग्राउंड, पठानपुरा, छाया नगर, पाटीपुरा, मौलाना आझाद कालोनी, जाकीर कालोनी, चांदणी चौक में रोजाना विझिट दी जा रही है. डॉक्टर, मोबाइल वैन भी रहती है, लेकिन लोग जांच के लिए आगे नहीं आ रहे है. उन्हें जबदस्ती बाहर लाकर जांच करवानी पड रही है. इसी तरह कंटेनमेंट झोन में आने वाले सुफियान नगर नंबर २ में भी सर्वे किया जा रहा है. डॉ. फिरोज खान को यहां का चार्ज सौपा गया है और वे भी एएनएम व आशा सेविकाओ ंके साथ इन इलाकों में घूमकर लोगों को जानकारी देने के लिए प्रेरित कर रहे है. वहीं डॉ. वासंती कडू भी उन्हें मार्गदर्शन कर रही है.

६४ हजार जनसंख्या को चौथी बार दे रहे विझिट

शहर में डॉ. जयश्री नांदुरकर के मार्गदर्शन में १० एएनएम और १०० आशा सेविकाएं स्लम ऐरिया में रोजाना विझिट दे रही है. रोजाना ६४ हजार जनसंख्या वाले क्षेत्र में जाकर लोगों को भेंट दी जा रही है. यहा पर जाकर बाहरी क्षेत्र में आने वाले लोगों के बारे में जानकारियां प्राप्त की जा रही है. रोजाना एक व्यक्ति ५० घरों को भेंट दे रहा है. यदि लोगों में लक्षण पाये जाते है तो, इर्विन में थ्रोट सैम्पल लेने के लिए भेजा जा रहा है. वहीं यदि कुछ कम संकेत मिलते है तो, लोगों को घरों में ही १४ दिनों तक क्वारंटाइन किया जा रहा है. एएनएम योगिता भगत, शिला खोब्रागडे, दिपा खिराडे, जयश्री नांदूरकर, मिना चव्हान, संध्या चरपे, मनश्री चौखंडे, आशा सेविका वंदना बुरांडे, बाली इंगले, रागीनी मोहोड, जयश्री चौंके, सरोज श्रीवास, मंगला जवंजाल, वंदना मेश्राम, शोभा ढेमरे, करुणा भालेराव का समावेश है. यह सभी कर्मचारी अपनी जान हथेली पर लेकर अपनी सेवाएं दे रही है.

Amravati News 12/05/2020
  • खोलापुरी गेट, हनुमान नगर, कंवरनगर, नालसाबपुरा आदि के २४ मरीज डिस्चार्ज

अमरावती-आज यहां के कोविड अस्पताल से २४ कोरोना संक्रमित इलाज के बाद कोरोनामुक्त होकर घर वापिस चले गये है. अस्पताल में इलाज के दरम्यान इन सभी मरीजों की कोरोना जांच रिपोर्ट निगेटीव प्राप्त होने के बाद इन्हेें डिस्चार्ज किया गया.आज दोपहर १२.३० बजे अस्पताल से डिस्चार्ज करने समय सिवील सर्जन डॉ. श्यामसुंदर निकम, परिचारिका वर्षा पागोटे सहित कई डॉक्टर, नर्स, आरोग्य कर्मचारी, सफाई कर्मचारी आदि उपस्थित थे.

सभी डिस्चार्ज नागरिकों को मिठाई भी दी गई. अब इन्हें होम कोरोंटाईन रहना होगा. इस अवसर पर डॉ. निकम ने कहा, इनका डिस्चार्ज जिले के लिए राहत की बात है.जिले में अब तक ८४ कोरोना पॉजीटीव पाये गये है, जिनमें से १२ की मृत्यु, १ नागपुर रेफर, अब तक ४५ अच्छु हुए और २६ का अस्पताल में इलाज जारी है.

कल ११ और डिस्चार्ज होंगे

जिलाधिकारी शैलेश नवाल ने आज पत्रकारों को बताया कि, कल कोविड अस्पताल से ११ कोरोना संक्रमित, जिनकी रिपोर्ट अब निगेटीव आ चुकी है और डिस्चार्ज किये जायेंगे. अब तक ४६ डिस्चार्ज किये गये है.

कोरोना इलाज से ठीक होता है

इस अवसर पर डिस्चार्ज हुए लोगों का कहना था कि, कोरोना यह उपचार से ठीक हो जाता है. अस्पताल के सभी डॉक्टर, नर्सेस, आरोग्य कर्मचारी आदि ने उन्हें अच्छा सहयोग दिया. समय-समय पर मनोबल भी बढाया. इन्होंने आवाहन किया कि, यदि किसी में भी कोरोना के लक्षण दिखाई दे तो तुरंत अस्पताल जाये. कोई जानकारी न छिपाये.

११ पुरूष व १३ महिला डिस्चार्ज हुए

११ पुरूष व १३ महिलाओं में खोलापुरी गेट की ५ महिला व ३ पुरूष तथा हनुमान नगर की १ महिला शामिल है. कंवरनगर की २ महिला व १ पुरूष, नालसाबपुरा में २ पुरूष व २ महिला तथा सुप्रिया नगर (काटा) के १ पुरूष का समावेश है. गौसनगर के १ पुरूष व ताज नगर के ३ महिला व ३ पुरूष को भी आज डिस्चार्ज किया गया. एक अन्य मरीज भी ठीक हुआ है, परंतू यह फिलहाल यह डायलेसीस पर होने के कारण इसे अस्पताल में ही रखा गया.

  • हमालों का विषय हल, कृषि मंडी कल से शुरू होगी

अमरावती-वैश्विक महामारी कोरोना के कारण लगाये गये लॉकडाउन से परेशान होकर अमरावती की कृषि उत्पन्न बाजार समिती के लगभग २०० बिहारी कामगार व हमाल अपने घर (प्रदेश) लौट जाने के कारण कृषि मंडी में उपजा संकट आज उस समय खत्म हो गया, जब अमरावती की तीन हमाल व मजदूर संगठनाओं ने कृषि मंडी के प्रशासन की मध्यस्थता में व्यापारियों को यहां के निवासी १५० हमालों (१० टोली) की सूची सौंपी और आश्वस्त किया कि, जिस मजदूरी या हमाली पर बिहारी काम करते थे, उन्हीं दरों पर यहां के हमाल भी काम करेंगे.

गौरतलब है कि, कल व्यापारियों ने कृषिमंडी में इस मांग के साथ अनाज की खरीदी पर बहिष्कार डाला था कि, पहले उन्हें (व्यापारियों) आश्वस्त किया जाये कि हमाली किन दरों पर ली जायेगी. इस कारण से कृषि उपज मंडी दो दिनों से बंद थी. अब यह कल से शुरू हो जायेगी.उल्लेखनीय हैकि, अमरावती कृषि मंडी में बिहार के २०० से अधिक हमाल काम करते थे, जो अब अपने वतन लौट गये है. वे हमाल ३ रूपये पोता अनाज भराई व ७ रूपये पोता वराई, इस तरह कुल १० रूपये प्रति पोता लेते थे. एक अंदाजे के मुताबिक कृषि मंडी में यह हमाल लगभग ५० हजार qक्वटल अनाज २५० ट्रकों में भरने का काम करते थे.

बिहारी हमालों के समान दाम मिलेंगे

आज कृषि मंडी में तय हुआ कि, बिहारी हमालों व कामगारों को अनाज भराई व वराई के जो दाम दिये जाते थे, वे ही दाम स्थानीय हमाल, कामगारों को मिलेंगे.

कल से मंडी शुरू होगी

कृषि उपज मंडी के सचिव दीपक विजयकर ने बताया कि, आज शाम तक सब मुद्दे हल हो जायेंगे और कल से कृषि मंडी शुरू होगी. व्यापारियों व हमालों के बीच का विषय था, जिसे हल कर लिया गया है. सचिव ने यह भी बताया कि अभी जिले के १० हजार किसानों का माल आना बाकी है. स्थानीय हमाल व कामगारों को नियम बनाकर दिये जायेंगे.

१० हजार qक्वटल की आवक

फिलहाल कृषि मंडी में जिले के ३०० के लगभग किसान रोज आ रहे है, जो १० हजार qक्वटल के लगभग अनाज माल लाते है.

  • कल झारखंड रवाना होगी ट्रेन, ११ और डिस्चार्ज भी होंगे

अमरावती-प्रवासी मजदूरों और निवासियों को ले जाने हेतु अमरावती से कल झारखंड के लिए विशेष ट्रेन रवाना होगी. इस ट्रेन में जानेवाले सभी लोगों का रजिस्ट्रेशन पूरा कर लिया गया है. अब अन्य ट्रेनों में जिन्हें जाना है वे तहसीलदार से संपर्क करे, यह जानकारी आज जिलाधिकारी ने पत्रकारों को दी. जिलाधिकारी ने बताया कि, कोविड अस्पताल से अच्छे हो चुके और निगेटीव रिपोर्ट प्राप्त ११ और लोगों को कल डिस्चार्ज किया जायेगा.

अभी तक कुल ४५ डिस्चार्ज किये जा चुके है. एक महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि, फिलहाल शहर व जिले में १२ कंटेनमेंट झोन है. पीडीएमसी में नई कोरोना जांच लैब को लेकरबताया गया कि, यहां एक और मशीन लायी गयी है, जो नागपुर के कृषि विभाग से अस्थायी तौरपर मंगायी गयी. कोरोना निपटने के बाद इसे वापिस कर दिया जायेगा.

कंटेनमेंट झोन के बारे में कहा गया कि, कंटेनमेंट झोन की क्षेत्र सीमा कम की जायेगी और यहां के लोगों को प्रशासन व पुलिस की मदद के बाद बाहर काम पर जाने की अनुमति भी दी जायेगी. लोगों को रोजगार मिले इसी उद्देश से बिल्डींग मटेरियल दुकानोें को शुरू करने की अनुमति दी गई है. यहां के कोविड अस्पताल में सेवा दे रही चौथी वैद्यकीय टीम का काम कल खत्म होगा.

इन्हें नियमों के मुताबिक कोरोंटाईन किया जायेगा और अब ग्रामीण भागों के डॉक्टर्स व वैद्यकीय कर्मचारी काम पर लगाये जायेंगे. जिलाधिकारी ने अपेक्षा व्यक्त कि की, अमरावती जिले से बाहरी राज्यों या जिलों में कोई प्रवासी मजदूर या व्यक्ति पैदल या साईकिल पर वापिस न जाये. सबके जाने की व्यवस्था की गई है.

मोझरी के आयुर्वेदिक कालेज में कोविड अस्पताल बनाये जाने की जानकारी भी उन्होंने दी. उन्होंने कहा कि, आज वहां का दौरा किया गया है. शहर के कपडा व्यापार को शुरू करने के लिए जिलाधिकारी सकारात्मक दिखाई दिये. उन्होंने कहा सारे नियमों को ध्यान में रखकर इन्हे बारी-बारी से खोलने की अनुमति दी जायेगी. अगले दिनों में कुछ और ट्रेन जानेवाली है. इसलिए जानेवाले इच्छूक तहसीलदार से संपर्क करे. वहां सारी जानकारी मिलेगी. जिलाधिकारी के अनुसार जिले में ४० प्रतिशत व्यापार शुरू हो चुका है.

  • पुलिस निरीक्षक समेत तीन कर्मचारी घायल, १५ गिरफ्तार व जेल रवाना

 छोटी सी बात को लेकर एक ही समाज के दो समूह के बीच हुई आपसी झडप में मामला शांत करने पहुंची पुलिस की टीम पर हमला किया गया. इस हमले में पुलिस निरीक्षक समेत तीन कर्मचारी घायल हो गए. यह घटना कल देर रात केसमय राजापेठ पुलिस थाना क्षेत्र के बेलपुरा में घटी. घटना के बाद परिसर के हनुमान नगर क्षेत्र में पुलिस का तगडा बंदोबस्त लगाया गया है. इस मामले में गिरफ्तार किए गए १५ आरोपियों को न्यायालयीन कस्टडी के तहत जेल रवाना किया गया है. पुलिस निरीक्षक किशोर शिर्के, काँस्टेबल राजेश राठोड, संतोष विघे यह बेलपुरा के हमले में घायल हुए तीनों पुलिस कर्मचारियों का नाम है.

जिला सामान्य अस्पताल में इलाज के बाद तीनों को छुट्टी दी गई. सागर तंबोले, राज तंबोले,श्रीदीप तंबोले, शुभम तंबोले, विजू तंबोले, शिवा तंबोले, श्याम तंबोले, अशोक तंबोले, जितू तंबोले, शंकर मदने, जुगल मदने, अमीत धनाडे, शुभम धनाडे, गोपाल माहोरो, रामेश्वर माहुलकर यह गिरफ्तार करने के बाद जेल रवाना किए गए सभी १५ आरोपियों का नाम है. राजापेठ पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार कल रात करीब १२.३० बजे बेलपुरा स्थित हनुमान मंदिर परिसर में मामुली बात को लेकरएक ही समाज के दो समूह में विवाद हो गया. देखते ही देखते दोनों समूह के लोगों ने एक-दूसरे पर हमला शुरु कर दिया.

इस घटना की जानकारी मिलते ही राजापेठ पुलिस थाने के निरीक्षक किशोर शिर्के, काँस्टेबल राजेश राठोड, संतोष विघे घटनास्थल पहुंचे.उन्होंने विवाद कर रहे दोनों समूह के लोगों को समझाने का प्रयास किया मगर वे सुनने को तैयार नहीं थे. जब पुलिस कर्मचारियों ने उस घटना में हस्तक्षेप करने का प्रयास किया तो दोनों समूह के लोगों ने पुलिस कर्मचारियों पर हमला बोल दिया. इस हमले में तीनों पुलिस कर्मचारी घायल हो गए. यह जानकारी मिलते ही आला अफसर समेत पुलिस दलबल के साथ घटनास्थल पहुंची. तीनों घायल पुलिस कर्मचारियों को जिला अस्पताल इलाज के लिए रवाना किया गया.

इस दौरान बेलपुरा परिसर में हुए विवाद के दौरान पुलिस कर्मचारियों पर हमला किए जाने की जानकारी मिलते ही पुलिस उपायुक्त शशिकांत सातव, राजापेठ के थानेदार किशोर सूर्यवंशी करीब १५० पुलिस कर्मचारियों के दल बल के साथ बेलपुरा परिसर में जा धमके. इस समय दंगा नियंत्रण पथक को भी बेलपुरा में बुलाया गया. पूरा परिसर पुलिस छावणी में तब्दील हो गया. बेधडक पुलिस कर्मचारियों पर हमला किए जाने पर पुलिस ने आरोपियों के घर-घर में घूसकर रात २ बजे तक गिरफ्तार करने की प्रक्रिया शुरु की. पुलिस ने दोनों समूह के हमलावर १५ आरोपियों को गिरफ्तार किया. सभी आरोपियों के खिलाफ दफा १४३, १४७, १४८, १४९, ३०७, ३३२, ३२३, ३५३, ५०४, ५०६, १८८, १६९, सहधारा १३५, मकोका के तहत अपराध दर्ज कर अदालत में पेश करने के बाद सभी आरोपियों को जेल रवाना किया गया है. फिलहाल बेलपुरा हनुमान मंदिर परिसर में पुलिस का तगडा बंदोबस्त लगाया गया है.

चार दिनों में १९१ हजार लीटर शराब गटक गये जिले के शराब शौकीन

अमरावती-पूरी दुनिया में कोरोना की महामारी का कहर जारी है. अमेरिका जैसे देशों में लॉकडाउन का पालन किया जा रहा है. उद्योग व व्यापार धंधे बंद है. चहुंओर आर्थिक मंदी की चर्चाएं है, लेकिन इन सबके बीच दाद देनी होगी शराब शौकीनों की. हम इन्हें बेवडे तो नहीं कह सकते लेकिन यह शराब शौकीन (अब तक केवल ग्रामीण इलाकों के) ८ मई से कल ११ मई की रात तक चार दिनों में १ लाख ९१ हजार ६०० लीटर देशी-विदेशी शराब व बीयर गटक गये.

यहां के उत्पादन शुल्क विभाग ने यह जानकारी दी है. अब इसे कौनसी आर्थिक मंदी कहेंगे. औसतन (लॉकडाउन केपहले) जीतनी शराब बिकती थी, यह उससे कई अधिक का आंकडा है. चार दिनों में ३ करोड ७० लाख की १ लाख ४० हजार लीटर देशी दारू बिकी. २ करोड ४५ लाख रूपये मूल्य की २५ हजार ५०० लीटर विदेशी दारू हमारे जिले के ग्रामीण भागों के लोग गटक गये.

इतना ही नहीं ६० लाख रूपयों की २६ हजार १०० लीटर बीयर पर भी ग्रामीणों ने धावा बोला. इस तरह कुल ६ करोड ७५ लाख रूपये देशी-विदेशी दारू व बीयर के शौक के लिए हमारे ग्रामीण इलाकों के भाईयों ने खर्च किये. हमारे देश की अर्थव्यवस्था की हालीया अवस्था के बीच पिछले चार दिनों की शराब बिक्री को देखते हुए यह अंदाज लगाना मुश्किल है कि अर्थव्यवस्था की पटरी उपर जा रहीं है या नीचे.

कुछ भी हो, शराब बेचनेवालों ने बेची, खरीदनेवालों ने खरीदकर पी, लेकिन इन सबके बीच सरकार के खजाने में अकेले अमरावती जिले के ग्रामीण भाग से केवल चार दिनों में करोडो रूपये चले गये. इसका मतलब सबसे बडा व्यापारी तो सरकार निकली. जहां लोगों के काम-धंधे, उ द्य ा े ग – व् य ा प ा र सबकुछ बंद है, सरकार ने बैठेबिठाये करोडो कमा लिये. इसे कहते है ‘qहग लगे न फिटकरी और रंग चोखा‘.

 

Amravati News 11/05/2020
  • धीरे-धीरे खोला जाएगा शहर का उद्योग-व्यापार

अमरावती-अमरावती शहर व जिले का व्यापार तथा उद्योग-धंधों को धीरे- धीरे प्रारंभ करने की अनुमति दी जायेगी. यह जानकारी आज जिलाधिकारी ने दी.जिलाधिकारी ने यह भी बताया कि, अमरावती में अब तक पाये गये कोरोना संक्रमितों में से २१ अच्छे होकर घर जा चुके है. कल या परसों और २५ लोगों को कोविड अस्पतालसे डिस्चार्ज किया जायेगा. डिस्चार्ज के बाद इन्हें घर पर कोरोंटाईन करने की भी बात उन्होंने कही.

१ मई के बाद अन्य जिलों से जो लोग अमरावती आये है, उनका सर्वे कर तबियत का हालचाल जाना जायेगा. इसके पूर्व आये हुए सभी लोगों की जांच हो चुकी है. जुना कॉटन मार्केट स्थित पॉलीटीशियन के परिवार के तीन लोगों की रिपोर्ट निगेटीव आयी है. जिसमें १ उनकी बहु व २ अन्य है. बचे हुओं की रिपोर्ट आज प्राप्त होगी. जिलाधिकारी के अनुसार आरोग्य विभाग के ड्यूटी पर तैनात जो कर्मचारी हाई रिस्क या लो रिस्क में तैनात है, सबके रेग्यलूर स्वैब लेना जारी है.

जिले में नांदगांव खंडेश्वर, मोझरी, अचलपुर व पीडीएमसी में कोविड हेल्थ सेंटर में सभी सुविधाएं व क्षमताएं बढायी जायेगी. यदि भविष्य में आवश्यकता पडती है तो यहां तुरंत कोविड अस्पताल शुरू किये जायेंगे. शहर व जिले के व्यापार व उद्योगधंधों को लेकर जिलाधिकारी ने कहा इन्हेंं शुरू करने के लिए समय-समय पर आदेश जारी किये जायेंगे.

यह आदेश परिस्थितीनुसार होंगे. जिलाधिकारी ने फिर दोहराया कि अब लोगोें को अपनी जरूरतों के सामान के लिए होम डिलीवरी की आदत डाल लेनी चाहिए. मालेगांव में अमरावती एसआरपीएफ के ६ जवान पॉजीटीव पाये गये है, इस पर उन्होंने कहा कि अमरावती एसआरपीएफ के ५० जवानों को वापिस बुलाया गया है. सभी को होम कोरोंटाईन किया जा चुका है. झारखंड, पश्चिम बंगाल, उत्तरप्रदेश व अन्य जगहों के पांच हजार से अधिक प्रवासी मजदूर अभी भी शहर व जिले में होने की जानकारी उन्होंने दी.

  • शहर में शराब दूकानों का निर्णय सर्वे के बाद

जिलाधिकारी ने बताया कि, अमरावती महानगर पालिका के अंतर्गत शराब दूकानों को चालू करने का निर्णय ग्रामीण इलाकों में सर्वे के बाद ही किया जायेगा. गौरतलब है कि, ग्रामीण में दूकाने शुरू हो चुकी है.

  • ६० घंटे की राहत के बाद और एक पॉजीटीव पाया गया

अमरावती-पिछले ६० घंटे में अमरावती शहर व जिले की कई कोरोना रिपोर्ट निगेटीव आने और कोई भी पॉजीटीव रिपोर्ट प्राप्त न होने का सिलसिला आज उस समय टूटा, जब कोविड अस्पताल के ही अन्य वॉर्ड में भरती एक व्यक्ति का कोरोना रिपोर्ट पॉजीटीव निकला. आज जिलाधिकारी शैलेश नवाल ने इस बारे में स्वयं जानकारी दी. उन्होंने कहा ‘सारी‘ बीमारी का इलाज करा रहे एक व्यक्ति की कोरोना रिपोर्ट पॉजीटीव आयी है.

जिलाधिकारी के अनुसार यह व्यक्ति सुपर स्पेशालीटी अस्पताल के नॉन कोविड वॉर्ड में सारी बीमारी का इलाज करा रहा था. इस बीमारी में भी कोरोना जैसे ही लक्षण होते है. पिछले तीन दिनों में इस व्यक्ति में अधिक तीव्र लक्षण पाये जाने के चलते इसकी कोरोना जांच करायी गयी, तो रिपोर्ट पॉजीटीव निकली. इस तरह अमरावती जिले में अब कोरोना संक्रमितों की संख्या कुल ७९ हो चुकी है.

इसमें से १२ की मृत्यु हुई, जबकि २१ लोग अब तक अस्पताल से ठीक होकर घर जा चुके है. यह भी उल्लेखनीय हैकि, पिछले छह महिने से पूरी दूनिया कोरोना की मार झेल रही है. इसी कहर में इन दिनों महाराष्ट्र में सारी बीमारी की भी मार देखी जा रही है. इस बीमारी में भी अमूमन लक्षण कोरोना से मिलते-जुलते ही है.

बूखार आना, खांसी और गले में खराश जैसे लक्षणवाला मरीज आज कोरोना पॉजीटीव निकलने से अब शहर के लोगों को और अधिक सतर्कता बरतनी होगी. आज जिलाधिकारी ने यह भी बताया कि, विश्व स्वास्थ संगठन के अनुसार अभी अमरावती जिले में कोरोना का खतरा टलना तो दूरी, कम भी नहीं हुआ है. इसलिए नागरिक सतर्क रहे और अभी तक जिस तरह प्रशासन को मदद की है, आगे भी यहीं सिलसिला जारी रखे.

  • विद्यापीठ लैब की क्षमता ७२ की जायेगी

जिलाधिकारी ने बताया कि, अमरावती विश्वविद्यालय की कोरोना जांच लैब में अब रोजाना ७२ नमूने जांचे जायेंगे. अभी तक यहां ४८ नमुने जांचे जा रहे थे. उल्लेखनीय है कि दो शिफ्ट में इस लैब की क्षमता २४ घंटे में ९६ नमूने जांचने की है.

  • जल्द शुरू होगी अमरावती में दूसरी लैब ,पीडीएमसी में मशीन पहुंची

अमरावती-पंजाबराव देशमुख मेडिकल कॉलेज यानी पीडीएमसी में कोरोना जांच लैब जल्दी ही शुरू हो जायेगी. जांच लैब हेतु आवश्यक मुख्य मशीन कल पीडीएमसी में पहुंच गयी. मशीन इंस्टालेशन का काम शुरू कर दिया गया है. कल तक यह काम होने की उम्मीद है.

इंस्टालेशन पूरा होते ही एम्स् नागपुर को सूचित कर आगे की अनुमति दी जायेगी और प्रक्रिया पूरी होगी. उम्मीद है किइसी सप्ताह अमरावती की यह दूसरी कोरोना जांच लैब शुरू हो जायेगी. यह भी उल्लेखनीय है कि विद्यापीठ में लैब शुरू होने के बाद अब कोरोना जांच के लिए थ्रोट स्वैब सेवाग्राम व अमरावती भेजे जा रहे है. पीडीएमसी में लैब शुरू होते ही अमरावती के थ्रोट स्वैब कही भेजने की आवश्यकता नहीं होगी.

  • जनता कफ्र्यू के बाद फिर से खुली दुकाने

अमरावती-कोरोना महामारी से निपटने के लिए लॉकडाउन घोषित किया गया है. लेकिन इसलॉकडाउन को बेअसर करने के लिए लोग तुले नजर आ रहे है. विगत शनिवार की दोपहर ३ बजे के बाद से जनता कफ्र्यू लगा दिया गया था. यह कफ्र्यू सोमवार की सुबह तक जारी रहा, लेकिन इसके बाद जैसे ही शहर की महत्वपूर्ण दुकाने खुल गयी, वैसे ही लोगोें का रश दूकानामें बढने लगा. जनता ने केवल जनता कफ्र्यू को सफल बनाने की ही ठान ली थी. लेकिन इसके बाद जनता ने सरकार के आदेशों का पालन करना ही टाल दिया है.

यहां बता दें कि, सोमवार को सुबह के समय दूकान खुलने के बाद जहां-तहां दूकानों के सामने लोगोंकी भीड देखने को मिली. हालांकि इस दौरान कुछ जगहों पर सोशल डिस्टqसग का भी नजारा देखने को मिला, लेकिन भीड जमने से लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन भी होते हुए दिखाई दिया.

दुकानों में नजर आयी भीड-

आज सुबह शहर का मार्केट खुलने के बाद अनाज, किराना, इलेक्ट्रॉनिक, इलेक्ट्रीकल, बैंक, पोस्ट ऑफिस व सडक किनारे सामग्री बेचनेवाले लोगों ने अपनी दुकाने खोल दी थी. जिसके बाद लोगोें की भीड यहां पर भी देखने को मिली. शहर में फर्राटे से वाहन दौडते नजर आये. शहर के सभी महत्वपूर्ण इलाकोें में भी लोगोें का रश देखने को मिला.

जिससे पता चलता है कि, लोगों को अब भी कोरोना बीमारी का कोई भी भय नहीं नजर आ रहा है, जबकि जिला प्रशासन चीख-चीख कर कह रही है कि, केवल जरूरी काम हो तो ही घर से बाहर निकले, अन्यथा घरों में ही बैठे रहे. लेकिन लोग प्रशासन की बातों को नजर-अंदाज करने का काम कर रहे है.

बैंक और पोस्ट ऑफिस में भी नजर आयी भीड

शनिवार और रविवार को बैंक और पोस्ट ऑफिस बंद रहने से अनेक लोगों के काम नहीं हो पाये. इसके बाद सोमवार की सुबह बैंक और पोस्ट ऑफिस खुलने के बाद लोगोें की भीड यहां पर नजर आने लगी. हालांकि यहां पर सोशल डिस्टंqसग के नियमों का पालन किया गया.

अमरावती एसआरपीएफ के ६ जवान कोविड-१९ संक्रमित

राज्य में पाये जानेवाले कोरोना पॉजीटीव मरीजों में से लगभग ८० से ८१ फिसदी मरीजों में कोरोना के लक्षण नहीं पाये जा रहे है. इसी तरह मालेगांव में पॉजीटीव पाये गये अमरावती के ६ जवानों में सर्दी, बुखार, खांसी व अन्य कोई भी लक्षण नहीं पाये गये थे. यह जानकारी एसआरपीएफ के सूत्रों से प्राप्त हुई है.

प्रतिनिधि/दि.११ अमरावती-कोरोना का कहर लगातार बढते जा रहा है. राज्य के कुछ ऐसे इलाके है जो कोरोना के हॉटस्पॉट बन चुके है. इनमें नासिक जिले के मालेगांव शहर का भी समावेश है. मालेगांव में कोरोना पॉजीटीव मरीजों की संख्या लगातार बढते जा रही है. इस इलाके में कोरोना संक्रमित मरीजों का ग्राफ बढते जाने के बाद से यहां की हालतकाफी गंभीर हो चुकी है.

जिसके चलते यहां पर एसआरपीएफ के जवानों की भी तैनाती कर दी गई है. अमरावती शहर से मालेगांव में २०० एसआरपीएफ जवान अपनी सेवाएं दे रहे है. इनमें से ६ एसआरपीएफ कर्मियों को कोरोना पॉजीटीव पाये जाने की सनसनीखेज जानकारी सामने आयी है. इन सभी ६ एसआरपीएफ कर्मियों पर नासिक के कोरोना वॉर्ड मेंउपचार चल रहा है. यहां बता दें कि, राज्य में शुरूआती दौर में कोरोना मरीजों की संख्या काफी कम थी, लेकिन धीरे-धीरे यह आंकडा बढते गया.

मालेगांव में कोरोना संक्रमितों का आंकडा सबसे ज्यादा बढ गया. जिसकी वजह से यहां पर हालातों को नियंत्रण में रखने के लिए मालेगावं प्रशासन की ओर से एसआरपीएफ प्लाटून को तैनात करने का निर्णय लिया गया. जिसके बाद राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों से एसआरपीएफ कर्मियों को बंदोबस्त के लिए तैनात किया गया.

२४ और २६ अप्रैल को अमरावती एसआरपीएफ की २ प्लाटून मालेगांव में अपनी सेवाएं देने के लिए पहुंची. हाल-फिलहाल की स्थिति में मालेगांव में लगभग ५०० पॉजीटीव मरीज है. इनमें कुछ एसआरपीएफ के कर्मचारियों का भी समावेश है. जिसमेंअमरावती के दो एसआरपीएफ प्लाटून के ६ जवानों का भी समावेश है. विशेष बात यह है कि, यहां पर ड्यूटी निभानेवाले एसआरपीएफ के जवान लगातार हॉटस्पॉट क्षेत्र में सेवाएं दे रहे है.

जिसके चलते इन सभी जवानों के थ्रोट स्वैब के सैम्पल जांच जा रहे है. बीते सप्ताहभर में पॉजीटीव पाये गये जवानों में अमरावती एसआरपीएफ के एक-एक जवान की रिपोर्ट रोजाना पॉजीटीव प्राप्त हो रही है. बीते शनिवार तक मालेगांव में ड्यूटी करनेवाले अमरावती एसआरपीएफ के २०० जवानों में से ६ जवानों की रिपोर्ट पॉजीटीव प्राप्त हुई है.

बता दें कि, मालेगांव में ड्यूटी करनेवाले एसआरपीएफ के जवान दो-दो टुकडियों में काम करते है. उनमें से जिन टुकडियों के जवान पॉजीटीव मिल रहे है, उनके सहयोगियों को भी कोरोेंटाईन किया जा रहा है. अब तक पॉजीटीव पाये गये सभी जवान ३० से ४० आयु समूह के है और सभी पर नासिक में उपचार चल रहा है.

फिलहाल सभी की हालत स्थिर बतायी गयी है. एसआरपीएफ अमरावती ग्रुप की दो प्लाटून मालेगांव व नागपुर में कार्यरत है. इस प्लाटून में ५५ वर्ष से अधिक आयु समूहवाले पुलिस कर्मचारी थे. उन्हें अमरावती वापिस बुला लिया गया है. कोरोना बंदोबस्त के लिए उन्हें वापिस नहीं भेजा जायेगा. यह जानकारी अमरावती समादेशक लोहित मतानी ने दी.

 

Amravati News 09/05/2020
  • दो दिन में बिकी साढे चार करोड की शराब

अमरावती-करीब ४५ दिनों के लाकॅ डाउन पश्चात शुक्रवार ८ मई को अमरावती जिले के ग्रामीण इलाकों में देशी-विदेशी शराब की दूकानों के ताले खुले और सभी शराब की दूकानों पर शराब खरीदने के लिए शराब प्रेमियोंकी तौबा और तूफानी भीड उमडी. हालांकि शनिवार ९ मई को दूसरे दिन यह भीडअपेक्षाकृत रूप से कुछ कम दिखाई दी.इसके बावजूद इन दो दिनों के दौरान करीब साढे चार करोड रूपयों की देशी-विदेशी शराब एवं बीयर की बिक्री हुई. बता दें कि, अमरावती मनपा क्षेत्र तथा वरूड नगर पालिका व शिराला ग्राम पंचायत क्षेत्र को छोडकर जिले के अन्य सभी ग्रामीण क्षेत्रों में शुक्रवार ८ मई से शराब बिक्री शुरू करने की अनुमति जिला प्रशासन द्वारा दी गई थी.

जिसके चलते सभी शराब की दूकानों के सामने सोशल डिस्टंqसग का पालन करने हेतु बांसे-बल्लियां गाढकर बैरिकेqटग लगायी गयी थी और शुक्रवार ८ मई की सुबह ७ बजते ही लगभग शराब की सभी दूकानों पर शराब खरीदने के लिए भारी भीड उमडकर लंबी-लंबी कतारें लग गयी थी. इसमें भी देशी-विदेशी शराब सहित बीयर की बिक्री करनेवाले वाईन शॉप्स् पर सबसे अधिक भीड देखी गयी और ग्रामीण क्षेत्रों में रहनेवाली १२ वाईन शॉप के जरिये लगभग २ करोड रूपयों से भी अधिक मूल्य की शराब बिक्री नाम न छापने की शर्थ पर एक वाईन शॉप संचालक ने बताया कि, इन दो दिनों के दौरान सबसे अधिक बंपरों की बिक्री हुई.

इसके बाद बिक्री के मामले में दूसरे स्थान पर अध्धे रहे. साथ ही कई लोगोें ने अपनी जरूरत के हिसाब से पौव्वे भी खरीदे. इस शराब विक्रेता के मुताबिक विगत दो दिनों के दौरान देशी और विदेशी शराब की ही इतनी अधिक ग्राहकी रही कि, उनके पास बीयर बेचने का समय ही नहीं बचा. वहीं शराब बिक्री शुरू होने के बाद दूसरे दिन शराब दूकानों पर कोई खास भीडभाड नहीं रही और हालात एकदम सामान्य जैसे रहे. जिसका सीधा मतलब है कि, इतने दिनों तक ‘सूखे‘ रहने के बाद शराब बिक्री खुलने पर शराब के शौकीन बडे उत्साह के साथ शराब पीने के लिहाज से बाहर निकले और जिनके पास लॉकडाउन जारी रहने के बावजूद पैसा था, उन्होंने पहले दिन ही अपनी जरूरत और शौक के हिसाब से शराब खरीद ली और चूंकि अधिकांश लोगों की जेबे इस समय खाली है, जिसके चलते दूसरे दिन ही शराब की दूकानों पर सन्नाटा दिखाई देने लगा.

देसी शराब की दुकानों पर भीडभाड रही कम-

जिला प्रशासन से अनुमति मिलने के बाद जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में रहनेवालीदेसी शराब की चिल्लर बिक्रीवाली सभी ९५ दुकाने खुली. qकतु दोनों ही दिन यहां पर भीडभाड का कोई खास माहौल नहीें रहा तथा दूसरे दिन तो यहां पर सामान्य दिनों से भी कम भीड दिखाई दी. ज्ञात रहे कि, देसी शराब की दुकानों पर अमूमन कोई धन्नासेठ शराब पीने नहीं जाता, बल्कि यहां पर रोजमर्रा की मेहनत, मजदूरी कमानेवाले लोगबाग ही शराब पीने आते है. जिनके पास इस समय कोई कामधंधा ही नहीं है.

इसके बावजूद भी विगत दो दिनों के दौरान देसी शराब की दूकानों पर ठीकठाक धंधा हुआ. जिसके तहत किसी ने दो दिनों के दौरान दो से ढाई लाख रूपयों का गल्ला लिया. वहीं कई दूकानों पर दो दिनों के दौरान १ लाख रूपयों के आसपास की शराब बिकी.

होलसेल में स्टॉक हुआ खत्म-

शहर के एक होलसेल शराब विक्रेता ने जानकारी देते हुए बताया कि, विगत दो दिनों के दौरान जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में देसी व विदेशी शराब मिलाकर करीब साढे चार करोड रूपयों की शराब बिक्री हुई है. और इस समय लगभग सभी दुकानों में स्टॉक खत्म हो गया है. वहीं होलसेल व्यापारियों द्वारा भी शराब की चिल्लर बिक्री दूकानों पर माल पहुंचाने का पूरा प्रयास किया जा रहा है.

उल्लेखनीय है कि, कई शराब की होलसेल एजेंसी अमरावती के साथ ही अकोला व यवतमाल में भी है. जहां से अभी माल नहीं पहुंच पा रहा, ऐसे में अब चूंकि शनिवार की शाम और रविवार की दोपहर तक जनता कफ्र्यू रहने के चलते शराब बिक्री बंद रहेगी, तो इस दौरान माल की आपूर्ति करने का काम किया जायेगा और सोमवार से नियमित शराब बिक्री होगी.

चार बीयर शॉपी को नहीं मिली खुलने की अनुमति

बता दें कि, जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में बीयरशॉपी के ९ लाईसेन्स जारी किये गये है. जिसमें से जिला प्रशासन द्वारा लॉकडाउन के बाद अंजनगांव की १, मोर्शी की १ व परतवाडा की २ बीयरशॉपी को लॉकडाउन के दौरान खुलने की अनुमति नहीं दी गई. वहीं शुक्रवार को लोणी की २, तिवसा की १, चांदूर बाजार की १ तथा परतवाडा की १ बीयर शॉपी खोली गयी

एक और कोरोना पॉजीटीव की हुई मौत;पूरे इलाके को किया गया सील

/दि.९ अमरावती – स्थानीय मसानगंज के पटवा चौक परिसर स्थित qपजारा गली निवासी ५३ वर्षीय व्यक्ति की बीती रात कोविड हॉस्पिटल में मौत हो गयी है. इसव्यक्ति को विगत ७ मई को कोविड अस्पताल में भरती कराया गया था और बीती रात ही इसके थ्रोट स्वैब सैम्पल की रिपोर्ट पॉजीटीव आयी थी. इसके साथ ही अमरावती में कोरोना संक्रमितों की संख्या ७८ और कोरोना से मरनेवालों की संख्या १२ हो गयी है.

जानकारी है कि, इस ५३ वर्षीय व्यक्ति को बुखार एवं श्वसन संबंधी तकलीफों के चलते इससे पहले पीडीएमसी अस्पताल में भरती कराया गया था. जहां से उसे विगत ७ मई को सुपरस्पेशालीटी अस्पताल में रेफर किया गयाथा.यहां पर भरती कराये जाते ही इस मरीज का थ्रोट स्वैब सैम्पल लिया गया था. जिसकी रिपोर्ट शुक्रवार की रात ही पॉजीटीव आयी और रिपोर्ट आने के कुछ समय बाद ही इस मरीज की अस्पताल में मौत हो गयी. इसके साथ ही अमरावती में कोरोना से मरनेवाले मरीजों की संख्या १२ हो गयी है. वहीं अब तक कुल ७८ कोरोना संक्रमित मरीज अमरावती शहर सहित जिले में पाये गये है. जिसमें से पांच मरीजों को कोरोंटाईन अवधी पश्चात दो रिपोर्ट निगेटीव आने पर अस्पताल से डिस्चार्ज दे दिया गया है. वहीं एक मरीज को नागपुर जीएमसी रेफर किया गया है और अमरावती के कोविड अस्पताल में इस समय ६० कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज चल रहा है.

पूरे इलाके को किया गया सील

कोविड अस्पताल में मसानगंज परिसर निवासी व्यक्ति की मृत्यु हो जाने की खबर मिलते ही प्रशासन द्वारा शुक्रवार की रात ही मसानगंज परिसर सहित आसपास के इलाकों को पूरी तरह से सील कर दिया गया. साथ ही यहां पर चारों ओर से बैरिकेqटग करते हुए लोगों व वाहनों की आवाजाही को पूरी तरह से बंद कर दिया गया. बता दें कि, इससे पहले भी इस परिसर में एक अन्य व्यक्ति कोरोना पॉजीटीव पाया गया था. जिसके चलते मसानगंज परिसर को पहले ही बफर झोन में शामिल किया गया था.

दूसरे पॉजीटीव मरीज के परिवार के सदस्यों की रिपोर्ट आयी निगेटीव

बता दें कि, इससे पहले चेतनदास बगीचा परिसर निवासी ७१ वर्षीय व्यक्ति की कोरोना टेस्ट रिपोर्ट पॉजीटीव आयी थी. जिसके बाद उसे कोविड वॉर्ड में भरती करते हुए उसके परिवार के सभी सदस्यों के थ्रोट स्वैब सैम्पल लेते हुए उन्हें कोरोंटाईन किया गया था. बीती रात इस व्यक्ति के परिवार के सभी सदस्यों की रिपोर्ट निगेटीव आयी है.

ऐसी जानकारी प्रशासन द्वारा दी गई है. जिसके चलते इस परिसर के लोगों ने राहत की सांस ली है. वहीं दूसरी ओर इसी परिसर के मसानगंज में रहनेवाले एक अन्य व्यक्ति की कोरोना रिपोर्ट पॉजीटीव आने और उसकी कोविड हॉस्पिटल में मौत हो जाने की जानकारी सामने आने के बाद पूरे परिसर में एक बार फिर qचता की लहर देखी जा रही है.

उस’ नेता के सभी परिजनों की रिपोर्ट आयी निगेटी/दि.९ अमरावती-विगत दिनों स्थानीय जुना कॉटन मार्केट परिसर में रहनेवाले भाजपा के वरिष्ठ नेता की कोरोना टेस्ट रिपोर्ट पॉजीटीव आयी थी. जिसके बाद उन्हें उनकी स्वास्थ संबंधी अन्य दिक्कतों को देखते हुए नागपुर के सरकारी मेडिकल कालेज में भरती कराया गया था. साथ ही उनके परिवार के करीब ३५-३६ लोगोें को कोरोंटाईन करते हुए सभी के थ्रोट स्वैब सैम्पल जांच हेतु भिजवाये गये थे. इन सभी लोगोें के सैम्पलों की रिपोर्ट निगेटीव आयी है, ऐसा पता चला है. साथ ही ४ लोगोें के सैम्पल दूबारा भेजने हेतु कहा गया है.

बता दें कि, इस वरिष्ठ भाजपायी नेता के कोरोना पॉजीटीव पाये जाते ही समूचे शहर में जबर्दस्त हडकंप मच गया था. ्नयोंकि इस नेता के संयुक्त परिवार में करीब ३५-३६ सदस्य है. साथ ही इस नेता का शहर सहित जिले में काफी जनसंपर्क भी है. ऐसे में उनके संपर्क में आनेवाले सभी लोगोें में कोरोना का संक्रमण फैलने का खतरा उत्पन्न हो गया था. जिसके चलते प्रशासन ने उनके संपर्क में आनेवाले सभी लोगों को चिन्हीत करते हुए उन्हेें हाई रिस्क व लो रिस्कवाली कैटेगिरी में विभाजीत कर इन्स्टिटयूशनल व होम कोरोंटाईन के तहत रखा. साथ ही सभी के थ्रोट स्वैब सैम्पलों को जांच हेतु भिजवाया गया. इसमें से बीती रात इस नेता के सभी परिजनों की रिपोर्ट निगेटीव प्राप्त हुई है. ऐसी जानकारी प्रशासन द्वारा दी गई है.

आज शहर की सडकों पर भीड रही कुछ कम

दि.९ अमरावती-लॉकडाउन में ढील और छूट मिलने के बादविगत दो दिनों की तुलना में शनिवार ९ मई को शहर की सडकों पर भीडभडक्का अपेक्षाकृत रूप से कुछ कम रहा. बता दें कि, दो दिन पूर्व जिला प्रशासन ने जिवनावश्यक वस्तुओं की दूकानों के साथ-साथ रिहायशी क्षेत्रों मेंरहनेवाली अन्य दूकानों को खोलने की अनुमति देने के साथ ही लॉकडाउन में छूट के समय को बढाकर प्रात: ७ से अपरान्ह ३ बजे तक कर दिया है. साथ ही जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में शराब बिक्री शुरू करने को भी अनुमतिदे दी गई है. जिसके चलते विगत दो दिनों से शहर सहित जिले में भीडभाड का माहौल बढ गया है. qकतु शनिवार को शहर की सडकों पर अपेक्षाकृत रूप से भीडभाड थोडी कम दिखाई दी.

शिराला गांव तक कैसे पहुंचा कोरोना, जांच हो

/दि.९ अमरावती-भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिला महासचिव जयंत आमले ने विगत ६ मई को जिलाधीश शैलेश नवाल के नाम एक पत्र जारी करते हुए मांग की थी कि, समीपस्थ शिराला गांव में कोरोना का संक्रमण कैसे फैला और इस गांव तक कोरोना वायरस ने अपनी पहुंच कैसे बनायी, इसकी सघनता के साथ जांच होनी चाहिए.

इस निवेदन के आधार पर जिलाधीश कार्यालय ने अमरावती शहर पुलिस आयुक्त कार्यालय को मामले की जांच करनेका निर्देश जारी किया है. बता दें कि, भाजपा के पूर्व जिला महासचिव जयंत आमले ने जिलाधीश के नाम जारी पत्र में कहा है कि, विगत २३ मार्च को समूचे जिले में लॉकडाउन लागू किये जाने के बाद भी शिराला गांव में बडे पैमाने पर जुआ खेलने हेतु अमरावती व चांदूर बाजार परिसर के लोगोें का आना-जाना शुरू था और संभवत: इन्हीं लोगों में से किसी व्यक्ति के जरिये कोरोना वायरस ने शिराला गांव तक अपनी पहुंच बनायी है.

१२०० प्रवासी मजदूरों को लेकर विशेष ट्रेन यूपी रवाना

/दि.९ अमरावती-विगत ४५ दिनों से लॉकडाउन के चलते अमरावती में अटके पडे उत्तर प्रदेश निवासी १२०० मजदूरों को वापिस उनके गृहराज्य भेजने हेतु अमरावती रेलवे स्टेशन से एक विशेषट्रेन चलायी गयी. जिसके जरिये पूर्व पंजीयन एवं स्वास्थ जांच की प्रक्रिया के बाद इन सभी मजदूरों को शाम ६ बजे ट्रेन के जरिये यूपी रवाना किया गया.

खरीफ कृषि निविष्ठा नियोजन के लिए जिलास्तरीय समिति स्थापित करे

दि.९ अमरावती- ख र ी फ २०२० -२१ के लिए जिलाधिकारी , जिला उपनिबंधक व कृषि विभाग की ओर से प्रस्ताव तैयार किया गया है. इस दौरान श्रृंखलाबध्द तरीके से खरीफ का नियोजन करने के लिए जिलास्तरीय समन्वय समिति की स्थापना करने की मांग को लेकर विधायक सुलभा खोडके ने जिलाधिकारी शैलेश नवाल को पत्र भेजा है. पत्र में बताया गया कि कृषि विभाग के नियोजनके अनुसार अमरावती जिले में कुल बुआई का क्षेत्र ७,२८,११२ हेक्टर है. इस बुआई क्षेत्र में कपास सोयाबीन, जवार, उडμद, मकई और अन्य फसले ली जाती है.

इसके लिए लगभग १ लाख ४८ हजार ८२२ क्μिवटल बीज की डिमांड की गई है. जिसमें से ८६ हजार २३५ qक्वटल बीज महाबीज की ओर उपलब्ध कराए गये है.इस वर्ष खरीफ में सोयाबीन की बुआई के लिए १ लाख ३० हजार ६६५ qक्वटल बीज लगेंगे.जबकि संकरित कपास के लिए ५ हजार ८०० qक्वटल बीज का नियोजन किया गया है. तुअर बुआई के लिए ५ हजार २८० qक्वटल बीज की मांग की गई है. वहीं १ लाख ३८ हजार मैट्रिक टन रासायनिक खाद की डिमांड है. इसके लिए १,०१८३० मैट्रिक टन खाद मंजूर किया गया है. रबी में बचा और अप्रैल तक प्राप्त स्टॉक मिलाकर फिलहाल १६ हजार ८२४ मैट्रिक टन रासायनिक खाद उपलब्ध है.

घर पहुंच किराना व सब्जी प्राप्त करने नगर सेतु ऍप लॉन्च

दि.९ अमरावती-इस समय जारी लॉकडाउन के चलते अब सभी लोगबाग घर बैठे ऑनलाईन किराणा व सब्जी प्राप्त करना चाहते है, इस बात को ध्यान में रखते हुए अमरावती के एक महाविद्यालयीन छात्र ने अमरावती मनपा को नगरसेतु नामक एक एॅप पूरी तरह से नि:शुल्क तौर पर तैयार करके दिया है.

जिसके गूगल ड्राईव से डाउनलोड किया जा सकता है और इस एॅप के माध्यम से अमरावती शहर में किराणा व साग-सब्जी की घर पहुंच सेवा प्राप्त की जा सकतीहै. इस आशय की जानकारी जिलाधीश शैलेश नवाल ने शनिवार ९ मई को दी. अपने कार्यालय में होनेवाली नियमित प्रेस ब्रिफींग में उपरो्नत जानकारी देने के साथ ही जिलाधीश नवाल ने बताया कि, अमरावती शहर में अब तक करीब ४ हजार लोगोें ने इस एॅप को डाउनलोड किया है. साथ ही इस एॅप को गूगल ड्राईव के साथ-साथ प्ले स्टोर पर लाने हेतु भी प्रयास किया जा रहा है.

लॉकडाऊन के समय बडनेरा में खेल खेल रहे है युवक

लॉकडाऊन के समय बडनेरा में खेल खेलने का मामला उजागर हुआ. खेलने के विवाद पर एक युवक पर हमला किया गया. यह घटना बडनेरा जुनी बस्ती राहुल नगर में मंगलवार, ५ मई को घटी. प्राप्त जानकारी के अनुसार कंटेनमेंट झोन घोषित किए जानेवाले परिसर में युवक खेल खेल रहे थे. जिससे आश्चर्य हो रहा है. राहुल नगर के विक्की बाबुराव ढोके (२८)ऐसे घायल हुए युवक का नाम है विक्की की शिकायतनुसार पुलिस ने वहां के गोलू गजभिये, कपील चौधरी, नाना गुडधे, विक्कीबनसोड के खिलाफ अपराध दर्ज किया है.

विक्की यह घर के सामने खडा था. वहां कुछ युवक खेल रहे थे. खेलते समय विक्की ने जोर स े चिल्लाकर कहा घ र क े पास मत खेलो. इस बात पर चारों ने उससे गाली गलौच की, विक्की गजभिये ने विक्की के सिर पर लोहे का डंडा मारा. इसके अलावा अन्य तीनों ने लातो घूसों से मारकर गाली गलौच की. पुरानी बस्ती नूर नगर क्षेत्र में कुछ दिन पूर्व कोरोना के पॉजिटीव मरीज दिखाई दिए.उनके साथ एक महिला को कोरोना का संक्रमण होने की बात सामने आयी. कोरोना के मरीज दिखाई देने पर पुरानी बस्ती के कुछ क्षेत्र में कंटेनमेंट झोन के रूप में घोषित किए गये है.

नूर नगर की ओर जानेवाले रास्ते पर राहुल नगर में कठडे बांधकर परिसर सील किया गया है. कंटेनमेंट झोन छोडने के लिए बांधा गया कठडे को लगकर राहुलनगर में बडी संख्या में युवक खेल खेलते है. दिन की छोडो रात को भी क्रिकेट का खेल खेलने से परिसर के नागरिक परेशान हो गये थे. इसके अलावा फिजिकल डिस्टेंन्स की धज्जियां उडने से नागरिको में भय का वातावरण निर्माण हुए है.

Amravati News 08/05/2020
  • यूपी व बिहार के लिए अमरावती से विशेष ट्रेन

अमरावती-लॉकडाउन के चलते अमरावती में फंसे उत्तरप्रदेश व बिहार राज्य के प्रवासी मजदूरों को उनके गृह राज्य वापिस भेजने हेतु विशेष ट्रेन चलाने का फैसला लिया गया है. यह ट्रेन रविवार या सोमवार को चलायी जा सकती है. इस आशय की जानकारी अमरावती के तहसीलदार संतोष काकडे ने दी है. यहां यह विशेष उल्लेखनीय है कि इस ट्रेन से केवल यूपी व बिहार के प्रवासी मजदूरों को ही वापिस जाने की अनुमति दी जायेगी तथा मजदूरों के अलावा किसी अन्य को इन विशेष ट्रेनों से यात्रा करने की अनुमति नहीं होगी. जानकारी है कि, इस विशेष ट्रेन के जरिये अमरावती में रहने वाले यूपी के ५३२ मजदूर व बिहार के २६८ मजदूर ही रवाना किये जायेंगे. इस संदर्भ में प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक इन सभी लोगोें का प्रशासन के पास वापिस जाने हेतु पहले से पंजीयन हो चुका है. जिसके बाद प्रशासन द्वारा इन सभी लोगों की स्वास्थ जांच भी की जा चुकी है.

जिसके बाद उन्हें उनके गृह राज्य वापिस जाने की अनुमति दी गई है. ऐसे में यदि ऐन समय पर पहले से पंजीकृत मजदूरोें के अलावा इस ट्रेन पर अन्य लोगोें की भीड उमडती है, तो उन्हें इस ट्रेन के जरिये रवाना होने की अनुमति नहीं दी जायेगी.बता दें कि, अमरावती से अब तक यूपी के ३८६, भोपाल के ४, बिलासपूर के ६९, तेलंगाना के ४१४, आंध्रप्रदेश के १६८, राजस्थान के १५३, मध्यप्रदेश के ३७६, चेन्नई के ५, पश्चिम बंगाल के १५ प्रवासी मजदूरों को उनके गृहराज्य वापिस भेजा जा चुका है.

  • महिला को बचाने के चक्कर में युवक कुएं में गिरा

जिले के पथ्रोट में आत्महत्या करने का विचार करते हुए एक महिला ने कुएं में छलांग मार दी. उस महिला को बचाने के चक्कर में एक युवक भी कुएं में जा गिरा. यह घटना qशदी रोड परिसर में गुरुवार की सुबह सामने आयी. मिली जानकारी के अनुसार पथ्रोट से qशदी मार्ग पर मोहाड के खेत में स्थित कुएं में पथ्रोट में रहने वाली मिना हरिदास सोंलके (२६) ने छलांग मार दी. इस समय रास्ते से गुजर रहे संदीप डबरे नामक युवक ने महिला के कुएं में गिरने की जानकारी रिश्तेदारों को दी. घटनास्थल पर रिश्तेदारों की भीड जमा हो गई. इस बीच माना कुरुम निवासी ३० वर्षीय देवीदास चव्हाण ने उसे बचाने के चक्कर में कुएं में उतरना शुरु किया. लेकिन संतुलन खोकर वह कुएं में जा गिरा.

घटना की जानकारी मिलते ही थानेदार मनोज चौधरी रस्सी लेकर पुलिसकर्मचारी दिपक रेलकर, बालू धुर्वे, अशोक डोंगरकर, सुनील पवार के साथ घटनास्थल पर पहुंचे इसके बाद नागरिकों के सहयोग से दोनो को बाहर निकाला गया. देवीदास चव्हाण घायल हुआ है. जबकि मीना सोंलके गंभीर रुप से घायल हुई है. उसे उपचार के लिए उपजिला अस्पताल में रेफर किया गया है. इस समय दोनो को बचाने के लिए उमाकांत उपासे, सोपान हरणे, नितेश दुबे, नितिन गुडगडे, भूषण सुरोडे, अजय ढोले आदि ने मदद की.

  • ५० लोगों की उपस्थिति में मंगल कार्यालय व लॉन को अनुमति दें

 अमरावती- हाल ही में शासन ने ५० लोगों को मर्यादित रखकर विवाह समारोह आयोजित किया जाए, ऐसा नियम निर्धारित किया हेै परंतु वर-वधू के पिता ने उनके घर में ५० लोगों को मर्यादित कर विवाह समारोह आयोजित किया तो भी सोशल डिस्टेंन्स का पालन नहीं किया जाएगा, इसलिए ५० लोगों की उपस्थिति में मंगल कार्यालय व लॉन शुरु करने की अनुमति दी जाए.

इसी तरह मनपा टै्नस माफ करें और इलेक्ट्रीक बिल रिqडग के अनुसार लिया जाए, ऐसी मांग को लेकर मंगल कार्यालय व लॉन असोसिएशन ने ज्ञापन जिलाधिश को सौंपा. सौंपे गए ज्ञापन में असोसिएशनके सदस्यों ने कहा है कि जिन्हें मंगल कार्यालय व लॉन में विवाह समारोह आयोजित करना है, उन्हें सभी नियमों के अधिन रहकर विवाह समारोह की अनुमति दी जाए. मंगल कार्यालय का हॉल बडा होने के कारण सोशल डिस्टेंqसग के नियमों का पालन अच्छे तरह से किया जा सकता है और मर्यादा के अंदर हमारा व्यवसाय भी शुरु रह सकता है. पिछले ५० दिनों से मंगल कार्यालय व लॉन पूरी तरह से बंद है.

यहां का रोजाना मेंटेनन्स संबंधित कर्मचारी, बिजली बील, टै्नस आदि खर्च करना ही पडता है. ९० प्रतिशत लोगों ने बैंक कर्ज लेकर मंगल कार्यालय बनाया है. फिलहाल काफी आर्थिक स्थिति खराब है. मार्च, अप्रैल, मई यह तीन महिने वर्षभर के विवाह समारोह के मुख्य माह होते है और उन ही माह में विवाह समारोह न होने के कारण काफी आर्थिक नुकसान हुआ है. इसलिए मनपा का टै्नस माफ किया जाए.

इसी तरह बिजली बील यूनिट के अनुसार लिया जाए और अन्य अधिभार रद्द किया जाए, ऐसी भी मांग की गई.अपनी विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपते समय नितीन देशमुख, रवि देशमुख, अतुल चंदेल, तुषार गिरमकर, दिनेश गांधी, अमोल देशमुख, सचिन महाजन, संजय कुदडी, गणेश बहाले, कांचन उल्हे, हरिश गोहमे, संजय पांढरीकर, हर्ष बोबडे, अभिजित लोखंडे, सारंग पुरी, राहुल मडघे, चंदु मेहरे समेत अन्य मंगल कार्यालय व लॉन असोसिएशन के सदस्य उपस्थित थे.

  • नानक रोटी ने जीता गरीबों का दिल

कोरोना वायरस के महामारी से लोगों को बचाने के लिए विेश के कई देशों सहित भारत में भी लॉकडाउन की घोषणा की है. शहर में जारी संचारबंदी से दिहाडी व हाथों पर पेट पालनेवाले लोगों के लिए इस दौर में दिन का गुजारा करना भीमुश्किल को चुका है. लोगों की कमाई पुंजी भी खत्म हो गई है. ऐसे में दो वक्त की रोटी का जुगाड कैसे करें? यह सवाल उनके मन में उठ रहा था.

नानक रोटी ट्रस्ट अमरावती द्वारा १९ अप्रैल २०१८ से लंगर सेवा दे रहे है. १९ अप्रैल २०१८ से १९ अप्रैल २०२० को नानक रोटी ट्रस्ट को पुरे २ साल हो गए है. नानक रोटी ट्रस्ट ३६५ दिन गरीब व जरूरतमंद लोगों को खाना खिलाती है. यह ट्रस्ट रोजाना लंगर की सेवा दे रही है. इस ट्रस्ट का एक ही उद्देश्य है कि, कोई भी भुखा नहीं सोएगा.

श्री भाईसाहब गुरूप्रित qसगजी उर्फ रिंकुवीरजी की प्रेरणा सेअमरावती शहर सहित उल्लासनगर, अकोला, वाशिम, बरहानपुर, सोलापुर, मूर्तिजापुर, लाड कारंजा, अमलनेर, नांदुरा, जलगांव, ईटारसी, दिल्ली, जबलपुर, कोटा, आग्रा,कटनी, रिवा आदि ५७ जगहों पर सेवा दे रहे है. नानक रोटी के इसी सफलता को देख आज शुक्रवार, ८ मई को जिलाधिकारी शेैलेश नवाल सहित उपजिलाधिकारी अजय लहाने, जिला सूचना अधिकारी हर्षवर्धन पवार ने भेंट दी और ट्रस्ट से चर्चा कर उनके कार्यों की सराहना की.

इस समय शंकर ओटवानी, राजकुमार दुर्गाई, स्मार्ट विदर्भ के संपादक मोहित भोजवानी, मनोज पुरसवानी, सदीप हासानी, गणेश थावरानी, गुलशन दुर्गाई, श्यामलाल qपजानी, अजय qपजानी, संजय qपजानी, इंदरकुमार लुल्ला, हरीश बजाज, ज्ञानचंद थदानी, रेवाचंद बजाज, मोहनलाल वरंदानी, राहुल दुर्गई, हजारीलाल सेवानी, तरूण दुर्गई, रवि डोलतानी, मोना खत्री, मंदा तायडे आदि उपस्थित थे.

  • बेस्ट प्राईज के खिलाफ अपराध दर्ज

अमरावती-स्थानीय बडनेरा रोड पर qनभोरा के निकट स्थित बेस्ट प्राईज (वॉलमार्ट) मेगा स्टोर में लॉकडाउन को लेकर जारी दिशानिर्देशों का उल्लंघन करते हुए बफर झोन घोषित किये गयेकोरोना संक्रमित क्षेत्रों में रहनेवाले १६ लोगों को काम पर रखा गया था.

साथ ही सबसे खतरनाक बात यह थी कि, इन लोगों को ग्राहकों के यहां सामानों की होम डिलीवरी करने का जिम्मा सौंपा गया था. यह जानकारी मिलते ही मनपा प्रशासन द्वारा बीतीरात वॉलमार्ट पहुंचकर मामले की जांच पडताल शुरू की गई. साथ ही बफर झोन में रहनेवाले उन सभी १६ कर्मचारियों को अपने कब्जे में लिया गया. साथ ही बेस्ट प्राईज के ३ स्थानीय अधिकारियों सहित इन सभी १६ लोगोें के खिलाफ बडनेरा पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करायी गयी.

  • शहर के ३१ पुलिस कर्मियों की रिपोर्ट आयी निगेटीव

अमरावती-इस समय चहूंओर कोरोना वायरस के संक्रमण के फैलने का खतरा है. qकतु इसके बावजूद भी पुलिस महकमे के अधिकारी व कर्मचारी लगातार अपनी जान को जोखिम में डालकर अपनी ड्यूटी निभा रहे है. इसमें भी सर्वाधिक खतरा बफर झोन में शामिल रहनेवाले नागपुरी गेट व खोलापुरी गेट पुलिस थाने में पदस्थ अधिकारियों व कर्मचारियाके लिए है. जिसके चलते इन दोनोें पुलिस थाने के साथ ही इस परिसर से सटे पुलिस थाने के सभी अधिकारी व कर्मचारियों की पुलिस आयुक्तालय द्वारा ऐहतियातन स्वास्थ जांच करायी गयी है.

साथ ही नागपुरी गेट के ३० पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों सहित खोलापुरी गेट थाने के १ पुलिस कर्मचारी के थ्रोट स्वैब सैम्पल जांच हेतु भेजे गये थे. जिसमें सबसे राहत वाली बात यह रहीकि, इन सभी ३१ सैम्पलों की रिपोर्ट निगेटीव आयी है. बता दें कि, इस समय तक अमरावती में कोरोना के७६ पॉजीटीव मरीज मिल चुके है. जिसमें से सर्वाधिक मरीज नागपुरी गेट पुलिस थाना क्षेत्र अंतर्गत आनेवाले रिहायशी इलाकों से वास्ता रखते है. वहीं कई मरीज खोलापुरी गेट पुलिस थाना क्षेत्र अंतर्गत आनेवाले इलाकों से है.

ऐसे में इन दोनोें पुलिस थानों में पदस्थ पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को अपने स्वास्थ की ओर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया गया है. साथ ही पुलिस प्रशासन द्वारा अपने सभी अधिकारियों व कर्मचारियों की स्वास्थ जांच शुरू करवाते हुए नागपुरी गेट पुलिस थाने के सभी अधिकारियों व कर्मचारियों के थ्रोट स्वैब सैम्पलों की भी जांच करायी गयी है.

  • सोशल डिस्टेंसिंग की उड रही धज्जियां

अमरावती-जिले के ग्रामीण क्षेत्र में शुक्रवार से देशी और वाइन शॉप की दुकानें खुल गई है. लेकिन पहले ही दिन चांदुर बाजार शहर में शराब की दुकानों के सामने सोशल डिस्टेंqसग की धज्जियां उडती नजर आयी. शराब पीने वाले लोगों की लंबी कतार दुकानों के सामने देखने को मिली. हर कोई शराब लेने की होड में दिखाई दिया.

  • अमरावती को मिलेगी १० हजार रैपिड बॉडी कीट

अमरावती-अमरावती मनपा द्वारा विगत ६ मई को ही १० हजार रैपिड बॉडी कीट के लिए अकोला स्थित स्वास्थ उपसंचालक कार्यालय के पास आवेदन भेज दिया गया था. जिससे स्वास्थ उपसंचालक कार्यालय को सूचित भी कर दिया गया है.स्वास्थ उपसंचालक कार्यालय की ओर से इस संदर्भ में प्रस्ताव मिलते ही आयसीएमआर द्वारा अमरावती मनपा को १० हजार रैपिड बॉडी टेस्ट कीट देने की तैयारी दर्शायी है.

इस आशय की जानकारी नागपुर हाईकोर्ट में दायर एक जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान सामने आयी है.बता दें कि, इस समय अमरावती में कोरोना को लेकर जारी हालात के संदर्भ में दायर एक जनहित याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही है. जिस पर मनपा की ओरसे हाईकोर्ट को जानकारी देते हुए एड. जेमिनी कासट ने बताया कि, मनपा द्वारा विगत ६ मई को ही स्वास्थ उपसंचालक कार्यालय के पास १० हजार रैपिड बॉडी टेस्ट कीट मिलने हेतु आवेदन किया जा चुका है, जिसे स्वास्थ उपसंचालक कार्यालय द्वारा प्रस्ताव बनाकर आयसीएमआर को भेजा जायेगा, जिसके बाद आयसीएमआर से रैपिड बॉडी टेस्ट कीट की खेप मिलेगी.

वहीं आयसीएमआर की ओर से पक्ष रख रहे सहायक अटर्नी जनरल एड. उल्हास औरंगाबादकर ने हाईकोर्ट को बताया कि, मनपा की ओर से भेजे गये आवेदन पर स्वास्थ उपसंचालक कार्यालय द्वारा प्रस्ताव बनाकर भेजते ही आयसीएमआर टेस्ट कीट की खेप को अमरावती के लिए रवाना कर देगा और इसमें बिल्कूल भी समय नहीं लगेगा.

दोनोें पक्षों का स्पष्टीकरण सुनने के बाद हाईकोर्ट ने राज्य के स्वास्थ विभाग को निर्देश जारी किया कि, अमरावती मनपा द्वारा भेजे गये आवेदन पर जल्द से जल्द कार्रवाई करते हुए आयसीएमआर को रैपिड बॉडी टेस्ट कीट मिलने हेतु प्रस्ताव भेजा जाये, ताकि कोरोना के संकट से जूझ रहे अमरावती शहर में अधिक से अधिक लोगोें की स्वास्थ जांच की जा सके. ऐसे में अब यह उम्मीद देखी जा रही है कि, अमरावती मनपा को बहुत जल्द १० हजार रैपिड बॉडी टेस्ट कीट प्राप्त हो जायेगी.

  • तीन साल के डेनियल खान ने जीती कोरोना से जंग

अकोला-यहां के डेनियल खान शाहीद खान नामक तीन वर्षीय बच्चे ने पूरी दूनिया में कहर ढा रहीं कोरोना की महामारी से अपनी जंग जीत ली है. अपने दादा की वजह से कोरोना संक्रमण की चपेट में आये डेनियल खान का विगत एक माह से यहां के सरकारी मेडिकल कालेज स्थित कोरोना वार्ड में इलाज चल रहा था. जहां पर इलाज के बाद दो रिपोर्ट निगेटीव आने पर उसे अस्पताल से डिस्चार्ज दिया गया. अब डेनियल खान अस्पताल से निकलकर अपने परिवार के बीच चला गया है.

जिससे उसके परिवार में एक बार फिर हंसी-खुशी की चमक लौट आयी है. यह महाराष्ट्र में अपनी तरह का सबसे अनूठा वपहला मामला है, जिसमें इतनी कम उम्र का कोई बच्चा कोरोना पॉजीटीव पाया गया. साथ ही इलाज के बाद कोरोना निगेटीव होकर सकुशल अपने घर वापिस भी लौट गया. इस संदर्भ में मिली जानकारी के मुताबिक अकोला निवासी शाहीद खान के पिता यानी डेनियल खान के दादा कोरोना पॉजीटीव पाये गये थे.

डेनियल खान अपने दादा का लाडला रहने की वजह से अ्नसर दादा के ही पास रहता था. ऐसे में दादा की रिपोर्ट पॉजीटीव आने के बाद तीन साल के डेनियल खान की रिपोर्ट भी पॉजीटीव आयी. जिसके चलते दादा व पोते को कोरोना वॉर्ड में अलग-अलग बेड पर भरती कराया गया.

qकतु यहां सबसे बडी दिक्कत यह थी कि, कोरोना वॉर्ड में इतने छोटे बच्चे के खानेपीने व अन्य दैनिक क्रियाओं से संबंधित जरूरतों को कैसे पूरा किया जाये. जिसके चलते अकोला के जिला स्वास्थ प्रशासन ने अपने स्तर पर एक बेहद साहसिक फैसला लिया. जिसके तहत इस बच्चे की मां और बुआ को कोरोना निगेटीव रहने के बावजूद ही कोरोना वॉर्ड में १४-१४ दिन रहने की अनुमति दी गई, ताकि वे इस बच्चे की देखभाल कर सके. यहां यह विशेष उल्लेखनीय है कि, कोविड वॉर्ड में कोरोना पॉजीटीव मरीजों एवं यहां पर ड्यूटी में तैनात डॉक्टरों व मेडिकल स्टाफ के अलावा अन्य किसी को भी प्रवेश की अनुमति नहीं होती. ऐसे में अकोला के स्वास्थ प्रशासन का निर्णय अपने आप में वाकई बेहद साहसिक था, जो मानवीय आधार पर लिया गया था. कोरोना वॉर्ड में लगातार जारी इलाज के बाद विगत दिनों इस बच्चे के थ्रोट स्वैब सैम्पल रिपीट किये गये और लगातार दो बार निगेटीव रिपोर्ट आने पर उसे अस्पताल से डिस्चार्ज दे दिया गया.

जिसके चलते करीब एक माह बाद डेनियल खान एक बार फिर अपने परिवार के बीच पहुंचा. यहां यह विशेष उल्लेखनीय है कि डेनियल खान को डिस्चार्ज मिलने की खबर मिलते ही कई अखबारों एवं टीवी न्यूज चैनलों की ओर से उसके पिता शाहीद खान को डेनियल का इंटरव्यू लेने हेतु फोन आने शुरू हो गये. qकतु चूंकि इस समय डेनियल खान अगले १४ दिनों के लिए होम कोरोेंटाईन के तहत रखा गया है, अत: अकोला के जिलाधीश कार्यालय व स्वास्थ विभाग ने उसे फिलहाल किसी भी बाहरी व्यक्ति से मिलने-जुलने हेतु मना किया है. qकतु अपने संपर्क सूत्रों के जरिये दैनिक अमरावती मंडल ने डेनियल के पिता शाहीद खान से मोबाईल फोन के जरिये संपर्क स्थापित किया और इस दौरान उन्हें हुए अनुभवों के बारे में बातचीत की.

इस समय शाहीद खान ने दैनिक अमरावती मंडल को फोन पर बताया कि, उनके पिता की कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं है. ऐसे में यह उनके पूरे परिवार के लिए बेहद आश्चर्य का विषय है कि, उनके पिता कोरोना संक्रमित कैसे हुए. वहीं पिता को कोरोना होने के झटके से परिवार अभी संभला ही नहीं था कि, परिवार के सबसे छोटे सदस्य डेनियल खान के कोरोना संक्रमित होने की खबर सामने आयी.

जिसके बाद उन्होंने अपने दिल पर पत्थर रखकर अपने कलेजे के टुकडे को कोरोना वॉर्ड में भरती कराने हेतु भेजा. इस दौरान पूरा समय उनका परिवार किसी अनिष्ट की आशंका से घबराया हुआ था और लगातार अपने पिता व बेटे के सलामती की दुआ कर रहा था. साथ ही उन्हें इस बात की खुशी है कि, उनकी दुआए कबूल हुई और उनका बेटा इस महामारी को हराकर सही सलामत अपने घर लौटा है.

हराया जा सकता है कोरोना की बीमारी को, विश्वास रखें

इस समय हर ओर कोरोना की महामारी को लेकर जबर्दस्त भय और qचता का माहौल है. हालांकि बीच-बीच में यह खबरें सामने आती है कि, कई लोग कोरोना पॉजीटीव पाये जाने के बाद अस्पताल से ठीक होकर अपने-अपने घरों को वापिस लौटे है, लेकिन समूचे राज्य में डेनियल खान अपने आप में कोरोना को परास्त करनेवाला सबसे कम उम्र का मरीज है. जिसके ठीक होकर घर लौटने के बाद उसके पिता शाहीद खान ने भरोसा जताया कि, अब उन्हें पूरा यकिन हो गया है कि, कोरोना को हराया जा सकता है.

यहां यह विशेष उल्लेखनीय है कि, कोरोना के खिलाफ जारी जंग में लोगोें की हिम्मत बढे और उनका मनोबल उंचा उठे. इस बात को ध्यान में रखते हुए हमने डेनियल के पिता शाहीद खान की अनुमति प्राप्त करने के बाद इस पूरी कहानी को प्रकाशित किया है, ताकि कोरोना संक्रमितों व संदेहितों सहित आम लोगों में कोरोना के डर को कम किया जाये.

 

Amravati News 07/05/2020
  • उस‘ नेता के संपर्क में आये ५३ लोग ढूंढे गए

अमरावती-विगत दिनों स्थानीय पुराना कॉटन मार्केट परिसर में रहनेवाले शहर के वरिष्ठ भाजपा नेता की कोरोना रिपोर्ट पॉजीटीव आयी थी. जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए नागपुर के सरकारी मेडिकल कालेज में भरती कराया गया था. वहीं इस नेता के सभी परिजनों को कोरोंटाईन करते हुए इस नेता के संपर्क में आनेवाले सभी लोगोें की खोजबीन प्रशासन द्वारा शुरू की गई. जिसके बाद ऐसे ५३ लोगोें को खोजा गया.

जिसमें से हाय रिस्कवाले १८ लोगोें को सिपना कालेज के छात्रावास मेंकोरोंटाईन किया गया है. वहीं नॉर्मल व लो रिस्क रहनेवाले ३५ लोगोें को फिलहाल होम कोरोंटाईन किया गया है.इसके साथ ही हाय रिस्क में रहनेवाले सभी लोगोें के थ्रोट स्वैब सैम्पल भी लिये गये है तथा होम कोरोंटाईन किये गये लोगोें के स्वास्थ की लगातार निगरानी की जा रहीं है.

बता देें कि, बीते सोमवार की रात पुराना कॉटन मार्केट परिसर निवासी वरिष्ठ भाजपा नेता की कोरोना रिपोर्ट पॉजीटीव आयी थी. जिसके बाद उन्हें तुरंत सुपर स्पेशालीटी अस्पताल में भरती कराया गया था. पश्चात स्वास्थ संबंधी अन्य कुछ शिकायतें रहने के चलते उन्हें नागपुर के सरकारी मेडिकल अस्पताल में भिजवाया गया. इस नेता का जबर्दस्त जनसंपर्क रहने एवं विगत कुछ दिनों से लॉकडाउन के दौरान जमकर सामाजिक कार्य करने के चलते यह स्पष्ट था कि, इसनेता के संपर्क में इस दौरान कई लोग आये होंगे.

ऐसे में इस नेता के संयुक्त परिवार में रहनेवाले ३५-३६ लोगों को कोरोंटाईन करने के साथ ही प्रशासन द्वारा इस नेता व उसके परिवार के संपर्क में आनेवाले लोगोें को ढूंढना शुरू किया गया है. साथ ही ऐसे ५३ लोगों को खोजकर उन्हेें कोरोंटाईन किया गया है. जिसमें से हाय रिस्कवाले १८ लोगों को इन्स्टिटयूशनल कोरोंटाईन करते हुए उनके थ्रोट स्वैब सैम्पल भी जांच हेतु भिजवाये गये है.

  • एक माह बाद घर लौटी नर्स का हुआ गौरवपूर्ण स्वागत

अमरावती-स्थानीय गणेशविहार कालोनी परिसर निवासी नर्स सुनिती सुशिल हरणे की एक माह पूर्व कोरोना वार्ड में ड्यूटी लगी थी और वे १४ दिन की ड्यूटी और १४ दिन के कोरोेंटाईन की अवधि को पूर्ण कर एक माहपश्चात गुरूवार ७ मई को अपने घर वापिस लौटी तब परिसरवासियों द्वारा इस नर्स का किसी वीर योध्दा की तरह कालोनी परिसर में स्वागत किया गया.

इस समय अपना यह स्वागत देखकर यह नर्स भावविभोर हो गयी थी. वहीं एक माह बाद अपनी मां को देखकर उसकी पांच वर्षीय बेटी गायत्री तथा बेटा आर्य भी भावविभोर हो गये और दोनों बच्चे दौडते हुए अपनी मां से जाकर लिपट गये. यह दृश्य देखकर परिसरवासियों की आंखे नम हो गयी थी.

इस समय नर्स सुनिती हरणे ने अपने स्वागत के लिए सभी परिसरवासियों के प्रति आभार प्रकट करते हुए उनसे लॉकडाउन एवं सोशल डिस्टंqसग के नियमों का पालन करने के संदर्भ में आवाहन किया. साथ ही इस समय परिसरवासियों ने पुष्पवृष्टि करते हुए व तालिया बजाकर नर्स सुनिती हरणे का भावपूर्ण स्वागत किया.

  • चार दिनों में ६२ दुकानदारों से ८७ हजार रुपए जुर्माना वसूला

अमरावती- कोरोना वायरसके प्रादुर्भाव को रोकने के लिए जिला प्रशासन की ओर से संचारबंदी व लॉकडाउन के आदेश जारी किए गए है. ऐसे में कुछ दुकानदारों व्दारा नियमों को खुलेआम उल्लंघन किये जा रहा है.

उसपरजिला प्रशासन की ओर से प्रोवेशनरी आईएएस अधिकारी विकास मीना के नेतृत्व में उडन दस्ते व मनपा के अतिक्रमण विभाग की सहायता से शहर में अभियान छेडा गया. इसके अंतर्गत बीते ४ दिनों में ६२ दुकानदारों से ८७ हजार २०० रुपयों का जुर्माना वसूला गया और ४ दुकानदारों के खिलाफ फौजदारी का अपराध दर्ज किया है. जिला प्रशासन की ओर से २३ मार्च को लॉकडाउन व संचारबंदी के आदेश लागू किए गए. संचारबंदी का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ फौजदारी व जुर्माना ठोकने के आदेश जिला प्रशासन ने १३ अप्रैल को पारित किए.

इसमें सार्वजनिक जगह में थुंकने वालों पर ५०० रुपए जुर्माना, मास्क न लगाने पर २०० रुपए जुर्माना, सोशल डिस्टेंqसग के नियम का पालन न करने पर २००० रुपए, दुकान के सामने वस्तुओं की कीमत की सूची न लगाने पर २ हजार रुपए जुर्माना पहली बार गलती होने पर और दूसरी बार गलती की गई तो फौजदारी की कार्रवाई के आदेश दिए गए है. संचारबंदी के हो रहे उल्लंघन को देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से प्रोवेशनरी आईएएस विकास मीना के नेतृत्व में उडन दस्ता कार्यरत है. पिछले ४ दिनों से इस टीम ने पठानपुरा, लालखडी, रहमत नगर, वलगांव रोड, मशानगंज, फे्रजरपुरा, यशोदा नगर, महादेव खोरी, बडनेरा, क्रांति नगर, शंकर नगर, एकनाथपुरम परिसर में कार्रवाई करते हुए ६२ दुकानों पर कार्रवाई की.

इस दौरान ८७ हजार २०० रुपए का जुर्माना वसूला गया. वहीं ४ दुकानदारों के खिलाफ फौजदारी की कार्रवाई की गई. इस कार्रवाई में मनपा के अतिक्रमण विभाग प्रमुख गणेश कुत्तरमारे के नेतृत्व वाली टीम सहायता कर रहे है. इस टीम में पुलिस कॉस्टेबल घनश्याम बुंदिले, भारत बघेल, हेमंत जयस्वाल, सुनिल यादव ने कार्रवाई में हिस्सा लिया. शहर के दुकानदार, नागरिक संचारबंदी का उल्लंघन करते है तो उनके खिलाफ जुर्माना, फोैजदारी की कार्रवाई की जाएगी. इसे देखते हुए उल्लंघन न करें बहुत जरुरी हो तो ही घर से बाहर निकले ऐसा आह्वान इस समय किया गया.

  • लॉकडाउन की वजह से गैरेज व्यवसाय को ब्रेक

अमरावती- शहर में मोटर साइकिल और कार के स्पेअर पार्ट की दुकाने तथा गैरेज बहुत हैं. जहां सैकडों कारीगर रोजना काम करते है. मगर लॉकडाउन की वजह से स्पेअर पार्टस् व गैरेज बंद होने के कारण आर्थिक चक्र बंद पडा है. जिससे मेकैनिक व कर्मचारियों पर भुखे मरने की नौबत आयी है.

कोरोना वायरस का प्रादुर्भाव रोकने के लिए बीते २२ मार्च से लॉकडाउन शुरु है. खेती से संबंधित काम करने केलिए किसानों को राहत मिली है. इसी तरह अति आवश्यक सेवा की दृष्टि से अनुमति दी गई. परंतु शहर व ग्रामीण क्षेत्र में गैरेज, ऑटो पार्टस् की दुकानें बंद है.

शहर के विभिन्न क्षेत्रों, तहसील व गांव खेडे में बडी संख्या में मोटर साइकिल व कार के गैरेज है. जहां सैकडों कारीगर काम करते है. इसी के भरोसे उनके परिवार का भरनपोषण होता है. परंतु फिलहाल लॉकडाउन की वजह से यह सभी बंद है. जिसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड रहा है.

कारीगरों के परिवारों पर भुखे मरने की नौबत

शहर समेत ग्रामीण क्षेत्र में मोटरसाइकिल, कार व स्पेअर पार्ट की दुकानें व वाहन मरम्मत की गैरेज बडी संख्या में है. वहां काफी लोग मेकैनिकल के रुप में काम करते है. मगर लॉकडाउन की वजह से सभी मेकैनिकल के परिवारों पर भुखे मरने की नौबत आयी है.

– गोपाल भडके, गैरेज व्यवसायी

  • सुबह ५ से ८ बजे तक मॉर्निंग वॉक की अनुमति मिले लोगोें को

अमरावती-एक लंबे समय तक लॉकडाउन के बाद कैन्टोनमेंट झोन एवं शहर के मुख्य व्यापारिक क्षेत्रों को छोडकर रिहायशी क्षेत्रों में पांच एकल दूकानों तथा जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में शराब की दूकानों को खोलने का निर्णय प्रशासन द्वारा घोषित किया गया है.

जिसका सीधा मतलब है कि, अब लोगोें को अपने घरों से बाहर निकलने की छूट दी गई है. ऐसे में सरकार एवं प्रशासन द्वारा लोगों को मॉर्निंग वॉक करने की भी अनुमति दी जानी चाहिये, ताकि लोगबाग प्रात: ५ से ८ बजे तक अपने स्वास्थ के लिहाज से घरों से बाहर निकले.

इस आशय की मांग पूर्व विधायक डॉ. सुनील देशमुख द्वारा की गई है. इस संदर्भ में प्रशासन के नाम जारी पत्र में पूर्व विधायक डॉ. देशमुख ने कहा कि विगत डेढ माह के दौरान ८५ प्रतिशत लोगोें ने बडी जिम्मेदारी के साथ लॉकडाउन का पालन किया, लेकिन लंबे समय तक घरों में रहने की वजह से लोगों को स्वास्थ संबंधी समस्याओं से जूझना पड रहा है.

ऐसे में अब चूंकि प्रशासन द्वारा लॉकडाउन में कई तरह की छूट दी जा रहीं है, तो मॉर्निंग वॉक को लेकर भी छूट दी जानी चाहिये. साथ ही उन्होंने नागरिकों से आवाहन किया कि, यदि प्रशासन द्वारा मॉर्निंग वॉक की छूट मिलती है तो वे सोशल डिस्टंqसग के नियमों का पालन करते हुए ही मॉर्निंग वॉक पर निकले.

  • छूट के बावजूद सोशल डिस्टंqसग के नियमों का पालन करना अनिवार्य रहेगा

अमरावती-सरकार द्वारा जारी दिशानिर्देशों के तहत जिला प्रशासन द्वारा अमरावती शहर सहित जिले में लॉकडाउन की शर्तों को काफी हद तक शिथिल किया गया है और लोगोें को काफी छूट दी जा रहीं है.
कतु बावजूद इसके सभी लोगोें को सोशल डिस्टंqसग के नियमों का पालन करना होगा और घर से बाहर निकलते समय मास्क एवं सैनिटाईजर का प्रयोग करना होगा.

इस आशय का प्रतिपादन जिलाधीश शैलेश नवाल ने गुरूवार ७ मई को प्रेस ब्रीqफग में दी. इस समय उन्होेंने कहा कि लॉकडाउन में ढील और छूट को लेकर जिला प्रशासन द्वारा जारी आदेश के संदर्भ में व्यापारियों में दूकान खोलने को लेकर काफी हद तक संभ्रम देखा जा रहा है, qकतु ऐसे किसी संभ्रम की कोई जरूरत नहीं है, ्नयोेंकि आदेश अपने आप में बेहद स्पष्ट है. जिसमें साफ किया गया है कि, किन व्यापारिक प्रतिष्ठानों व आस्थापनाओं को खोलने कीअनुमति रहेगी और किन्हें नहीं, अत: उस हिसाब से दूकाने खोली जा सकती है.

  • आज मिली ३८ सैम्पलों की रिपोर्ट, सभी निगेटीव

अमरावती-विगत कुछ दिनों से अमरावती शहर में कोरोना पॉजीटीव मरीजोें की संख्या लगातार बढती जा रहीं है. qकतु अब पिछले एक-दो दिन से इस सिलसिले पर थोडा ब्रेक लगा है तथा मंगलवार के बाद से अब तक शहर सहित जिले में किसी भी कोरोना संदेहित मरीज की रिपोर्ट पॉजीटीव नहीं आयी.

बता दें कि, बुधवार की देर शाम प्रशासन को कुल ९ मरीजों के सैम्पलों की रिपोर्ट मिली थी और सभी ९ सैम्पलों की रिपोर्ट निगेटीव आयी थी. वहीं गुरूवार को सुबह जिला प्रशासन को ३८ मरीजों की रिपोर्ट मिली औरसभी की रिपोर्ट निगेटीव आयी है. जिसे अमरावती जिले के लिहाज से बेहद राहतवाली बात माना जा रहा है. वहीं दूसरी ओर अमरावती की कोरोना टेस्ट लैब में सुचारू ढंग से सैम्पलों की जांच का काम चल रहा है. जहां पर इर्विन से गत रोज २५ सैम्पल भेजे गये थे.

जिनकी रिपोर्ट बुधवार व गुरूवार को जिला प्रशासन व इर्विन अस्पताल को भेज दी गई. वहीं बुधवार की रात से गुरूवार तक इर्विन अस्पताल से कोविड लैब में ४५ सैम्पल भेजे गये है. जिनकी रिपोर्ट गुरूवार की शाम तक मिलना अपेक्षित है. वहीं नागपुर व अकोला सहित वर्धा लैब को इसके पहले भेजे गये सैम्पलों की जो रिपोर्ट मिलना प्रलंबित है, उनके भी मिलने का बडी बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है.

रिहायशी क्षेत्रों में दूकाने खोलने हेतु जरूरी नहीं मनपा की अनुमति

प्रतिनिधि/दि.७ अमरावती-विगत २३ मार्च से लगातार चले आ रहे लॉकडाउन के बाद अमरावती शहर सहित जिले में प्रशासन द्वारा रिहायशी क्षेत्रों में रहनेवाली सभी तरह की दूकानों को खोलने हेतु नियमों में शिथिलता दी गई है. qकतु इस संदर्भ में जिला एवं मनपा प्रशासन द्वारा जारी आदेशोें की वजह से स्थानीय व्यापारियों में काफी हद तक संभ्रम देखा जा रहा है. जिसके चलते मनपा आयुक्त प्रशांतरोडे ने संभ्रम को दूर करने हेतु स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा है कि, जिन क्षेत्रों में रोजाना सुबह ७ से अपरान्ह ३ बजे तक लॉकडाउन में छूट देने की घोषणा की गई है, उन क्षेत्रों के दूकानदारों को अपनी दूकाने खोलने हेतु मनपा प्रशासन से अनुमति लेने की जरूरत नहीं है और वे प्रशासन द्वारा जारी दिशानिर्देशानुसार अपनी दुकाने खोल सकते है.

बता दें कि, प्रशासन द्वारा मुख्य व्यापारिक क्षेत्रों को छोडकर रिहायशी इलाकों में रहनेवाली जीवनावश्यक वस्तुओं के साथ-साथ अन्य कुछ दुकानों काभी खोलने की अनुमति दी गई है. हालांकि इसमें कुछ व्यापारिक प्रतिष्ठानों के खुलने पर प्रतिबंध भी लगाया गया है. साथ ही सभी से प्रशासनिक दिशानिर्देशों के पालन का आवाहन भी किया गया है.

  • बेकरी में ब्रेड पर थूक लगाकर टिकटॉक वीडिओ वायरल किया

परतवाडा- बेकरी में काम करने वाले कर्मचारी ने बे्रड काटते वक्त ब्रेड में थुंक लगाते हुए टीकटॉक वीडिओ बनाकर वायरल किया. यह सनसनीखेज घटना अचलपुर की एक बेकरी में उजागर हुई. लोगों की जान के लिए खतरा निर्माण करने के प्रयास के मामले में अचलपुर पुलिस ने एक नाबालिग समेत आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. अ.नाजीम शेख मेहमुद (२९) व एक नाबालिग यह गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम है.

मिली जानकारी के अनुसार कल शाम के समय एक बेकरी में ब्रेड तैयार करते वक्त हंसते हुए ब्रेड कांटकर उसे जीब स चाटकर थुंक लगाने के बाद पैqकग करते हुए वीडिओ टीकटॉकपर अपलोड कर वीडिओ वायरल किया. सोशल मीडिया पर वह वीडिओ वायरल हो गया. उसके खिलाफ सभी ओर आलोचना करना शुरु हो गया.

वह वीडिओ अपनी बेकरी में बना है, ऐसा समझ में आते ही बेकरी मालिक महम्मद नासीर अब्दुल सलाम (२७) की शिकायत पर थानेदार वानखडे के मार्गदर्शन मेंआरोपी अ.नाजीम शेख मेहमुद व एक नाबालिग आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. कोरोना वायरस के बढते प्रादुर्भाव की वजह से सभी ओर हाहाकार मचा है.

ऐसे में दुष्ट बुध्दिवाले कर्मचारी ने बे्रड को थुंक लगाकर लोगों की जान के लिए खतरा निर्माण किया है. ऐसे कई वीडिओ सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे. जिनकी वजह से समाज में तेढ निर्माण होकर कई जगह पर उन लोगों से सामग्री न ले, ऐसी समाज घातक पोस्ट वायरल हो रही थी. अब अचलपुर पुलिस ने ही इस तरह के व्देष युक्त वीडिओ के मामले में दफा २६९, २७०, २७१,२७२, सहधारा ६६ (अ), सूचना तकनीकी ज्ञान कानून २००० के अनुसार अपराध दर्ज किया है. आगे की तहकीकात थानेदार सेवानंद वानखडे कर रहे है.

  • मांगीलाल प्लॉट में कोई अज्ञात व्यक्ति फेंक रहा सिक्के

स्थानीय कैम्प परिसर स्थित मांगीलाल प्लॉट को शहर का सबसे शांत एवं संभ्रांत इलाका माना जाता है. qकतु विगत दो-तीन दिनों से इस परिसर में कुछ बेहद अजीबोगरीब घटनाएं घटित हो रहीं है. जिसके चलते इस परिसर में रहनेवाले लोगबाग बेहद डरे हुए है. जानकारी के मुताबिक विगत कुछ चार-पांच दिनों से कोई अज्ञात व्यक्ति यहां पर रहनेवाले लोगों के घरों के आंगन सहित परिसर की सडकों पर सिक्के फेंक कर जा रहा है.

साथ ही इस परिसर में विगत कुछ दिनों से रोजाना १०-१२ कटी हुई पतंगे आकर गिर रही है. इस परिसर में चूंकि इससे पहले ऐसा कभी नहीं हुआ था. अत: जारी घटनाक्रमों को देखते हुए परिसरवासियों में इसे लेकर जबर्दस्त डर देखा जा रहा है.बता दें कि, विगत कुछ दिनों से कोरोना को लेकर कई तरह की बाते कही जा रही है. जिसमें सोशल मीडिया पर कुछ इस तरह के वीडियो भी वायरल हुए.

जिसमें अलगअलग इलाकों में सडकों पर करन्सी नोट पाये जाने के मामले उजागर हुए. ऐसे वीडियोज को लेकर कहा जा रहा था कि, संभवत: किसी ने जानबूझकर कोरोना का संक्रमण फैलाने ऐसी हरकत की होगी. कुछ ऐसा ही मामला मांगीलाल प्लॉट में उजागर होने से यहां के निवासियों में डर फैल गया, ्नयोंकि घर के आंगन सहित सडकों पर पडे सिक्कोें को छोटे बच्चों द्वारा उठालिये जाने तथा कटी पतंगों को छू लेने का खतरा बना हुआ है. ऐसे में मांगीलालप्लॉटवासियों द्वारा अपने स्तर पर इस मामले की पडताल करने के साथ ही प्रशासन से भी इस ओर ध्यान दिये जाने की मांग की गई है.

  • ट्रक की टक्कर से वेकोली कर्मचारी की मृत्यु

यवतमाल – वणी मार्ग िस् थ ित पलसोनी फाटे के पास ट्रक की टक्कर से वेकोली कर्मचारी की घटनास्थल पर ही मौत हो गई. यह हादसा गुरुवार की सुबह ८ बजे करीब घटीत हुआ. मिली जानकारी के अनुसार चंद्रपुर जिले के माजरी गांव में रहने वाले संतोष कुमार गरीबदास (४०) यह भादेवाडा कोयला खदान में काम करता था. आज सुबह के समय वह अपने काम पर जा रहा था. इस समय उसका बेटा प्रमोद कुमार मोटर साइकिल चला रहा था.

तभी ट्रक ने मोटर साइकिल को टक्कर मार दी. इस हादसे में मोटर साइकिल पर पीछे बैठे संतोष कुमार ट्रक की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौत हो गई. पुलिस ने फिलहाल मामला दर्ज किया है.

  • शराब बिक्री खोलने को लेकर प्रशासन की दो घंटे बैठक

अमरावती-डेढ माह तक बंद रहने के बाद शुक्रवार ८ मई को पहली बार जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में देशी व विदेशी शराब की होलसेल व चिल्लर बिक्री की दूकाने खुलनेजा रही है. ऐसे में इस मामले को लेकर गुरूवार ७ मई की दोपहर लगातार दो घंटे तक जिलाधीश शैलेश नवाल, ग्रामीण पुलिस अधीक्षक डॉ. हरि बालाजी एन व आबकारी अधीक्षकराजेश कावले के बीच बैठक चली.

जिसमें शुक्रवार से अमरावती जिले के ग्रामीण इलाकों में शुरू होने जा रहीं शराब बिक्री को लेकर की जानेवाली तैयारियों पर विचारविमर्श किया गया. बता दें कि, गत रोज ही जिला प्रशासन द्वारा अमरावती मनपा सहित जिले के वरूड व शिराला परिसर को छोडकर जिले के अन्य ग्रामीण इलाकों में शुक्रवार से शराब बिक्री शुरू करने के संदर्भ में आदेश जारी किया गया था. जिस पर अमल करने एवं जारी दिशानिर्देशों के हिसाब से पूर्व तैयारी करवाने को लेकर जिलाधीश सहित ग्रामीण पुलिस अधीक्षक व आबकारी अधीक्षक की गुरूवार की दोपहर बैठक हुई.

बता दें कि, वरूड व शिराला को छोडकर जिले के ग्रामीण इलाकों में १२ वाईन शॉप, ९ बीयर शॉपी तथा ९५ देशी शराब बिक्री की दूकाने है. इसके अलावा अमरावती के रेवसा में देशी शराब के ६ गोदाम है, वहीं अचलपुर में देशी शराब के दो गोदाम है. जहां से देशी शराब की होलसेल बिक्री होती है. इसके तहत रेवसा में अडवानी वाईन्स्, नवजीवन वाईन्स्, अग्रवाल एसोसिएटस्, प्रवीण एजेंसी, विजय एजेंसी व आनंद लिकर एजेंसी तथा अचलपुर में प्रकाश एजेंसी एवं बालाजी एजेंसी का समावेश है.

वहीं अंग्रेजी शराब व बीयर की अमरावती में ओम ट्रेडर्स, ओम सेल्स व वाईन qकग नामक तीन होलसेल एजेंसियां है, तथा अन्य माल अकोला व यवतमाल के होलसेल बिक्रेताओं द्वारा भेजा जाता है. जहां एक ओर देशी व विदेशी शराब की चिल्लर बिक्री दूकानोें को रोजाना सुबह ६ से अपरान्ह ३ बजे तक खुले रहनेकी अनुमति रहेगी. वहीं होलसेल शराब विक्रेताआें को प्रात: १० से अपरान्ह ३ बजे तक कामकाज करने तथा रिटेल दुकानों तक माल सप्लाय करने की अनुमति दी जायेगी.

सोशल डिस्टंqसग के नियमों का पालन करना जरूरी

इस संदर्भ में जानकारी देते हुए आबकारी विभाग अधीक्षक राजेश कावले ने कहा कि, प्रशासन द्वारा सरकारी दिशानिर्देशानुसार अमरावती जिले के ग्रामीण क्षेत्रोें में शराब बिक्री शुरू करने की अनुमति दी जा रही है. जिसमें शराब खरीदनेवाले ग्राहकों को सोशल डिस्टंqसग के नियमोें का पालन करना जरूरी रहेगा. साथ ही इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित दूकानदारों पर रहेगी. इसके अलावा यदि कही पर भी नियमों व निर्देशोें का उल्लंघन होता पाया गया, तो संबंधितों के खिलाफ कडी कार्रवाई की जायेगी.

Amravati News 06/05/2020
  • जिले में गली मोहल्लों की सभी दूकाने खुलेंगी

अमरावती शहर सहित जिले में गुरूवार ७ मई से लॉकडाउन में और अधिक छूट वढील मिलन े जा रही ह.ै जिसके तहत मॉल्स् व बडे मार्केट सहित मुख्य बाजारपठे ा ें का े छाडे कर शहर सहित जिले के अलग-अलग प्रभागों में रहनेवाली दूकानों को प्रात: ७ से अपरान्ह ३ बजे तक खुली रहने की अनुमति दी जायेगी. साथ ही यह छूट देते समय जहां एक ओर सोशल डिस्टंqसग व साफसफाई के नियमों का पूरी तरह से पालन करवाया जायेगा, वहीं आगामी कुछ समय तक प्रति सप्ताह शनिवार को अपरान्ह ३ बजे से सोमवार की सुबह ७ बजे तक सभी दुकानों को बंद रखा जायेगा. इस आशय की जानकारी जिलाधीश शैलेश नवाल द्वारा बुधवार ६ मई को बुलायी गयी प्रेस ब्रीqफग में दी गई.

इस समय गुरूवार ७ मई से लॉकडाउन में दी जानेवाली छूट के संदर्भ में जानकारी देते हुए जिलाधीश नवाल ने कहा कि, यद्यपी अमरावती जिले में आगामी १७ मई तक लॉकडाउन व कफ्र्यू लागू है. qकतु नागरिकोें की सुविधा को देखते हुए राज्य सरकार के आदेशानुसार कुछ अत्यावश्यक सेवाओं तथा मुलभुत सुविधाओं के लिए ७ मई से छूट दी जा रही है. जिसके तहत कालोनी, गृह संकूल व रिहायशी गली-मोहल्लों में रहनेवाली एकल दुकानों को खुली रहने की छूट दी जा रही है. वहीं अगले आदेशतक मुख्य बाजारपेठ, मॉल्स् व बडे मार्केटों में स्थित दुकानों को बंद रखा जायेगा. इसके साथ ही किसी दूकान को शुरू अथवा बंद रखने के संदर्भ में मनपा आयुक्त व पालिका मुख्याधिकारी को अधिकार दिये गये है.

  • निमार्ण कार्य शुरूुरू करने को भी अनुमुमति

इस समय जिलाधीश शैलेश नवाल ने यह भी कहा कि, इस नये आदेश के चलते शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सभी तरह के निर्माण कार्य शुरू करने की अनुमति दी जायेगी. हालांकि जिन स्थानों पर काम शुरू है, मजदूरों को काम के बाद भी वहीं रहना होगा तथा मजदूरों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक लाया, ले जाया नहीं जा सकेगा. इसके साथ ही नविनीकरण, उर्जा प्रकल्प का भी काम किया जा सकेगा. qकतु इसके लिए संबंधित स्थानों के स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं की अनुमति प्राप्त करना जरूरी रहेगा.

  • औद्योगिक उपक्रमों को भी अनुमती

गुरूवार ७ मई से ग्रामीण क्षेत्रों में सभी प्रकार के औद्योगिक उपक्रमों में काम शुरू करने की अनुमति दी जायेगी. वहीं शहरी क्षेत्र में स्थित औद्योगिक वसाहत व टाउनशिप में नियंत्रित प्रवेश की शर्त के साथ उद्योग शुरू किये जा सकेंगे. इसके तहत विशेष आर्थिक क्षेत्र, जीवनावश्यक वस्तु व आपूर्ति करनेवाले उद्योग, सूचना तकनीक से संबंधित उपकरण बनानेवाले उद्योग एवं पैकिंग मटेरियल उद्योग जैसे उद्योगों को काम शुरू करने की अनुमति दी जायेगी. साथ ही इन उद्योगोें को कच्चा माल लाने एवं पक्के माल को बाहर भेजने के लिए एमआयडीसी के प्रादेशिक अधिकारियों द्वारा पास दी जायेगी.

  • कृषि सेवा केंद्र भी खुले रहेंगे

जिला प्रशासन द्वारा लॉकडाउन में दी गई छूट के चलते अब कृषि सेवा केंद्रों सहित कृषि साहित्य सामग्री की दूकाने भी खुली रहेगी. इसके अलावा दूध संकलन, प्रक्रिया, वितरण एवं बिक्री हेतु प्रात: ७ से अपरान्ह ३ बजे तक अनुमति दी जायेगी. वहीं बैंकोें के काम करने का समय भी अब प्रात: ९ से अपरान्ह ३ बजे तक किया गया है. वहीं पेट्रोल पंप व डीजल पंप प्रात: ७ से अपरान्ह ३ बजे तक खुले रहेंगे.

  • नियमों का करना होगा कडाई से पालन

उपरोक्त जानकारी के साथ ही जिलाधीश द्वारा बताया गया कि, कैन्टोनमेंट झोन को छोडकर शहर के अन्य क्षेत्रों में जिन जीवनावश्यक व बिना जीवनावश्यक वस्तुओं की दूकानोें को खुलने की अनुमति दी जा रही है, उन्हें नियमों व शर्तों का कडाई के साथ पालन करना होगा. जिसके तहत सभी दूकानदारों को अपनी दूकानों में सोशल डिस्टंqसग के पालन की ओर पूरा ध्यान देना होगा और मास्क, हैन्डवॉश व सैनीटाईजर का प्रयोग करते हुए प्रत्येक दो घंटे में दूकान परिसर का निर्जंतुकीकरण करना होगा. इसी तरह मिठाई व खाद्यपदार्थों की दूकानों में केवल पैqकग वस्तुओं की ही बिक्री की अनुमति रहेगी और ग्राहकों को ऐसी दूकानों में बैठकर खाने-पीने की अनुमति नहीं रहेगी.

  • होम डिलीवरी व्यवस्था पर ध्यान दे सभी व्यवसायी

लॉकडाउन में ढील देने के साथ ही जिला प्रशासन द्वारा छूट की सुविधा प्राप्त करनेवाले सभी दूकानदारों से आवाहन किया गया है कि, वे आगामी कुछ समय तक अपने-अपने क्षेत्रों में ग्राहकोें को घर पहुंच सेवा देने पर को पहली प्राथमिकता दे, ताकि उनकी दूकानों पर ग्राहकों की अनावश्यक भीडभाड न हो. इस हेतु मनपा व पालिका प्रशासन द्वारा ग्राहकोें को घरपहुंच सेवा देने हेतु संबंधितों को आवश्यकता के अनुरूप पासेस जारी किये जा सकते है.

  • ७१ वर्षीय कोरोना पॉजीटीव महिला की मृत्युः कुल ११ डेथ

स्थानीय आजाद नगर परिसर निवासी ७१ वर्षीय कोरोना संक्रमित महिला की मंगलवार ५ मई को तडके ४ बजे मौत हो गयी. इसके साथ ही अमरावती में कोरोना से होनेवाली मौतों का आंकडा अब ११ पर जा पहुंचा है. वहीं दूसरी ओर गत रोज कोविड वॉर्ड में भरती करायी गयी गुलिस्ता नगर निवासी ७० वर्षीय महिला की भी बुधवार की सुबह अस्पताल में मौत हो गयी है.

इस महिला का थ्रोट स्वैब सैम्पल उसके जीवित रहते ले लिया गया था. जिसकी अभी रिपोर्ट आना बाकी है. बता दें कि, आजाद कालोनी निवासी ७१ वर्षीय महिला विगत २ मई को इलाज कराने हेतु डॉ. सोहेल बारी के अस्पताल में पहुंची थी. जहां पर उसके स्वास्थ संबंधी लक्षणों को देखते हुए उसे तुरंत सरकारी अस्पताल में जाकर इलाज कराने की सलाह दी गई. पश्चात इस महिला ने नागपुरी गेट पुलिस थाने के पास ही स्थित स्वास्थ केंद्र में जाकर अपना थ्रोट स्वैब सैम्पल दिया था और वह होम कोरोंटाईन के तहत अपने घर में रह रहीं थी.

इसके बाद सोमवार की रात इस महिला के थ्रोट स्वैब सैम्पल की रिपोर्ट पॉजीटीव आयी. जिसकी सूचना रात १२ बजे के आसपास नागपुरी गेट पुलिस थाने में संबंधित परिवार को दी और इस महिला को इलाज हेतु कोविड अस्पताल मेें भरती कराये जाने की तैयारी शुरू की गई. qकतु महज तीन-चार घंटे के भीतर इस महिला की मंगलवार तडके ४ बजे अपने निवासस्थान पर ही मौत हो गयी. जिसके बाद स्वास्थ विभाग की देखरेख में तमाम ऐहतियात के बीच इस महिला के पार्थिव शरीर की दफनविधी की गई.

साथ ही इस महिला की ४७ वर्षीय बेटी सहित ३० व २३ साल के दो नातियों को कोरोंटाईन करते हुए उनके थ्रोट स्वैब सैम्पल लिये गये. उधर दूसरी ओर बीती रात गुलिस्ता नगर निवासी एक ७० वर्षीय महिला को सुपर स्पेशालीटी अस्पताल के कोविड वॉर्ड में भरती कराया गया था.

  • अमरावती जिले में ८ मई से शराब बिक्री का आदेश जारी

विगत दो-तीन दिनों से अमरावती शहर सहित जिले में शराब बिक्री कब से शुरू होने जा रहीं है, इसे लेकर जबर्दस्त उत्कंठा देखी जा रहीं है, ्नयोंकि अब देश के सैंकडों जिलों में शराब बिक्री शुरू हो चुकी है. जिसके चलते अमरावती शहर में भी कई शराब बिक्रेताओं ने अपनी- अपनी दुकानों के सामने सोशल डिस्टंqसग के लिए सफेद गोलों की मार्किंग करने के साथ ग्राहकों की भीड को नियंत्रित व कतारबध्द करने हेतु बासे-बल्लियों की सहायता से बैरिकेqटग तैयार करवायी है. qकतुअब पता चला है कि, फिलहाल अमरावती शहर में प्रशासन द्वारा शराब बिक्री की अनुमति नहीं दी गई है.

वहीं लॉकडाउन के दौरान ढील देते हुए शुक्रवार ८ मई से जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में शराब बिक्री शुरू होने जा रही है. बता दें कि, बुधवार ६ मई को लॉकडाउन में छूट देने की घोषणा करते समय जिलाधीश शैलेश नवाल ने स्पष्ट किया कि, फिलहाल अमरावती शहर में शराब बिक्री को अनुमति नहीं दी जा रही, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में शुक्रवार ८ मई से शराब बिक्री शुरू होगी.

इसमें भी यह विशेष उल्लेखनीय है कि, ग्रामीण क्षेत्रोें में शुक्रवार को शराब की दूकाने खुलने के बाद शनिवार व रविवार को जनता कफ्र्यू के तहत शराब बिक्री बंद रहेगी और इसके बाद सोमवार ११ मई से रोजाना सुबह ७ से अपरान्ह ३ बजे तक जिले के ग्रामीण इलाकों में वाईन शॉप्स् के जरिये देशी-विदेशी शराब एवं बीयर की बिक्री की जायेगी.

इसके तहत सभी शराब बिक्रेताओं को अपनी दूकानोें के सामने सोशल डिस्टंqसग के नियमों का पालन करने हेतु तमाम इंतजाम करने होंगे. साथ ही दूकानों पर शराब खरीदने हेतु उमडनेवाली ग्राहकोें की भीड को ध्यान में रखते हुए टोकन सिस्टीम की व्यवस्था करनी होगी. इसके तहत वाईन शॉप पर शराब खरीदने हेतु पहुंचनेवाले ग्राहकोें से एक फॉर्म भरवाते हुए उन्हेें टोकन दिया जायेगा और इसी टोकन के आधार पर ग्राहकों को शराब बेची जायेगी. इसमें भी हर एक शराब की दूकान में एक घंटे के दौरान अधिकतम ५० लोगों तथा एक दिन के दौरान अधिकतम ३५० लोगों को ही शराब बेची जा सकेगी.

इसमें भी जिलाधीश कार्यालय द्वारा यह स्पष्ट किया गया है कि, फिलहाल अमरावती मनपा क्षेत्र सहित ग्रामीण इलाकों के वरूड नगर परिषद एवं शिराला ग्राम पंचायत में शामिल क्षेत्रों में शराब बिक्री की अनुमति नहीं दी गई है. बता देें कि, अमरावती शहर के कुछ रिहायशी इलाकों सहित वरूड नगर पालिका व शिराला ग्रापं परिसरों को कोरोना संक्रमण के लिहाज से कैन्टोनमेंट झोन घोषित किया गया है.

  • जहां पर लॉकडाउन को बेहद कडाई के साथ लागू किया जा रहा है. ऐसे में इन इलाकों को लॉकडाउन में दी जा रही छूट से अलग रखा गया है और यहां पर शराब बिक्री की दूकानों को भी खोलने की अनुमति नहीं दी गई है. कहां कितनी दूकाने खुलेंगी

बता दें कि, अमरावती जिले में शराब बिक्री के कुल ५५० लाईसेन्स है. जिसमें परमीट रूम व बीयरबार को छोडकर देशी शराब के १३०, बीयर शॉप के २८ व वाईन शॉप के ३१ लाईसेन्स है. इसके अलावा ९ होलसेल शराब बिक्री के लाईसेन्स है. जिनमें से अमरावती मनपा सहित कैन्टोनमेंट क्षेत्र में शामिल रहनेवाली शराब की दूकानों को छोडकर अन्य सभी लाईसेन्सधारकों को शुक्रवार ८ मई से सुबह ७ से अपरान्ह ३ बजे के दौरान शराब बिक्री करने की अनुमति दी जा रही है.

इसके तहत जहां जिले के ग्रामीण इलाकों में कुल ९५ देशी दारू की चिल्लर बिक्री दूकानों को खुलने की अनुमति दी जा रही है, वहीं कुल १२ वाईनशॉप व ९ बीयरशॉपी को खुलने की भी अनुमति दी जा रही है.

जिसकेतहत मोर्शी में २, चांदूर बाजार में १, परतवाडा में ४, अंजनगांव में १, दर्यापुर में २, चांदूर रेल्वे में १ तथा धामणगांव रेलवे में १ वाईन शॉप के जरिये देशी-विदेशी शराब की बिक्री होगी, वहीं भातकुली की १, अंजनगांव सुर्जी की १, परतवाडा की २, चांदूर बाजार की १, मोर्शी की १, तिवसा की १ एवं लोणी की २ बीयरशॉपी के जरिये बीयर की बिक्री को अनुमति दी जा रहीं है.

  • लॉकडाउन से तापमान २ डिग्री कम हुआ

लॉकडाउन के ४० से अधिक दिन बीत गए है. रास्ते पर पहले जैसे वाहन नहीं दौड रहे, कारखाने भी बंद है, इसके कारण वातावरण में कार्बनडाय ऑ्नसाईड की मात्रा कम हो गई है.इसके कारण फिलहाल तापमान में वाहन और कारखाने की उष्णता का समावेश नहीं है.

अगर यह सबकुछ शुरु रहता तो फिलहाल तापमान में कम से कम २ डिग्री सेल्सियस वृध्दि होती थी मगर फिलहाल २ डिग्री तापमान में कमी आयी है, ऐसा जानकारों काकहना है. पर्यावरण से संबंधित अभ्यासकों ने दी जानकारी के अनुसार फिलहाल शुरु उष्ण तापमान में किसी भी तर मिलावट नहीं है.

स्वच्छ प्राकृतिक वातावरण के सही तापमान का अनुभव लेने के दिन है. प्रकृति को कुछ आराम करने का अवसर मिला है, इसके कारण प्रकृति की क्षमता में विकास हो रहा है. इस बारे में राष्ट्रीय पर्यावरण अभियांत्रिक अनुसंधान संस्था (निरी) के मुख्य वैज्ञानिक डॉ. जयशंकर पांड्ये ने कहा कि व्यक्ति को अपनी बीमारी के खिलाफ लडने के लिए और प्रतिकारक शक्ति बढाने के लिए जितने पोषक आहार की जरुरत होती है, उतनी ही आराम की आवश्यकता होतीहै. विकेड की संकल्पना भी इससे उदय हुई है.

औद्योगिकी करण में भी ऐसा पॉज निश्चित करना चाहिए. जनसंख्या वृध्दि पर नियंत्रण रखने के लिए सरकार ने परिवार कल्याण योजना अस्तित्व में लायी. इसी तरह औद्योगिक नियोजन का भी आकलन होना चाहिए. प्रकृति ने कुछ जगह हरी-भरी और कुछ जगह बंजर जमीन दी है, ऐसा ्नयों? इसकी मनुष्य को कल्पना नहीं. परिणाम स्वरुप पृथ्वी और प्रकृति की स्थिति न समझते मनुष्य के मन में जहां आएगा वहां शहरीकरण और जहां लगे वहां कारखाने निर्माण किए गए.

इसके कारण तापमान में भी गडबडी आ गई है.हर मजदूर, कर्मचारी कमाई के लिए दिल्ली, मुंबई जैसे शहर में जाते है. इसीलिए पलायन की समस्या निर्माण होती है. महात्मा गांधी ने ग्राम व्यवस्थापन और स्थानीय स्वयं सरकार की संकल्पना प्रस्तूत की थी. हर जिले दिल्ली, मुंबई नहीं बन सकते मगर सक्षम निश्चित ही बन सकते. इस सोशियो इकॉनॉमिक मॉडल का पर्यावरण संतुलन से सीधा संपर्क है. देश के औद्योगिकीकरण बढाने के लिए कृषि व उससे संबंधित उत्पादन वृध्दि पर जोर होना चाहिए, ऐसी जानकारी निरी के मुख्य वैज्ञानिक डॉ.जयशंकर पांड्ये ने दी.

  • १० दिन कोविड अस्पताल के आयसीयू में बिताना रहा चुनौती भरा-डॉ. संदिप मलिए

कोविड-१९ ने पूरे विेश में अपना कहर मचाना शुरु किया और धीरे-धीरे देश,राज्य और अमरावती शहर में भी कोरोना पांव पसाने लगा है. कोरोना से निपटने के लिए अमरावती के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में बनाए गए कोविड अस्पताल में काम करना काफी चुनौती भरा साबित होता है. कोविड अस्पताल के आयसीयू में १० दिन की सेवा देने के बाद डॉ. संदीप मलिए ने अपने अनुभवों को साझा किया.

डॉ. संदीप मलिए ने अपने अनुभवों को बतलाते हुए कहा कि कोरोना जैसे महामारी से निपटने के लिए उन्हें अपनी सेवाएं देनी पडी यह मेरे लिए चिकित्सकीय सेवा क्षेत्र का एक ऐसा मोड था जो काफी चुनौती भरा रहा. सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के सीविल सर्जन डॉ.श्यामसुंदर निकम के मार्गदर्शन में काम मैं और मेरी टीम ने चार शिफ्ट में कोविड अस्पताल में सेवाएं दी.

कोरोना बाधित मरीज होने पर उसका थ्रोट स्वैब सैम्पल लेना महत्वपूर्ण होता है. वह नमूना पॉजिटीव पाए जाने पर वह मरीज संक्रमित पाया जाता है. लेकिन वह नमूने की रिपोर्ट आने तक तीन दिनों तक संदिग्ध मरीज के लिए जिला समान्य अस्पताल के पहले मंजिल, पॉजिटीव मरीज के लिए दूसरी मंजिल, कोरोना के गंभीर मरीज के लिए चौथे मंजिल पर प्रबंध किया गया है. आयसीयू १ और २ में भी प्रबंध किया गया है. (तीसरी मंजील आरक्षित है जिसमें गर्भवती महिला के लिए बनाया गया है. लेकिन अब तक कोई भी महिला मरीज पॉजिटीव नहीं है) हाल की घडी में आयसीयू १ में कोरोना बाधित मरीजों को रखा जा रहा है.

कोरोना का मरीज जब वार्ड में आता है तब बुखार, खांसी, सांस लेने में तकलीफ बढने, सीने में दर्द के लक्षण पाए जाते है. पेंशट के थ्रोट स्वैब की रिपोर्ट पॉजिटीव आने पर आयसीयू के बेड पर उसे रखने पर उसके संपर्क में अन्य मरीज भी आते है. हम उसकी बीपी प्रोब, बुखार, शुगर, मॉनिटर, ऑक्सीजन, आयवी से मेडिसीन, ब्लड टेस्ट सैम्पल, एक्सरे, कैथेटर, ऑक्सीजन और लास्ट स्टेज में वेंटिलेटर लगाया जाता है. इसी दौरान वार्ड में पेशंट के खाने पीने का भी ख्याल रखना पडता है.

मरीज के साथ आने वाले रिश्तेदारों का भी ढाढस बंधाना पडता है. कभी कबार तो रिश्तेदारों में भी लक्षण नहीं पाए जाते लेकिन जांच करने के बाद वे भी कोरोना पॉजिटीव पाए जाते है. बच्चों और घर के सदस्योंं की भी qचता रहती है. आयसीयू में काम करते समय हिम्मत और संवेदनशीलता का परिचय हमने दिया.

चार मरीज हुए डिस्चार्ज

कोविड अस्पताल में १० दिन तक कोरोना संक्रमित व संदग्धिों की जांच पडताल करने के बाद मेरे कार्यकाल में चार मरीज रिकवर हुए है और वही डिस्चार्ज होकर अपने घरों में क्वारंटाइन हो चुके है. उन्होनें बताया कि कोरोना आगे भी बढ सकता है.

संभवत: सितबंर तक कोरोना संक्रमण जारी रह सकता है. यह महामारीस्पेनिश फ्लू से भी भयावह है. इस कोरोना महामारी से संपर्क में आने से बचने के लिए सोशल डिस्टेंqसग का पालन करने के अलावा मास्क बांधने पर विशेष ध्यान नागरिकों ने देना चाहिए. वहीं सर्दी, खांसी, बुखार के लक्षण होने पर तुरंत जिला सामान्य अस्पताल जाकर स्वयं की जांच करवा लेनी चाहिए.

पीपीई कीट पहनकर काम करना आसान नहीं

डॉ. संदीप मलिए ने बताया कि काम करते समय सबसे बडी परीक्षा पीपीइ कीट घंटो तक पहने रखना भी काफी चुनौती भरा रहा. पीपीई कीट पहनकर १० दिनों तक लगातार सेवा देना कठिन है. लेकिन संपूर्ण शरीर को ढकने वाले डिस्पोजेबल पीपीई कीट पहनकर काम करना पडा.

जितना पसीना काम करते समय कभी आया नहीं वह केवल ८ घंटे कीट पहनकर रोज काम करने पर आने लगा. कीट पहनने के बाद बाहरी तापमान ४० डीग्री होने पर भी एसी नहीं लगाई जा सकती. ऐसे में पसीने की नदियां ही बहने लगती है. सरकार बार-बार कह रही है कि घर में रहे लेकिन लोगोंको अभी तक इसकी गंभीरता समझ में नहीं आ रही है. भले ही पीपीई कीट जीवनरक्षक कवच है. लेकिन यह कीट परीधान करने के बाद पानी पीना भी नसीब नहीं होता है. इतना ही नहीं तो सांस लेने भी दिक्कतें आती है हाथ और पैर में कपकपी आती है.

सिरदर्द होने लगता है चक्कर आता है. शरीर के इलोक्ट्रोलाइटस कम हो जाते है बीपी भी लो हो जाता है. यह सब परेशानियां हम झेल रहे है वह भी आप लोग सुरक्षित रह सके इसलिए यह हम सेवाएं दे रहे है. घबराए हुए मरीज और उनके रिश्तेदारों के सवालों का जवाब देने के साथ ही मरीजों की सेवा करना किसी खेलकी मोहताज नहीं है. हम इस अग्नि परीक्षा से गुजर रहे है मौत से आंख मिचौली करते हुए मरीजों ने ठिक होने पर घर जाते समय हमार आभार भी माना. इस समय आंखों से आंसू भी छलक गए.

  • कल सभी कत्तलखाने व मांस बिक्री बंद

 कल ७ मई, गुरुवार को भगवान गौतम बुध्द जयंती के अवसर पर मनपा के कत्ल खाने और सभी मांस बिक्री की दुकानें बंद रखी जाएगी, ऐसे मनपा के उपायुक्त (सार्वजनिक) ने जारी पत्र के माध्यम से आदेश जारी किए है. जारी पत्र में उन्होंने मनपा के सभी संबंधित वरिष्ठ स्वास्थ्य निरीक्षक को सूचित करते हुए बताया कि सर्वसाधारण सभा के ठहराव क्रमांक ४६ के अनुसार भगवान गौतम बुध्द की जयंती के अवसर पर कल सभी मनपा के कत्ल खाने और सभी मांस की दुकानें बंद रखी जाए.

वे अपने-अपने कार्य क्षेत्र के संबंधित मांस विक्रेताओं को मांस बिक्री दुकान बंद रखे. इसी तरह कोई भी पशु हत्या या मांस बिक्री न करने पाये इसका ध्यान रखे. अगर कोई इन आदेशों का उल्लंघन करता है तो नजदीकी पुलिस थाने में तत्काल सूचना दें और पशु चिकित्सक इस बारे में काम की रिपोर्ट प्रस्तूत करे, ऐसा भी आदेश में उल्लेख किया

  • कॉटन मार्केट की ६ दुकानें जलकर खाक

वॉलकट कंपाउंड, मालवीय चौक कॉटन मार्केट परिसर में आज तडके ४.३० बजे भीषण आग लगी. इस आग में ६ दुकानों का माल पूरी तरह से जलकर खांकहो गया. जिसकी वजह से करीब १६.७७ लाख रुपए का भारी नुकसान हुआ है. घटना की खबर मिलते ही दमकल विभाग की टीम ने पांच फेरियों में ५ वाहनों की सहायता से ३ घंटे की कडी मशक्कत के बाद आग पर काबु पाया.

दमकल विभाग की टीम ने समीप स्थित रसोई गैस सिलेंडर के गोदाम व पेट्रोल पंप को बचा लिया. जिससे बडी अनहोनी टली. इस आग में किसी भी तरह कि जनहानी होने की खबर नहीं है. तडके लगी भीषण आग में रसीद शा की रसीद ऑटोडिल नामक दुकान की संपूर्ण सामग्री जलने से १ लाख रुपए का नुकसान हुआ है. पडोस में स्थित अफसरभाई की अफसर ऑटोडिल की दुकान का माल जलकर खांक हो जाने से ३ लाख ६० हजार रुपए का नुकसान हुआ है.

अकिलभाई की अकिल ऑटोडिल नामक दुकान को मामुली क्षति पहुंची है. नरेश अहेरवार की लक्ष्मी टायर नामक दुकान व टायर गोदाम में रखे पुराने व रिमोल्ड टायर जल जाने से करीब ५ लाख रुपए का नुकसान हुआ है. यही पडोस में रहने वाली मोहम्मद रफीक की रायल ऑटोडिल नामक दुकान में आग लगने से २० हजार रुपए का माल जल गया. अब्दुल हमीद अब्दुल गनी की मलखान ऑटोडिल नामक दुकान में लगी भीषण आग में दुकान की सामग्री और ऑटोडिल की २० गाडियां जलकर खांक होने से ६ लाख रुपए का नुकसान हुआ है.

इसी तरह मोहम्मद रफीक की शक्ति ऑटोडिल नामक दुकान में रखे पुराने टायर, दो वाहन भीषण आग में जल गए. इससे उन्हें १ लाख ५० हजार का ऐसे कुल एक दुकान छोडकर ६ दुकानों का १६ लाख ७७ हजार का नुकसान हुआ है. मिली जानकारी के अनुसार आज तडके ४.३० बजे मालविय चौक के पास स्थित उपरोक्त दुकानों में आग लगी. देखते ही देखते आग रौद्ररुप धारण करने लगी. इस बात की दमकल विभाग को सूचना दी गई. ऑटोडिल व टायर के गोदाम व दुकान होने की वजह से उन ज्वलनसील पदार्थों ने तेजी से आग पकडी. जिससे आग ने रौद्ररुप धारण किया. दमकल विभाग की टीम ने तडके ४.३० बजे से सुबह ७.३० बजे तक पांच वाहनों के ५ राउंड और १० पानी की गाडियों की सहायता से ३ घंटे में जैसे-तैसे आग पर काबु पाया, परंतु सबसे खतरनाक बात यह है कि आग लगने वाली दुकानों के पडोस में रसोई गैस का गोदाम है और ठिक सामने पेट्रोल पंप है. इसके बीच आग का तांडव शुरु था.

दमकल विभाग ने जान हथेली पर रखकर पेट्रोलपंप और गैस गोदाम को बचाने में सफलता पायी. अगर पेट्रोल पंप और गैस गोदाम में आग पहुंच जाती तो शहर में बडा अनर्थ हो सकता था. मुख्य बाजार पेठ का मुख्य हिस्सा धमाकेदार विस्फोट के साथ आग की चपेट में आ सकता था.

जिससे कई दुकानें और कई लोगों के घर आग की चपेट में आकरभारी नुकसान होने की संभावना थी. परंतु ऐसी खतरनाक स्थिति में दमकल विभाग के वाहन चालक आकाश राउत, अमीन शेख, संतोष, वजीर खान, शोएब खान, फायरमैन व सीएफओ पंथरे, दमकल विभाग उपकेंद्र प्रमुख सैयद अनवर, किशोर शेंडे, नासिर शेख, ठाकरे, अमोल, जयकुमार, श्रीकांत, दांदडे, दहातोंडे, हजाते आदि ने कडी मेहनत कर आखिर आग पर काबु पाने में सफलता हासिल की है.

  • अमरावती में फंसे हैं पश्चिम बंगाल के ६५०० मजदूर

इस समय अमरावती में पश्चिम बंगाल राज्य के करीब ६ हजार ५०० मजदूर अटके पडे है. जिनके पास लॉकडाउन जारी रहने की वजह से कोई कामधाम नहीं है और वे यहां से अपने गांव व घर वापिस जाना चाहते है. इन दिनों स्थानीय जिला प्रशासन द्वारा भी परप्रांतिय मजदूरों को उनके गृहराज्यों में वापिस भेजने हेतु आवश्यक प्रयास किये जा रहे है. जिसके चलते प्रशासन के पास अमरावती में रहनेवाले लगभग २६०० बंगाली कारीगरों व मजदूरों ने घर वापसी के लिए आवेदन किया है. इन तमाम बातों के मद्देनजर अमरावती महानगर रेल यात्री संघ के अध्यक्ष तथा झेडआरयूसीसी के सदस्य अनिल तरडेजा ने मध्य रेल्वे के साथ संपर्क कर अमरावती में फंसे बंगाली मजदूरों की वापसी हेतु अमरावती-हावडा के बीच विशेष ट्रेन चलाये जाने हेतु प्रयास शुरू किये है.

इस संदर्भ में झेडआरयुसीसी सदस्य अनिल तरडेजा ने दैनिक अमरावती मंडलको बताया कि, उनकी गत रोज ही इस बारे में मध्य रेल्वे के जनसंपर्क अधिकारी सुनील उदासी के साथ विस्तृत बातचीत हुई है. जिसमें पीआरओ उदासी ने उन्हें कहा कि, वे स्थानीय जिला प्रशासन की ओर से रेल्वे के नाम अमरावती से पश्चिम बंगाल के बीच विशेष रेलगाडी चलाने हेतु आदेश व मांग पत्र जारी करवाये.

ऐसा आदेश पत्र मिलने के बाद मध्यरेल्वे अमरावती से हावडा के बीच विशेष ट्रेन चलाने हेतु तैयार है. बता दें कि, अमरावती शहर के मोरबाग, गाडगेनगर, इतवारा बाजार, वलगांव रोड सहित नांदगांव पेठ परिसर में काफी बडी संख्या में पश्चिम बंगाल से आये कारीगर व मजदूर रहते है. जिनमें से ७० फीसदी लोग अमरावती में चलनेवाली रेडिमेड गारमेंट इंडस्ट्रीज में काम करते है. वहीं शेष ३० प्रतिशत लोग अन्य कई तरह के कारखानों में काम करते है.

विगत २४ मार्च से कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते लॉकडाउन लागू होने के बाद अमरावती शहर सहित जिले में सभी कारखाने पूरी तरह से बंद है. जिसके चलते यह सभी परप्रांतिय मजदूर बिना किसी काम धंधे के खाली बैठे है और एक माह से लॉकडाउन जारी रहने के चलते अब अपने गांव वापिस जाना चाहते है. जिसके चलते कई मजदूरों ने विगत कुछ दिनों से जिला प्रशासन के पास अपने आवेदन भी देने शुरू कर दिये है, ताकि उनकी अमरावती से पश्चिम बंगाल वापसी हो सके.

यह जानकारी मिलते ही अमरावती महानगर रेलयात्री संघ के अध्यक्ष तथा झोनल रेल उपभोक्ता परामर्शदात्री समिती के सदस्य अनिल तरडेजा ने अमरावती शहर में फंसे पडे करीब ६५०० बंगाली मजदूरों की संख्या को देखते हुए रेल विभाग से संपर्क कर अमरावती से पश्चिम बंगाल के बीच विशेष ट्रेन चलाये जाने को लेकर प्रयास शुरू किये. जिसमें उन्हें मध्य रेल द्वारा बताया गया कि, रेल्वे की ओर से ऐसी ट्रेन चलाये जाने की पूरी तैयारी है. qकतु इसके लिए स्थानीय प्रशासन के आदेश सहित दोनों प्रदेशों की सरकारों से मंजुरी मिलना आवश्यक है.

  • रेल महकमा व्यवस्था करने पूरी तरह तैयार

मौजूदा लॉकडाउन के दौरान सरकार की ओर से मिलनेवाले दिशानिर्देशों का पालन करने मध्य रेल विभाग पूरी तरह से तैयार है. अलगअलग राज्यों में फंसे नागरिकोें को निकालने के लिए मांगी जानेवाली ट्रेनों को पूरी तरह से सैनिटाईज्ड किया जा रहा है. इसके तहत जिन स्थानों पर ट्रेने विगत एक माह से खडी है, उन्हेें वहां से दो किलोमीटर दूर ले जाकर सैनिटाईज्ड करने का काम शुरू किया गया है.

साथ ही ट्रेनोें के वॉटर टैंक में नया पानी भरा जा रहा है और सभी स्वच्छता गृहों व शौचालयों को भी साफसूथरा करते हुए यात्री कोच में किटनाशक दवाईयों का छिडकाव किया जा रहा है. इन तैयारियों के बाद हम राज्य सरकार की मांग पर स्थलांतरित लोगोें को वापिस लाने ट्रेन उपलब्ध करा देंगे.

– सुनील उदासी, पीआरओ, मध्य रेल विभाग

“इस समय अमरावती में करीबन ६५०० से अधिक बंगाली मजदूर व कारागीर अटके पडे है. जिनके पास फिलहाल कोई काम नहीं है. हालांकि यह सभी मजदूर जिन कारखानों में काम करते है, वहां के मालिकों द्वारा इनके वेतन व भोजन की व्यवस्था की जा रही है, लेकिन इन मजदूरों में कोरोना के संक्रमण को लेकर भय और दहशत का माहौल है. अत: वे यहां से वापिस लौटना चाहते है. जिसके चलते हमने अपनी ओर से विशेष ट्रेन चलाने के प्रयास शुरू किये है.”

-अनिल तरडेजा अध्यक्ष, महानगर रेल यात्री संघ

Amravati News 05/05/2020
  • विदर्भ में कोरोना पॉजीटीव की संख्या ४०० के पार

अमरावती- इस समय समूचे विदर्भ क्षेत्र में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या लगातार बढ रहीं है. जिसमें नागपुर मुख्यालय रहनेवाले पुर्वी विदर्भ में कोरोना के संक्रमण की रफ्तार थोडी कम हुई है, वहीं अमरावती मुख्यालय रहनेवाले पश्चिम विदर्भ क्षेत्र में इस समय कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में खासा इजाफा देखा जा रहा है. इसमें भी खासकर अकोला जिला बडीतेजी के साथ हॉटस्पॉट बनने की ओर अग्रेसर है. जहां पर विगत दो दिनों के दौरान कोरोना के २० नये संक्रमित मरीज पाये गये और यहां पर कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या ७५ हो गयी है. वहीं अमरावती जिले में विगत दो दिनों के दौरान कोरोना के ११ नये संक्रमित मरीज पाये गये और यहां पर अब कोरोना संक्रमितों की संख्या ६५ पर पहुंच गयी है. वहीं गत रोज नागपुर में २४ और यवतमाल में एक नये मरीज के सामने आने की जानकारी है. इसके साथ ही समूचे विदर्भ क्षेत्र में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या अब ४०० के पार चली गयी है. बता दें कि, नागपुर में इस समय तक कोरोना संक्रमितों की संख्या १६० पर जा पहुंची है. जिसमें से २ लोगों की मौत हो चुकी है, वहीं ५० लोगों को स्वस्थ होने के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज दे दिया गया.

उधर अकोला जिले में ५ मई को कोरोना के ११ नये मरीज पाये गये और यहां पर कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या ७५ हो गयी है. जिसमें से १३ मरीज ठीक होकर घर जा चुके है. वहीं यहां पर ६ मरीजों की मौत हो गयी है और एक कोरोना संक्रमित ने इलाज के दौरान आत्महत्या कर ली थी. साथ ही इस समय यहां ५५ कोरोना संक्रमित मरीजोें पर सरकारी मेडिकल कालेज के आयसोलेशन वॉर्ड में इलाज जारी है. इसके साथ ही अमरावती जिले में मंगलवार ५ मई की सुबह तक कोरोना के ६ नये पॉजीटीव मरीज पाये गये. इसके साथ ही अमरावती में कोरोना संक्रमित मरीजों की कुल संख्या ६५ हो गयी. जिसमें से १० मरीजों की इससे पहले ही मौत हो चुकी है. वहीं ५ मरीजों को इलाज के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज मिल चुका है.

साथ ही अब ५० मरीजों पर आयसोलेशन वार्ड में इलाज जारी है. इसके अलावा यवतमाल जिले में सोमवार को कोरोना का एक नया पॉजीटीव मरीज पाया गया. जिसके बाद यहां पर कोरोना पॉजीटीव मरीजों की संख्या ८१ हो गयी है. यवतमाल में सर्वाधिक qचताजनक बात यह रही कि, १४ दिनों के इलाज के बाद भी ४ लोगों की रिपोर्ट दुबारा पॉजीटीव आयी है. जिससे प्रशासन की qचता बढ गयी है. यवतमाल में इस समय आयसोलेशन वार्ड में ८१ कोरोना पॉजीटीव मरीजों के साथ ही कुल १२८ कोरोना संदेहित मरीज भरती है. जिसमें से ४७ लोग प्रिझमटीव केसेस है.

  • अमरावती में ६५ पर पहुंचा कोरोना पॉजीटीव मरीजों का आंकडा

वहीं अमरावती में मंगलवार ५ मई को कोरोना संक्रमित मरीजों का आंकडा ६५ पर जा पहुंचा है तथा सोमवार की रात से मंगलवार की सुबह तक ५ नये कोरोना संक्रमित मरीज पाये गये है. जिसमें पहली बार पुराना कॉटन मार्केट परिसर से एक व्यक्ति कोरोना पॉजीटीव पाया गया. जिसके चलते अब यह स्पष्ट हो रहा है कि, कोरोना अब धीरे-धीरे शहर के नये इलाकों में अपने पांव पसारने लगा है. बता दें कि, मंगलवार की सुबह तक जिला सामान्य अस्पताल को कोरोना टेस्ट लैब से मिली रिपोर्ट मेंखोलापुरी गेट परिसर निवासी ७० वर्षीय महिला, बडनेरा निवासी ५० वर्षीय पुरूष, शिराला निवासी ४५ वर्षीय पुरूष व २३ वर्षीय पुरूष तथा पुराना कॉटन मार्केट परिसर निवासी ६१ वर्षीय पुरूष को कोरोना पॉजीटीव पाया गया है. इन सभी लोगोें को आयसोलेशन वॉर्ड में भरती कराने के साथ ही उनके संपर्क में आनेवाले लोगोें को कोरोेंटाईन करते हुए उनके थ्रोट स्वैब सैम्पल लेने का काम शुरू किया गया है. ज्ञात रहें कि, अमरावती शहर में कोरोना के चलते अब तक १० लोगोें की मौत हो चुकी है. वहीं ५ लोगों को कोविड अस्पताल से पूरी तरह ठीक हो जाने पर डिस्चार्ज दिया गया है. साथ ही इस समय कोविड हॉस्पिटल में ५० कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज जारी है.

अब कैन्टोनमेंट झोन का दायरा बढा
उल्लेखनीय है कि, इससे पहले अमरावती शहर में कैन्टोनमेंट ्नलस्टर की सीमा चित्रा चौक से शुरू होती थी. वहीं अब चित्रा चौक से पहले पुराना कॉटन मार्केट चौक के बीच कोरोना का एकमरीज पाये जाने के चलते पुराना कॉटन मार्केट चौक से लेकर चित्रा चौकवाले परिसर को भी बफर झोन में शामिल कर लिया गया है. इसके तहत चित्रा चौक से होटल आदर्श, जाफरजीन कंपाउंड व चित्रा चौक के बीच रहनेवाले बच्छराज प्लॉट तथा पुराना कॉटन मार्केट से चित्रा चौक की ओर जानेवाली सडक के दोनों ओर स्थित इलाकों को बफर झोन में शामिल कर लिया गया है. इसके अलावा बडनेरा में भी एक नया कोरोना संक्रमित पाये जाने की वजह से वहां पर लॉकडाउन को और अधिक कडा किया गया है.

साथ ही बडनेरा को भी कैन्टोनमेंट झोन घोषित कर दिया गया है. वहीं दूसरी ओर कंवरनगर परिसर को भी पहले ही बफर झोन घोषित कर दिया गया था. साथ ही अब शिराला गांव में एक के बाद एक मिल रहे कोरोना पॉजीटीव मरीजों की संख्या को देखते हुए शिराला को भी बफर झोन घोषित करने पर विचार किया जा रहा है.

  • चरणबध्द ढंग से खोला जायेगा जिले में लॉकडाउन

इस समय यद्यपी अमरावती शहर सहित जिले में कोरोना पॉजीटीव मरीजों की संख्या बढ रहीं है, लेकिन इस वायरस के संक्रमण की रफ्तार अधिक नहीं है, और यहां पर कम्युनिटी स्प्रेड भी नहीं हुआ है. जिसके चलते हालात को पूरी तरह से नियंत्रित कहा जा सकता है. ऐसे में स्थानीय प्रशासन द्वारा कैन्टोनमेंट ्नलस्टर व बफर झोन में शामिल इलाकों के अलावा अन्य क्षेत्रों में लॉकडाउन को धीरे-धीरे खोलने पर विचार कर रहा है. इसमें भी लॉकडाउन खोलने के बाद सभी के लिए सोशल डिस्टंqसग के नियमों व मानकों का पालन करना अनिवार्य किया जायेगा.आशय की जानकारी जिलाधीश शैलेश नवाल द्वारा नियमित प्रेस ब्रीqफग में दी गई.

इस प्रेस ब्रीqफग में जिलाधीश शैलेश नवाल ने बताया कि, जारी माह के अंत तक अमरावती शहर सहित जिले के सभी क्षेत्रों में सभी दुकानों को खुलने की अनुमति दे दी जायेगी, लेकिन प्रशासन द्वारा इसमें भी एक नियम लगाने पर विचार किया जा रहा है. जिसके तहत आगामी दीपावली तक प्रति सप्ताह सोमवार से शुक्रवार तक ही दुकाने खुलेंगी और प्रत्येक शनिवार व रविवार को जनताकफ्र्यू रहेगा.

इसके साथ ही प्रशासन द्वारा इस बात को लेकर भी नियोजन किया जा रहा है कि, किसी भी दूकान में लोगोें की अत्याधिक भीडभाड ना होने पाये. जिसके लिए दूकानदारों को आवश्यक दिशानिर्देश देने के साथ-साथ आम जनता को भी जागरूक किया जा रहा है. जिलाधीश ने बताया कि, लॉकडाउन खुलने के बाद भी सभी लोगोें को मास्क व सैनीटाईजर का प्रयोग करना अनिवार्य रहेगा.

साथ ही हर एक को सोशल डिस्टqसग के नियमों का पालन भी करना होगा. जिलाधीश के मुताबिक लॉकडाउन जारी रहने के दौरान हम सभी की qजदगी काफी हद तक बदल चुकी है और हमारी दैनिक दिनचर्या में भी काफी बदलाव आये है. जिन्हें स्वीकार करते हुए ही अब हमें लॉकडाउन खुलने के बाद आगे बढने की आदत डालनी होगी.

लॉकडाउन का उल्लंघन करने वालों की शिकायत करने कोविड योध्दा एॅप

जिलाधीश शैलेश नवाल ने बताया कि, अमरावती मनपा द्वारा कोविड योध्दा नामक एक एॅप बनाया गया है. इस एॅप के माध्यम से जो लोग लॉकडाउन के नियमोें का पालन नहीं कर रहे है, उनकी शिकायत आम नागरिकोें द्वारा प्रशासन से की जा सकती है. ऐसी शिकायतें मिलने पर शिकायतकर्ताओें के नाम को गुप्त रखते हुए प्रशासन द्वारा नियमों का उल्लंघन करनेवाले लोगोें के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जायेगी.

  • शिराला में २३ लोगेगेग किये गये कोरेटाइन-

इस समय जिलाधीश नवाल ने यह भी बताया कि, शिराला में कोरोना पॉजीटीव मरीज मिलने के चलते पूरे गांव को कैन्टोनमेंट झोन घोषित कर दिया गया है तथा यहां पर कोरोना संक्रमित मरीज के संपर्क में आनेवाले २३ लोगोें को कोरोंटाईन किया गया है. इसके साथ ही इस गांव में कोरोना के साथ-साथ सारी नामक बीमारी के संक्रमण को लेकर भी लोगों की स्वास्थ जांच की जा रहीं है.

  • इस सप्ताह ६ और को मिलेगा डिस्चार्ज

अमरावती- अमरावती शहर सहित जिले में जहां एक ओर कोरोना पॉजीटीव मरीजों की संख्या लगातार बढ रही है और अब तक१० लोगों की कोरोना की बीमारी के चलते मौत हो गयी है, वहीं दूसरी ओर एक राहतभरी खबर यह है कि, इस वक्त स्थानीय सुपर स्पेशालीटी अस्पताल के कोरोना वॉर्ड म